1.4 करोड़ जुर्माने के साथ 9 पुलिसकर्मीयों को कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई….
तमिलनाडु के मदुरै दरअसल,2020
के एक मामले में कोर्ट ने 9
पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई
है। इसके अलावा सभी पर संयुक्त रूप से 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दरअसल,
जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने पिता-पुत्र को देर
तक दुकान खोले रखने पर हिरासत में लिया था। इस दौरान दोनों के साथ बेरहमी से
मारपीट की गई, जिससे
पिता-पुत्र की मौत हो गई। इस मामले में 9 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, जिसके बाद कोर्ट ने सभी को मृत्युदंड की सजा
सुनाई है। दरअसल, मदुरै की एक कोर्ट ने सोमवार को 9
पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। इन
सभी पुलिसकर्मियों को तूतीकोरिन के सथानकुलम में हिरासत के दौरान क्रूर यातना देकर
एक पिता-पुत्र की हत्या करने के जुर्म में दोषी पाया गया था। प्रथम अतिरिक्त जिला
एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन
ने इसे दुर्लभतम मामला बताया। उन्होंने सजा
सुनाते हुए कहा कि जनता की रक्षा का जिम्मा संभालने वालों ने ऐसा अपराध किया है,
जिसने समाज की सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर
दिया है। कोर्ट ने पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स की हत्या के लिए दोषी ठहराए
गए सभी 9 पुलिस
अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी दोषियों पर 1.40
करोड़ रुपये का संयुक्त जुर्माना भी लगाया
गया, जो पीड़ितों के
परिवार को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। यह घटना जून 2020 की है, जब देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर
लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। इसी दौरान जयराज और बेनिक्स को निर्धारित समय से अधिक
समय तक मोबाइल फोन की दुकान खुली रखने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था।
हिरासत में उनके साथ भीषण मारपीट की गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ दिनों के बाद अस्पताल में
उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर भारी जनाक्रोश भी देखने को मिला था। इसके बाद
मद्रास हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था। मामले की जांच केंद्रीय
अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की।
अस्पताल से 12 लाख रुपये कीमत के 323 इंजेक्शन स्टॉक से गायब…
राजस्थान के
झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ स्थित जिला अस्पताल में महंगे ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन
के गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच समिति की रिपोर्ट ने अस्पताल
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार,
करीब 12 लाख रुपये कीमत के 323 इंजेक्शन स्टॉक से गायब पाए गए हैं,
जिससे चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया
है। जानकारी के मुताबिक,
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच अस्पताल में कुल 894 ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन की सप्लाई हुई थी।
इनमें से 493 इंजेक्शन
मरीजों के इलाज में उपयोग किए गए, जबकि स्टॉक में केवल 78 इंजेक्शन ही मौजूद मिले। इस हिसाब से 323
इंजेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला,
जिन्हें अब गायब मानते हुए जांच आगे बढ़ाई
जा रही है। जांच में सामने आया है कि अस्पताल की स्टॉक
मॉनिटरिंग प्रणाली बेहद लापरवाह और कमजोर रही, जिसकी वजह से इतनी बड़ी गड़बड़ी लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई।
प्राथमिक जांच में अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा
रही है, जिससे
मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, ये सब पूरी जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। गौरतलब
है कि हाल ही में अस्पताल परिसर में एक संदिग्ध महिला के पास से 8
ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन बरामद किए गए
थे। इसी घटना के बाद मामला तूल पकड़ गया और प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया।
जांच रिपोर्ट आने के बाद अब पूरे प्रकरण ने बड़ा रूप ले लिया है। अस्पताल के पीएमओ
डॉ. महेंद्र सबलानिया ने कहा कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और दोषियों
के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अब अस्पताल में अन्य दवाओं के स्टॉक की भी गहन
जांच शुरू कर दी गई है, ताकि किसी और गड़बड़ी का भी खुलासा हो सके।
अल्लाह से अपने लिए दुआ करो,पागल- बास्टर्ड होर्मुज खोल दो, वरना तुम्हें नर्क में पहुंचा देंगे डोनाल्ड ट्रंप..
अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी दी है। ट्रंप ने ईरानियों को पागल और
बास्टर्ड भी कहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर ईरान से कहा-होर्मुज खोल
दो, वरना तुम्हें नर्क
में पहुंचा देंगे। ट्रंप ने इस दौरान ईरान के पावर प्लांट और ब्रिज पर हमला करने
का दिन भी बता दिया। उन्होंने मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट और ब्रिज डे एक साथ
मनाने की धमकी दी। ट्रंप की यह धमकी तब सामने आई है, जब ईरान ने अमेरिका पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन के
दौरान उसके 2 सी-130
एयरक्राफ्ट और 2 ब्लैक सी-
हॉक हेलीकॉप्टर को इस्फहान को पास
रविवार को मार गिराया। ट्रंप
ने अपनी पोस्ट में लिखा, " मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे
एक साथ मनाया जाएगा। हमला ऐसा होगा, जैसा कुछ पहले कभी नहीं देखा गया होगा!!! तुम
पागल बास्टर्ड लोग होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दो! वरना तुम नर्क में रहोगे! बस देखते रहो!अल्लाह
से अपने लिए दुआ करो।
संवैधानिक संस्था को कुछ नहीं समझती TMC…PM- मोदी
कोलकाता के ब्रिगेड
ग्राउंड से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में परिवर्तन महाअभियान शुरू किया था। ब्रिगेड
ग्राउंड की वो ऐतिहासिक तस्वीरें और जनसैलाब देखकर पूरा टीएमसी सिंडिकेट घबराया हुआ है। और आज कूचबिहार में मैं देख रहा हूं ब्रिगेड ग्राउंड
में जो बिगुल बजाया था, कूचबिहार ने उस पर अपनी मुहर लगा दी है।
मोदी ने कहा,एक तरफ टीएमसी का डर है और दूसरी तरफ इसका मुकाबला करने के लिए आपके पास बीजेपी का
भरोसा है। एक तरफ टीएमसी के कट मनी और भ्रष्टाचार का डर है, दूसरी तरफ विकास को तेज रफ्तार देने वाली बीजेपी का भरोसा
है। एक तरफ घुसपैठ कराकर, विदेशियों को यहां बसाने का डर है, दूसरी तरफ घुसपैठ रोककर सारे घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल से
बाहर करने का BJP का
विश्वास है। PM मोदी ने कहा कि हमारा बंगाल
शक्ति पूजा की धरती
है। मैं यहां आए सभी बहनों-बेटियों को, बंगाल की हर बहन-बेटियों से कहूंगा कि बीजेपी
आपके सम्मान और आपकी समृद्धि के लिए मैदान में है। बीजेपी सरकार आएगी तो महिलाओं
के सच्चे सशक्तिकरण का रास्ता खोलेगी और ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। कूचबिहार में
प्रधानमंत्री मोदी बोले 'एक तरफ संदेशखाली जैसी बहनों की चीखें और बेटियों पर
होता निर्मम अत्याचार है, दूसरी तरफ नारीशक्ति को सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की मोदी की गारंटी है। मैं
आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस बार विधानसभा चुनाव के बाद इनके पापों का पूरा हिसाब होगा।
चुन-चुनकर हिसाब होगा। 4 मई के बाद कानून अपना काम करेगा। चाहे कोई बड़े
से बड़ा गुंडा क्यों न हो, इस बार न्याय होकर रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यहां की
निर्मम सरकार बंगाल की इस पावन माटी पर हर रोज लोकतंत्र को लहुलूहान कर रही है। ये
निर्मम सरकार अपने आगे किसी संवैधानिक संस्था को कुछ भी नहीं समझती। दो-तीन पहले
पूरे देश ने देखा है कि कैसे मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाकर रखा गया।
TMC कानून-व्यवस्था का
जनाजा निकालने पर तुली हुई है।
105 लोग घायल, 442 घर प्रभावित.45 लोगों की मौत पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बारिश ने मचा दी तबाही…
पीडीएमए की रिपोर्ट
के अनुसार, 25 मार्च
से जारी लगातार बारिश के कारण हुए हादसों में मरने वालों में 23
