SIR प्रक्रिया,सुनियोजित तरीके से अल्पसंख्यक समुदाय के नाम काटे जा रहे...सपा प्रमुख अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया को
लेकर समाजवादी पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि वोटर
लिस्ट से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे
हैं। इस मुद्दे पर राज्य में सियासी गरमाहट देखी जा रही है। समाजवादी पार्टी ने
चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल FIR दर्ज करने की
मांग की है। अखिलेश यादव के अनुसार, पार्टी ने उत्तर
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO-UP) को एक ज्ञापन सौंपा है।
इस ज्ञापन में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग का
दावा किया गया है, जिसके माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की
प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।
चीन के मुद्दे पर चुप क्यू...? ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला....राहुल गांधी
संसद से निकलने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते
हुए कहा,ये राष्ट्रीय
सुरक्षा का मामला है। मैं वही बात हाउस में कह रहा हूं,जो नरवणे जी की
किताब में है। जिसके बारे में एक आर्टिकल में लिखा गया है। इसके साथ ही
राहुल गांधी ने कहा,मोदी जी ने राजनाथ सिंह ने उनसे क्या कहा,
मैं यही संसद में
बोलना चाह रहा हूं। मैं आर्टिकल को कोट कर
रहा हूं। जब चीन हमारे सामने खड़ा था, उस समय क्या हो
रहा था। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
ने कहा,यह मैं नहीं कह रहा, यह बात पूर्व
आर्मी चीफ ने एक किताब में लिखी है। उस किताब को पब्लिश नहीं होने दिया जा रहा है।
वह अटकी हुई है, और यह पूर्व आर्मी चीफ का नजरिया है। वे पूर्व
आर्मी चीफ के नजरिए से इतना क्यों डर रहे हैं?
राहुल गांधी ने
आगे कहा,आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं,
उससे वे इतना
क्यों
डर रहे हैं? हम इससे कुछ सीखेंगे। बेशक,
हम एक
प्रधानमंत्री के बारे में कुछ सीखेंगे। हम राजनाथ सिंह जी के बारे में कुछ सीखेंगे,लेकिन हम सेना के बारे में भी कुछ सीखेंगे और यह भी सीखेंगे
कि देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को कैसे निराश किया। राहुल गांधी ने
कहा, वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं,वे डरे हुए हैं
क्योंकि अगर यह बात सामने आती है, तो नरेंद्र मोदी
और राजनाथ सिंह की सच्चाई लोगों के सामने आ जाएगी और जब चीन हमारे सामने खड़ा था,
आगे बढ़ रहा था,
तब 56
इंच के सीने का
क्या हुआ? देश के नेता को
दिशा देनी होती है। देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए और फैसले दूसरे
लोगों के कंधों पर नहीं छोड़ने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यही किया है।
85 लाख की मोमोस खा गया बच्चा,विक्रेता गिरफ्तार...
देवरिया, रामपुरकारखाना
थाना क्षेत्र में मोमो खिलाने के नाम पर 3 युवकों ने एक
लड़के से धीरे-धीरे लाखों के
जेवर ले लिए। जब घर वालों ने अलमारी खोली तो इस बात का पता चला। मामला रामपुर
कारखाना के भगवानपुर तिवारी गांव का है। विमलेश मिश्र, वाराणसी में एक
मंदिर के पुजारी हैं। विमलेश ने बताया कि उनका लड़का कक्षा 7
में पढ़ता है और
उसे मोमो खाने का शौक है। विमलेश का आरोप
है कि देवरिया-कसया मार्ग स्थित
डुमरी चौराहे पर मोमो की दुकान लगाने वाले तीन युवकों ने उनके बेटे को बहलाकर घर
के सभी जेवरात ले लिए। उन्होंने थाने में इस बात की तहरीर दी है। पिता का आरोप
है कि उनके लड़के ने उनका और उनकी बहन का घर
में रखा लगभग 85 लाख रुपये का जेवर लाकर मोमोज बेचने वाले तीनों
युवकों को दे दिया। जब उनकी बहन अपना जेवर
मांगने के
लिए आईं तो अलमारी खोलते ही विमलेश और उनकी बहन के होश उड़ गए। अलमारी
में रखा सारा जेवर गायब था। शक होने पर अपने बच्चे से पूछताछ की तो उसने बताया कि
उसने, मोमो खाने के लिए जेवर हुमरी चौराहे के
दुकानदारों को दे दिए हैं। लड़के के पिता ने
थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस,
तहरीर के बाद
पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि ग्राम भगवानपुर तिवारी निवासी
विमलेश मिश्रा द्वारा तहरीरी सूचना देकर अवगत कराया कि उनके नाबालिक बेटे ने मोमो
