Showing posts with label Crime / Sex. Show all posts

गैस सिलेंडर में शराब की तस्करी,पुलिस गिरफ्त में आरोपी

गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र के कर्म टोला फुलवरिया के पास का है। उत्पाद टीम यहां शराब तस्करी के खिलाफ जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान यूपी की तरफ से एक बाइक आती दिखाई दी। बाइक पर एक सिलेंडर लदा था और उसे चादर से ढककर रखा गया था। पुलिस ने बाइक को रोका और जब सिलेंडर की जांच शुरू की तो पूरा मामला खुल गया। सिलेंडर को जब खोला गया तो उसमें एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। इस तहखाने में गैस की जगह शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। दरअसल,बिहार के गोपालगंज में शराब तस्करी का एक ऐसा तरीका सामने आया है,जिसे देखकर उत्पाद विभाग की टीम भी हैरान रह गई। यूपी की तरफ 
से एक बाइक पर सिलेंडर लादकर एक शख्स गोपालगंज आ रहा था। सिलेंडर ऊपर से चादर से ढका हुआ था। पुलिस को शक हुआ तो बाइक को रोककर जांच की गई,लेकिन जैसे ही सिलेंडर की चादर हटाई गई और उसकी जांच हुई, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए। उत्पाद पुलिस के मुताबिक, सिलेंडर से 200 एमएल की 127 पीस बंटी-बबली शराब बरामद की गई है। पुलिस ने बाइक को भी जब्त कर लिया है और आरोपी तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है।



उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। 
इसके साथ ही आरोपी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को भी खंगाला जा रहा है, ताकि शराब तस्करी से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचा जा सके। गोपालगंज के अलग-अलग इलाकों में वाहन जांच से लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सिलेंडर के अंदर बनाए गए इस गुप्त तहखाने ने शराब तस्करी के नए तरीके का खुलासा हुआ है। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि आखिर इस शराब के पीछे कौन है और यूपी से गोपालगंज तक चल रहे इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
04 October 2026
Posted by achhiduniya

बच्चो का अपहरण कर भीख मंगवाने के गिरोह का भांडाफोड़...

बच्चे के अपहरण के मामले में रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों से छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करने के बाद उन्हें साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में रखते थे। यहां बच्चों से भीख मंगवाने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। मामला 24 सितंबर की सुबह का है। बच्चे की मां अपने चार वर्षीय बेटे के साथ छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट रही थी। ट्रेन बदलने के लिए वह रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के इंतजार के दौरान स्टेशन परिसर के बाहर से उसका चार वर्षीय बेटा अचानक 
गायब हो गया। काफी तलाश के बाद बच्चे का पता नहीं चला तो मां ने रांची के चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।  मामला संवेदनशील होने के कारण रांची पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया। विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए बच्चे से जुड़े सुराग जुटाने शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को अपहरण में शामिल एक आरोपी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद रांची पुलिस ने धनबाद पुलिस के सहयोग से एक आरोपी को धनबाद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। 
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ इलाके से अपहृत चार वर्षीय बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे की बरामदगी के बाद चुटिया थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों के आसपास छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करते थे। इसके बाद बच्चों को साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। आरोप है कि बच्चों को भीख मांगने के लिए तैयार किया जाता था।  पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि बच्चों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जाता था। हालांकि, गिरोह के पूरे नेटवर्क और बच्चों से कराए जाने वाले अपराधों की जानकारी पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
27 September 2026
Posted by achhiduniya

कहां होनी थी सप्लाई 10 हजार से अधिक गर्भपात किट बरामद....

