12वीं कक्षा तक पढ़ाई मेडिकल लाइसेंस नहीं,5 फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट 6 और 8 ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर शहर में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे पांच डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और फिर जिनके पास BHMS डिग्री थी, उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया, उनके क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां भी सीज कर ली। इनमें चार क्लीनिक देवनार के जाकिर हुसैन नगर और गोवंडी इलाके में, जबकि एक क्लीनिक नौपाड़ा-बांद्रा पूर्व इलाके में स्थित थी। पुलिस के मुताबिक, ये कथित डॉक्टर बिना आवश्यक मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के मरीजों की जांच और उनका इलाज कर रहे थे। इनमें से कोई भी महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं था। पुलिस के अनुसार, सभी क्लीनिक सामान्य मेडिकल सेंटर की तरह संचालित किए जा रहे थे। गोवंडी स्थित आयशा क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. मेहमूद आलम को BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) बताया गया था। बोर्ड पर अन्य योग्यताएं और रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज था। गोवंडी के ही गायत्री क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. ए.के. दुबे को 
BHMS फैमिली फिजिशियन बताया गया था। बोर्ड पर सुबह और शाम मरीजों को देखने का समय भी लिखा हुआ था। इन्हीं दो डॉक्टरों को नोटिस देकर पुलिस ने छोड़ा और आगे से केवल होम्योपैथिक दवाएं ही रखने की हिदायत दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1,19,324 रुपये कीमत की विभिन्न दवाएं और मेडिकल सामग्री जब्त की। इसमें अलग-अलग प्रकार के इंजेक्शन की बोतलें, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, ब्लड शुगर जांच मशीन, नेब्युलाइजर और अन्य मेडिकल सामान शामिल हैं। सगीर अहमद अब्दुल माजिद हाशमी (39) - डॉ. सगीर क्लीनिक (गिरफ्तार) अखिलेश कुमार देवेंद्र कुमार दुबे (47) - गायत्री क्लीनिक (नोटिस) मेहमूद आलम मोहम्मद शरीफ शेख (36) - आयशा क्लीनिक (नोटिस) केशव प्रसाद कुद्दूर पटेल (56) - पटेल क्लीनिक (गिरफ्तार ) मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) - आफताब खान क्लीनिक इस पर सबसे गंभीर आरोप सबसे गंभीर आरोप बांद्रा पूर्व में मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) द्वारा संचालित क्लीनिक को लेकर सामने आए हैं। पुलिस ने जिस वक्त क्लीनिक पर छापा मारा। उस समय चार मरीज इलाज के लिए इंतजार कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान खान ने बताया कि उसने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके पास कोई मेडिकल योग्यता नहीं है। पुलिस ने बताया कि उसने महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन और ऑल इंडिया आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा जारी होने का दावा करने वाले कुछ मेडिकल प्रमाणपत्र पेश किए। पुलिस को इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का संदेह है। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ देवनार और निर्मल नगर पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं
16 August 2026
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लगातार 150 थप्पड़ मारकर बचाई छोटे भाई की जान जाने क्या है पूरा मामला...?

21 वर्षीय युवक को होश में रखने के लिए उसके बड़े भाई ने लगातार थप्पड़ मारे, जबकि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाकर उसे नया जीवन दिया। दरअसल,हरदोई में एक युवक को एक जहरीले सांप ने डस लिया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। लेकिन भाई ने  उसे सोने से बचाने के लिए लगातार थप्पड़ मारकर जगाए रखा तो वहीं डॉक्टर उसे एक के बाद एक एंटी वेनम डोज देते। समय पर मिली मदद, डॉक्टरों की सूझबूझ और बड़े भाई के प्रयासों से उसकी जान बचाई जा सकी। घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर की है। आकाश नामक व्यक्ति डेयरी चलाते हैं। शनिवार दोपहर उनके छोटे भाई अरुण (21) खेत में उनके लिए पानी लेकर गए थे। दोपहर करीब 2 बजे जब अरुण ने घास की बोरी उठाई, तो वहां छिपे एक सांप ने उन्हें डस लिया। अरुण के चीखने पर आकाश तुरंत उन्हें सड़क की ओर लेकर भागे और एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अरुण की हालत तेजी से बिगड़ रही थी। 
इसी दौरान प्रगति नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिवम ने दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और बिना देर किए उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टर ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि मरीज को किसी भी कीमत पर सोने न दिया जाए। डॉक्टर के निर्देश का पालन करते हुए बड़े भाई आकाश ने अरुण को होश में रखने के लिए लगभग 150 थप्पड़ मारे, ताकि वह जागते रहे और उनकी हालत पर नजर रखी जा सके। डॉ. शेर सिंह के मुताबिक आमतौर पर सांप के काटने पर पांच इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन अरुण के शरीर में जहर के गंभीर प्रभाव को देखते हुए दो घंटे के भीतर कुल 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए गए। डॉक्टर ने बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज का सो जाना जानलेवा हो सकता है, क्योंकि इससे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) अवरुद्ध होने और सांस की नली में उल्टी फंसने का खतरा रहता है।
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RSS को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं….

