बोले जुबां केसरी शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ हाजिर हो...
गुटखा के
विज्ञापनों में केसर के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने और स्वास्थ्य के लिए
घातक उत्पादों के छद्म प्रचार करने के आरोप में कोर्ट ने कुल 4
लोगों को नोटिस भेजा
है जिसमें शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के अलावा विमल
पान मसाला के मालिक विमल अग्रवाल को भी तलब किया है। आदेश नागरिक अधिकार संस्था बारां के सचिव
वीरेंद्र सिंह ने कोर्ट में गुटखा कंपनी और एक्टर्स पर आरोप लगाए हैं। परिवादी
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 5 रुपए के गुटखा पाउच में 5
लाख रुपए किलो की
केसर मिलाने का दावा पूरी तरह भ्रामक है। यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। इस
विज्ञापन पर पूरे देश में तुरंत रोक लगाने का आदेश पारित करने के लिए कोर्ट द्वारा
आगामी तारीख 22 जून तय की है। कोर्ट ने एक्टर्स और कंपनी के मालिक को 9
जुलाई को व्यक्तिगत
या
अधिवक्ता के माध्यम से तलब किया है। उपभोक्ता कोर्ट के रीडर योगेश कुमार द्वारा
जारी आदेश के अनुसार आरोपियों को नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर अपना पक्ष और साक्ष्य कोर्ट
के सामने प्रस्तुत करने होंगे। यदि 9 जुलाई को विपक्षी या उनके प्रतिनिधि
उपस्थित नहीं होते हैं, तो कोर्ट इस मामले में एकपक्षीय कार्रवाई
करते हुए फैसला सुना सकेगा। ये पहली बार नहीं है जब किसी प्रोडक्ट के दावों और
कथित भ्रामक प्रचार पर सवाल उठे हैं। बल्कि अलग-अलग प्रोडक्ट्स के दावों पर कई बार
सवाल उठते रहे हैं। यह घटना सितारों द्वारा उत्पाद एंडोर्समेंट की जिम्मेदारी पर
सवाल उठाती है।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि मशहूर हस्तियां विज्ञापनों में केवल
मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं पर गहरा प्रभाव डालती हैं,
इसलिए उन्हें दावों
की सत्यता जांचनी चाहिए। तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर पहले भी पाबंदियां लग चुकी
हैं, लेकिन पान मसाला केस में ‘केसर’ वाले दावे ने नया आयाम जोड़ दिया है।
बॉलीवुड सितारों पर ऐसे केस पहले भी आए हैं, लेकिन इस बार तीन बड़े नाम एक साथ फंसने
से चर्चा तेज हो गई है। एक्टर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को बारां जिला
उपभोक्ता कोर्ट ने नोटिस भेजकर 9 जुलाई को तलब किया है।
जामा मस्जिद विवादों में,तहखाने में जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां
हाल ही में
जामा मस्जिद के अंडरग्राउंड हिस्से का एक वीडियो सामने आया है,
जिसमें हिंदू
देवी-देवताओं और भगवान मल्लिनाथ सहित जैन तीर्थंकरों की प्राचीन मूर्तियां और
नक्काशीदार पत्थर दिखाई देने का दावा किया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद
जामा मस्जिद के मूल स्वरूप को लेकर बहस तेज हो गई है और अलग-अलग तरह के दावे किए
जा रहे हैं। हिंदू और जैन संत समुदायों का दावा है कि यह स्थल मूल रूप से 'समी विहार' या प्राचीन मंदिर था,
जिसे तोड़कर मुगल
काल में जामा मस्जिद का निर्माण किया गया। वे पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण
कराने की मांग कर रहे हैं। हिंदू और जैन पक्ष की मांग है कि जामा मस्जिद के मूल स्वरूप की जांच होनी चाहिए। वे इसके प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई मस्जिद
होने का दावा कर रहे हैं। दरअसल,गुजरात के भरुच की लगभग 700 साल पुरानी जामा मस्जिद विवादों में है।
इस ऐतिहासिक स्थल की जमीन और मूल स्वरूप को लेकर अलग-अलग तरह के दावे
सामने आने के
बाद यह मामला धार्मिक-ऐतिहासिक बहस में तब्दील हो गया है। दरअसल,
हाल में सामने आए एक
वीडियो के बाद जामा मस्जिद का विवाद और गहरा गया है, जिसमें मस्जिद के तहखाने में जैन
तीर्थंकरों और हिंदू देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां व नक्काशीदार पत्थर दिखने
का दावा किया गया है। इस दावे के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जामा
मस्जिद ट्रस्ट और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन दावों को खारिज किया है।