जानकारी के अनुसार औषधि नियंत्रक विभाग को सूचना मिली थी कि धार कोठी क्षेत्र स्थित एक मकान के गोदाम में बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयों और किट का भंडारण किया गया है, जिनका इस्तेमाल गर्भपात के लिए किया जाता है। सूचना के सत्यापन के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर गोदाम की जांच की। बताया जा रहा है कि कार्रवाई जिला कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई।  छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में किट मिलने के बाद अधिकारियों ने सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। दरअसल,मध्य प्रदेश के इंदौर में औषधि नियंत्रक विभाग ने धार कोठी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान में बने गोदाम 
पर छापा मारा। विभाग की टीम ने यहां से 10 हजार से अधिक गर्भपात किट बरामद किए जाने का दावा किया है। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद विभाग ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बरामद किट कहां से खरीदी या मंगाई गई थीं और इन्हें किन लोगों या संस्थानों तक पहुंचाया जाना था। इसके लिए सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।




अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री की कानूनी स्थिति क्या है और इसके भंडारण या सप्लाई में किन लोगों की भूमिका रही है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री की संख्या, दवाइयों की वैधता, बैच नंबर और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में गर्भपात किट गोदाम तक कैसे पहुंचीं और इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस मकान में गोदाम संचालित हो रहा था, वह किसके नाम पर है। विभाग की टीम गोदाम के मालिक और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल औषधि नियंत्रक विभाग की कार्रवाई जारी है और विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। कलेक्टर शिवम वर्मा की ओर से भी मामले में विभागीय जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
25 September 2026
Posted by achhiduniya

नागपुर के 2 बड़े सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवाएं जांच में फेल...

FDA की जांच में केवल पैरासिटामोल ही सवालों के घेरे में नहीं आई। उच्च रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर के मरीजों को दी जाने वाली एक दवा का नमूना भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। बुखार और शरीर में दर्द के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पैरासिटामोल की जांच में उसके बाहरी स्वरूप से जुड़ी खामी सामने आई। वहीं ब्लड प्रेशर की दवा के नमूने को भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद मेडिकल प्रशासन ने दोनों तरह की दवाओं के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी। अन्न एवं औषधि प्रशासन की ओर से सरकारी अस्पतालों में दवाओं की नियमित जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत 
अगस्त महीने में पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवाओं के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला जांच के बाद इन नमूनों की रिपोर्ट निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं आई। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सरकारी अस्पतालों को इन दवाओं का वितरण तुरंत रोकने और उपलब्ध स्टॉक वापस लेने के निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में नागपुर के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में सरकारी सप्लाई से पहुंची दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इस्तेमाल के लिए भेजी गई पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवाएं जांच में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। अन्न एवं औषधि प्रशासन यानी कि FDA की लैब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोनों अस्पतालों को इन दवाओं का वितरण और इस्तेमाल तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पतालों में मौजूद पूरा स्टॉक वापस लेने को कहा गया है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट डॉ.अविनाश गावंडे ने बताया कि FDA का पत्र मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने करीब सवा लाख पैरासिटामोल की गोलियां वापस ले ली गई हैं। अब इन गोलियों का वितरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में दूसरी कंपनियों की करीब ढाई लाख पैरासिटामोल की गोलियां पहले से मौजूद हैं। इसलिए मरीजों को पैरासिटामोल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और दूसरी कंपनियों की दवाओं का वितरण जारी है।डॉ.अविनाश गावंडे के मुताबिक, FDA की जांच रिपोर्ट में पैरासिटामोल की गोलियों के रंग को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। इसी आधार पर जांच में लिए गए नमूने को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि यह दवा जुलाई महीने में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पहुंची थी। FDA का पत्र मिलने के बाद इसका वितरण रोककर उपलब्ध स्टॉक वापस मंगा लिया गया।डॉ.गावंडे ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की खरीद के लिए अलग ड्रग परचेज डिपार्टमेंट है और फार्माकोलॉजी विभाग के HOD ड्रग खरीद से जुड़ी व्यवस्था देखते हैं। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में कुछ दवाएं धीमी गति से इस्तेमाल हो रही थीं, इसलिए वहां से ये दवाएं गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल नागपुर और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल नागपुर को भेजी गई थीं।
20 September 2026
Posted by achhiduniya

1,158 LPG रेगुलेटर 730 हेलमेट,नकली ISI मार्क वाले गिरोह का भंडाफोड़....

