600 करोड़ हेल्थ स्कैम,दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग….
ईडी
की दिल्ली जोन-2 टीम ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS), दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर सेंट्रल
प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS)
द्वारा की गई
खरीद से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। बता दें कि ईडी ने विभाग से यह
जानकारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चल रही जांच के दौरान मांगे है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से
जुड़े 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में मेडिकल उपकरणों की खरीद में
जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू
कर दी है। ईडी ने मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री की खरीद प्रक्रिया में
संभावित
अनियमितताओं की पड़ताल शुरू करते हुए स्वास्थ्य विभाग से विस्तृत दस्तावेज
तलब किए हैं। 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में जांच के
दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट,
एनेस्थीसिया
वर्कस्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS), बेड शीट, लिनेन सामान, सर्जिकल आइटम, ड्रेसिंग, स्यूचर, कैनुला, ग्लव्स और दवाइयों जैसी खरीद शामिल
हैं। मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री के टेंडर, भुगतान और सप्लाई से जुड़ा पूरा ब्यौरा
विभाग से मांगा गया है।
ईडी ने टेंडर प्रक्रिया,
तकनीकी और
वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने की प्रक्रिया,
सामान की सप्लाई,
जांच,
मंजूरी और
पेमेंट रिलीज से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं।इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों,
मैन्युफैक्चरर्स,
OEM और
डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े लेन-देन की जानकारी मांगी है, जिनसे मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे। जिन
कंपनियों और उपकरणों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए हैं, उनमें पोर्टेबल एक्स-रे मशीन,
सी-आर्म मशीन और
एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। इस पूरे मामले में पूछताछ जारी है। ईडी
इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेडिकल सामान की खरीद
प्रक्रिया में कोई अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग से
जुड़ा मामला तो नहीं है।
महाराष्ट्र विवाह निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापना अनिवार्य
महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति
तटकरे ने विधानसभा में बीजेपी सदस्य अतुल भाटखालकर द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर
में कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में बाल विवाह की घटनाओं को 10
प्रतिशत से नीचे
लाना है। महाराष्ट्र में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार विवाह
निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापने के नियम पर विचार कर रही
है। मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर विवाह
निमंत्रण पत्रों पर वर-वधू दोनों की जन्मतिथि अंकित करने की उसकी व्यवस्था का
अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास विभाग और विधि एवं
न्याय विभाग के साथ परामर्श करके
इस व्यवस्था को लागू करने की व्यवहार्यता पर
विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बाल विवाह दर 2019-21 के सर्वे के 21.9 प्रतिशत से घटकर 2023-24
में 19.6
प्रतिशत हो गई
है, जबकि
नवीनतम सर्वेक्षण में राष्ट्रीय औसत लगभग 20.1 प्रतिशत है। मंत्री ने बताया कि 2025-26
में अब तक 1,434
बाल विवाह रोके
गए हैं और 136 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25
में 1,495
बाल विवाह रोके
गए, जबकि
2023-24 में
1,253 मामले
रोके गए और 108 प्राथमिकी दर्ज हुईं। मंत्री ने कहा, "बाल विवाह रोकने के मामलों में वृद्धि
को बाल विवाह बढ़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह सरकारी तंत्र की बेहतर
पहचान, रिपोर्टिंग और हस्तक्षेप को दर्शाता है।" उन्होंने बताया कि बाल
विवाह में शामिल परिवार के सदस्यों के अलावा उन लोगों पर भी
कार्रवाई की जा रही है जो इस तरह के आयोजनों को जानबूझकर बढ़ावा देते हैं,
जिनमें पुजारी,
संगीतकार और
अन्य शामिल हैं। मंत्री ने सदन को बताया कि जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता
में कार्यबल, ग्राम सुरक्षा समितियां तथा तालुका और ग्राम पंचायत स्तर की समितियां
सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि छह जिलों को विशेष तौर
पर ध्यान दिए जाने के लिए चिन्हित किया गया है, जहां प्रवासन एक प्रमुख कारण बनकर उभरा
है, विशेषकर
बीड और मराठवाड़ा क्षेत्र के अन्य जिलों में, जहां परिवार गन्ना कटाई के काम के लिए
पलायन करते हैं। उन्होंने कहा कि समस्या से निपटने के लिए प्रवासी श्रमिकों के बीच
लक्षित जागरूकता अभियान चलाने और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रखने के लिए बाल
देखभाल केंद्रों एवं आवासीय सुविधाओं के विस्तार की योजना है।
अंडरगारमेंट्स में NEET प्रश्नपत्र और ग्लू को छुपा ....