बेंगलुरु की शिवाजीनगर और चामराजपेट विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कहा कि पिछले दो दशकों में वहां किसी भी राजनीतिक दल का कोई हिंदू उम्मीदवार नहीं जीता है। उन्होंने राजनीतिक दलों को चुनौती दी कि वो अगले चुनाव में ऐसे उम्मीदवार उतारें। उन्होंने कहा,हिंदू बहुमत में क्यों रहें? किसी को हराने के लिए नहीं, हिंदू बहुमत में इसलिए रहने चाहिए, क्योंकि भारत को भारत बने रहना चाहिएबीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने RSS का रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही थी। बी.एल.संतोष ने कहा कि RSS को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संगठन 
लाखों लोगों के भरोसे के दम पर काम करता रहा है। हिंदू जागरण वेदिके द्वारा आयोजित अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतोष ने दावा किया कि बंटवारे के समय RSS हिंदुओं के साथ खड़ा रहा और बिना किसी औपचारिक रजिस्ट्रेशन के काम करता रहा। उन्होंने कहा कि उस समय भी RSS रजिस्टर्ड नहीं था और आज भी नहीं है। रजिस्ट्रेशन से इसका अस्तित्व तय नहीं होता, यह लाखों लोगों के भरोसे से चलने वाला संगठन है।
बी.एल.संतोष ने कहा कि देश की आजादी हजारों क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली थी, न कि सिर्फ नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से न्होंने कहा,हमें आजादी इसलिए मिली, क्योंकि लाखों देशभक्त युवक-युवतियों और सैनिकों ने अपनी जान दांव पर लगाकर लड़ाई लड़ीमदन लाल ढींगरा, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 80वें साल का जश्न मनाते समय उनके बलिदानों को याद किया जाना चाहिए। बीजेपी महासचिव ने कहा कि आजादी हमें किसी ने तोहफे में नहीं दी थी, अंग्रेजों ने हमें बस ऐसे ही आजादी नहीं दे दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी इलाके में हिंदू आबादी घटने से भारत के साथ जुड़ाव की भावना कमजोर हो जाएगी।  उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भी हिंदू आबादी घटती है, वहां देश-विरोधी भावना पनपने लगती है।
15 August 2026
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सोनिया गांधी द्वारा वंदे मातरम् के अपमान पर घिरी कांग्रेस दी सफाई