गाजियाबाद शाखा कार्यालय [GZBO] ने गाजियाबाद में ISI मार्क के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद के दो अलग अलग संस्थानों पर प्रवर्तन कार्रवाई की। इन कार्रवाइयों में हेलमेट और LPG रेगुलेटर से संबंधित इकाइयों की जांच की गई। दोनों कार्रवाइयों के दौरान BIS अधिकारियों ने लगभग 730 हेलमेट, 4,646 हेलमेट पैकेजिंग सामग्री पर रद्द BIS लाइसेंस नंबर अंकित था। 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए। यह तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई। गाजियाबाद स्थित एक हेलमेट निर्माण इकाई पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई, जिन पर रद्द किए गए BIS लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल किया गया था। प्रारंभिक जांच में रद्द BIS लाइसेंस के बावजूद ISI मार्क वाले हेलमेट के भंडारण/निर्माण से संबंधित मामला सामने आया। BIS टीम ने आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट, मोहन नगर, गाजियाबाद स्थित एक इकाई की 

तलाशी ली। इस कार्रवाई में 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए गए। यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में की गई। जब्त किए गए सभी उत्पादों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए BIS के कब्जे में ले लिया गया है। BIS ने कहा कि संबंधित फर्मों के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों क तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि BIS अधिनियम, 2016 की धारा 29 के तहत पहली बार किए गए उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा या कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना, जो संबंधित माल की कीमत के दस गुना तक बढ़ सकता है, या दोनों का प्रावधान है। BIS ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कोई भी ISI मार्क वाला उत्पाद खरीदने से पहले उसकी BIS प्रमाणिकता और लाइसेंस की जानकारी BIS CARE App के माध्यम से जरूर जांचें। यदि किसी उत्पाद पर ISI मार्क के गलत इस्तेमाल का संदेह हो, तो इसकी शिकायत BIS CARE App या [gzbo@bis.gov.in] पर की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।

11 September 2026
Posted by achhiduniya

12वीं कक्षा तक पढ़ाई मेडिकल लाइसेंस नहीं,5 फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट 6 और 8 ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर शहर में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे पांच डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और फिर जिनके पास BHMS डिग्री थी, उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया, उनके क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां भी सीज कर ली। इनमें चार क्लीनिक देवनार के जाकिर हुसैन नगर और गोवंडी इलाके में, जबकि एक क्लीनिक नौपाड़ा-बांद्रा पूर्व इलाके में स्थित थी। पुलिस के मुताबिक, ये कथित डॉक्टर बिना आवश्यक मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के मरीजों की जांच और उनका इलाज कर रहे थे। इनमें से कोई भी महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं था। पुलिस के अनुसार, सभी क्लीनिक सामान्य मेडिकल सेंटर की तरह संचालित किए जा रहे थे। गोवंडी स्थित आयशा क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. मेहमूद आलम को BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) बताया गया था। बोर्ड पर अन्य योग्यताएं और रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज था। गोवंडी के ही गायत्री क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. ए.के. दुबे को 
BHMS फैमिली फिजिशियन बताया गया था। बोर्ड पर सुबह और शाम मरीजों को देखने का समय भी लिखा हुआ था। इन्हीं दो डॉक्टरों को नोटिस देकर पुलिस ने छोड़ा और आगे से केवल होम्योपैथिक दवाएं ही रखने की हिदायत दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1,19,324 रुपये कीमत की विभिन्न दवाएं और मेडिकल सामग्री जब्त की। इसमें अलग-अलग प्रकार के इंजेक्शन की बोतलें, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, ब्लड शुगर जांच मशीन, नेब्युलाइजर और अन्य मेडिकल सामान शामिल हैं। सगीर अहमद अब्दुल माजिद हाशमी (39) - डॉ. सगीर क्लीनिक (गिरफ्तार) अखिलेश कुमार देवेंद्र कुमार दुबे (47) - गायत्री क्लीनिक (नोटिस) मेहमूद आलम मोहम्मद शरीफ शेख (36) - आयशा क्लीनिक (नोटिस) केशव प्रसाद कुद्दूर पटेल (56) - पटेल क्लीनिक (गिरफ्तार ) मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) - आफताब खान क्लीनिक इस पर सबसे गंभीर आरोप सबसे गंभीर आरोप बांद्रा पूर्व में मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) द्वारा संचालित क्लीनिक को लेकर सामने आए हैं। पुलिस ने जिस वक्त क्लीनिक पर छापा मारा। उस समय चार मरीज इलाज के लिए इंतजार कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान खान ने बताया कि उसने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके पास कोई मेडिकल योग्यता नहीं है। पुलिस ने बताया कि उसने महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन और ऑल इंडिया आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा जारी होने का दावा करने वाले कुछ मेडिकल प्रमाणपत्र पेश किए। पुलिस को इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का संदेह है। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ देवनार और निर्मल नगर पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं
16 August 2026
Posted by achhiduniya