बच्चे, 17 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं। वहीं घायलों में 45
पुरुष, 16 महिलाएं और 44 बच्चे हैं। भारी बारिश के चलते कई जिलों में
मकानों की छतें और दीवारें गिर गईं, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ। रिपोर्ट
के मुताबिक, 442 घर
प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 382 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 60 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। ये घर दो दर्जन से
अधिक जिलों में स्थित हैं। पीडीएमए की रिपोर्ट
में आगे कहा गया है कि बचाव और राहत
कार्य जारी हैं और पीडीएमए, रेस्क्यू 1122, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर
काम कर रही हैं। पीडीएमए के महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि 9
अप्रैल तक प्रांत के कई हिस्सों में फिर
से बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके मद्देनजर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को
संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और सरकारी निर्देशों का सख्ती से
पालन करने की सलाह दी गई है।दरअसल, उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लगातार हो रही
भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पिछले 10 दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 45
लोगों की मौत हो गई है,
जबकि 105 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी प्रांतीय आपदा
प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को दी।
सड़क-परिवहन,80 केंद्रीय कानूनों के कुल 784 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित,717 प्रावधानों को आपराधिक श्रेणी से बाहर....
केंद्र सरकार
के जन विश्वास बिल 2026 में National
Highways Act, 1956 और Motor
Vehicles Act, 1988 में भी संशोधन
किया गया है,जिससे तहत सजा को खत्म कर दिया गया और सिर्फ जुर्माना लगाया गया।
सरकार का मानना है कि इससे आम नागरिकों और व्यवसायों पर अनावश्यक कानूनी दबाव कम
होगा और छोटी-छोटी गलतियों के लिए जेल जाने का डर खत्म होगा। केंद्र सरकार ने शासन
प्रणाली को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए
जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस विधेयक का मूल उद्देश्य
छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए जेल की सज़ा को खत्म कर उसकी जगह सिविल
पेनल्टी यानी जुर्माने का प्रावधान लागू करना है, ताकि डर आधारित शासन
से भरोसे आधारित
शासन की ओर बढ़ा जा सके। इस विधेयक के तहत 80 केंद्रीय कानूनों के कुल 784
प्रावधानों में
संशोधन प्रस्तावित है। इनमें से 717 प्रावधानों को आपराधिक श्रेणी से
बाहर कर
दिया जाएगा,जबकि बाकी बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किए जा रहे
हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करना गैर कानूनी है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग
अधिनियम बना हुआ है। इस अधिनियम के धारा 8-बी में प्रदर्शनकारियों को जुर्माने के
साथ-साथ 5 साल तक की सजा हो सकती थी, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के
धारा 8-बी में कई ऐसी धाराएं हैं, जिसके तहत प्रदर्शन कर रहे लोगों पर
कार्रवाई हो सकती है और एफआईआर भी दर्ज हो सकता है, लेकिन अब नए बदलाव के अनुसार,
राष्ट्रीय राजमार्ग
पर जाम लगाने जैसे मामलों में जेल का प्रावधान खत्म कर दिया गया है और इसे
जुर्माने तक सीमित कर दिया गया है।
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम सभी परिवहन वाहनों के लिए
