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- आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा..... विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
Posted by : achhiduniya
05 April 2018
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि यह हमारे नागरिकों को अपना शिकार बनाता है और विकास लक्ष्य पूरा करने की हमारी क्षमता को कमजोर कर देता है। गुट निरपेक्ष देशों की 18 वीं मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए सुषमा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि काफी समय से लंबित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के बगैर इस वैश्विक संस्था में सुधार करने की कोशिश पूरी नहीं होगी। विदेश मंत्री ने कहा कि परमाणु प्रसार, सशस्त्र संघर्ष, शरणार्थी संकट, आतंकवाद, गरीबी और पर्यावरण चिंता जैसी चुनौतियों का हम सामना कर रहे हैं. इन सबके लिए और अधिक प्रभावी बहुपक्षीय कोशिशों की जरूरत है।
समय में गुट निरपेक्ष आंदोलन कहीं अधिक प्रासंगिक है। सुषमा ने कहा कि 1996 में भारत ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक समझौते( सीसीआईटी) का प्रस्ताव किया था, ताकि मौजूदा कानूनी ढांचे को मजबूत किया जा सके। दो दशक बाद भी इस चर्चा ने काफी कम प्रगति की है जबकि आतंकवादियों ने अपनी हरकतें जारी रखी हैं। सुषमा ने कहा कि प्रथम कदम के तौर पर हमें सीसीआईटी को अंतिम रूप देने के अपने संकल्प का नवीकरण करना चाहिए। गुट निरपेक्ष देशों को इस लक्ष्य के प्रति वैश्विक समुदाय को अवश्य ही प्रेरित करना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता वेनेजुएला के विदेश मंत्री जार्ज एरीयजा ने की।