पुलिस-पशु तस्कर गठजोड़ का पर्दाफाश, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार...

पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने कथित पुलिस-तस्कर गठजोड़ का खुलासा बिहार के मुंगेर जिले में NH-333B पर पुलिस ने 35 भैंसों से लदे एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें चार भैंस मृत पाई गईं।  मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक की कथित पासिंग कराने वाले एक लाइनर को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल की जांच में कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से संपर्क के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने यातायात थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अयोध्या कुमार समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में ट्रक चालक, सहायक चालक और कथित लाइनर समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार 
आरोपियों में ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, सहायक चालक मो. जियाउल हक, कथित लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम, यातायात थाना के ASI अयोध्या कुमार, चालक सिपाही विमलेश सिंह, मुफस्सिल थाना के गृह रक्षक सिपाही अरविन्द यादव और यातायात थाना के गृह रक्षक सिपाही अभिलेश कुमार शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक ट्रक, एक अपाचे बाइक, सात मोबाइल फोन, 47 हजार रुपये नकद और 35 भैंस बरामद की हैं. इनमें चार भैंस मृत मिलीं। पुलिस जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत पाए गए, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर कुछ अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। संलिप्तता की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में पशु तस्करी के कथित नेटवर्क और तस्करों की पासिंग में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।
09 August 2026
Posted by achhiduniya

बार-बार यौन शोषण ब्लैकमेलिंग फोन में मिले 200 अश्लील वीडियो आरोपी गिरफ्तार

 
पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर ये शक है कि साल 2022 से ही बच्चों और युवाओं का यौन शोषण और उनको ब्लैकमेल किया जा रहा था। ये सिलसिला 6 अगस्त 2026 तक चला। आरोपी द्वारा बच्चों और युवाओं का योन शोषण और उनको ब्लैकमेल करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उस पर नजर रखी। इसके बाद, शहर के भोने फाटा इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया। दरअसल,महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से 40 बच्चों और युवाओं के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम चेतन कोली है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और अन्य सामान जब्त किए हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के फोन से 200 अश्लील वीडियो और बहुत सी तस्वीरें मिली हैं। आरोपी पर अश्लील वीडियो बनाकर पीड़ितों का बार-बार यौन शोषण करने 
और उनके आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप है। जिला पुलिस अधीक्षक अश्विनी सनप ने बताया कि इस मामले में बच्चे और युवा पीड़ित हैं। मामले की गहन जांच चल रही है। नंदुरबार शहर के रायसिंहपुरा इलाके में आरोपी पैसों का लालच देकर बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता था। बाद में उन्हें प्रताड़ित करता था। इस संबंध में मिली शिकायत के अनुसार, 6 अगस्त को आरोपी ने एक नाबालिग लड़के को पपीते के खेत में मिलने के लिए बुलाया था। हालांकि, इससे पहले सादे कपड़ों में पुलिस इलाके पर नजर रख रही थी। आरोपी के मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो की जांच करके पीड़ितों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है। आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए सामान की जांच के बाद वीडियो और तस्वीरों की संख्या बढ़ने की संभावना है। पुलिस फिलहाल डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद हलचल मच गई है। माता-पिता से अपने बच्चों का ख्याल रखने को कहा जा रहा है। साथ ही उनसे अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
Posted by achhiduniya

फौजियों (मिलट्री ड्रेस) की नकली कॉम्बैट कपड़े बेचने के कारोबार का पर्दाफाश....