नियमों और विनियमों का एक सेट है, जिसे 1988 में पारित
किया गया था।
इस अधिनियम में परिवहन के लगभग हर हिस्से को शामिल किया गया है,जिसमें सड़क परिवहन
वाहनों का स्वामित्व और उपयोग, कंडक्टरों और ड्राइवरों
का लाइसेंस, यातायात नियम, परमिट के प्रावधान आदि शामिल हैं। मोटर वाहन अधिनियम Motor Vehicles Act, 2019 के तहत ट्रैफिक नियमों
के उल्लंघन पर जुर्माने और सजा में भारी वृद्धि की गई थी। मुख्य सजाओं में 1,000 से
25,000 रुपये
तक का जुर्माना, 6 महीने से 3 साल तक की जेल, ड्राइविंग लाइसेंस का
निलंबन या जुर्माना और
जेल दोनों शामिल हैं।
अब नए नियम के तहत सिर्फ जुर्माना किया जाएगा।
मदरसे डॉक्टर और इंजीनियर की नहीं आतंकियों की फैक्ट्री…मंत्री नितेश राणे ने दिया विवादास्पद बयान
मदरसों पर कड़ा
प्रहार करते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आरोप लगाया कि वहां
डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि आतंकवादी तैयार किए जाते हैं।
उन्होंने सहर यूनिस शेख के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी विचारधारा मदरसों
से ही आती है। राणें ने कहा-जो आज कल भाषण में बोल रहे
हैं,ठीक है आजकल के बच्चे हैं थोड़ा लोक प्रतिनिधि बन गए तो इसको वहां हरा
कर देंगे सहर यूनिस शेख के बयान पर कोई बात नहीं वह लोकप्रतिनिधि है,इसलिए उस पर
कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन उसकी विचारधारा महत्वपूर्ण है।
इन्हें बचपन से मदरसों में सिखाया जाता है, मदरसों में बैठकर इन्हें डॉक्टर और
इंजीनियर नहीं बनाया जाता वहां आतंकवादी तैयार किए जाते हैं। उसके बाद उन लोगों की
जुबान से ऐसे शब्द बाहर आते हैं।इन सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए और इन सभी
आतंकवादियों को बाहर निकालो। आप थोड़ा रुकिए। हम धर्मांतरण कानून लेकर आए ना अब
अगला नंबर मदरसों का है। नितेश राणे मुंब्रा का नाम बदलकर मुंब्रा देवी करने की
बात भी कही। उन्होंने कहा-आप चिंता मत करिए हमने इस्लामपुर का
ईश्वरपुर किया हम
मुंब्रा का भी मुंब्रा देवी करेंगे। आप सभी को अपनी जुबान देकर जा रहा हूं,
कोई जीतुद्दीन
(जितेंद्र आव्हाड ) कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसों को मैं सुबह नाश्ते में खाता हूं।
उसको देखा ना सभा में माफी मांगनी पड़ी अच्छा हुआ की सभा में मिला और अच्छा हुआ कि
मैं मंत्री हूं। नहीं तो वापस घर नहीं जा पाता। हम महाराष्ट्र में
लव जिहाद कानून लेकर आए अब कोई हमारे हिंदू बहन को तिरछी नजर से देखें। अब आने दो
किसी भी शाहरुख खान, आमिर खान को 7 साल जेल में रहेंगे
साबुन भी नहीं उठा पाएंगे। मैं क्या कह रहा हूं मेरी बात को समझना।
भाषण के अंत में
उन्होंने फिल्म धुरंधर का डायलॉग दोहराते हुए चेतावनी दी कि यह देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी। दरअसल, राणे अक्सर अपने विवादास्पद बयानों के
चलते सुर्खियों में रहते हैं। इस बार मुंब्रा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वे
बेहद आक्रामक रुख में नजर आए। उन्होंने मदरसों को आतंकियों की फैक्ट्री करार दिया साथ
ही मुंब्रा देवी का नाम बदलने की बात भी कही। फिर उन्होंने एक चेतावनी भरे लहजे
में कहा-यह देवा भाऊ का महाराष्ट्र है, घुसेगा भी और मारेगा भी। नीतीश राणे के इस
बयान ने सियासत में खलबली पैदा कर दी।
बड़े सेक्स नेटवर्क का अंदेशा,31 नाबालिग,39 महिलाएं और 41 पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए मैरिज हॉल में
दावथ थाना
क्षेत्र के मालियाबाग स्थित एक मैरिज हॉल में 39
महिलाएं और 41
पुरुष आपत्तिजनक
स्थिति में पकड़े गए। बिहार के रोहतास जिले में एक मैरिज हॉल से 80