उनका कहना है कि इस स्थान के उनके पास ऐतिहासिक और धार्मिक प्रमाण हैं जो इसे
मस्जिद साबित करते हैं। मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने का दावा गलत है। वर्तमान
में भरुच की जामा मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI
के संरक्षण में है।
इस विवाद के बाद से ASI और स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर हैं और
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जामा मस्जिद के आसपास आने-जाने वालों पर नजर
रखी जा रही है। यहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
ऑपरेशन टाइगर पर मातोश्री में मंथन
संजय राउत ने
कहा कि ऑपरेशन टाइगर की चर्चा पिछले दो वर्षों से लगातार हो
रही है, लेकिन ऐसा कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए राउत
ने कहा,जिस दिन हमारी सत्ता आएगी, उस दिन बीजेपी नहीं बचेगी। हम उसे
टुकड़े-टुकड़े कर देंगे और उनके नेताओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। उद्धव ठाकरे के घर में हो रही बैठक में
अरविंद सावंत मुंबई से और नासिक से राजा भाऊ वाजे पहुंचे। इसके अलावा भी कई सांसद
मातोश्री पहुंचकर मीटिंग में शामिल हुए। कुछ नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के
जरिए मीटिंग अटेंड की। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे की
मौजूदगी में पार्टी सांसदों की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि,
धाराशिव से सांसद
ओमराजे नाईक निंबालकर बैठक में शामिल नहीं हो पाए। जानकारी के अनुसार उनके बेटे को
पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके चलते वे अनुपस्थित रहे। इस बैठक में
पार्टी के दो सांसद शामिल नहीं हुए। इसे लेकर कई तरह
के कयास लगाए जा रहे हैं।
वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने कथित ऑपरेशन टाइगर
की चर्चाओं पर
प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक
बुलाई है, जो एक नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया है।संजय राउत ने कहा,जिस तरह विधायकों की बैठकें होती हैं,
उसी तरह आज सांसदों
की बैठक बुलाई गई है। हमारे सभी सांसद बैठक में उपस्थित रहेंगे। जो सांसद किसी
कारणवश नहीं आ पाएंगे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
बैठक से जोड़ा जाएगा और उनसे चर्चा की जाएगी। संजय राऊत ने कहा कि मातोश्री में
आयोजित सांसदों की बैठक में पार्टी के सभी 9 सांसद शामिल हुए। इनमें से 4
सांसद मातोश्री में
शारीरिक रूप से मौजूद रहे, जबकि 5 सांसद ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े। राऊत ने बताया कि उस्मानाबाद के सांसद ओम राजे निंबालकर के
बेटे की तबीयत खराब है और वह पुणे के अस्पताल में भर्ती हैं,
इसलिए निंबालकर
ऑनलाइन शामिल हुए। शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे की पत्नी बीमार हैं और
अस्पताल में भर्ती हैं, इसलिए वह भी ऑनलाइन जुड़े। हिंगोली के सांसद नागेश पाटील आष्टीकर
अपने बेटे के विधानसभा चुनाव अभियान में व्यस्त होने के कारण ऑनलाइन शामिल हुए। यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के घर
बेटी का विवाह समारोह होने के कारण वह ऑनलाइन बैठक में जुड़े। संजय जाधव भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में
शामिल हुए।
सरकारी फंड घोटाले में सीबीआई ने 6 ठिकानों पर छापेमारी…
हरियाणा सरकार के 8
विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के 2
विभागों के फंड में गड़बड़ी सामने आई है।
चंडीगढ़ नगर निगम चंडीगढ़ और क्रेस्ट चंडीगढ़ के खातों में गड़बड़ी पाई गई है। सीबीआई
ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ लोक सेवकों के आवासों पर भी तलाशी ली। इस दौरान वरिष्ठ
अधिकारियों और कंपनी के ठिकानों पर रेड की गई। Vipam
Consultancy Pvt. Ltd. और उसके
निदेशक के परिसरों की भी जांच की गई। हरियाणा और चंडीगढ़ में 661
करोड़ रुपये के सरकारी फंड घोटाले में
सीबीआई ने 6 ठिकानों
पर छापेमारी की है। छापे चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में 6