उत्तर प्रदेश के बरेली में नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा जांच में पता चला कि इस कपड़े का स्रोत राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भारतीय सेना की खुफिया टीम ने श्रीगंगानगर में गोपनीय जांच शुरू की. जांच में एक स्थानीय फर्म की भूमिका सामने आई। आरोप है कि यह फर्म श्रीगंगानगर शहर, लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाजारों में दुकानों तक सेना के पैटर्न वाला नकली कॉम्बैट कपड़ा पहुंचा रही थी। सेना ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जुलाई के मध्य में राजस्थान पुलिस को सौंपी। इसके बाद 30 जुलाई को सेना और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान जिले की कई दुकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी में करीब 1,000 मीटर 
नए पैटर्न का बिना अनुमति वाला नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि सेना की वर्दी जैसे पैटर्न वाले कपड़े को बिना अनुमति रखन, बेचना या इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे कपड़ों का गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति खुद को सेना का जवान बताने की कोशिश कर सकता है। इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नकली सैन्य वर्दी का यह कारोबार कितने बड़े स्तर पर चलाया जा रहा था।  दरअसल, भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर श्रीगंगानगर जिले में सेना की वर्दी जैसे दिखने वाले नकली कॉम्बैट कपड़े के कारोबार का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 मीटर बिना अनुमति वाला सैन्य पैटर्न का कपड़ा जब्त किया गया।
 
02 August 2026
Posted by achhiduniya

600 करोड़ हेल्थ स्कैम,दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग….

ईडी की दिल्ली जोन-2 टीम ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS), दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) द्वारा की गई खरीद से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। बता दें कि ईडी ने विभाग से यह जानकारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चल रही जांच के दौरान मांगे है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में मेडिकल उपकरणों की खरीद में जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू कर दी है। ईडी ने मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री की खरीद प्रक्रिया में संभावित 
अनियमितताओं की पड़ताल शुरू करते हुए स्वास्थ्य विभाग से विस्तृत दस्तावेज तलब किए हैं। 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में जांच के दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS), बेड शीट, लिनेन सामान, सर्जिकल आइटम, ड्रेसिंग, स्यूचर, कैनुला, ग्लव्स और दवाइयों जैसी खरीद शामिल हैं। मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री के टेंडर, भुगतान और सप्लाई से जुड़ा पूरा ब्यौरा विभाग से मांगा गया है। 
ईडी ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने की प्रक्रिया, सामान की सप्लाई, जांच, मंजूरी और पेमेंट रिलीज से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं।इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, OEM और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े लेन-देन की जानकारी मांगी है, जिनसे मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे। जिन कंपनियों और उपकरणों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए हैं, उनमें पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म मशीन और एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। इस पूरे मामले में पूछताछ जारी है। ईडी इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेडिकल सामान की खरीद प्रक्रिया में कोई अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला तो नहीं है।
25 June 2026
Posted by achhiduniya

अंडरगारमेंट्स में NEET प्रश्नपत्र और ग्लू को छुपा ....