लड़के-लड़कियां
आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं। पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू
कर दी है। पुलिस ने सभी 39 महिलाओं और 41 पुरुषों को कोर्ट में पेश किया। बिक्रमगंज
के एसडीएम प्रभात कुमार की सूचना पर दावथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस
ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में
कुल 31 नाबालिग शामिल पाए गए हैं, जिनमें 18 लड़कियां और 13 लड़के हैं। नाबालिग लड़कियों के मामले को
पॉक्सो एक्ट के तहत एडीजे-7 की अदालत में प्रस्तुत किया गया है। वहीं,
नाबालिग लड़कों के
मामले में 13 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां वयस्क महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में
मिलीं। एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि सभी मामलों में अलग-अलग धाराओं के तहत
पुलिस जांच कर
रही है। पकड़े गए युवक-युवतियों में अधिकांश आसपास के ग्रामीण
क्षेत्रों के निवासी हैं, और इनमें कई स्कूल और कॉलेज की छात्राएं
भी शामिल हैं। मामले में नाबालिग लड़कियों को मेडिकल जांच और अन्य कानूनी
प्रक्रियाओं के लिए बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि
पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि किसी संभावित नेटवर्क या अन्य अवैध
गतिविधियों का खुलासा किया जा सके। शुक्रवार को बिक्रमगंज के एसडीएम के नेतृत्व
में दावथ थाना क्षेत्र के मालियाबाग स्थित प्रकाश मैरिज हॉल एंड होटल में छापेमारी
की गई थी।
इस दौरान 80 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में
पकड़ा गया। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और आगे
और भी खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने कहा कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित
नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी संगठन या नेटवर्क की सक्रियता भी हो सकती है।
ऐसे में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पकड़े गए सभी युवाओं और महिलाओं को
कोर्ट में पेश किया गया, और आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के
तहत कार्रवाई शुरू हो गई। नाबालिग लड़कियों के मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में
रखते हुए उन्हें तुरंत बाल कल्याण समिति के संरक्षण में रखा गया।
एसडीपीओ ने कहा,हम इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं और
किसी भी संभावित अपराध नेटवर्क को उजागर करने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जा रहे
हैं। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों
और पकड़ी गई छात्राओं के परिजनों ने घटना की निंदा की है और अधिकारियों से जल्द से
जल्द न्याय की उम्मीद जताई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले में किसी भी
प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिडिल-ईस्ट लड़ाई,UP के 6000 से अधिक श्रमिक इजरायल में, CM-योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश
इजरायल में भारत
के राजदूत जेपी सिंह के साथ प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ शन्मुगा सुंदरम
लगातार यूपी के श्रमिकों के विषय में अपडेट ले रहे हैं। डॉ शन्मुगा सुंदरम ने
बताया कि भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ टेलीफोन पर उनकी लगातार बातचीत हो रही
है। 11, 17 और 28 मार्च को साझा किए गए अपने संदेशों में
भारतीय राजदूत ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया है कि सभी भारतीय श्रमिक,