वाराणसी में रिश्चंद्र परास्नातक महाविद्यालय में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से
पहले संदेह होने पर पकड़े गए अभ्यर्थी की गहनता से तलाशी ली गई तो उसके
अंडरगारमेंट्स पाई गई चीजों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कड़े गये छात्र की
पहचान बलिया जिले के निवासी प्रिंस दुबे के रूप में हुई है,
जिसमें उसने पूछताछ में बताया कि वह मध्य
प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और नीट की
परीक्षा देने के लिये वाराणसी आया था। वहीं सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए छात्र
प्रिंस दुबे से पूछताछ करके अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जब्त की गई
सभी वस्तुओं को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वाराणसी के
मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को जांच के
बाद हिरासत में ले लिया गया। दरअसल इस छात्र ने
अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल,
सिम, पुराना NEET प्रश्नपत्र और ग्लू को छुपा रखा था। नीट की दोबार
हुई परीक्षा में कुल 22 लाख छात्र-छात्राएं ने एग्जाम दिया। इसको लेकर इस बार NTA
ने परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की
गड़बड़ी रोकने के लिए बड़े स्तर पर निगरानी व्यवस्था तैयार की थी। परीक्षा
केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था
तो वहीं सभी एग्जाम सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे,
जिसमें इनकी लाइव मॉनिटरिंग भी की जा रही
थी। वहीं हर सिस्टम को शुरू से अंत तक परखने के लिए 20 जून को देशभर में मॉक ड्रिल की गई थी। इस एग्जाम
के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय
वायुसेना की मदद ली थी, जिसमें एयरफोर्स के हेलिकॉप्टरों और विमानों ने
मदद से एग्जाम के पेपर देश के विभिन्न स्ट्रॉन्ग रूम और सेंटर्स तक सुरक्षित
पहुंचाए गए थे।
हार्ट सर्जरी घोटाला बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला..
जम्मू-कश्मीर के
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बताया कि जांच में फर्जी बीमा दावे,
मरीजों का शोषण और स्वस्थ मरीजों की
अनावश्यक सर्जरी किए जाने के मामले सामने आए हैं। दरअसल,जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं
अस्पताल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में
खुलासा हुआ है कि जिन मरीजों की दिल की सर्जरी की गई, उनमें से लगभग 50 प्रतिशत को वास्तव में इसकी जरूरत ही नहीं थी।
मामले के सामने आने के बाद शनिवार को एक सीनियर डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, स्वतंत्र जांच में यह सामने आया कि जिन 55 मरीजों की 'लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग' सर्जरी की गई, उनमें से 27 मरीजों (49 प्रतिशत) को इसकी जरूरत नहीं थी। डॉक्टर के खिलाफ
आरोपों में रिकॉर्ड में हेरफेर, सिस्टम स्तर पर धोखाधड़ी, मरीजों का शोषण, विक्रेताओं के साथ मिलीभगत और बिना इजाजत सर्जरी
करना शामिल है। जांच में कहा
गया कि यह मामला व्यक्तिगत लाभ के लिए मरीजों की
सुरक्षा और पेशेवर नैतिकता की अनदेखी को दर्शाता है। विभाग ने अस्पताल के हृदय रोग
विशेषज्ञ डॉ. सैयद मकबूल का नाम लेते हुए उन पर बड़े पैमाने पर प्रक्रियागत
अनियमितताओं और आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर करने के आरोप लगाए हैं। यह