वाराणसी में रिश्चंद्र परास्नातक महाविद्यालय में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले संदेह होने पर पकड़े गए अभ्यर्थी की गहनता से तलाशी ली गई तो उसके अंडरगारमेंट्स पाई गई चीजों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कड़े गये छात्र की पहचान बलिया जिले के निवासी प्रिंस दुबे के रूप में हुई है, जिसमें उसने पूछताछ में बताया कि वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और नीट की परीक्षा देने के लिये वाराणसी आया था। वहीं सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए छात्र प्रिंस दुबे से पूछताछ करके अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जब्त की गई सभी वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वाराणसी के मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को जांच के बाद हिरासत में ले लिया गया। दरअसल इस छात्र ने 
अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल, सिम, पुराना NEET प्रश्नपत्र और ग्लू को छुपा रखा था। नीट की दोबार हुई परीक्षा में कुल 22 लाख छात्र-छात्राएं ने एग्जाम दिया। इसको लेकर इस बार NTA ने परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए बड़े स्तर पर निगरानी व्यवस्था तैयार की थी। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था तो वहीं सभी एग्जाम सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे, जिसमें इनकी लाइव मॉनिटरिंग भी की जा रही थी। वहीं हर सिस्टम को शुरू से अंत तक परखने के लिए 20 जून को देशभर में मॉक ड्रिल की गई थी। इस एग्जाम के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली थी, जिसमें एयरफोर्स के हेलिकॉप्टरों और विमानों ने मदद से एग्जाम के पेपर देश के विभिन्न स्ट्रॉन्ग रूम और सेंटर्स तक सुरक्षित पहुंचाए गए थे।
21 June 2026
Posted by achhiduniya

हार्ट सर्जरी घोटाला बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला..

जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बताया कि जांच में फर्जी बीमा दावे, मरीजों का शोषण और स्वस्थ मरीजों की अनावश्यक सर्जरी किए जाने के मामले सामने आए हैं। दरअसल,जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिन मरीजों की दिल की सर्जरी की गई, उनमें से लगभग 50 प्रतिशत को वास्तव में इसकी जरूरत ही नहीं थी। मामले के सामने आने के बाद शनिवार को एक सीनियर डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, स्वतंत्र जांच में यह सामने आया कि जिन 55 मरीजों की 'लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग' सर्जरी की गई, उनमें से 27 मरीजों (49 प्रतिशत) को इसकी जरूरत नहीं थी। डॉक्टर के खिलाफ आरोपों में रिकॉर्ड में हेरफेर, सिस्टम स्तर पर धोखाधड़ी, मरीजों का शोषण, विक्रेताओं के साथ मिलीभगत और बिना इजाजत सर्जरी करना शामिल है। जांच में कहा 
गया कि यह मामला व्यक्तिगत लाभ के लिए मरीजों की सुरक्षा और पेशेवर नैतिकता की अनदेखी को दर्शाता है। विभाग ने अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सैयद मकबूल का नाम लेते हुए उन पर बड़े पैमाने पर प्रक्रियागत अनियमितताओं और आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर करने के आरोप लगाए हैं। यह मामला कथित पेसमेकर घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कुल 103 हृदय रोगी शामिल हैं। विशेषज्ञों की जांच में पाया गया कि जिन 55 मरीजों का पेसमेकर लगाया गया था, उनमें से 27 का हृदय सामान्य था और उन्हें पेसमेकर लगाने की कोई जरूरत नहीं थी। 
दिसंबर 2025 में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा 'लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग' से जुड़े दावों में असामान्य वृद्धि देखे जाने के बाद इस मामले की एक्सपर्ट जांच कराई गई थी। जांच में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-सेहत योजना के लाभार्थियों के आर्थिक शोषण के भी आरोप सामने आए हैं। एक मामले में कहा गया कि मरीज को एक प्राइवेट कंपनी को 70,000 रुपये देने के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट में कहा गया,लाभार्थियों का यह आर्थिक शोषण गंभीर आपराधिक कदाचार है।' जांच में यह भी सामने आया कि अनिवार्य मंजूरियों, गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े सुरक्षा उपायों और खरीद प्रक्रिया के नियमों की अनदेखी की गई। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि इस मामले में कई शिकायतों के बाद जांच शुरू की गई थी। उन्होंने कहा,सरकार ने कई शिकायतें मिलने के बाद तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की थी। जांच के बाद जब कुछ निष्कर्ष सामने आए, तो हमने उन्हें (डॉक्टर को) निलंबित कर दिया। हमने उनसे अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। आज (शनिवार को) निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
Posted by achhiduniya

चीनी सॉफ्टवेयर की मदद से तोड़ते थे सिक्योरिटी IMEI कोड ....