जिनमें उत्तर प्रदेश
के श्रमिक भी शामिल हैं, सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा
परिस्थितियों में स्वाभाविक रूप से कुछ चिंता का माहौल है, लेकिन किसी भी श्रमिक की ओर से भारत लौटने
का कोई विशेष दबाव या मांग नहीं आई है। दूतावास सभी के साथ लगातार संपर्क में है
और उनकी हर जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है।दरअसल,इजरायल में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच उत्तर
प्रदेश के 6000 से अधिक श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी श्रमिकों की नियमित निगरानी की जा
रही है। दूतावास से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इजरायल में कार्यरत
सभी भारतीय श्रमिक सुरक्षित हैं और फिलहाल किसी भी तरह की आपात
स्थिति या बड़े
खतरे की सूचना नहीं है। राजदूत ने यह भी जानकारी दी कि कुछ यूपी
के श्रमिकों ने हाल ही में भारत से गए पत्रकारों का आतिथ्य भी किया,
जो इस बात का संकेत
है कि स्थिति नियंत्रण में है और श्रमिक सामान्य जीवन जी रहे हैं। भारतीय दूतावास
की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी प्रमुख सचिव के साथ वार्तालाप में पुष्टि
की है कि यूपी के सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना
नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि कुछ भारतीय नागरिक, मुख्य रूप से व्यापारी और छात्र स्वेच्छा
से वापस लौटे हैं, जिनकी जॉर्डन के रास्ते यात्रा में
दूतावास ने सहायता की।
यदि कोई श्रमिक लौटना चाहता है, तो उसके लिए भी यही व्यवस्था उपलब्ध कराई
जा सकती है। उन्होंने बताया कि दूतावास के कंट्रोल रूम को अब तक कोई गंभीर या
आपातकालीन संदेश प्राप्त नहीं हुआ है और सभी श्रमिक स्थानीय सुरक्षा
दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर
प्रदेश सरकार इस पूरे मामले पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है। प्रमुख सचिव श्रम डॉ.
शन्मुगा सुंदरम नियमित रूप से दूतावास के संपर्क में रहकर श्रमिकों की स्थिति की
समीक्षा कर रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विदेशों में कार्यरत प्रदेश के सभी
श्रमिक सुरक्षित रहें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई
जाए। उत्तर प्रदेश के श्रमिकों तक भी सरकार का यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंच चुका
है कि किसी भी परिस्थिति में सरकार उनके साथ खड़ी है और यदि वह घर लौटना चाहेंगे
तो उनकी हर संभव मदद की जाएगी। प्रमुख सचिव श्रम डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने
बताया कि इजरायल की पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी द्वारा संचालित कॉल सेंटर भी
भारतीय श्रमिकों की सहायता के लिए सक्रिय है, जहां विभिन्न भाषाओं में सहायता उपलब्ध
कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इजरायल में समय-समय पर मिसाइल हमलों की घटनाएं
सामने आ रही हैं, फिर भी वहां रह रहे भारतीयों,
विशेषकर उत्तर
प्रदेश के श्रमिकों की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सरकार और दूतावास दोनों ही
मिलकर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई
की जा सके।
फैक्ट्री से बरामद हुई नकली टूथपेस्ट की खेप
बीते 2 अप्रैल को दिल्ली में
कंझावला के महावीर विहार स्थित सी-ब्लॉक में एक गोदाम पर सुनियोजित तरीके से रेड
की गई थी। इस दौरान, क्राइम ब्रांच ने नकली
टूथपेस्ट की बरामदगी की। इस मामले में क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS
और
कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की