सरकार की ओर संसद में प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल हॉनर( अमेंडमेंट) बिल 2026 को इसी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में 29 जुलाई और लोकसभा में 30 जुलाई को पारित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत अतिरिक्त कानूनी संरक्षण मिला है। नए प्रावधानों के तहत वंदे मातरम् के गायन का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है। इस तरह राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण के मामले में राष्ट्रीय गान के बराबर लाने की कोशिश की गई है। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में हुए आयोजन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरा वंदे मातरम् गाने पर सवाल उठाए और रोकने की कोशिश कीअब इस मामले पर कांग्रेस की सफाई देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के इन आरोपों को गलत बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया हैजयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् गाने से नहीं रोका था बल्कि वह मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने की बात कर रही थीं, जो कि बहुत देर से खड़े थे 
भाजपा का यह यह आरोप पूरी तरह गलत है कार्यक्रम में नए कानून के मुताबिक पूरा वंदे मातरम् गाया गया और किसी ने रोका नहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सफाई पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआजयराम रमेश पार्टी का कहना है कि वंदे मातरम् का गायन कार्यक्रम में किया गया और इसे रोकने का कोई सवाल ही नहीं था कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर बनाए गए प्रोटोकॉल और नए कानून के तहत जिस तरह गायन होना था, उसी के अनुसार कार्यक्रम आगे बढ़ा सोशल मीडिया पर एजेंडे के तहत बीजेपी के तरफ से फैलाए गए वीडियो के एक हिस्से को आधार बनाकर सोनिया गांधी या राहुल गांधी पर वंदे मातरम् रोकने का आरोप लगाना सही नहीं हैसरकार ने वंदे मातरम् के गायन को लेकर नया प्रोटोकॉल भी जारी किया है गृह मंत्रयालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों की बजाय सभी छह छंदों वाला पूरा संस्करण (अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड) गाना अनिवार्य कर दिया गया है नए नियमों के तहत कुछ औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान से पहले या बाद में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार बजाने/गाने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया
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क्या है 60 दिन का अमेरिकी H-1B वीजा ग्रेस पीरियड ?

अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है या उसे कंपनी से निकाल दिया जाता है, तो उसे अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए 60 दिन का ग्रेस पीरियड यानी मोहलत मिलती है। इस 60 दिन के समय में वह कर्मचारी,किसी नई कंपनी में नौकरी खोज सकता है, जो उसके वीजा को स्पॉन्सर कर सके। अपने वीजा की कैटेगरी बदल सकता है (जैसे स्टूडेंट वीजा या टूरिस्ट वीजा में) या फिर अपने देश वापस लौटने की पूरी तैयारी कर सकता है। यह नियम साल 2017 में लागू किया गया था। यह सिर्फ H-1B तक सीमित नहीं है, बल्कि L-1, O-1, E-1, E-2, E-3, H-1B1 और TN वीजा धारकों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों पर भी लागू होता है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने 60 दिन के इस सुरक्षा कवच को खत्म करने का एक नया प्लान तैयार किया है। इस प्रस्ताव को समीक्षा के लिए व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) के पास भेज दिया गया 
है। यह कदम ट्रम्प प्रशासन की उस बड़ी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत H-1B प्रोग्राम को और अधिक सख्त बनाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी सरकार का तर्क है कि इस वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग किया जा रहा है और इसके जरिए अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छीनी जा रही हैं। इस संभावित बदलाव की सबसे बड़ी मार भारतीयों पर ही पड़ेगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सबसे ज्यादा H-1B वीजा भारतीयों को ही मिलते हैं। साल 2024 में मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में से 71% हिस्सा अकेले भारतीयों का था। 

फिलहाल 52 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग अमेरिका में रह रहे हैं। अगर 60 दिन की मोहलत खत्म हो जाती है, तो नौकरी जाने की स्थिति में भारतीय कर्मचारियों को लगभग तुरंत ही देश छोड़ना पड़ेगा। उनके पास नया स्पॉन्सर खोजने या वीजा ट्रांसफर कराने का कोई समय नहीं बचेगा, जब तक कि इमिग्रेशन अधिकारी कोई विशेष छूट न दें। अगर आप या आपका कोई जानने वाला अमेरिका में है, तो फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है। प्रस्ताव अभी OMB के पास रिव्यू होने के लिए भेजा गया है। जब वहां से इसे मंजूरी मिल जाएगी, तब इसे फेडरल रजिस्टर में पब्लिश किया जाएगा। इसके बाद आम जनता को इस पर अपनी राय देने के लिए 30 से 60 दिन का समय दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही DHS इस नियम को अंतिम रूप देकर लागू कर सकता है यानी अभी 60 दिन का ग्रेस पीरियड पूरी तरह से एक्टिव है और नौकरी जाने पर किसी को भी तुरंत अमेरिका छोड़ने की जरूरत नहीं है।
09 August 2026
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पुलिस-पशु तस्कर गठजोड़ का पर्दाफाश, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार...

पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने कथित पुलिस-तस्कर गठजोड़ का खुलासा बिहार के मुंगेर जिले में NH-333B पर पुलिस ने 35 भैंसों से लदे एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें चार भैंस मृत पाई गईं।  मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक की कथित पासिंग कराने वाले एक लाइनर को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल की जांच में कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से संपर्क के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने यातायात थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अयोध्या कुमार समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में ट्रक चालक, सहायक चालक और कथित लाइनर समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार 
आरोपियों में ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, सहायक चालक मो. जियाउल हक, कथित लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम, यातायात थाना के ASI अयोध्या कुमार, चालक सिपाही विमलेश सिंह, मुफस्सिल थाना के गृह रक्षक सिपाही अरविन्द यादव और यातायात थाना के गृह रक्षक सिपाही अभिलेश कुमार शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक ट्रक, एक अपाचे बाइक, सात मोबाइल फोन, 47 हजार रुपये नकद और 35 भैंस बरामद की हैं. इनमें चार भैंस मृत मिलीं। पुलिस जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत पाए गए, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर कुछ अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। संलिप्तता की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में पशु तस्करी के कथित नेटवर्क और तस्करों की पासिंग में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।
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बार-बार यौन शोषण ब्लैकमेलिंग फोन में मिले 200 अश्लील वीडियो आरोपी गिरफ्तार

 
पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर ये शक है कि साल 2022 से ही बच्चों और युवाओं का यौन शोषण और उनको ब्लैकमेल किया जा रहा था ये सिलसिला 6 अगस्त 2026 तक चला आरोपी द्वारा बच्चों और युवाओं का योन शोषण और उनको ब्लैकमेल करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उस पर नजर रखी इसके बाद, शहर के भोने फाटा इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया। दरअसल,महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से 40 बच्चों और युवाओं के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला सामने आया हैइस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी का नाम चेतन कोली है पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और अन्य सामान जब्त किए हैं पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के फोन से 200 अश्लील वीडियो और बहुत सी तस्वीरें मिली हैं आरोपी पर अश्लील वीडियो बनाकर पीड़ितों का बार-बार यौन शोषण करने 
और उनके आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप हैजिला पुलिस अधीक्षक अश्विनी सनप ने बताया कि इस मामले में बच्चे और युवा पीड़ित हैं मामले की गहन जांच चल रही है नंदुरबार शहर के रायसिंहपुरा इलाके में आरोपी पैसों का लालच देकर बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता था बाद में उन्हें प्रताड़ित करता थाइस संबंध में मिली शिकायत के अनुसार, 6 अगस्त को आरोपी ने एक नाबालिग लड़के को पपीते के खेत में मिलने के लिए बुलाया थाहालांकि, इससे पहले सादे कपड़ों में पुलिस इलाके पर नजर रख रही थी आरोपी के मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो की जांच करके पीड़ितों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किए गए हैंबताया जा रहा है कि जब्त किए गए सामान की जांच के बाद वीडियो और तस्वीरों की संख्या बढ़ने की संभावना हैपुलिस फिलहाल डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है वहीं इस मामले के सामने आने के बाद हलचल मच गई है माता-पिता से अपने बच्चों का ख्याल रखने को कहा जा रहा हैसाथ ही उनसे अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी जा रही है
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फौजियों (मिलट्री ड्रेस) की नकली कॉम्बैट कपड़े बेचने के कारोबार का पर्दाफाश....

उत्तर प्रदेश के बरेली में नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा जांच में पता चला कि इस कपड़े का स्रोत राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भारतीय सेना की खुफिया टीम ने श्रीगंगानगर में गोपनीय जांच शुरू की. जांच में एक स्थानीय फर्म की भूमिका सामने आई। आरोप है कि यह फर्म श्रीगंगानगर शहर, लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाजारों में दुकानों तक सेना के पैटर्न वाला नकली कॉम्बैट कपड़ा पहुंचा रही थी। सेना ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जुलाई के मध्य में राजस्थान पुलिस को सौंपी। इसके बाद 30 जुलाई को सेना और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान जिले की कई दुकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी में करीब 1,000 मीटर 
नए पैटर्न का बिना अनुमति वाला नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि सेना की वर्दी जैसे पैटर्न वाले कपड़े को बिना अनुमति रखन, बेचना या इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे कपड़ों का गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति खुद को सेना का जवान बताने की कोशिश कर सकता है। इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नकली सैन्य वर्दी का यह कारोबार कितने बड़े स्तर पर चलाया जा रहा था।  दरअसल, भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर श्रीगंगानगर जिले में सेना की वर्दी जैसे दिखने वाले नकली कॉम्बैट कपड़े के कारोबार का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 मीटर बिना अनुमति वाला सैन्य पैटर्न का कपड़ा जब्त किया गया।
 