आरोपियों की पहचान मोहम्मद जलाल (29), निवासी लोनी (गाजियाबाद) और इमरान (27), निवासी राजपुर खुर्द एक्सटेंशन (दिल्ली) के रूप में हुई है। ये दोनों मिलकर गफ्फार मार्केट में KGN सॉफ्टवेयर एंड मोबाइल रिपेयरिंग इंसटीट्यूट नाम से एक दुकान और ट्रेनिंग सेंटर चलाते थे और इस इंस्टीट्यूट की आड़ में ही गैर-कानूनी कार्यों को भी ये अंजाम दे रहे थे। जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम ने रिपयरिंग सेंटर पर अचानक से छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने दुकान से 45 चालू हालत के एंड्रॉयड स्मार्टफोन, 22 मोबाइल फोन (बॉडी पार्ट्स), एक लपटॉप और चीन में बना एक विशेष प्रकार का AMP टूल बरामद किया। पुलिस के अनुसार, चीनी डिवाइस और कुछ खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मोबाइल फोन के फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन और अन्य कड़े सिक्योरिटी फीचर्स को तोड़ने में किया जाता था। पुलिस की छापेमारी के बाद आरोपी फोन्स के मालिकाना हक का कोई भी कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए थे। पुलिस की पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकारा कि वे संदिग्ध डीलरों और झपटमारों से बेहद कम दाम पर चोरी किए गए फोन्स खरीदते थे। फिर आईएमईआई (IMEI) नंबर को बदलने के लिए और सिक्योरिटी सेटिंग्स को री-सेट करने के लिए सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल 
आरोपी करते थे, ताकि पुलिस या डिवाइस का मालिक इन्हें कभी भी ट्रैक न कर पाए। पुलिस की जांच में मिले 45 फोन्स में से 7 दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कई थानों (जैसे न्यू अशोक नगर, मंडावली, गाजीपुर, मधु विहार, पानीपत, मुजफ्फरनगर) में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने जो फोन्स बरामद किए हैं उनका IMEI एनालिसिस करने के बाद इनके मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रिकवरी के बाद दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में दर्ज मोबाइल चोरी की दर्जनों शिकायतों को सुलझाने में मदद मिलेगी। फिलहाल इस सिंडिकेट में शामिल सप्लायरों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में पुलिस लगी है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने करोल बाग के गफ्फार मार्केट में चल रहे चोरी के फोन से जुड़े अवैध मोबाइल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के द्वारा अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके चोरी के मोबाइल फोन्स को अनलॉक करने और फिर उन्हें ग्रे मार्केट में बेचने के आरोप में दो मोबाइल सॉफ्टवेयर टेक्नीशियनों की गिरफ्तारी की है।
14 June 2026
Posted by achhiduniya

Translate

Business Advertise T.B

Commercial Adv T.B.