जांच जारी है। पूछताछ के दौरान, आरोपी हरि ओम मिश्रा ने
कबूल किया कि उसने ये गोदाम किराए पर लिया था। वह लोकल रूप से तैयार किए गए पेस्ट
को खाली ट्यूबों में भरकर बिना किसी वैध लाइसेंस या प्राधिकरण के मार्केट में बेच
रहा था। दिल्ली पुलिस की Crime Branch ने कंझावला में नकली
टूथपेस्ट बनाने वाली बड़ी
फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-2,
रोहिणी
के रहने वाले हरि ओम मिश्रा को लाखों रुपये के नकली टूथपेस्ट के साथ पकड़ा। पुलिस
टीम ने खाली ट्यूब, फिलिंग और सीलिंग मशीन,
कार्टन,
कच्चा
पेस्ट और पैकेजिंग सामग्री की भारी खेप भी बरामद की। पुलिस ने उसे मौके से ही
गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल,
पुलिस
आरोपी से पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अब तक कितना नकली टूथपेस्ट मार्केट
में बेच चुका है। पुलिस का कहना है कि
आरोपी को पकड़ने के साथ ही नकली पेस्ट की बरामदगी भी की गई है। उससे पूछताछ की जा
रही है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। दोषियों को सख्त सजा
दिलाई जाएगी।
संसद में आम लोगों से जुड़े अहम मुद्दे उठाना पड़ा महंगा,आम आदमी पार्टी मुझे चुप करा रही....राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा कि वह आम आदमी की आवाज सदन में उठाते थे,
इससे
किसी को क्या परेशानी हो सकती है। आम आदमी को संदेश देते
हुए राघव चड्ढा ने कहा,खामोश करवाया गया हूं,
हारा
नहीं हूं। राघव ने आप को चुनौती देते हुए कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार ना समझे। मैं वो दरिया हूं,
जो
सैलाब ला सकता हूं। राघव की ये चुनौती सीधे सीधे अरविंद केजरीवाल के लिए है।
क्योंकि ये फैसला अरविंद केजरीवाल का ही था कि राघव चड्ढा को उप नेता पद से हटाया
जाए। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को चिठ्ठी लिखकर
राघव की जगह सांसद अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने को कहा है। इसके साथ ही कहा
गया है कि पार्टी के कोटे का जो समय राघव चड्ढा को दिया जाता था। वह समय अशोक
मित्तल को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक
रूटीन प्रक्रिया है। उनसे पहले
एनडी गुप्ता पार्टी के डिप्टी लीडर थे। राघव चड्ढा ने पिछले
कुछ महीनों में राज्यसभा में आम लोगों से जुड़े अहम मुद्दे उठाए हैं,
जो
लगातार चर्चा में रहे हैं। 2 मिनट 18
सेकेंड
के वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा कि वह हमेशा ही सदन में आम लोगों से जुड़े मुद्दे
उठाते हैं, लेकिन क्या यह कोई अपराध है। क्योंकि आम आदमी
पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को लिखकर दिया
कि राघव चड्ढा को बोलने का समय नहीं दिया जाए। उन्होंने सदन में मोबाइल डेटा,
मिडिल
क्लास पर टैक्स, एयरपोर्ट पर महंगे खाने और डिलिवरी ब्वॉय का
मुद्दा उठाया। इन सभी मुद्दों को लोगों का समर्थन मिला और कई मुद्दों पर लोगों की
परेशानियों का समाधान भी हुआ, लेकिन इससे आम आदमी
पार्टी को क्या नुकसान हुआ होगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें चुप करा
दिया है और सदन में उनका बोलने का अधिकार छीन लिया है, उन लोगों के सामने
चुनौती है। इसके साथ ही राघव ने शायराना अंदाज में पलटकर आने का वादा भी किया। आम
आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया है। इस पर
राघव चड्ढा ने कहा है कि पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रीय राजधानी बाल तस्करी की मंडी बन गई…. दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यू और किसे कहा…?