02 August 2026
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पति वही होगा, धारा 80 और 85 के तहत जिसने महिला से….

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने फैसला सुनाया मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (दहेज हत्या) और धारा 85 (क्रूरता) से जुड़ा था। फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि धारा 80 और 85 के तहत पति वही होगा, जिसने महिला से कानूनी रूप से शादी की हो, न कि वह व्यक्ति जिसकी महिला के साथ शादी ही अमान्य है। आसान शब्दों में समझें तो इसका मतलब हुआ कि जिस व्यक्ति की दूसरी शादी पहली शादी के कायम रहने की वजह से अमान्य है, उसे आमतौर पर पति नहीं माना जा सकता यानी, पहली पत्नी जिंदा है और तलाक नहीं हुआ है तो दूसरी शादी अपने आप में अमान्य है और ऐसे मामले में व्यक्ति को दूसरी शादी में पति का दर्जा नहीं मिल सकता। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील कुमार नाम के शख्स की पहली पत्नी जिंदा थी। इसके बावजूद 
उसने तलाक दिए बगैर दूसरी शादी कर ली,लेकिन दूसरी पत्नी ने आत्महत्या कर ली और सुनील कुमार पर BNS की धारा 80, 85 और दहेज कानून के तहत आरोप लगे। आरोपी ने कोर्ट में दलील दी कि महिला उसकी दूसरी पत्नी थी, क्योंकि यह शादी तब हुई थी जब उसकी पहली शादी कायम थी, इसलिए दूसरी शादी अमान्य थी और उसे पति नहीं माना जा सकता। इससे सवाल खड़ा हुआ कि अगर किसी व्यक्ति ने पहली पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरी शादी की है तो क्या वह धारा 80 और 85 के तहत दूसरी पत्नी का पति माना जाएगा? 
जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने माना कि पहली पत्नी के रहते हुए दूसरे शादी करने वाले व्यक्ति को पति नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने उन दो अपवादों का भी जिक्र किया, जहां यह नियम लागू होगा। कोर्ट ने साफ किया कि दो परिस्थितियों में दूसरी शादी के मामले में भी व्यक्ति को पति माना जाएगा:- अगर पहली शादी को लेकर कोई संदेह हो तो दूसरी शादी में पति के तौर पर रह रहे व्यक्ति को धारा 80 और 85 के तहत पति की परिभाषा में शामिल किया जाएगा- अगर कोई व्यक्ति पहली पत्नी के होते हुए अपनी शादी को छिपाकर दूसरी महिला से शादी करता है और दूसरी पत्नी के साथ पति के तौर पर रहता है तो ऐसी स्थिति में भी उसे पति माना जाएगा नहीं। कोर्ट ने आगे साफ किया कि पहली शादी के रहते हुए की गई दूसरी शादी स्पेशल मैरिज एक्ट, फॉरेन मैरिज एक्ट, क्रिश्चियन मैरिज एक्ट, पारसी मैरिज एंड डिवोर्ट एक्ट और हिंदू मैरिज एक्ट के तहत अमान्य होती है। हालांकि, कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत होने वाली शादियों को इससे अलग माना। कोर्ट ने कहा कि अगर शादी शरिया कानून से हुई है तो दूसरी, तीसरी और चौथी शादी भी मान्य होगी और ऐसे मामलों में मुस्लिम व्यक्ति को धारा 80 और 85 के तहत पति माना जाएगा।
23 July 2026
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कब कर सकती है पुलिस लाठीचार्ज क्या है कानून....?