मामला कथित पेसमेकर घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कुल 103 हृदय रोगी शामिल हैं। विशेषज्ञों की जांच में
पाया गया कि जिन 55 मरीजों का पेसमेकर लगाया गया था, उनमें से 27 का हृदय सामान्य था और उन्हें पेसमेकर लगाने की
कोई जरूरत नहीं थी।
दिसंबर 2025 में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा 'लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग'
से जुड़े दावों में असामान्य वृद्धि देखे
जाने के बाद इस मामले की एक्सपर्ट जांच कराई गई थी। जांच में प्रधानमंत्री जन
आरोग्य योजना-सेहत योजना के लाभार्थियों के आर्थिक शोषण के भी आरोप सामने आए हैं।
एक मामले में कहा गया कि मरीज को एक प्राइवेट कंपनी को 70,000 रुपये देने के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट में
कहा गया,लाभार्थियों
का यह आर्थिक शोषण गंभीर आपराधिक कदाचार है।' जांच में यह भी सामने आया कि अनिवार्य मंजूरियों,
गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े सुरक्षा
उपायों और खरीद प्रक्रिया के नियमों की अनदेखी की गई। स्वास्थ्य मंत्री सकीना
इट्टू ने कहा कि इस मामले में कई शिकायतों के बाद जांच शुरू की गई थी। उन्होंने
कहा,सरकार ने कई
शिकायतें मिलने के बाद तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की थी। जांच के बाद जब
कुछ निष्कर्ष सामने आए, तो हमने उन्हें (डॉक्टर को) निलंबित कर दिया।
हमने उनसे अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। आज (शनिवार को) निलंबन का आदेश जारी
किया गया है।
स्कूलों में राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के साथ गायत्री मंत्र पाठ अनिवार्य…
राज्य में नया
शैक्षणिक सत्र मंगलवार से शुरू हुआ। हालांकि कांग्रेस ने स्कूलों में हिंदू
प्रार्थनाओं का पाठ अनिवार्य करने की जरूरत पर सवाल उठाए, क्योंकि वहां दूसरे धर्मों के छात्र भी पढ़ते
हैं। उन्होंने बीजेपी सरकार पर स्कूलों में RSS का एजेंडा थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दरअसल,छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी स्कूलों में शैक्षणिक
सत्र 2026-27 से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ-साथ गायत्री मंत्र और अन्य हिंदू
प्रार्थनाओं का रोजाना पाठ अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा कि रोजाना
सांस्कृतिक, शैक्षिक
और मूल्यों पर आधारित गतिविधियां कराने का मकसद देशभक्ति की भावना जगाना,
छात्रों के बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना
और उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना है। एक अधिकारी ने बताया
कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 12 जून को सभी ज़िला शिक्षा अधिकारियों (DEOs)
को जारी आदेश के अनुसार,
स्कूल अब दिन में तीन अलग-अलग समय पर
अनिवार्य गतिविधियां आयोजित
करेंगे। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइंस के तहत,
सुबह की सभा में राष्ट्रगान,
राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महान हस्तियों की जीवनियों का पाठ
शामिल होगा। दोपहर के भोजन के समय छात्र मिलकर भोजन मंत्र का पाठ करेंगे,
जबकि स्कूल के दिन के आखिरी सेशन में
राज्य गीत, गायत्री
मंत्र और शांति मंत्र शामिल होंगे।
अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मकसद छात्रों
में देशभक्ति, अनुशासन,
नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता को
बढ़ावा देना है, साथ ही
उन्हें भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय आदर्शों से जोड़ना है। सरकार ने DEO
को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने
का निर्देश दिया है। अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और तय गाइडलाइंस का
उल्लंघन करने वाले स्कूल मैनेजमेंट या प्रिंसिपलों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की
जा सकती है। हालांकि सरकार के इस फैसले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के
अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा
व्यवस्था ने पारंपरिक रूप से सभी धर्मों को समान मान है। उन्होंने चेतावनी दी कि
सरकारी स्कूलों में हिंदू धार्मिक मंत्रों का अनिवार्य पाठ दूसरे समुदायों के
लोगों को कुरान, गुरबानी
या बाइबिल की आयतों को शामिल करने की मांग करने के लिए प्रेरित कर सकता है। वहीं
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव ने भी इस कदम की
आलोचना करते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है।
तीर्थयात्रियों, पर्यटकों के टूरिस्ट गाइड के लिए QR कोड सिस्टम लागू…
जम्मू-कश्मीर
पुलिस ने यात्रा में शामिल होने वाले सभी गाइड, पालकी वालों और टूरिस्ट गाइड के लिए पहचान
वाला QR कोड सिस्टम लागू किया है। सभी अधिकृत लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाकर,
यह ऐप
तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को दी जाने वाली सेवाओं में ज़्यादा पारदर्शिता और
जवाबदेही लाता है। इससे यह पक्का होगा कि यात्री, पर्यटक और स्थानीय नागरिक सिर्फ़ वेरिफाइड
सर्विस देने वालों से ही संपर्क करें। यह ऐप असली सर्विस देने वालों को डिजिटल
पहचान और औपचारिक मान्यता देकर उन्हें सशक्त बनाता है। उम्मीद की जा रही हैं कि यह
ऐप तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भरोसा
जगाएगा। यात्रा से जुड़े लोगों ने अमरनाथ यात्रा को लेकर अपना उत्साह ज़ाहिर किया।
उन्होंने कहा कि इससे उन्हें रोज़ी-रोटी मिलती है और वे पूरे दिल से यात्रियों का
स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे बिना किसी
डर या हिचकिचाहट के यात्रा करें। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी किए गए QR
कोड के बारे में
यात्रा में शामिल लोगों का कहना है कि इससे कामकाज को सुव्यवस्थित करने और यात्रा
से जुड़े सभी लोगों के बीच तालमेल बेहतर बनाने में बहुत मदद मिलेगी। यह एक बेहतरीन
पहल है जिससे काम में तेज़ी आएगी और सुविधा बढ़ेगी। सुरक्षा एजेंसियों ने अच्छी
तरह से बैकग्राउंड की जांच की है और सिर्फ़ उन्हीं लोगों को बेस कैंप और तीर्थ
यात्रा के रास्ते पर काम करने की इजाज़त होगी। इनकी ठीक से जांच-पड़ताल हुई है और
जिन्हें QR कोड जारी किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने यात्रा के दौरान पूरी
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CCTV निगरानी बढ़ाकर, ऊंचे वॉचटावर लगाकर,
AI-आधारित फेशियल
रिकग्निशन सिस्टम शुरू करके और RFID-आधारित मॉनिटरिंग को बेहतर बनाकर सुरक्षा
इंतजामों को और मजबूत किया है। इस साल 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ
यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
चीनी सॉफ्टवेयर की मदद से तोड़ते थे सिक्योरिटी IMEI कोड ....