मुख्य न्यायाधीश
डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस'
द्वारा दायर जनहित याचिका पर रेलवे,
दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण
आयोग (NCPCR) को नोटिस जारी किया। पीठ ने पाया कि न्यायिक आदेशों के बाद भी बाल
तस्करी का खतरा बना हुआ है। उसने NCPCR को इस मामले में उचित निर्देश पारित करने में
सक्षम बनाने के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10
जुलाई के लिए तय करते हुए एनसीपीसीआर से
अपने सुझाव देने को भी कहा। सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की,
'दिल्ली अब बाल तस्करी की मंडी बन गई है
और
इस तथ्य को जानने के लिए आपको याचिका पढ़ने की जरूरत नहीं है। बस दो घंटे रेलवे
स्टेशनों के आसपास घूमिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी
बाल तस्करी की मंडी बन गई है। कोर्ट ने रेलवे और पुलिस को उस जनहित याचिका पर जवाब देने
को कहा, जिसमें
रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में बाल तस्करी की घटनाओं पर चिंता जताई गई
है।
कोर्ट ने गौर किया
कि हालांकि रेलवे सहित अन्य विभागों द्वारा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए उपाय
अपनाए गए, लेकिन
प्रभावी कार्यान्वयन की कमी के कारण स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। याचिकाकर्ता
की ओर से पेश वकील प्रभसहाय कौर ने कहा कि 2018 से 2024 के बीच रेलवे परिसर में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 84,000
से अधिक बच्चों को बचाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एक घटना ऐसी भी हुई थी
जिसमें आनंद विहार रेलवे स्टेशन से बचाई गई एक बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष
पेश करने के बजाय तस्करों को वापस सौंप दिया गया था, और बाद में एक छापेमारी में उसे फिर से बचाया
गया।
सोशल मीडिया पर गैस, पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह फैलाने वाले 10 युवक गिरफ्तार…
ईरान और
इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के दौरान गैस और पेट्रोलियम की किल्लत को लेकर
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस कड़ी नजर रख रही थी। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में गैस,
पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह
फैलाने पर मंगलवार को 10 युवकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक
धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि इस दौरान सोशल मीडिया पर ऐसे 10
अकाउंट की पहचान की गई,
जिनपर अफवाह फैलाई जा रही थी। ये लोग फॉलोअर्स
और व्यूअर्स बढ़ाने के लिए सोशल
मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालकर
भ्रम का माहौल बना रहे थे। उन्होंने
कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में करण जाट, धीरज जाट, अर्पित शर्मा, अर्जुन चौधरी, महेंद्र बैरवा, कैलाश बैरवा, मुकेश प्रजापत, राधेश्याम जाट, ओमप्रकाश और दीपक सिंह शामिल हैं। सभी को जमानत
पर छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी युवकों
से अफवाह फैलाने वाले वीडियो डिलीट करवाए और माफ़ी मंगवाकर वीडियो
जारी करवाए।
इंटरनेट के जरिए कॉल डायवर्ट और फर्जी कॉल से साइबर फ्रॉड….
SIT ने गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर समेत कई
स्थानों पर छापेमारी की। रेड के दौरान पुलिस ने 15 सिम बॉक्स, 504 सिम कार्ड, 7 वाई-फाई राउटर, 7 TAPO कैमरे, 29 वाई-फाई स्विच, 30 बैटरियां और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए। ये
उपकरण इंटरनेट के माध्यम से कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल के जरिए लोगों को ठगने
में इस्तेमाल किए जा रहे थे। गौरतलब है कि,हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय
नेटवर्क से जुड़े एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5
आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह
फिलीपींस और कंबोडिया से संचालित हो रहा था। भारत में सिम बॉक्स के जरिए साइबर
अपराधों को
अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस मामले में 5 अलग-अलग शिकायतों के आधार पर 5
मामले दर्ज किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासगंज निवासी राहुल
कुमार, अहमदाबाद
निवासी यश अमृत सिंह डुगर, कच्छ निवासी भाविका भगचंदानी,
लितेश और सागर के रूप में हुई है। जांच
में खुलासा हुआ कि आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में
थे और नेपाल-बिहार रूट के जरिए उपकरण भारत लाते थे। डीसीपी गौरव राजपुरोहित ने कहा
कि इस नेटवर्क के जरिए डिजिटल अरेस्टिंग जैसे साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता
था। हजारों फर्जी सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर
रही है। पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
