भारतीय अदालतों ने कई फैसलों में साफ कहा है कि पुलिस केवल न्यूनतम और उचित बल का ही इस्तेमाल कर सकती है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि बल प्रयोग से पहले तीन बातें जांचना जरूरी हैं। पहला, जमावड़ा गैरकानूनी हो। दूसरा, भीड़ को पहले हटने का आदेश देना होगा और तीसरा, आदेश के बावजूद भीड़ न हटे। इन तीनों शर्तों के बगैर पुलिस बल का प्रयोग उचित नहीं माना जाएगा। ऐसा ही दिल्ली हाई कोर्ट ने भी एक मामले में निर्देश दिया था। कोर्ट का कहना था कि पुलिस केवल उतना ही बल इस्तेमाल कर सकती है, जितना स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी हो। अदालत ने यह भी याद दिलाया कि संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है। इस मामले में जस्टिस एके सिकरी ने कहा था कि अगर पुलिस का उद्देश्य शांति बहाल करने के बजाय लोगों को सजा देना या डराना हो, तो ऐसा बल प्रयोग कानून के खिलाफ होगा। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और अनुच्छेद 19(1)(बी) के तहत अपने अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल कर रहे नागरिकों के खिलाफ हिंसा करना असंवैधानिक है। भारतीय कानून के मुताबिक, अगर 5 या उससे 
ज्यादा लोग किसी ऐसे मकसद से इकट्ठा हों जिससे सरकार या सरकारी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल हो। कानून के पालन में बाधा डाली जाए। दंगा, हिंसा या गंभीर उपद्रव की आशंका हो। ऐसे मौजूदगी को गैरकानूनी जमावड़ा माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में इकट्ठा लोगों को प्रशासन हटाने का आदेश दे सकता है। कानून के मुताबिक आमतौर पर मजिस्ट्रेट या थाने का प्रभारी अधिकारी भीड़ को हटाने का आदेश दे सकते हैं,अगर आदेश के बाद भी लोग नहीं हटते, तभी पुलिस बल प्रयोग पर विचार कर सकती है। देश का कानून बिल्कुल स्पष्ट है कि भले ही कभी-कभी सीमित बल का इस्तेमाल जरूरी हो सकता है,
लेकिन जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा यानी कानून कहीं भी यह नहीं बताता कि कितनी लाठी चल सकती है या कितनी ताकत इस्तेमाल की जा सकती है,लेकिन अदालतों ने बार-बार कहा है कि जितनी जरूरत हो, सिर्फ उतना ही बल इस्तेमाल किया जाए। लोगों को सजा देने के लिए बल प्रयोग नहीं किया जा सकता और स्थिति सामान्य होते ही बल प्रयोग रोक देना चाहिए। अनिता ठाकुर बनाम जम्मू-कश्मीर सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी हिंसक भी हो जाएं, तब भी पुलिस जरूरत से ज्यादा बल नहीं इस्तेमाल कर सकती साथ ही यह भी कहा गया था कि एक बार स्थिति नियंत्रण में आ जाए तो पुलिस को बल प्रयोग तुरंत रोक देना चाहिए। अदालत ने कहा कि जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग मानवाधिकार और मानव गरिमा का उल्लंघन है। कुछ राज्यों के पुलिस मैनुअल में लाठीचार्ज के नियम भी दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, केरल पुलिस मैनुअल कहता है कि पहले लोगों को पर्याप्त चेतावनी दी जाए। न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जाए। लाठी शरीर के मुलायम हिस्सों पर मारी जाए। सिर और गर्दन जैसे संवेदनशील हिस्सों पर वार करने से बचा जाए। संयुक्त राष्ट्र के बेसिक प्रिंसिपल ऑन द यूज ऑफ फोर्स ऐंड फायरआर्म्स (1990) के मुताबिक अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो, तो पुलिस को बल प्रयोग से बचना चाहिए,अगर बल प्रयोग जरूरी हो, तो वह न्यूनतम होना चाहिए। जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल केवल बेहद गंभीर और अंतिम स्थिति में ही किया जा सकता है। कुल मिलाकर भारत के कानून में लाठीचार्ज शब्द नहीं लिखा है। हालांकि पुलिस को केवल जरूरी और सीमित बल इस्तेमाल करने की अनुमति है,लेकिन इससे पहले चेतावनी देना और भीड़ को हटने का मौका देना जरूरी है। यहां तक कि हिंसक प्रदर्शन भी हो, तो जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग अदालतों की नजर में गैरकानूनी हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों कई मामलों में कह चुके हैं कि पुलिस का उद्देश्य व्यवस्था बहाल करना होना चाहिए, लोगों को दंड देना नहीं। पुलिस हर तरह के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज नहीं कर सकती। इसके लिए कुछ कानूनी शर्तें पूरी होना जरूरी हैं। पुलिस तभी बल प्रयोग कर सकती है जब भीड़ को कानून के मुताबिक गैरकानूनी जमावड़ा माना गया हो। सक्षम अधिकारी ने भीड़ को हटने का आदेश दिया हो। लोगों को पहले चेतावनी दी गई हो। चेतावनी के बावजूद भीड़ वहां से न हटे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग जरूरी हो यानी बिना चेतावनी या बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए सीधे बल प्रयोग करना कानून के खिलाफ माना गया है।
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ड्राइविंग लाइसेंस होंगे रद्द अगर टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालको ने मराठी भाषा परीक्षा पास न की...