खाने के लिए घर में रखे सोने-चांदी के कई
आभूषण मोमो बेचने वाले को दे दिए हैं। उक्त के संबंध में
थाना रामपुर कारखाना पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए 2
लोगों को हिरासत
में लेकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट,शब-ए-बारात पटाखों के इस्तेमाल पर लगाया प्रतिबंध
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात के मौके पर
अवैध और पर्यावरण के लिए खतरनाक पटाखों के
इस्तेमाल पर कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और पुलिस को
स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान ऐसे किसी भी पटाखे को फोड़ने की इजाजत न
दी जाए जो कानूनन प्रतिबंधित हों या पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हों। हाईकोर्ट ने
साफ कहा कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक पटाखों का इस्तेमाल पूरी
तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ
सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस की
जिम्मेदारी होगी कि याचिकाकर्ता और उनके परिवार को शब-ए-बारात के दौरान
पर्याप्त सुरक्षा दी जाए।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की शिकायत शब-ए-बारात के दौरान
पटाखे फोड़ने से संबंधित है और
उसने कोर्ट से जरूरी निर्देश
देने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों द्वारा किसी भी
प्रकार के अवैध पटाखे का उपयोग न किया जाए और इसके उपयोग के लिए समयसीमा निर्धारित
की जाए। पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के अवसर पर
राज्य में अवकाश घोषित किया है।
दरअसल,याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि शब-ए-बारात के दौरान
चलाए जाने वाले अवैध पटाखों से उन्हें और उनके परिवार को शारीरिक और मानसिक
परेशानी होती है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि इस पर रोक लगाने के लिए समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस शिकायत को
संज्ञान में लेते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि
त्योहार के दौरान याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
अजित पवार विमान हादसा सामान्य एक्सीडेंट नहीं कुछ ना कुछ गड़बड़ है,पर्दे के पीछे कुछ तो हुआ है… संजय राउत
बीते 28
जनवरी
2026 वीएसआर एविएशन द्वारा
संचालित एक लीयरजेट 45एक्सआर विमान मुंबई के
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से महाराष्ट्र के बारामती हवाई
अड्डे के लिए चार्टर उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया,जिसमें महाराष्ट्र के
उपमुख्यमंत्री अजित पवार और विमान में सवार सभी चार अन्य लोगों की मौत हो गई। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने
बड़ा और गंभीर आरोप लगाते हुए राउत ने हादसे पर
खुलकर शक जताते हुए कहा कि यह घटना सामान्य एक्सीडेंट नहीं लगती और इसके पीछे
कुछ बड़ा खेल हो सकता है। राउत ने कहा कि अजित पवार के
दुर्घटना के बाद उनकी पार्टी के भीतर भी सवाल उठ
रहे हैं। राउत ने कहा,इसमें कुछ ना कुछ
गड़बड़ है। पर्दे के पीछे कुछ तो हुआ है,मुझे जज लोया की याद आ गई। राउत ने हादसे
को राजनीति से जोड़कर सवाल खड़े किए हैं। राउत ने कहा,अजित पवार ने कुछ दिन
पहले कहा था कि बीजेपी नेताओं की कुछ फाइलें उनके पास हैं। उसके बाद तुरंत
एक्सीडेंट हो जाता है। लोगों को शक होता है,मुझे पहले दिन से ही शक
है। उन्होंने दावा किया कि यह संकेत हो सकता है कि अजित पवार NDA
छोड़ने
का मन बना चुके थे।
राउत ने दावा किया कि अजित पवार एक बार फिर पुराने घर यानी
एनसीपी (शरद पवार गुट) में लौटने वाले थे, लेकिन तभी बीजेपी ने
सिंचाई घोटाले की फाइलों का हवाला दिया। उनके मुताबिक, इसी के तुरंत बाद यह
रहस्यमय एक्सीडेंट हुआ। राउत ने ऐलान किया कि वे इस पूरे मामले को संसद में
उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जो तथ्य सामने आ रहे हैं,वे कई सवाल खड़े करते
हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। संजय राउत ने विधायक अमोल मिटकरी के आरोपों
को गंभीर बताते हुए कहा,हादसे में छह लोग थे,लेकिन पांच लाशें कैसे
मिलीं? दादा (अजित पवार) के कागज एक जैसे कैसे मिल गए?
