लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बगैर धृतराष्ट्र कहा मैथिली ठाकुर ने…
मैथिली ठाकुर ने आगे
कहा, 2005 से पहले अंधे
धृतराष्ट्र देखना भी नहीं चाहते थे, क्योंकि उन्हें हस्तिनापुर की जगह दुर्योधन की
चिंता लगी रहती थी, लेकिन 2005 में सुशासन आया। मैथिली ने नीतीश कुमार की तुलना युधिष्ठिर से करते
हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ने बागडोर संभाली, तब यहां सुशासन आया। बिहार विधानसभा में शिक्षा
बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने महाभारत के उदाहरणों के जरिए
विपक्षी दल और पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार के पिछले 30
सालों के सफर को हस्तिनापुर की कहानी के
रूप में सुनाई। अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने लालू प्रसाद यादव का नाम लिए
बगैर धृतराष्ट्र कहा। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की अनुदान
मांगों पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का
रिपोर्ट कार्ड
पेश किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने
कक्षा 1 से 12
तक के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति
राशि को दोगुना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में सीधे (DBT
के माध्यम से) राशि भेजी जा चुकी है। इसके
अलावा, बिहार
की साइकिल और पोशाक योजना की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है और कई देशों ने इस
मॉडल को अपने यहां लागू करने में रुचि दिखाई है। मंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश
करते हुए बताया कि बिहार का विकास शिक्षा के बिना संभव नहीं है। बिहार अपनी कुल
जीडीपी का लगभग 20 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रहा है, जो 14 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। साल 2005
में जहां शिक्षा बजट महज 2400
करोड़ रुपये था, आज वह कई गुना बढ़कर राज्य की प्राथमिकता बन चुका
है।
दिल्लीवासियों के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप लांच
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा
गुप्ता ने सीएम जनसुनवाई पोर्टल व ऐप की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह
पोर्टल एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। इसी एक मंच पर दिल्ली नगर निगम
(एमसीडी), दिल्ली
विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से
जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इसकी कार्यप्रणाली को बेहद सरल रखा गया है ताकि
आम नागरिक बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपनी बात कह सके। सिस्टम के भीतर शिकायतों,
क्षेत्रों और विभागीय अधिकारियों की
मैपिंग पहले से ही कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद
उन्होंने पाया कि नागरिकों के पास अपनी समस्याएं दर्ज करने के लिए तो मंच थे,
लेकिन उनके समाधान की प्रभावी निगरानी की
कोई व्यवस्था नहीं थी। शिकायतें एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर होती रहती
थीं और आवेदक को यह पता ही नहीं चलता था कि समाधान कब और किस स्तर पर होगा। इसी
समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया गया
है। इसकी विशेषता बताते हुए कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को चार
माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) और मुख्यमंत्री कार्यालय के
माध्यम से ऑफलाइन
व्यवस्था। शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय प्रणाली लागू की गई है,
जिसमें जन शिकायत समाधान अधिकारी
(जेएसएसए), अपीलीय
प्राधिकार (एए) और अंतिम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिजिकल जनसुनवाई को भी
जारी रखा है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारियों को जनसुनवाई करने
के निर्देश दिए गए थे। लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब नागरिक कहीं से भी
अपनी समस्या दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ‘सिर्फ सुनने वाली नहीं, बल्कि समय पर समाधान देने वाली सरकार’
की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने
बताया कि प्रत्येक शिकायत के लिए एक यूनिक रेफरेंस आईडी जारी की जाएगी और
प्रक्रिया के हर चरण पर एसएमएस के माध्यम से अपडेट दिया जाएगा। नागरिकों को
रिमाइंडर भेजने और पूर्व में की गई शिकायतों को नई शिकायत से लिंक करने की सुविधा
भी उपलब्ध होगी। अगर समाधान से संबंधित फीडबैक नकारात्मक मिलता है तो मामला खुद ही
उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगा। पूरी व्यवस्था 100 प्रतिशत फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग पर आधारित होगी,
जिससे फील्ड स्तर पर अधिकारियों की
जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा में पारदर्शिता
और समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस),
वंचित समूह (डीजी),
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे
(सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के दाखिलों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया
है। पहले इस्तेमाल हो रहे पुराने और असुरक्षित सॉफ्टवेयर को हटाकर यह नया,
सुरक्षित और क्लाउड आधारित सिस्टम लागू
किया गया है। इसे शुरू करने से पहले इसकी पूरी तरह सुरक्षा जांच (ऑडिट) भी कराई गई,
ताकि डेटा सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी
तरह पारदर्शी हो। मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप,
कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवा पोर्टल के
माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन
प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरणा लेते हुए दिल्लीवासियों की
सुविधा के लिए इन पहलों की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य सरकारी
सेवाओं को पारदर्शी, सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर दिल्ली के नागरिकों को सशक्त बनाना
है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज…. गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न का आरोप
जगद्गुरु
रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद को मुश्किलों में
ला दिया है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में नाबालिग बच्चों के
यौन शोषण का आरोप लगाकार मामले को बढ़ा दिया है। उन्होंने 8
फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो
कोर्ट में शिकायत दायर की थी। इसमें उन्होंने कोर्ट में कहा था कि गुरुकुल की आड़
में वह बाल उत्पीड़न करते हैं। तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया
था। दो कथित नाबालिग पीड़ितों की ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए झूंसी थाने में
तहरीर दी गई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण का मामला
सामने आने से पोक्सो कोर्ट के
आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज
के झूंसी थाने
में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। FIR
में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद
ब्रह्मचारी का भी नाम शामिल है। एफआईआर दर्ज न होने पर 28 जनवरी को 173 (4)के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी।
एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने 21 फरवरी को अर्जी मंजूर करते हुए एफआईआर दर्ज करने
का आदेश दिया था। एडीजे पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर झूंसी थाना
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने अब इस मामले में की जांच शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से इस मामले में
पूछताछ कर सकती है।
टेक्नोलॉजी से लैस प्रोफेशनल टीम करेगी ट्रेनों में साफ-सफाई
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,सफाई की आवृत्ति को व्यस्त
और गैर-व्यस्त घंटों के आधार पर
विनियमित किया जाएगा और टेक्नोलॉजी की मदद से सफाई प्रक्रिया की निगरानी के लिए
निगरानी कक्ष स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सुधार के
क्रियान्वयन के लिए 80 ट्रेनों की पहचान की गई है और अनुभव के आधार पर इसे अन्य सभी ट्रेन में भी
लागू किया जाएगा। मंत्री ने एक अन्य सुधार की भी घोषणा की, जिसके तहत रेलवे भूमि पर
माल-संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेलवे
की माल ढुलाई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध अतिरिक्त रेलवे भूमि पर
गोदाम, ग्राइंडिंग यूनिट्स और प्रसंस्करण और समेकन
इकाइयों
के विकास की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कम उपयोग में आने वाले
गोदामों को गति शक्ति कार्गो टर्मिनल और सामान सुविधाओं के रूप में विकसित किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी
की ट्रेनों में साफ-सफाई बढ़ाने के लिए एक सुधार की शुरुआत की। इस सुधार के तहत टेक्नोलॉजी से
लैस प्रोफेशनल टीम की तैनाती की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि
जनरल क्लास समेत सभी डिब्बों की जरूरत के हिसाब से सफाई की जाएगी। ये काम तैनात
सर्विस प्रोवाइडर के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करके तथा
यात्रियों की उम्मीदों से ज्यादा प्रदर्शन करने वाली पेशेवर, अनुशासित और सक्रिय टीम को
जोड़कर किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा क्लीन ट्रेन स्टेशन योजना के तहत ट्रेन की सफाई
उनके रूट में निर्धारित स्टेशन पर की जाती है। उन्होंने कहा कि नए सुधार के तहत अब
ट्रेनों में सवार ट्रेन्ड कर्मियों द्वारा यात्रा के दौरान हर घंटे या जरूरत पड़ने
पर सफाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगरानी, फीडबैक और प्रदर्शन प्रबंधन
प्रौद्योगिकी की मदद से वास्तविक समय के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन
सेवाओं में सभी कोच, शौचालयों और बेसिन की सफाई, कचरा संग्रहण, मामूली मरम्मत का काम, जरूरत के हिसाब से पानी भरवाने का समन्वय और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की
जांच और जानकारी देना शामिल होगा। ये काम प्रशिक्षित पर्यवेक्षकों और सेवा
कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
“एंड ऑफ लाइफ व्हीकल्स” बिना नोटिस जब्त और स्क्रैप कर दिए जाएंगे...