 

महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने सभी गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की समय सीमा 15 अगस्त निर्धारित की थी। विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि लगभग 450 शिक्षकों को चालकों को कार्यात्मक मराठी सिखाने के लिए नियुक्त किया गया है और सरकार ने उन्हें भाषा सीखने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालक कार्यात्मक (Functional) मराठी भाषा परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं, तो 16 अगस्त से उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर 
दिए जाएंगे। मोटर वाहन नियमों का हवाला देते हुए परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4, 22 और 85 के तहत चालकों को कार्यात्मक मराठी सीखने के लिए समय दिया गया था। इस अवधि के बीत जाने के बाद बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई वाहन चालक इस निर्धारित मराठी परीक्षा में असफल साबित होता है, तो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को उस चालक का लाइसेंस रद्द करने का पूरा अधिकार दे दिया गया है। परिवहन मंत्री ने कहा कि उल्लंघनों के लिए पहले 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन संशोधित प्रावधानों के तहत अब मराठी भाषा परीक्षा में असफल होने वालों का लाइसेंस रद्द करने की अनुमति दी गई है। 
बाइक टैक्सी संचालकों के लिए अधिवास प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के सवाल का जवाब देते हुए सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में दोपहिया टैक्सी सेवा आधिकारिक रूप से एक अगस्त से शुरू होगी। इस नई सेवा के साथ ही चालकों के सामाजिक कल्याण का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक बाइक टैक्सी पर प्रतिदिन 5 रुपये का कल्याण उपकर (Welfare Cess) और प्रत्येक किराये पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा। इस राशि का उपयोग विशेष रूप से बाइक टैक्सी संचालकों के कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। अंत में मंत्री ने यह भी दोहराया कि महाराष्ट्र सरकार पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का स्वागत करती है और राज्यभर में इनके व्यापक उपयोग को लगातार बढ़ावा देती रहेगी।
08 July 2026
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LoC खोल हमें राशन-पानी दे भारत JAAC नेता सरदार अमन खान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि पीओके में लोग भोजन और आवश्यक आपूर्ति की कमी के कारण संघर्ष कर रहे हैं, और उन्होंने नई दिल्ली से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। हमें भारत की मदद चाहिए। राशन की कमी है। हमें आपके मदद की जरूरत है। रावलकोट के ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) को खोलने की मांग की और कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो नागरिकों के पास भारत में प्रवेश करने का विकल्प होना चाहिए। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या उन्हें एलओसी की ओर मार्च करना चाहिए, जिस पर लोगों ने बार-बार जवाब दिया,उसकी ओर बढ़ो। सरदार अमन खान ने पुंछ और डोडा सेक्टरों में नियंत्रण रेखा खोलने की भी अपील की, उनका तर्क था कि पाकिस्तान की कार्रवाइयों ने आम नागरिकों का जीवन और भी कठिन बना 
दिया है।  अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता की अपील करते हुए दावा किया है कि पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई ने इस क्षेत्र को एक गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने अधिकारियों को बल प्रयोग न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोगों की मांगों का जवाब गोलियों से दिया गया, तो हमारे पास अन्य रास्ते भी हैं। एक दिन बाद जारी एक अलग वीडियो संदेश में खान ने श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, कारगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के लोगों से अपनी अपील का विस्तार किया। 
प्रदर्शन के 26वें दिन, प्रोटेस्ट के मुख्य लीडर्स में से एक सरदार अमन खान ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार के लोगों और इंडिया से मदद की अपील की। ​​उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पिछले तीन हफ्तों से पाकिस्तान के कब्ज वाले जम्मू-कश्मीर में खाने और दवा की सप्लाई रोक दी है, जिससे गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। हाल के हफ्तों में प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों, सुरक्षा अभियानों और गिरफ्तारियों की खबरों के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा 5 जून को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध लगाने और इस जमीनी संगठन को आतंकवादी समूह घोषित करने के बाद अशांति और बढ़ गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है, एक ऐसा कदम जिसके बारे में आलोचकों का कहना है कि इसने स्थिति को नियंत्रण में लाने के बजाय जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। जानकारों के अनुसार, इस संकट ने पीओके के लोगों और क्षेत्र के राजनीतिक प्रशासन के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया है, जिस पर लंबे समय से इस्लामाबाद के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया जाता रहा है।
06 July 2026
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Today's IMP News Headline’s {सुर्खियां }

