- Back to Home »
- Health / Kitchen »
- छोटे छोटे दाने –बड़े बड़े काम यही है अजवाइन की पहचान.......
Posted by : achhiduniya
24 July 2016
सभी
घरो मे मसालो मे अक्सर एक चीज होती है जिसे अजवाइन कहते है,लेकिन क्या आप जानते है इन छोटे छोटे दानो मे कितने बड़े बड़े राज छुपे है।
आइए जानते है। पेट के रोगों के लिए अचूक नुस्खे के रूप में जानी जाने वाली अजवाइन
हृदय रोगियों के लिए भी हितकारी है। हार्ट केयर फाउंडेशन के विशेषज्ञों के अनुसार,
अजवाइन में 90 प्रतिशत रेशा होता है, जो रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा को कम करता है। इस वजह से हृदय रोगियों
को दिल का दौरा पड़ने की आशंका काफी कम हो जाती है। पैर में कांटा चुभने की पीड़ा
भुक्तभोगी ही जानता है। ऐसे में गुड़ को गर्म करके उसमें थोड़ा सा अजवाइन चूर्ण
मिलाकर बांध देने से कांटा निकल जाता है। अपच की शिकायत होने पर अजवाइन, सौंठ व काला नमक को पीसकर चूर्ण बना लें तथा भोजन के पश्चात सेवन करें।
पाचन ठीक हो जाता है। यदि शरीर में कहीं दाद खाज हो जाए तो अजवाइन को पानी में गाढ़ा
पीसकर उसका लेप करने से लाभ होता है। यदि मुंह से दुर्गंध आने की शिकायत हो तो
अजवाइन को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करें। दुर्गंध छु मंतर हो जाएगी।
यदि शरीर पर झाइयां व्याप्त हो तो खीरे के रस में अजवाइन को पीसकर लगाने से लाभ होता है। मासिक धर्म के दौरान पीड़ा हो तो गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच अजवाइन लेने से राहत मिलती है। यदि खट्टी डकारें आने की शिकायतें हो तो अजवाइन में सेंधा नमक, हींग और आंवला चूर्ण मिलाकर भोजन के बाद चाटना चाहिए। मंदाग्नि होने पर अजवाइन में बराबर मात्रा में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें तथा प्रतिदिन गुनगुने पानी से खाली पेट लें। दही में अजवाइन पीसकर चेहरे पर लगाएं तथा सूखने पर चेहरा गुनगुने पानी से धो लें। चेहरा चमक उठेगा। गठिया से निजात पाने के लिए अजवाइन के पानी की भाप उस स्थान पर लेनी चाहिए।
खांसी में अजवाइन काफी गुणकारी है। थोड़ी अजवाइन खाकर ऊपर से गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दांत का दर्द हो, तो अजवाइन के तेल में रूई का फोहा भिगोकर दांत के नीचे रख लेने से तत्काल राहत मिलती है। यदि सर्दी-जुकाम से परेशान हों, तो तवे पर थोड़ा सा अजवाइन गर्म कर उसकी भाप लें। तत्काल राहत मिलेगी। यदि पेट में कीड़े हो गए हों तो दिन में थोड़ा सा गुड़ खाकर रात को अजवाइन फांक लेने से कीड़े मल के साथ बाहर आ जाएंगे। चर्म रोगों के लिए अजवाइन रामबाण औषधि है। प्रभावित भाग पर इसका चूर्ण लगाना चाहिए।
यदि शरीर पर झाइयां व्याप्त हो तो खीरे के रस में अजवाइन को पीसकर लगाने से लाभ होता है। मासिक धर्म के दौरान पीड़ा हो तो गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच अजवाइन लेने से राहत मिलती है। यदि खट्टी डकारें आने की शिकायतें हो तो अजवाइन में सेंधा नमक, हींग और आंवला चूर्ण मिलाकर भोजन के बाद चाटना चाहिए। मंदाग्नि होने पर अजवाइन में बराबर मात्रा में काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें तथा प्रतिदिन गुनगुने पानी से खाली पेट लें। दही में अजवाइन पीसकर चेहरे पर लगाएं तथा सूखने पर चेहरा गुनगुने पानी से धो लें। चेहरा चमक उठेगा। गठिया से निजात पाने के लिए अजवाइन के पानी की भाप उस स्थान पर लेनी चाहिए।
खांसी में अजवाइन काफी गुणकारी है। थोड़ी अजवाइन खाकर ऊपर से गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दांत का दर्द हो, तो अजवाइन के तेल में रूई का फोहा भिगोकर दांत के नीचे रख लेने से तत्काल राहत मिलती है। यदि सर्दी-जुकाम से परेशान हों, तो तवे पर थोड़ा सा अजवाइन गर्म कर उसकी भाप लें। तत्काल राहत मिलेगी। यदि पेट में कीड़े हो गए हों तो दिन में थोड़ा सा गुड़ खाकर रात को अजवाइन फांक लेने से कीड़े मल के साथ बाहर आ जाएंगे। चर्म रोगों के लिए अजवाइन रामबाण औषधि है। प्रभावित भाग पर इसका चूर्ण लगाना चाहिए।