आरोपियों की
पहचान मोहम्मद जलाल (29), निवासी लोनी (गाजियाबाद) और इमरान (27),
निवासी राजपुर खुर्द
एक्सटेंशन (दिल्ली) के रूप में हुई है। ये दोनों मिलकर गफ्फार मार्केट में KGN
सॉफ्टवेयर एंड
मोबाइल रिपेयरिंग इंसटीट्यूट नाम से एक दुकान और ट्रेनिंग सेंटर चलाते
थे और इस इंस्टीट्यूट की आड़ में ही गैर-कानूनी कार्यों को भी ये अंजाम दे रहे थे।
जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम ने रिपयरिंग सेंटर पर अचानक से छापा मारा। तलाशी
के दौरान पुलिस ने दुकान से 45 चालू हालत के एंड्रॉयड स्मार्टफोन,
22 मोबाइल फोन (बॉडी
पार्ट्स), एक लपटॉप और चीन में बना एक विशेष प्रकार का AMP टूल बरामद किया। पुलिस के अनुसार,
चीनी डिवाइस और कुछ
खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मोबाइल फोन के फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन
और अन्य कड़े
सिक्योरिटी फीचर्स को तोड़ने में किया जाता था। पुलिस की छापेमारी के बाद आरोपी
फोन्स के मालिकाना हक का कोई भी कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए थे। पुलिस की
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकारा कि वे संदिग्ध डीलरों और झपटमारों से
बेहद कम दाम पर चोरी किए गए फोन्स खरीदते थे। फिर आईएमईआई (IMEI)
नंबर को बदलने के
लिए और सिक्योरिटी सेटिंग्स को री-सेट करने के लिए सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल
आरोपी करते थे, ताकि पुलिस या डिवाइस का मालिक इन्हें कभी भी ट्रैक न कर पाए। पुलिस
की जांच में मिले 45 फोन्स में से 7 दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कई थानों (जैसे न्यू अशोक
नगर, मंडावली, गाजीपुर, मधु विहार, पानीपत, मुजफ्फरनगर) में दर्ज चोरी के मामलों से
जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने जो फोन्स बरामद किए हैं उनका IMEI
एनालिसिस करने के
बाद इनके मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस
रिकवरी के बाद दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में दर्ज मोबाइल चोरी की दर्जनों
शिकायतों को सुलझाने में मदद मिलेगी। फिलहाल इस सिंडिकेट में शामिल सप्लायरों के
पूरे नेटवर्क को खंगालने में पुलिस लगी है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने करोल बाग के गफ्फार
मार्केट में चल रहे चोरी के फोन से जुड़े अवैध मोबाइल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
है। पुलिस के द्वारा अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल करके चोरी के मोबाइल
फोन्स को अनलॉक करने और फिर उन्हें ग्रे मार्केट में बेचने के आरोप में दो मोबाइल
सॉफ्टवेयर टेक्नीशियनों की गिरफ्तारी की है।
बोले जुबां केसरी शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ हाजिर हो...
गुटखा के
विज्ञापनों में केसर के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने और स्वास्थ्य के लिए
घातक उत्पादों के छद्म प्रचार करने के आरोप में कोर्ट ने कुल 4
लोगों को नोटिस भेजा
है जिसमें शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के अलावा विमल
पान मसाला के मालिक विमल अग्रवाल को भी तलब किया है। आदेश नागरिक अधिकार संस्था बारां के सचिव
वीरेंद्र सिंह ने कोर्ट में गुटखा कंपनी और एक्टर्स पर आरोप लगाए हैं। परिवादी
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 5 रुपए के गुटखा पाउच में 5
लाख रुपए किलो की
केसर मिलाने का दावा पूरी तरह भ्रामक है। यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। इस
विज्ञापन पर पूरे देश में तुरंत रोक लगाने का आदेश पारित करने के लिए कोर्ट द्वारा
आगामी तारीख 22 जून तय की है। कोर्ट ने एक्टर्स और कंपनी के मालिक को 9
जुलाई को व्यक्तिगत
या
अधिवक्ता के माध्यम से तलब किया है। उपभोक्ता कोर्ट के रीडर योगेश कुमार द्वारा
जारी आदेश के अनुसार आरोपियों को नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष और साक्ष्य कोर्ट
के सामने प्रस्तुत करने होंगे। यदि 9 जुलाई को विपक्षी या उनके प्रतिनिधि
उपस्थित नहीं होते हैं, तो कोर्ट इस मामले में एकपक्षीय कार्रवाई
करते हुए फैसला सुना सकेगा। ये पहली बार नहीं है जब किसी प्रोडक्ट के दावों और
कथित भ्रामक प्रचार पर सवाल उठे हैं। बल्कि अलग-अलग प्रोडक्ट्स के दावों पर कई बार