दिल्ली परिवहन विभाग ने पुरानी गाड़ियों को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की
है। इस सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि समयसीमा समाप्त हो चुके किसी भी पुरानी
गाड़ी को बिना किसी पूर्व सूचना के जब्त कर लिया जाएगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने
सूचना में कहा है कि अगर आपकी गाड़ी अपनी समयसीमा को पार कर गई है तो उसे जब्त कर
लिया जाएगा, चाहे वह सड़क पर चल रही हो, या बेशक पार्किंग या किसी
अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ही क्यों न खड़ी हों। दिल्ली परिवहन विभाग के नोटिस में
कहा गया है, दिल्ली के सार्वजनिक
स्थानों पर चल रहे या खड़े BS-3 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले पुराने वाहनों को कानून के अनुसार बिना
किसी
पूर्व सूचना के जब्त कर कबाड़ कर दिया जाएगा। ऐसे वाहन मालिकों को अपनी
गाड़ियां शहर से बाहर स्थानांतरण के लिए एनओसी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों
ने कहा कि समयसीमा समाप्त कर चुके वाहनों को दिल्ली से हटाने के लिए जल्द ही एक
नया अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली परिवहन विभाग के इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय
राजधानी में वायु प्रदूषण के मानदंडों को सख्ती से लागू करना है। 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल
गाड़ी और 15 साल से ज्यादा पुरानी
पेट्रोल गाड़ी 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल्स' (EOV) की श्रेणी में आते हैं।
दिल्ली परिवहन विभाग ने अपने नोटिस में ईओवी के मालिकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने और अपनी
गाड़ियों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ट्रांसफर करने के लिए कहा है।
महिला के साथ गैंगरेप,विपक्षी पार्टी को वोट देने पर
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के चेयरमैन शफीकुर रहमान ने घटना की
कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, मैं वाकई शब्दों की कमी
महसूस कर रहा हूं। हातिया, नोआखाली में, तीन बच्चों की 32 वर्षीय मां ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नेशनल सिटीजन पार्टी को वोट दिया था, इसके बदले उनके साथ
बलात्कार किया गया। शफीकुर रहमान ने लिखा है कि शिकायत के अनुसार शुक्रवार, 13 फरवरी को रात करीब 11:00 बजे चानंदी यूनियन के वार्ड
नंबर 9 में धनशिदी आश्रयन
प्रोजेक्ट में कई व्यक्ति उनके घर में घुसे, उनके पति को बांध दिया और
उन पर हमला किया। कथित तौर पर इस पार्टी (एनसीपी) को वोट देने का आरोप लगाते
हुए महिला का पति के सामने ही गैंगरेप किया। घटना के बाद महिला को शनिवार दोपहर
नोआखाली जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ.
मुस्तफिजुर
रहमान ने घटना की पुष्टि की है।
महिला का इलाज चल रहा है। पुलिस को सूचित कर दिया गया है। शफीकुर रहमान ने आगे लिखा
कि पूरे अपने अभियान के दौरान, मैंने वादा किया था कि बदले की राजनीति नहीं होगी और कानून का शासन वैकल्पिक
नहीं, बल्कि आधारभूत है। जो
रिपोर्ट आई है,
वह राजनीति नहीं है, यह कानूनहीनता है और इसे
तुरंत रोकना होगा। इस देश के हर नागरिक को बिना किसी डर, धमकी या हिंसा के स्वतंत्र
रूप से वोट देने और अपनी पसंद चुनने का पूर्ण अधिकार है।
यह अधिकार पवित्र है और
किसी व्यक्ति,
समूह या पार्टी को इसे
प्रयोग करने के लिए किसी को सजा देने का कोई अधिकार नहीं है। शफीकुर रहमान ने लिखा,मैंने पीड़िता और उनके
परिवार से सीधे बात की है और जो उन्होंने सहा है, उससे मैं गहराई से दुखी
हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन को सबसे मजबूत