यह
सामान्य नहीं है।
160 करोड़ की एफ़डी गायब, ऊर्जा विभाग, झारखंड सरकार की...
झारखंड के
जमशेदपुर पश्चिम सीट से विधायक सरयू राय के दावे के अनुसार-ऊर्जा विभाग के लगभग 160
करोड़ रुपये कैनरा
बैंक और एक अन्य बैंक में जमा कराए गए थे। हालांकि,जब ऊर्जा विभाग के अधिकारी संबंधित बैंक
में राशि की पुष्टि करने पहुंचे तो बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग के
नाम से कोई भी राशि जमा नहीं है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने ने सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री
से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। विधायक सरयू राय ने इस घटना को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए कहा कि
यदि विभाग की इतनी बड़ी राशि बैंक खातों में दर्ज नहीं है तो यह बड़ा घोटाला हो
सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह
आगामी विधानसभा सत्र में सवाल उठाएंगे और सरकार से जवाब
मांगेंगे। सरयू राय ने कहा
कि जनता के पैसे के साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सच्चाई
सामने आनी चाहिए। फिलहाल ऊर्जा विभाग या संबंधित बैंकों की ओर से इस मामले में कोई
आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सरयू राय ने आगे कहा-झारखंड सरकार का ऊर्जा
विभाग गत चार माह से अधिक समय से बिना सचिव के चल रहा है, कोई प्रभारी भी नहीं है। होल्डिंग कंपनी
ऊर्जा विकास निगम में सीएमडी नहीं है, वितरण में एमडी नहीं है। फिर भी विभाग चल रहा है,
विभाग का बजट बन रहा
है। विभाग उपलब्धियां हासिल कर रहा है, प्रबंधन का कमाल है।
कांग्रेस के सबसे घिनौना, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग...नवजोत कौर सिद्धू ने कहा
पंजाब
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को घेरते हुए नवजोत कौर
सिद्धू ने कहा, आपने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर कांग्रेस को बर्बाद करके खुद को जेल
जाने से बचा लिया। आपने AAP के साथ मिलीभगत करके छोटे-मोटे फायदे के
लिए पार्टी बेच दी। मेरे लिए तो आपके पास निलंबन पत्र तैयार था,
लेकिन उन लगभग 12
वरिष्ठ कांग्रेसी
नेताओं का क्या जो नवजोत को नुकसान पहुंचाने के लिए मजीठिया के साथ काम कर रहे थे?
और आपने नवजोत को
हराने के लिए उन सभी को बड़े-बड़े पद देकर पुरस्कृत किया। मेरे पास आपको बेनकाब
करने के पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है
क्योंकि मैंने खुद कांग्रेस छोड़ दी है, जहां कोई
भी होनहार नेता नजर नहीं आता। राजा
वारिंग पर निशाना साधते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने कहा,आपने मेरी सीट पर लोगों को जानबूझकर
बिठाया ताकि वे मुझे हरा सकें। आशु, चन्नी, भट्टल जी, डॉ.गांधी जी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के
खिलाफ आपकी कार्रवाई कहां है,जिन्होंने खुलेआम आपको और आपकी पार्टी को चुनौती दी
है? आप हंसी का पात्र बन गए हैं और लोग आपके वीडियो का आनंद ले रहे हैं।
नवजोत से प्रेम करने वाले कांग्रेसी नेताओं का अपमान करना बंद करें। आप पार्टी को
जिताने के बजाय उसे बर्बाद करने में ज्यादा व्यस्त हैं। अपनी मातृ पार्टी के प्रति
ईमानदार न होने पर आपको शर्म आनी चाहिए। आपने काफी नुकसान कर दिया है।
बजट को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
भारत के
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पेश हुआ बजट ऐतिहासिक है। इस बजट से यूथ
की उड़ान के लिए आसमान खुल गया है। भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है।
बजट से भारत की ग्लोबल पोजिशन मजबूत होगी। पीएम मोदी ने कहा कि बजय भविष्य को ध्यान में