Today's IMP News Headline’s {सुर्खियां }

@ दिल्ली के द ललित होटल में मिला घटिया डेयरी व्हाइटनर, FSSAI ने जारी किया नोटिस।@ मुंबई में राज ठाकरे उद्धव ठाकरे का संयुक्त मार्च शुरू, SIR के खिलाफ सड़कों पर उतरे। @ जंतर-मंतर प्रदर्शन-महिला पत्रकारों का आरोप- पुलिस अफसरों ने यौन उत्पीड़न किया, क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच।@ हारने का डर ऐसा था कि रायबरेली से लड़े राहुल गांधी,सीटों पर खींचतान के बीच सपा सांसद ने चिढ़ाया।@ 8.5 लाख किताबें, 135 साल पुरानी लाइब्रेरी, दिल्ली के न्यू सेंट्रल विस्टा प्लान में जगह नहीं- सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई।@ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल सरकार ने दिए विजिलेंस जांच के आदेश।@ हरियाणा के विधायकों संग PM मोदी की डेढ़ घंटे तक मंथन, दिए कई टास्क, नजर पंजाब चुनाव पर।@ पाकिस्तान-चीन में विमानों की डील के बीच IAF की चेतावनी, बोले- हर साल 40 फाइटर जेट नहीं मिले तो कमजोर होगी वायुसेना।@ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन-साबरमती नदी पर 12 मंजिला ऊंचा पुल तैयार।@ तुर्किये से भारत लाया गया कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हैंडलर नवप्रीत सिंह, 355 किलो हेरोइन केस में होगी पूछताछ।@ 1.36 लाख वोटर कटे, पर आयोग ने रिकॉर्ड नहीं रखा'- इंदौर आरटीआई का बड़ा खुलासा, मामला हाईकोर्ट पहुंचा।@ AI वीडियो से इटली की महिला को फंसाया, शादी का झांसा देकर 98 हजार रुपये ठगे- गुरुग्राम से आरोपी गिरफ्तार।

Social Adv C.B.

अन्य खबरों के लिए हमारे सहयोगी मीडिया संस्थान पर विजिट करें। https://aniltvnews.blogspot.com

Advertise Section C.B.

Important....Video

"सिंधी छेज़ नृत्य श्रीराम नवमी शोभायात्रा के दौरान"

होनहार काबिल युवाओ के लिए {JOB Corner} नौकरी विभाग

जल्द ही नए रोजगार की संधि उपलब्ध होगी।

Business Adv M.B.

Common Advertise M.B.

Govt's green signal to CSR fund spending for 'Har Ghar Tiranga' campaign“दुनिया मे भारत की पहचान-आन-बान-शान-जान.....“तिरंगा” “गर्व करे भारतीय होने पर”

जीवन सवारें सुविचार

@ हम बहुत व्याकुल,गुस्सैल और आत्मकेंद्रित हो रहे हैं। दूसरों के प्रति सहयोग और जीवन के प्रति आस्था को मजबूत कीजिए। प्रेम,अनुराग और सहृदयता जीवन मूल्य हैं। इनको केवल शब्द समझने से बचना होगा। @जिस किसी चीज से जीवन में प्रेम छूटता जाता है, समय और स्नेह छूटता जाता है। वह बासी होती जाती है। हमारी जिंदगी में बासी होते रिश्ते इसकी गवाही दे रहे हैं। जिंदगी को प्रेम की धूप,थोड़ा इत्मिनान दीजिए।@ ऐसी आंखें जिनके सपने की सीमा सीमित होती है,वह अपने जीवन को विस्तार नहीं दे पातीं। अपने साथ थोड़ा दूसरों के लिए सोचना जिंदगी को सुकून,आनंद और सुख देता है।

Common Advertise B.B.

Common Advertise B.B

Flash Back Important News

Request Massage

मित्रो प्रणाम.....यदि आपके पास कोई लेख,प्रेरक कहानियॉ, सकारात्मक विचार,अद्भुत जानकारी या किसी व्यक्ति विशेष की खास उपलब्धि कि जानकारी है,जो आप हमसे और हमारे मित्रो के साथ सांझा करना चाहते हैं,तो क्रप्या उसे अपनी फोटो के साथ हिन्दी में हमे E-mail करें।हमारी Id:- achhiduniya@gmail.com जरूरत के मुताबिक उसमे कुछ परिवर्तन करने या सम्पूर्ण करने की जरूरत पड़ने पर त्रुटी मुक्त करके हम आपके नाम और फोटो के साथ हमारे अच्छी दुनिया न्यूज पोर्टल पर प्रकाशित करेंगे।

- Copyright © AchhiDuniya Online Electronic Media News Portal & E-Paper -KevoxTech- Powered by KevoxTech - Designed by AchhiDuniya -