@ किसानों ने दिल्ली कूच का किया ऐलान, पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर खनौरी में रास्तां किया गया सील।@ 70,000 करोड़, 6 सबमरीन और जर्मन तकनीक,हिंद महासागर में भारत का पावरफुल प्लान तैयार।@ मुंबई में फायर ऑडिट करने वाली BMC के मुख्यालय में ही मिले एक्सपायर फायर सप्रेशन बॉल्स।@ एनालॉग पनीर, घी और खोया पर यूपी में बैन, मिलावट मिलने पर होगा लाइसेंस रद्द।@ 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा, फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियां, पीएम मोदी का बड़ा विजन।@ हिमाचल प्रदेश को मिलेगा पहला साइंस कॉलेज, 100 करोड़ रुपये की लागत से होगा तैयार।@ गांधी से भगत सिंह बनने में नहीं लगेगी देर,रांची प्रदर्शनकारी छात्रों की CM हेमंत को चेतावनी!।@ रांची के प्रदर्शकारी छात्रों का आरोप- राहुल गांधी ने वादाखिलाफी की, जो कहा वो छलावा था।@ अतीक के बेटे उमर के काफिले पर एक्शन, 4 गाड़ियां जब्त!।@ सरकारी नौकरियों में 99% घोटाला, ठीक कर लो वरना फिर करूंगा आंदोलन' बाबा रामदेव का बड़ा बयान।@ वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोली, 2 लोग घायल- आजमगढ़ के एक यात्री की पिस्टल से फायरिंग।@ मुंब्रा हिंदुओं का था और रहेगा,मुस्लिम बहुल इलाके में निकली कांवड़ यात्रा में बोले नितेश राणे।@ ब्रिटिश महिला को लेगिंग पहनने की वजह से नहीं मिली दिल्ली जामा मस्जिद में एंट्री, पति ने कहा-इंडिया आकर स्कैम हुआ'।

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@ हम बहुत व्याकुल,गुस्सैल और आत्मकेंद्रित हो रहे हैं। दूसरों के प्रति सहयोग और जीवन के प्रति आस्था को मजबूत कीजिए। प्रेम,अनुराग और सहृदयता जीवन मूल्य हैं। इनको केवल शब्द समझने से बचना होगा। @जिस किसी चीज से जीवन में प्रेम छूटता जाता है, समय और स्नेह छूटता जाता है। वह बासी होती जाती है। हमारी जिंदगी में बासी होते रिश्ते इसकी गवाही दे रहे हैं। जिंदगी को प्रेम की धूप,थोड़ा इत्मिनान दीजिए।@ ऐसी आंखें जिनके सपने की सीमा सीमित होती है,वह अपने जीवन को विस्तार नहीं दे पातीं। अपने साथ थोड़ा दूसरों के लिए सोचना जिंदगी को सुकून,आनंद और सुख देता है।

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