परिसरों पर 6 जून को मारे गए। ये छापेमारी IDFC
First Bank और AU
Finance Bank के जरिए सरकारी
पैसों की कथित हेराफेरी से जुड़ी है। सीबीआई ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ
बड़ी
कार्रवाई की है। सीबीआई ने 3 आईएएस और 1 आईएफएस अधिकारी समेत कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर
छापेमारी की। जांच के अनुसार इस घोटाले में करीब 661 करोड़ रुपये के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी हुई।
सीबीआई पहले ही पंचकूला स्थित विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
चार्जशीट में हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और हरियाणा विद्यालय शिक्षा
परियोजना परिषद के अधिकारियों की भूमिका बताई गई है। जांच एजेंसी ने सरकारी धन को IDFC
First Bank और AU
Finance Bank के माध्यम से कथित
तौर पर निकालने के तरीके का भी खुलासा किया है। सीबीआई के मुताबिक
तीनों मामलों की जांच तेजी से जारी है और
मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी जल्द ही
सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ये कार्रवाई उस समय हुई है,
जब हाल ही में हरियाणा सरकार ने राज्य के
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जांच के लिए सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति प्रदान
की थी। इसके बाद सीबीआई की टीम आईएएस अधिकारियों मोहम्मद शायिन,
पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार और आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार के ठिकानों तक पहुंची। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक
अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर सरकारी धन के अवैध डायवर्जन और गबन में भूमिका
निभाई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी विभागों के फंड को किस
तरह कथित रूप से अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने पांच अन्य आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति दे दी
है।
सोनिया गांधी और कांग्रेस उन्हें अध्यक्ष बनाना चाहती तो...गहलोत ने दोहराई होटल में बंद होने वाली कहानी
अशोक
गहलोत ने कहा, अगर
कांग्रेस और सोनिया गांधी मुझे कांग्रेस अध्यक्ष बनातीं, तो क्या मैं मना करूंगा? राजस्थान
सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने अशोक गहलोत के इस बयान पर रिएक्शन दिया है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि जब-जब सचिन पायलट का नाम किसी प्रतिष्ठित पद के लिए आगे
किया जाता है या संभावना बनती है तो अशोक गहलोत होटल में बंद होने वाली कहानी फिर
दोहरा देते हैं। सितंबर, 2022 में जब कांग्रेस नेतृत्व ने नए सीएम के नाम का
निर्णय करने के लिए जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई, तो गहलोत के समर्थक विधायकों ने इस मीटिंग का
बहिष्कार कर दिया था। कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक इंतजार ही करते रह गए,
लेकिन
गहलोत के समर्थक विधायक वहां नहीं
पहुंचे थे। इसके बाद, गहलोत गुट के लगभग 90 से ज्यादा विधायक शांति धारीवाल के घर पर जमा हुए
थे और वहां से ये सभी तत्कालीन स्पीकर सीपी जोशी के आवास पर गए और अपना इस्तीफा
सौंप दिया था। विधायकों ने मांग की थी कि राजस्थान का नया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
की पसंद का ही हो। इस खुले विद्रोह से कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बहुत नाराज हो
गया था। हालांकि, इसके बाद अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलकर घटना पर खेद
जताया था और इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी ली थी।
उसके बाद, अशोक गहलोत खुद कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से
बाहर हो गए थे। इसी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया
था। जोगाराम पटेल ने कहा, अशोक गहलोत प्रत्यक्ष तौर पर सचिन पायलट पर आरोप
लगाते हैं कि उन्होंने BJP के साथ मिलकर पार्टी तोड़ने की कोशिश की थी। अगर
उनकी सरकार में ऐसी कोई घटना हुई थी तो उन्होंने आज तक केस क्यों नहीं दर्ज कराया?