शब्दों में यह संदेश दूंगा कि उनकी पार्टी के
सदस्यों से ऐसी हरकतों को रोकने के लिए बहुत अधिक प्रयास करने होंगे। नेतृत्व में
अनुशासन और जवाबदेही की मांग होती है। हम ऐसी संस्कृति को पनपने नहीं देंगे जहां
नागरिकों को कानून के बाहर खुद की रक्षा करनी पड़े। हमारे संस्थानों के माध्यम से
दृढ़ता से, तेजी से और बिना किसी डर या
पक्षपात के न्याय दिया जाना चाहिए।गौरतलब है की बांग्लादेश में विपक्षी
पार्टी को वोट देने पर 32 वर्षीय एक महिला के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। 3 बच्चों की मां का उसके पति
को रस्सी से बांधकर सामने ही गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। इस दिल दहला देने
वाली घटना ने बांग्लादेश में एक बार फिर दहशत का माहौल कायम कर दिया है। पीड़ित
महिला ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। यह घटना हातिया, नोआखाली में घटित हुई है।
आरोप है कि नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार को वोट देने पर महिला के साथ
जघन्यतम तरीके से गैंगरेप किया गया।
50 रुपये में झाड़ा लगाकर शुगर,बीपी, माइग्रेन,कैंसर हर बीमारी को ठीक करने का दावा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साध्वी के यहां झाड़ा लगवाने से पहले बाकायदा 50 रूपये की पर्ची काटी जाती
है। पर्ची कटवाने के बाद यहां लोगों को लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
हैरानी की बात ये है कि इस आडंबर में पुलिस प्रशासन भी अपनी डयूटी देकर साध्वी का
सहयोगी कर रहे हैं। यहां 50 रूपये में हर बीमारी के इलाज का दावा किया जा रहा है। लोगों की बीमारी ठीक हो
न हो, लेकिन शाम तक साध्वी का बैग
जरूर पैसों से भर जाता है। साध्वी का नाम कमल दीप्ति बताया जा रहा है। दरअसल,
हरियाणा के जीन्द यहां मात्र 50 रुपये में बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं
यहां दूर-दूर से लोग पहुंच भी रहे हैं, जिसका सबूत यहां लगनी वाली
लंबी-लंबी कतारें हैं। यहां ऐतिहासिक पांडू पिंडारा तीर्थ पर एक
साध्वी झाड़ा लगाकर हर बीमारी को ठीक करने का दावा कर रही हैं। ऐसा कहा जा रहा है
कि विभिन्न राज्यों से लोग अपनी-अपनी बीमारी को ठीक करवाने के लिए यहां हर रोज आ रहे हैं। यहां पर शुगर से लेकर
बीपी, माइग्रेन और कैंसर तक के
मरीज अपना इलाज करवाने पहुंच रहे हैं। साध्वी का कहना है कि यहां
पर कई राज्यों के लोग झाड़ा लगवाने आते हैं। एड़ी से चोटी तक कोई भी बीमारी हो
सबका वे झाड़ा लगाती हैं। पहले वे एक दिन झाड़ा लगाती थीं, लेकिन अब लगातार बढ़ रही
भीड़ को देखते हुए सप्ताह में तीन दिन झाड़ा लगाया जा रहा है। उनके यहां अब 60 आदमियों का स्टाफ है। झाड़ा
लगवाने आए मरीजों का कहना है कि उन्हें झाड़ा लगवाने के बाद बीमारी से काफी राहत
मिली है।
CCTV कैमरों से लैस नागपुर में 50 ई बसे उतरी सड़कों पर
पीएम मोदी ने ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें से 5 बसें नागपुर के लिए भी शुरू
की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत
वातानुकूलित बसों का वर्चुअल लोकार्पण गुवाहाटी से किया। यह बसें नागपुर के कोराडी
और खपरी डिपो से शहर के 11 प्रमुख मार्गों पर चलेंगी।
महाराष्ट्र के राजस्व
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में 50 ईबसों के संचालन के लिए
प्रधानमंत्री का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर में यह पहली
खेप पहुंच गई है और इसी तर्ज पर पूरे महाराष्ट्र में पीएम-ईबस सेवा शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नागपुर महानगरपालिका को इस तरीके की 150 बसें उपलब्ध
कराई जाएंगी।
इस मौके पर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, नागपुर की मेयर, डिप्टी मेयर, नागपुर के सभी विधायकों ने
