पेपर लीक,युवाओं को रोजगार क्यों नहीं..?सिस्टम को अंधभक्त चाहिए…छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी
इंपॉर्टेंट क्वालिटी, स्टूडेंट ईमानदार होते हैं, ईमानदारी से काम करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र किसी बात को सिर्फ इसलिए नहीं मानता, क्योंकि उसे ऐसा बताया जाता है। छात्र उसकी वजह जानना चाहता है। राहुल ने कहा, सिस्टम ऐसे लोगों को बढ़ावा देता है जो जवाब मांगने की जगह हर बात को मान लेते हैं। आज का स्टूडेंट पूछता है कि स्कूल-कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों है, पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा। उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं, उनके बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। छात्रों की गूंज कार्यक्रम में एक छात्रा ने राहुल गांधी को बताया कि मध्य प्रदेश में सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद उनके जैसे कई अभ्यर्थी परेशान हैं, क्योंकि 13 प्रतिशत नियुक्तियां कानूनी विवाद के चलते रोक दी गई हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के ही देवास के एक छात्र ने राहुल गांधी से कहा कि एमपीपीएससी में अनियमितताओं को उजागर करने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया था। इंदौर में छात्रों की गूंज अभियान का ये पांचवां संस्करण है। बता दें कि इसकी शुरुआत राहुल गांधी ने कोटा से की थी, राहुल इससे पहले देहरादून, दिल्ली, प्रयागराज और पुणे में भी छात्रों की गूंज कार्यक्रम कर चुके हैं।
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1,158 LPG रेगुलेटर 730 हेलमेट,नकली ISI मार्क वाले गिरोह का भंडाफोड़....
तलाशी ली। इस कार्रवाई में 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए गए। यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में की गई। जब्त किए गए सभी उत्पादों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए BIS के कब्जे में ले लिया गया है। BIS ने कहा कि संबंधित फर्मों के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों क तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि BIS अधिनियम, 2016 की धारा 29 के तहत पहली बार किए गए उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा या कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना, जो संबंधित माल की कीमत के दस गुना तक बढ़ सकता है, या दोनों का प्रावधान है। BIS ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कोई भी ISI मार्क वाला उत्पाद खरीदने से पहले उसकी BIS प्रमाणिकता और लाइसेंस की जानकारी BIS CARE App के माध्यम से जरूर जांचें। यदि किसी उत्पाद पर ISI मार्क के गलत इस्तेमाल का संदेह हो, तो इसकी शिकायत BIS CARE App या [gzbo@bis.gov.in] पर की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।


