अशोक गहलोत खुद अपनी पार्टी में दरकिनार
हो चुके हैं इसलिए बिना किसी आधार पर ऐसे स्टेटमेंट देने के आदि हो चुके हैं।'
महंगाई पर नियंत्रण नहीं तो...राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी…NCP प्रमुख शरद पवार
राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि महंगाई के कारण देश भर के लोगों
को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने सरकार के इस रुख पर सवाल उठाया
कि मूल्य वृद्धि नियंत्रण में है। एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बारे
में पूछे जाने पर पवार ने कहा, प्रधानमंत्री कहते हैं कि महंगाई को नियंत्रित
किया जा रहा है। यदि यही नियंत्रण है, तो इसका मतलब लोगों को किस्तों में झटके देना है।
इसके लिए जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भारतीय जनता
पार्टी (बीजेपी) पर महंगाई के संबंध में अपने पहले के रुख से पलटने का आरोप लगाया
और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अब आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के प्रति
वैसी चिंता नहीं दिखा रही है, जैसी उसने विपक्ष में रहते हुए दिखाई थी।
वडेट्टीवार ने कहा कि
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन के दौरान जब भी रसोई
गैस की कीमतें बढ़ाई जाती थीं, भाजपा नेता विरोध प्रदर्शन करते थे,
लेकिन सत्ता में आने के बाद से ईंधन और
एलपीजी की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बावजूद वे चुप हैं। उन्होंने कहा कि
पिछले कुछ महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई
है और पेट्रोल, डीजल
एवं सीएनजी की कीमतों में भी हाल के वर्षों में कई बार संशोधन हुए हैं। दरअसल,देश में बढ़ती
महंगाई और घरेलू रसोई गैस (LPG) के दामों में बढ़ोतरी को लेकर शरद पवार ने केंद्र
सरकार की आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं की बार-बार बढ़ रही
कीमतों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसके लिए सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
सलमान,नजीर,वसीम,आमिर साधु-संत का वेश धारण कर लोगों के बीच घूम…ऑपरेशन कालनेमी के तहत कार्रवाई 40 लोग गिरफ्तार
उत्तराखंड सरकार और
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी फर्जी साधुओं और ढोंगियों के खिलाफ अभियान
चलाने की बात कह चुके हैं। इसी कड़ी में ‘ऑपरेशन कालनेमी’ शुरू किया गया है, जिसके तहत धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने वाले
लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के तहत हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए
साधु-संत का वेश धारण कर लोगों के बीच घूम रहे 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि
ये लोग धार्मिक पहचान छिपाकर भगवा वस्त्र पहनकर और कंठी-माला धारण कर श्रद्धालुओं
से दान-दक्षिणा ले रहे थे तथा उनकी धार्मिक आस्था का फायदा उठा रहे थे। हरिद्वार
के
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने कलियर शरीफ और आसपास
के क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के दौरान साधु-संत के वेश में घूम रहे कई
लोगों के पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में 40
लोग संदिग्ध पाए गए,
जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए
लोगों में अकबर, सलमान,
नजीर, वसीम, आमिर और महताब जैसे नाम शामिल हैं।
इनमें से कुछ
लोग पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से हरिद्वार पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि
ये लोग साधु बनकर धार्मिक स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर बैठते थे। जांच के दौरान सभी लोग संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त
पाए गए। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने सभी
आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों
ने कहा कि धार्मिक आस्था की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करने वालों को किसी भी कीमत
पर बख्शा नहीं जाएगा। असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर लगातार नजर रखी जा
रही है और ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में कटौती….