सवाल उठते रहे हैं। यह घटना सितारों द्वारा उत्पाद एंडोर्समेंट की जिम्मेदारी पर
सवाल उठाती है।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि मशहूर हस्तियां विज्ञापनों में केवल
मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं पर गहरा प्रभाव डालती हैं,
इसलिए उन्हें दावों
की सत्यता जांचनी चाहिए। तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर पहले भी पाबंदियां लग चुकी
हैं, लेकिन पान मसाला केस में ‘केसर’ वाले दावे ने नया आयाम जोड़ दिया है।
बॉलीवुड सितारों पर ऐसे केस पहले भी आए हैं, लेकिन इस बार तीन बड़े नाम एक साथ फंसने
से चर्चा तेज हो गई है। एक्टर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को बारां जिला
उपभोक्ता कोर्ट ने नोटिस भेजकर 9 जुलाई को तलब किया है।
जामा मस्जिद विवादों में,तहखाने में जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां
हाल ही में
जामा मस्जिद के अंडरग्राउंड हिस्से का एक वीडियो सामने आया है,
जिसमें हिंदू
देवी-देवताओं और भगवान मल्लिनाथ सहित जैन तीर्थंकरों की प्राचीन मूर्तियां और
नक्काशीदार पत्थर दिखाई देने का दावा किया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद
जामा मस्जिद के मूल स्वरूप को लेकर बहस तेज हो गई है और अलग-अलग तरह के दावे किए
जा रहे हैं। हिंदू और जैन संत समुदायों का दावा है कि यह स्थल मूल रूप से 'समी विहार' या प्राचीन मंदिर था,
जिसे तोड़कर मुगल
काल में जामा मस्जिद का निर्माण किया गया। वे पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण
कराने की मांग कर रहे हैं। हिंदू और जैन पक्ष की मांग है कि जामा मस्जिद के मूल स्वरूप की जांच होनी चाहिए। वे इसके प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई मस्जिद
होने का दावा कर रहे हैं। दरअसल,गुजरात के भरुच की लगभग 700 साल पुरानी जामा मस्जिद विवादों में है।
इस ऐतिहासिक स्थल की जमीन और मूल स्वरूप को लेकर अलग-अलग तरह के दावे
सामने आने के
बाद यह मामला धार्मिक-ऐतिहासिक बहस में तब्दील हो गया है। दरअसल,
हाल में सामने आए एक
वीडियो के बाद जामा मस्जिद का विवाद और गहरा गया है, जिसमें मस्जिद के तहखाने में जैन
तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां व नक्काशीदार पत्थर दिखने
का दावा किया गया है। इस दावे के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जामा
मस्जिद ट्रस्ट और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन दावों को खारिज किया है।
उनका कहना है कि इस स्थान के उनके पास ऐतिहासिक और धार्मिक प्रमाण हैं जो इसे
मस्जिद साबित करते हैं। मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने का दावा गलत है। वर्तमान
में भरुच की जामा मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI
के संरक्षण में है।
इस विवाद के बाद से ASI और स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर हैं और
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जामा मस्जिद के आसपास आने-जाने वालों पर नजर
रखी जा रही है। यहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
ऑपरेशन टाइगर पर मातोश्री में मंथन
संजय राउत ने
कहा कि ऑपरेशन टाइगर की चर्चा पिछले दो वर्षों से लगातार हो
रही है, लेकिन ऐसा कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए राउत
ने कहा,जिस दिन हमारी सत्ता आएगी, उस दिन बीजेपी नहीं बचेगी। हम उसे
टुकड़े-टुकड़े कर देंगे और उनके नेताओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। उद्धव ठाकरे के घर में हो रही बैठक में
अरविंद सावंत मुंबई से और नासिक से राजा भाऊ वाजे पहुंचे। इसके अलावा भी कई सांसद
मातोश्री पहुंचकर मीटिंग में शामिल हुए। कुछ नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के
जरिए मीटिंग अटेंड की। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे की
मौजूदगी में पार्टी सांसदों की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि,
धाराशिव से सांसद
ओमराजे नाईक निंबालकर बैठक में शामिल नहीं हो पाए। जानकारी के अनुसार उनके बेटे को
पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके चलते वे अनुपस्थित रहे। इस बैठक में
पार्टी के दो सांसद शामिल नहीं हुए। इसे लेकर कई तरह