भी इस बस में बैठकर सवारी की। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया
कि जो बसें आज नागपुर महानगरपालिका को दी गई हैं, ये सभी मात्र 30 मिनट में चार्ज होकर 225 किलोमीटर चलने में सक्षम
हैं। साथ ही साथ इसके टिकट की दर भी काफी कम है। इस बस में दिव्यांगों के लिए
रैम्प बना हुआ है। दिव्यांग अपनी व्हीलचेयर के साथ सीधे बस में प्रवेश कर सकते
हैं। इन बसों में पांच सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। बस में आने-
जाने वाले हर यात्री पर CCTV कैमरों की निगरानी रहेगी। इसके अलावा बस में आने वाले यात्रियों की काउंटिंग
के लिए मशीन भी लगी है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि टिकटों में होने वाली
धांधली इससे रुक जाएगी।
AI टूल्स का इस्तेमाल,न्यायिक कार्यवाही में…
एडमिनिस्ट्रेटिव
जज अरूण कुमार देशवाल की मौजूदगी में संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई न्यायिक
कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आनी AI टूल्स के जरिए से हुई,
जिसमें एसआई
राजीव कुमार का बयान दर्ज किया गया। ये AI उपकरण गवाहों के बयान को तत्काल
रिकॉर्ड करके प्रिंट कर देता है, इसके माध्यम से पारदर्शिता बढ़ गई है।
साथ ही बयान से छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो गई है। इससे समय की भी बचत होती है। जिला जज के कोर्ट में
एडमिनिस्ट्रेटिव जज की उपस्थिति में पिछले साल 24 नंवबर को संभल हिंसा में घायल हुए SI राजीव कुमार की गवाही हुई। इसी के साथ
AI टूल्स के माध्यम से सुनवाई करने वाला उत्तर
प्रदेश के पहला जिला संभल बन गया। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित का कहना है
कि संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले में 24
नंवबर,
2024 को
संभल में हिंसा हुई थी। इस हिंसा के दौरान 4 लोगों की मौत हुई थी और कई पुलिस वाले
घायल हुए थे। इनमें SI राजीव कुमार भी शामिल थे,जिनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ था। जिला
जल की कोर्ट में मुकदमा अपराध संख्या 340/24 सरकार बनाम मुल्ला अफरोज के मुकदमे में
सुनवाई चल रही है और इसी केस में AI के जरिए SI राजीव कुमार की गवाही करवाई गई। इस
मुकदमे में आरोपी मुल्ला अफरोज की तरफ से एडवोकेट आशिफ अली और अभियुक्त गुलाम की
ओर से एडवोकेट आरिफ ने बहस की।
RSS पैरामिलिट्री ऑर्गेनाइजेशन नहीं,पॉपुलैरिटी,पावर नहीं चाहिए,संघ यात्रा के 100 वर्ष-नए क्षितिज कार्यक्रम पर बोले मोहन भागवत
मोहन
भागवत ने कहा, फिर से गुलामी नहीं आएगी इस बात की
गारंटी क्या है? हमारे समाज में कमी है, हम में एकता नहीं है। हमारा समय लग गया
एक काम में लेकिन किस को एक काम को करना है। सब अच्छे कामों की पूर्णता जिससे होगी,
वो करने का काम
संघ है। बीजेपी संघ की पार्टी नहीं है, संघ के स्वयंसेवक उसमे हैं। सम्पूर्ण
समाज को संगठित करने के अलावा संघ को कोई दूसरा काम नहीं करना है। वो सब करेंगे,
वो स्वयंसेवक का
काम है। संघ को लोकप्रियता नहीं चाहिए। भागवत ने कहा, संघ को देखना है तो संघ की शाखा जाइए। संघ को समाज में अलग संगठन खड़ा
नहीं करना है, क्योंकि संघ का पहला सिद्धांत है कि देश के भाग्य में परिवर्तन तब
आता है जब उसका पूरा समाज एकजुट बनता है। जो आज हमारा विरोध करते हैं,
वो भी इसी समाज
का एक अंग हैं, उनको भी हमें संगठित करना ही है। हमको सबको संगठित करना है। महाराष्ट्र के मुंबई में राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ के संघ यात्रा के 100 वर्ष-नए क्षितिज
कार्यक्रम का
आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ को
दूर से देखेंगे तो गलतफहमी होगी। उन्होंने कहा, संघ के स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं
लेकिन आरएसएस पैरामिलिट्री ऑर्गेनाइजेशन नहीं है। उन्होंने कहा,संघ के स्वयंसेवक लाठी काठी सीखते हैं,
लेकिन यह अखिल
भारतीय अखाड़ा नहीं है। संघ में घोष की धुन बजती है, व्यक्तिगत गीत होते हैं,
संगीत होता है,लेकिन
संघ अखिल भारतीय संगीतशाला नहीं है। संघ के स्वयंसेवक राजनीति में भी हैं लेकिन
संघ राजनीतिक पार्टी नहीं है।
उन्होंने कहा,संघ का जो काम है,
संघ के लिए नहीं
है। पूरे देश के लिए है, भारतवर्ष के लिए है। संघ किसी दूसरे
संगठन के कंपटीशन में नहीं निकला है, संघ किसी एक विशेष परिस्थिति की,
रिएक्शन में
प्रतिक्रिया में नहीं चला है, संघ किसी के विरोध में नहीं चला है,
हमारा काम है कि
किसी का विरोध किए बिना काम करें। संघ को पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए,
संघ को पावर
नहीं चाहिए। मोहन भागवत ने कहा,संघ को देखना है तो संघ की शाखा देखिए,
संघ के
कार्यकर्ताओं के घर-परिवार देखिए। संघ को समाज में अलग संगठन खड़ा नहीं करना है,
प्रेशर ग्रुप
खड़ा नहीं करना है। भाग्य का परिवर्तन देश के समाज के कारण होता है,
जितने देश बड़े
हुए, कुछ
नीचे भी गिर गए, पुरानी बात नहीं कर रहा,आधुनिक बात कर रहा हूं,
अमेरिका है,
ब्रिटेन है,
फ्रांस है,
चीन है,जर्मनी है, इन सब के उत्थान पतन का 100
वर्ष का इतिहास
देख लीजिए, उस पर पुस्तक भी मिलेगी, आपको ध्यान में आएगा वहां का समाज
तैयार हुआ,उसको पहले तैयार किया गया,बाद में उसका उत्थान हुआ। मोहन भागवत
ने कहा, सबका सम्मान करो, सबका स्वीकार करो,
अपनी श्रद्धा पर
पक्के रहो, दूसरे की श्रद्धाओं का सम्मान स्वीकार करो, मिलजुल कर रहो, यह मुख्य बात है। हिंदुस्तान का स्वभाव
सनातन है। भारत धर्म प्राण है, वह जानता है कि सब कुछ एक है,
सबको साथ में
चलना है, किसी को छोड़ना नहीं है।
कोलेस्ट्रॉल किन वजहों से बढ़ता है ,कैसे कंट्रोल होगा कोलेस्ट्रॉल?
बैड
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह गलत खानपान है। ज़्यादा तला-भुना,
फास्ट फूड,
बेकरी आइटम,
रेड मीट और
ट्रांस फैट से भरपूर चीज़ें LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती हैं। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि की कमी भी एक बड़ा
कारण है। लंबे समय तक बैठकर काम करना और एक्सरसाइज़ न करना शरीर में फैट जमा करता
है। तनाव,
नींद की कमी,
धूम्रपान और
शराब का अधिक सेवन भी कोलेस्ट्रॉल को असंतुलित कर सकते हैं। कुछ मामलों में
आनुवांशिक कारण और उम्र बढ़ना भी इसके लिए ज़िम्मेदार होते हैं। कुछ आसान बदलावों
से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। अगर परिवार में कोलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री है तब
भी यह समस्या हो सकती है भले ही
आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हों। यह आनुवंशिक
स्थिति लिवर को खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को साफ करने से रोकती है,
जिससे कम उम्र
में ही नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए
सेचुरेटेड फैट जैसे घी, मक्खन, फुल फैट डेयरी और ट्रांस फैट का सेवन
करने से बचें। फाइबर युक्त भोजन (ओट्स, बीन्स, फल, सब्जियां) खाएं,
नियमित व्यायाम
करें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, और धूम्रपान छोड़ें। मछली,
मेवे,
और सोया उत्पाद
लाभदायक हैं। खाना पकाने के लिए सीमित मात्रा में हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल करें।
रोज़ाना कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, योग या कोई भी फिज़िकल एक्टिविटी ज़रूर
करें। तनाव कम करने के लिए ध्यान और प्राणायाम अपनाएं, पर्याप्त नींद लें और धूम्रपान से दूरी
बनाएं.