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (जेट
फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर लगाए जाने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में कटौती कर दी है।
ये बदलाव 1 जून से लागू होगा। हालांकि,
घरेलू
खपत वाले ईंधन पर टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय
की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल के एक्सपोर्ट
पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को 3
रुपये
प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर
दिया गया है। इसी तरह, डीजल के एक्सपोर्ट पर
लगाए जाने वाले टैक्स को 16.5 रुपये प्रति
लीटर से
घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर
दिया गया है। पेट्रोल और डीजल के
अलावा, सरकार ने हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले
फ्यूल एटीएफ पर लगने वाले टैक्स को 16 रुपये प्रति लीटर से
घटाकर 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। टैक्स की ये नई
दरें 1 जून से लागू होंगी। मंत्रालय ने ये भी स्पष्ट
किया है कि पेट्रोल और डीजल के घरेलू इस्तेमाल पर लागू सड़क एवं अवसंरचना उपकर
शून्य रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने हाल के महीनों में
जरूरत के हिसाब से अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स) व्यवस्था में कई
बार बदलाव किया है। ये कदम कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भू-राजनीतिक
परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर किया गया है।
मौसम की खराबी-भूस्खलन,रोकी गई केदारनाथ यात्रा
रुद्रप्रयाग के स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप
से रोक दिया है। स्थानीय पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए एक्स पर लिखा है,केदारनाथ
यात्रा अस्थाई रूप से रोकी गई। जनपद रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के
चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु केदारनाथ यात्रा को अस्थाई तौर पर रोका गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन भी जारी किए हैं। किसी भी
समस्या के समाधान के लिए श्रद्धालु 8958757335 और 8218326386
पर
संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा डायल 112 के जरिये भी मदद ली जा
सकती है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। वहीं दूसरी तरफ जोशीमठ
के पास
बद्रीनाथ नेशनल हाइवे (NH-7) पर भीषण जाम लगा हुआ
है। यहां वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने जाम
खत्म करने के लिए कर्मियों को तैनात किया है। वहीं भारी जाम को हटाने के लिए 30
मिनट
के अंतराल पर एकतरफा यातायात को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन टोकन-आधारित गेट
प्रणाली को सक्रिय किया गया है। उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से
मौसम का मिजाज बदल गया है। इस बीच यहां केदारनाथ यात्रा को रोकना पड़ा है। बारिश
और जगह-जगह हुए भूस्खलन की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़
रहा है। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने
का
फैसला लिया है। बता दें कि बारिश की वजह से लोग जगह-जगह रुके हुए हैं,
जिस
वजह से कई जगहों पर जाम की स्थिति भी देखी जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने
उत्तराखंड में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चमोली के पुलिस अधीक्षक
सुरजीत सिंह पंवार ने कहा,लगभग 30,000
से 35,000
तीर्थयात्री
प्रतिदिन श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर रहे हैं। वहीं 5,000
से 10,000
श्रद्धालु
हेमकुंड साहिब जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की इस भारी भीड़ के कारण हमारे मौजूदा
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से,
जोशीमठ-मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग
मार्ग पर लगभग 10 किलोमीटर का सड़क खंड बेहद खराब स्थिति में
है। कुछ वर्ष पूर्व जोशीमठ क्षेत्र में हुए प्राकृतिक भू-धंसाव ने वहां के सड़क
ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है।
पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आएंगे 1.36 करोड़ से ज्यादा परिवार
पश्चिम बंगाल शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में स्वास्थ्य
विभाग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में 1.36
करोड़
से ज्यादा परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा,
इससे
ये सुनिश्चित होगा कि राज्य की बड़ी आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का
लाभ मिले। बताते चलें कि आयुष्मान भारत योजना,
भारत
सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को
हर साल सरकारी और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में 5 लाख तक का फ्री
(कैशलेस) इलाज मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 467
प्रधानमंत्री
जनऔषधि केंद्र संचालित किए जाएंगे और कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की दवाएं जल्द ही
30 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री
ने अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर और