रखकर पेश किया गया है और इससे छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होगा। ये विकसित
भारत की गति को तेज करने वाला बजट है। केंद्रीय बजट 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-आज का बजट
ऐतिहासिक है। यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है। महिला
वित्त मंत्री निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड
बनाया है। यह बजट अपार अवसरों का द्वार है। यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में
बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव
को मजबूत करता है। यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक
मजबूत आधार है। मित्रों, भारत जिस सुधार की
रफ्तार पर आज चल रहा है, उसे इस बजट से नई
ऊर्जा और गति मिलेगी। केंद्रीय बजट 2026 पर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-भारत ने मदर ऑफ ऑल डील्स पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसका
अधिकतम लाभ भारत के युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों तक पहुंचे। यह बजट मेक इन
इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहलों को नई गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोड मैप
पेश करता है। बायो-फार्मा शक्ति मिशन, सेमीकंडक्टर
मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, रेयर अर्थ कॉरिडोर का निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर, वस्त्र क्षेत्र के लिए नई योजनाएं, उच्च तकनीक वाले खिलौना निर्माण को प्रोत्साहन और
अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों का विकास जैसे उपाय भविष्योन्मुखी कदम हैं जो देश की
वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करते हैं।
देर रात फायरिंग,डायरेक्टर रोहित शेट्टी,इस गैंग ने ली जिम्मेदारी
लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने इस मामले की जिम्मेदारी ली है। शुभम लोनकर आरजू बिश्नोई नाम की एक फेसबुक आईडी पर घटना के बारे में पोस्ट करके इसकी जिम्मेदारी ली गई है। पोस्ट में बॉलीवुड के अन्य अभिनेताओं को भी धमकी दी गई है। इसमें साफ तौर पर कहा है कि टाइम रहते सुधर जाओ नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा तुम्हारा। अगर आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी तो अब घर के बाहर नहीं अंदर बेडरूम में गोली चलेगी। शुभम लोनकर आरजू बिश्नोई नाम के फेसबुक आई की पोस्ट में लिखा है,राम राम जय बजरंग बली सभी भाइयों को,आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टॉवर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर जो ये फायरिंग हुई है उसकी जिम्मेदारी SHUBHAM LONKAR AARZOO BHISHNOI HARI BOXER HARMAN shandu हम लेते हैं। हमने इसको बहुत
बार मैसेज लगाया कि हमारे काम मे दखल ना
दे लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर आगे फिर
हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी तो अब घर के बाहर नहीं अंदर इसके
बेडरूम में गोली चलेगी इसकी छाती पर और आगे पूरे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम
रहते सुधर जाओ नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा तुम्हारा। बाबा सिद्धीकी से भी बुरा हाल
करेंगे तुम्हारा। पोस्ट में आगे लिखा,हमने जिन जिन लोगों को फोन कर रखा है या
तो टाइम रहते लाइन पे आ जाओ वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी तुम्हे और जितने भी
हमारे दुश्मन हैं तैयार रहो जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे wait
and watch !! (NOTE= एक ही था एक
ही है और एक ही रहेगा Lawrence BHISHNOI group !!) जय श्री राम...जय बालकरी।
नकली जीरा सौंफ पर सीमेंट और रसायन का लेप लगाकर बनाया जा …