के कयास लगाए जा रहे हैं।
वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने कथित ऑपरेशन टाइगर
की चर्चाओं पर
प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक
बुलाई है, जो एक नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया है।संजय राउत ने कहा,जिस तरह विधायकों की बैठकें होती हैं,
उसी तरह आज सांसदों
की बैठक बुलाई गई है। हमारे सभी सांसद बैठक में उपस्थित रहेंगे। जो सांसद किसी
कारणवश नहीं आ पाएंगे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
बैठक से जोड़ा जाएगा और उनसे चर्चा की जाएगी। संजय राऊत ने कहा कि मातोश्री में
आयोजित सांसदों की बैठक में पार्टी के सभी 9 सांसद शामिल हुए। इनमें से 4
सांसद मातोश्री में
शारीरिक रूप से मौजूद रहे, जबकि 5 सांसद ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े। राऊत ने बताया कि उस्मानाबाद के सांसद ओम राजे निंबालकर के
बेटे की तबीयत खराब है और वह पुणे के अस्पताल में भर्ती हैं,
इसलिए निंबालकर
ऑनलाइन शामिल हुए। शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार हैं और
अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए वह भी ऑनलाइन जुड़े। हिंगोली के सांसद नागेश पाटील आष्टीकर
अपने बेटे के विधानसभा चुनाव अभियान में व्यस्त होने के कारण ऑनलाइन शामिल हुए। यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के घर
बेटी का विवाह समारोह होने के कारण वह ऑनलाइन बैठक में जुड़े। संजय जाधव भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में
शामिल हुए।
सरकारी फंड घोटाले में सीबीआई ने 6 ठिकानों पर छापेमारी…
हरियाणा सरकार के 8
विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के 2
विभागों के फंड में गड़बड़ी सामने आई है।
चंडीगढ़ नगर निगम चंडीगढ़ और क्रेस्ट चंडीगढ़ के खातों में गड़बड़ी पाई गई है। सीबीआई
ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ लोक सेवकों के आवासों पर भी तलाशी ली। इस दौरान वरिष्ठ
अधिकारियों और कंपनी के ठिकानों पर रेड की गई। Vipam
Consultancy Pvt. Ltd. और उसके
निदेशक के परिसरों की भी जांच की गई। हरियाणा और चंडीगढ़ में 661
करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले में
सीबीआई ने 6 ठिकानों
पर छापेमारी की है। छापे चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में 6
परिसरों पर 6 जून को मारे गए। ये छापेमारी IDFC
First Bank और AU
Finance Bank के जरिए सरकारी
पैसों की कथित हेराफेरी से जुड़ी है। सीबीआई ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ
बड़ी
कार्रवाई की है। सीबीआई ने 3 आईएएस और 1 आईएफएस अधिकारी समेत कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर
छापेमारी की। जांच के अनुसार इस घोटाले में करीब 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी हुई।
सीबीआई पहले ही पंचकूला स्थित विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
चार्जशीट में हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और हरियाणा विद्यालय शिक्षा
परियोजना परिषद के अधिकारियों की भूमिका बताई गई है। जांच एजेंसी ने सरकारी धन को IDFC
First Bank और AU
Finance Bank के माध्यम से कथित
तौर पर निकालने के तरीके का भी खुलासा किया है। सीबीआई के मुताबिक
तीनों मामलों की जांच तेजी से जारी है और
मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी जल्द ही
सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ये कार्रवाई उस समय हुई है,
जब हाल ही में हरियाणा सरकार ने राज्य के
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति प्रदान
की थी। इसके बाद सीबीआई की टीम आईएएस अधिकारियों मोहम्मद शायिन,
पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार और आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार के ठिकानों तक पहुंची। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक
अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर सरकारी धन के अवैध डायवर्जन और गबन में भूमिका
निभाई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी विभागों के फंड को किस