पश्चिम बर्द्धमान जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने
कहा,कोई भी जिला मेडिकल कॉलेज के लाभ से वंचित
नहीं रहना
चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में कथित बिचौलियों और मरीजों
को अनावश्यक रूप से रेफर किए जाने के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने
की
नीति अपनाएगा। शुभेंदु ने कहा कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की चौबीसों
घंटे निगरानी के लिए स्वास्थ्य भवन में एक केंद्रीय
नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा
कि केंद्र ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2103
करोड़
रुपये मंजूर किए हैं, जिनमें से 527
करोड़
रुपये मिल भी चुके हैं। इन फंड्स से पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर
बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को निर्धारित सरकारी
अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का फ्री स्वास्थ्य बीमा कवर
मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत के अन्य हिस्सों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिक
भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। शुभेंदु ने कहा, ''राज्य के सरकारी
अस्पताल अब 'आयुष्मान मंदिर' के नाम से जाने जाएंगे।
अगर कोई मरीज दवाओं पर महीने में 1000 रुपये खर्च करता है,
तो
उसे वही दवाएं इन अस्पतालों में 100 रुपये में उपलब्ध
होंगी। नियंत्रण कक्ष सरकारी
स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता, सेवा वितरण और
प्रशासनिक कामकाज की भी निगरानी करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता मेडिकल
कॉलेज के एक डॉक्टर के खिलाफ गंभीर रूप से बीमार मरीज को रेफर करने के मामले में
पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुभेंदु ने उन प्राइवेट अस्पतालों से संबंधित
नीतिगत फैसले की भी घोषणा की, जिन्हें सरकार से एक
रुपये की नाममात्र दर पर जमीन मिली थी। ऐसे अस्पतालों को सरकारी स्वास्थ्य
केंद्रों से भेजे गए आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए 15 प्रतिशत तक बिस्तर
आरक्षित रखने होंगे। उन्होंने कहा,अगर सरकारी अस्पतालों
पर ज्यादा दबाव है और मरीजों को इन प्राइवेट अस्पतालों में भेजा जाता है,
तो
उन्हें मरीजों को भर्ती करना होगा। हमने यह भी फैसला किया है कि ऐसे मरीजों का
इलाज फ्री किया जाना चाहिए।
अर्थव्यवस्था को बूस्टर,आरबीआई देगा सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड
आरबीआई के अनुसार, 2025-26 में उसका नेट इनकम
बढ़कर करीब ₹3.96 लाख करोड़ पहुंच गया,
जबकि
पिछले साल यह ₹3.13 लाख करोड़ था। इसके
अलावा केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट भी 20% से ज्यादा बढ़कर लगभग ₹92
लाख
करोड़ तक पहुंच गई है। यह दिखाता है कि RBI की वित्तीय स्थिति काफी
मजबूत हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26
के
लिए रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड
देने का ऐलान किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर माना जा रहा है। इस
फैसले से सरकार को ऐसे समय में बड़ी आर्थिक ताकत मिलेगी, जब दुनिया भर में
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है।
आरबीआई का यह फैसला गवर्नर
संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया।
आरबीआई ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार को ₹2.69
लाख
करोड़ का डिविडेंड दिया था। उससे पहले 2023-24 में यह आंकड़ा ₹2.1
लाख
करोड़ था। इस बार डिविडेंड में बड़ी बढ़ोतरी ने सरकार की वित्तीय स्थिति को और
मजबूत कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रकम का इस्तेमाल सरकार
इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक योजनाओं और
आर्थिक विकास परियोजनाओं में कर सकती है।
सरकार को मिलने वाला यह
बड़ा डिविडेंड देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। इससे सरकार
पर कर्ज का दबाव कम हो सकता है और विकास कार्यों में खर्च बढ़ाया जा सकता है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि इससे वित्तीय घाटा कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती
है। साथ ही सरकार को टैक्स बढ़ाए बिना खर्च करने की एक्स्ट्रा ताकत मिलेगी।
मदरसों में भी वंदे मातरम् अनिवार्य
13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’
गाना
अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी। राज्य के नए और 9वें मुख्यमंत्री
शुभेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक
सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना शेयर की थी। बता दें कि इसी साल
फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने
वंदे मातरम् को राष्ट्रगान (जन गण मन) के बराबर का दर्जा दिया था। दरअसल,पश्चिम बंगाल की नई
नवेली सरकार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता
प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम् अनिवार्य कर दिया है।
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के सभी
मदरसों में भी इस राष्ट्रीय गीत का गायन पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। बंगाल
सरकार के मदरसा शिक्षा निदेशायल ने एक आदेश जारी कर यह