ग्वालियर शहर
के बहोड़ापुर थाना इलाके की पुलिस ने मेहसाणा गुजरात के रहने वाले विमल कुमार पटेल की शिकायत पर
शिव पुजारी ब्रांड के नकली जीरे से भरी 46 बोरियों को जप्त किया है। यह जीरा सौंफ पर
सीमेंट और रसायन का लेप लगाकर बनाया जा रहा था। जब पुलिस को नकली जीरा बनाने वाले
कारोबारियों की भनक लगी तो पुलिस ने कार्रवाई की। जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया
गया है,
उनमें हितेश सिंघल,
मनोज और टीटू
अग्रवाल शामिल है। शिव पुजारी ब्रांड के हूबहू पैकेजिंग सामग्री छपवाकर घटिया
क्वालिटी का जीरा उनके नाम से बेचा जा रहा था। इसकी शिकायत मेहसाणा के कारोबारी
विमल कुमार ने की थी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही
मार्केट में खपाए गए नकली जीरा को लेकर जानकारी हासिल कर रही है। पकड़े गए जीरे की
अनुमानित कीमत 2.5 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस ने कोल्ड स्टोर के मालिक
समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन एक आरोपी फरार है।
SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों-ट्रांसपेरेंसी की कमी, बीजेपी वर्कर्स पर असली वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाने के…
कांग्रेस ने
आरोप लगाया कि जिला और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, रूल 15(1)(b)
के तहत जरूरी फॉर्म-7
के तहत फाइल किए गए
ऑब्जेक्शन की डिटेल्स पब्लिक में दिखाने में फेल रहे हैं और उन वोटर्स की लिस्ट भी पब्लिश नहीं की
जिनके खिलाफ रूल 21A के तहत सुधारात्मक कार्रवाई की गई थी।
रिप्रेजेंटेशन में दावा किया गया,ऐसा लगता है कि (पोल) अधिकारी जानबूझकर सब
कुछ दबा रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव अधिकारियों को एक
रिप्रेजेंटेशन दिया, जिसमें राज्य में चल रहे वोटर लिस्ट के
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और
ट्रांसपेरेंसी की कमी का आरोप लगाया गया। गुजरात के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर हरीत
शुक्ला को दिए अपने रिप्रेजेंटेशन में पार्टी ने बीजेपी वर्कर्स पर असली वोटर्स के
नाम लिस्ट से हटाने के लिए बल्क में ऑब्जेक्शन फाइल करने का
आरोप लगाया। गुजरात
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी को ऐसे दावे
करने से पहले रोल रिवीजन के रूल्स और रेगुलेशंस को समझने की जरूरत है।गुजरात
बीजेपी के प्रवक्ता अनिल पटेल ने कहा,एसआईआर इलेक्शन कमीशन द्वारा उन रूल्स और
रेगुलेशंस के अनुसार किया जा रहा है, जिन्हें आजादी के बाद कभी नहीं बदला गया।
फॉर्म नंबर 7 (नाम हटाने के लिए) प्रोसेस के हिस्से के तौर पर जमा किए जा रहे हैं और
चुनाव आयोग उन ऑब्जेक्शन्स को कानून के अनुसार ट्रांसपेरेंट तरीके से वेरिफाई
करेगा।
चुनाव आयुक्त को लिखे लेटर में, गुजरात कांग्रेस प्रेसिडेंट और विधायक
अमित चावड़ा ने दावा किया कि राज्य भर में चुनाव अधिकारी रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स
रूल्स, 1960 के तहत तय जरूरी प्रोसेस को फॉलो नहीं कर
रहे हैं। चुनाव आयोग ने पिछले साल के आखिर में गुजरात में इलेक्टोरल रोल्स का
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू किया था और ऑब्जेक्शन फाइल करने की डेडलाइन 18
जनवरी से बढ़ाकर 30
जनवरी कर दी थी।
गुजरात के साथ 8 अन्य राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह
प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस ने दावा किया कि बीजेपी वर्कर असली वोटर्स के नाम
रोल्स से हटाने की कोशिश में बिना डॉक्यूमेंट्री सबूत दिए पूरे राज्य में
ऑब्जेक्शन फाइल कर रहे थे।
इन महिलाओ को नहीं मिलेगा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ...