जब मुंछ भी नहीं आई थी, तब सीबीआई और ईडी का केस करवा दिया,हमारी तो भ्रूण हत्या कराई जा रही थी...तेजस्वी
RJD नेता
तेजस्वी यादव पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद आज पार्टी कार्यालय में
पहुंचे, जहां उनका भव्य अभिनंदन किया गया। तेजस्वी यादव ने कहा,पार्टी और लालू प्रसाद यादव की
विचारधारा के लिए काम करने वाले लोगों को अब चुप रहने की जरूरत नहीं है। कोई भी
गाली देगा तो चुप मत रहिए। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जैसा करोगे,
वैसा भरोगे।
मुझे किसी तरह की हड़बड़ी नहीं है। अभी इनका समय है, लेकिन हमारा दौर भी आएगा। राजद जनता की
आवाज लगातार उठाती रहेगी और अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। तेजस्वी ने कहा,हमारी तो भ्रूण हत्या कराई जा रही थी।
जब मुंछ भी नहीं आई थी, तब सीबीआई और ईडी
का केस करवा दिया
गया। नीतीश जी को भाजपा के साथ जाना था, उनको हमें हटाने का कोई मौका नहीं मिल
रहा था। तब मुकदमा करा दिया गया। तेजस्वी ने कहा,मुझे सबसे युवा डिप्टी सीएम बनने का
सौभाग्य प्राप्त हुआ। चाचा जी पलट गए तब नेता प्रतिपक्ष बने। राजद में मुझे
इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है, अब लालू यादव का सपना साकार करना है।
बूथ लेवल तक संगठन को मजबूत करना है। मेरा सपना है कि RJD को फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
मिले। तेजस्वी ने कहा,होली के बाद वे पूरे बिहार का दौरा
करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करेंगे। नीतीश कुमार सिर्फ अधिकारियों के
मुख्यमंत्री रहेंगे।
वह लीडर नहीं बन सकते। बिहार में अगर कोई लीडर है तो वह लालू
प्रसाद हैं। NDA नेताओं का एकमात्र काम 24 घंटे लालू प्रसाद और तेजस्वी को गाली
देना है। इस समारोह के दौरान तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा और भविष्य
की राजनीति को लेकर अपनी बात रखी। इस मौके पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल,
अब्दुल बारी
सिद्दीकी, अवध बिहारी चौधरी, आलोक मेहता समेत अन्य नेता व
कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सोशल मीडिया के ठग,21 बैंक अकाउंट, 31 फोन,'ऑपरेशन म्यूल अकाउंट' के तहत एक बड़ी कार्रवाई...
पुलिस
ने अहमदाबाद के निकोल इलाके में छापेमारी कर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने
वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुजरात के अरावली जिला साइबर क्राइम पुलिस
ने 'ऑपरेशन
म्यूल अकाउंट' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में भारी
मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत कर्नाटक से हुई, जहां से अरावली के भिलोदा में एक बैंक
खाते में मात्र 2,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस संदिग्ध
ट्रांजेक्शन के बाद जांच हुई, तो परत दर परत 1.31
करोड़ रुपये की
बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा होता चला गया। पुलिस
ने निकोल में की गई इस छापेमारी के दौरान
तकनीकी उपकरणों और नकदी का बड़ा जखीरा
जब्त किया है। पुलिस ने 21 बैंक अकाउंट, 31 मोबाइल समेत 24 लाख रुपये कैश जब्त किए। इसके अलावा,
पैसे गिनने की
मशीन और 20 क्रेडिट कार्ड एवं 150 ग्राम चांदी जब्त की गई। साइबर क्राइम ने राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ
में सामने आया कि ये अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सस्ते मोबाइल फोन के
लुभावने विज्ञापन देते थे। जब लोग झांसे में आकर पैसे भेजते,
तो वे राशि सीधे
अपने पास मंगाने के बजाय म्यूल अकाउंट (दूसरों के किराए के खाते) में मंगवाते थे। आरोपियों
ने खुलासा किया कि वे इन खातों का उपयोग करने के बदले खाताधारकों को 10%
कमीशन देते थे।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार कहां से जुड़े हैं और अब तक
कितने लोग इनके शिकार हो चुके हैं।





