ऐलान किया है। राज्य के अल्पसंख्यक
मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इस फैसले की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि जब राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों और संथाली भाषा में पढ़ाई कराने
वाले स्कूलों में भी 'वंदे मातरम्'
निवार्य
है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों
नहीं किया जा सकता? आधिकारिक आदेश में साफ
कहा गया है कि पुराने सभी नियमों और प्रथाओं को रद्द करते हुए यह नया नियम तत्काल
प्रभाव से लागू किया जा रहा है। इसके दायरे में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा
विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम),
मान्यता
प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत मदरसा शिक्षा
केंद्र, शिशु शिक्षा केंद्र और मान्यता प्राप्त
गैर-सहायता प्राप्त मदरसे शामिल होंगे।
महाराष्ट्र के किसान को 600 किलो प्याज बेचने के मिले सिर्फ 301 रुपये
महाराष्ट्र के बीड जिले के धारूर तहसील के अरणवाडी गांव के किसान संतोष
शिनगारे को सोलापुर की मंडी में करीब 600 किलो प्याज बेचने के
बाद सिर्फ 301 रुपये मिले हैं। बाजार में प्याज का सिर्फ 50
पैसे
प्रति किलो का भाव मिला। दरअसल,
बीड
जिले के धारूर तहसील के अरणवाडी गांव के किसान संतोष शिनगारे ने अपने खेत में
प्याज की खेती की थी। फसल अच्छी होने के बाद उन्होंने पहली बार सोलापुर मंडी में 12
बोरियों
में 602 किलो प्याज भेजा था। किसान को ढुलाई और
हमाली (मजदूरी शुल्क) के 1082 रुपये किसान को अपनी
जेब से भरने पड़े। प्याज बेचकर मिलने वाले पैसों से शिनगारे को ट्रैक्टर की किस्त
भरनी थी, लेकिन अब मंडी तक प्याज
पहुंचाने के लिए भी
उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़े। शिनगारे के पास अभी भी
करीब 10 टन प्याज पड़ा हुआ है, जिसे लेकर अब उनके
सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिनगारे ने सरकार से
प्याज उत्पादक किसानों को मदद देने की मांग की है। वहां प्याज को सिर्फ 50
पैसे
प्रति किलो का भाव मिला, जिससे उन्हें कुल 301
रुपये
प्राप्त हुए, जबकि इस प्याज को मंडी तक पहुंचाने में 1383
रुपये
खर्च हुए। यानी प्याज बिक्री से मिले 301 रुपये काटने के बाद भी
शिनगारे को अपनी जेब से 1082 रुपये देने पड़े। किसानों की ऐसी हालत को
देखते हुए शिनगारे ने सरकार से मदद की मांग की है। शिनगारे ने बताया कि उसे प्याज बिक्री से मिलने
वाले पैसों से ट्रैक्टर की किस्त भरनी थी। सरकार को प्याज की खेती करने वाले
किसानों की मदद करनी चाहिए।
चौबीसों घंटे खुली रहे अदालते आम जनता को जल्दी मिल सके न्याय CJI सूर्यकांत ने की वकालत,समय की बर्बादी रोकने का इकलौता जरिया टेक्नोलॉजी
CJI सूर्यकांत मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक
कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसका विषय फ्रेगमेंटेशन
टू फ्यूजन, एम्पावरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल
प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन था। इस अवसर पर उन्होंने हाई कोर्ट के नए विकसित डिजिटल
प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया। मुख्य न्यायाधीश ने न्याय का दायरा बढ़ाने और उसमें तेजी लाने के लिए
टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित न्यायिक
ढांचे को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कहा,भारतीय न्यायपालिका न
केवल 1990 के दशक से चली आ रही
तकनीकी प्रगति का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है,
बल्कि
हम आम आदमी के फायदे के लिए नवीनतम एआई (AI) डिजाइनों का उपयोग करने
पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। CJI ने आगे कहा कि
न्यायपालिका के समय की बर्बादी को रोकने का एकमात्र प्रभावी समाधान टेक्नोलॉजी ही
है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अब
समय आ गया है जब
न्यायपालिका को एक ऐसी प्रणाली विकसित करनी होगी,
जिससे
आम आदमी को तुरंत राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली को उन अस्पतालों
की तरह काम करने की जरूरत है, जो चौबीसों घंटे (24x7)
खुले
रहते हैं, ताकि आम आदमी की पीड़ा और आकांक्षाओं का
समाधान किया जा सके। कोविड- 19 महामारी के दौर को याद करते हुए CJI
ने
कहा कि कोविड-19 के बेहद मुश्किल समय में भी अपनी संवैधानिक
जिम्मेदारियों को निभाने के लिए भारतीय न्यायपालिका की वैश्विक स्तर पर सराहना की
गई थी। उन्होंने बताया,हमने अपने कोर्ट बंद
नहीं किए। संकट के उस दौर में भी टेक्नोलॉजी की मदद से ही अदालतों ने जरूरी और
तत्काल मामलों की सुनवाई पूरी की थी। मध्य
प्रदेश
हाई कोर्ट द्वारा विकसित किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सराहना करते हुए सीजेआई ने
कहा कि जैसा कि केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी
सुझाव दिया है, इन तकनीकी प्रणालियों को पूरे देश के स्तर पर
लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक
विशेष समिति का गठन किया गया है, जो इस बात का अध्ययन कर
रही है कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए न्यायिक प्रणाली में AI
का
उपयोग कैसे किया जा सकता है।


