तरह कथित रूप से अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने पांच अन्य आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति दे दी
है।
सोनिया गांधी और कांग्रेस उन्हें अध्यक्ष बनाना चाहती तो...गहलोत ने दोहराई होटल में बंद होने वाली कहानी
अशोक
गहलोत ने कहा, अगर
कांग्रेस और सोनिया गांधी मुझे कांग्रेस अध्यक्ष बनातीं, तो क्या मैं मना करूंगा? राजस्थान
सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने अशोक गहलोत के इस बयान पर रिएक्शन दिया है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि जब-जब सचिन पायलट का नाम किसी प्रतिष्ठित पद के लिए आगे
किया जाता है या संभावना बनती है तो अशोक गहलोत होटल में बंद होने वाली कहानी फिर
दोहरा देते हैं। सितंबर, 2022 में जब कांग्रेस नेतृत्व ने नए सीएम के नाम का
निर्णय करने के लिए जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई, तो गहलोत के समर्थक विधायकों ने इस मीटिंग का
बहिष्कार कर दिया था। कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक इंतजार ही करते रह गए,
लेकिन
गहलोत के समर्थक विधायक वहां नहीं
पहुंचे थे। इसके बाद, गहलोत गुट के लगभग 90 से ज्यादा विधायक शांति धारीवाल के घर पर जमा हुए
थे और वहां से ये सभी तत्कालीन स्पीकर सीपी जोशी के आवास पर गए और अपना इस्तीफा
सौंप दिया था। विधायकों ने मांग की थी कि राजस्थान का नया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
की पसंद का ही हो। इस खुले विद्रोह से कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बहुत नाराज हो
गया था। हालांकि, इसके बाद अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलकर घटना पर खेद
जताया था और इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी ली थी।
उसके बाद, अशोक गहलोत खुद कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से
बाहर हो गए थे। इसी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया
था। जोगाराम पटेल ने कहा, अशोक गहलोत प्रत्यक्ष तौर पर सचिन पायलट पर आरोप
लगाते हैं कि उन्होंने BJP के साथ मिलकर पार्टी तोड़ने की कोशिश की थी। अगर
उनकी सरकार में ऐसी कोई घटना हुई थी तो उन्होंने आज तक केस क्यों नहीं दर्ज कराया?
अशोक गहलोत खुद अपनी पार्टी में दरकिनार
हो चुके हैं इसलिए बिना किसी आधार पर ऐसे स्टेटमेंट देने के आदि हो चुके हैं।'
महंगाई पर नियंत्रण नहीं तो...राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी…NCP प्रमुख शरद पवार
राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि महंगाई के कारण देश भर के लोगों
को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाया
कि मूल्य वृद्धि नियंत्रण में है। एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बारे
में पूछे जाने पर पवार ने कहा, प्रधानमंत्री कहते हैं कि महंगाई को नियंत्रित
किया जा रहा है। यदि यही नियंत्रण है, तो इसका मतलब लोगों को किस्तों में झटके देना है।
इसके लिए जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भारतीय जनता
पार्टी (बीजेपी) पर महंगाई के संबंध में अपने पहले के रुख से पलटने का आरोप लगाया
और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अब आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के प्रति
वैसी चिंता नहीं दिखा रही है, जैसी उसने विपक्ष में रहते हुए दिखाई थी।
वडेट्टीवार ने कहा कि
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन के दौरान जब भी रसोई
गैस की कीमतें बढ़ाई जाती थीं, भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते थे,
लेकिन सत्ता में आने के बाद से ईंधन और
एलपीजी की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बावजूद वे चुप हैं। उन्होंने कहा कि
पिछले कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई
है और पेट्रोल, डीजल
एवं सीएनजी की कीमतों में भी हाल के वर्षों में कई बार संशोधन हुए हैं। दरअसल,देश में बढ़ती
महंगाई और घरेलू रसोई गैस (LPG) के दामों में बढ़ोतरी को लेकर शरद पवार ने केंद्र
सरकार की आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं की बार-बार बढ़ रही
कीमतों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसके लिए सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
