बिहार मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने एक्स पोस्ट में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दूसरा चरण शुरू
करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार
की एक महिला को 10 हजार रु की राशि प्रदान की गई है। अब तक 1
करोड़ 56
लाख लाभुकों के खाते
में D.B.T. के जरिए राशि
अंतरित कर दी गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार
D.B.T. के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही
राशि भेज दी जाएगी। दरअसल,बिहार सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और
सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री महिला रोजगार
योजना शुरू की गई है। इस योजना की पात्र महिलाओं को अब 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद दी जा सकती
है। अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को 10
हजार रुपये की पहली
किश्त दी गई है, लेकिन इन सभी महिलाओं को 2 लाख रुपये नहीं मिलेंगे। सिर्फ उन्हीं
महिलाओं को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिनका
रोजगार सही चल रहा है। अगर किसी का
रोजगार सही दिशा में है तो उसे एकसाथ दो लाख रुपये की मदद भी दी जा सकती है।
हालांकि, अधिकतर महिलाओं को दो लाख रुपये की अतिरिक्त राशि किश्तों में मिलेगी।
नीतीश कुमार ने बताया कि विभाग को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला
रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित
व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के
कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र,
दीदी की रसोई
इत्यादि। इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत
होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के
लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
इस योजना का मुख्य
उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है,
ताकि प्रत्येक
परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके। इस योजना में महिलाओं द्वारा
रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2
लाख रु तक की
अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। चयनित लाभुकों को 2
लाख रु तक की
अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह राशि
चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग
किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी
जा सकेगी।
फ्लाईओवर निर्माण ACB क्यू की दर्ज FIR….
बारापुला
फ्लाईओवर के फेज-3 के निर्माण में देरी और लागत की बढ़ोतरी
को लेकर FIR दर्ज की है। FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7A
और 13
के तहत कार्रवाई की
गई। ACB की प्रारंभिक जांच के बाद FIR दर्ज हुई है। ये FIR अज्ञात सरकारी अधिकारियों और एक निजी
ठेकेदार के खिलाफ हुई है। इस आर्टिकल में जानें पूरा मामला। मुख्यमंत्री रेखा
गुप्ता की सिफारिश पर दिल्ली के LG ने संज्ञान लिया था। 28
जुलाई 2025
को व्यय वित्त समिति
(EFC) की बैठक में ये मामला उठा था। EFC ने गैर-सक्षम अधिकारियों की तरफ से
मध्यस्थता स्वीकार करने और देरी पर गहन जांच की सिफारिश की है। PWD
को ACB
को सभी रिकॉर्ड
सौंपने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि जांच में फ्लाईओवर निर्माण में असामान्य और
अनुचित देरी के बारे में जिक्र है। परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की जांच ACB
ने शुरू कर दी है। LG
ने अक्टूबर 2025
में इस मामले की
जांच के आदेश दिए थे। फ्लाईओवर के निर्माण में हुई देरी के कारण सरकारी खजाने को
करोड़ों का नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि यहां साढ़े 3 किलोमीटर लंबा, चार लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर,
सराय काले खां में
बारापुल्ला फ्लाईओवर से जुड़ना है। इस परियोजना को 2011
में मंजूरी मिली थी।
दिसंबर 2014 में 1
260.63 करोड़ रुपये
की राशि स्वीकृत हुई थी। फिर अप्रैल 2015 में L&T
को निर्माण कार्य का
जिम्मा दिया गया था। इसके बाद अक्तूबर, 2017 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा होना था।
NCP के विलय की थी तैयारी शरद पवार
शरद पवार ने
बारामती में कहा,सुनेत्रा पवार के आज महाराष्ट्र के डिप्टी
CM के तौर पर शपथ लेने के बारे में कोई जानकारी नहीं है,उनकी पार्टी ने ही यह तय किया होगा। दोनो
एनसीपी के विलय को लेकर जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच पिछले 4
महीने से चर्चा हो
रही थी। चर्चा सकारात्मक दिशा में चल रही थी। 12 तारीख को सार्वजनिक घोषणा भी होने वाली
थी। शरद पवार ने कहा,अजित पवार एक सक्षम और प्रतिबद्ध नेता थे,
जिन्होंने वास्तव
में जनता के लिए काम किया। वे जनसमस्याओं को गहराई से समझते थे और हमेशा यह
सुनिश्चित करने का प्रयास करते थे कि लोगों को न्याय मिले। बारामती की जनता हमेशा
उनके साथ खड़ी रही, और अपने
काम व जिम्मेदारियों के निर्वहन
में उन्होंने कभी कोई कमी नहीं छोड़ी। शरद पवार ने कहा,उनके निधन ने हम सभी को गहरे सदमे में डाल
दिया है। उनके जाने के बाद जो स्थिति उत्पन्न हुई है, वह हमसे मजबूती के साथ आगे बढ़ने का
आह्वान करती है। हमें लोगों के दुख-दर्द को कम करने के लिए काम करना होगा और
उन्हीं मूल्यों व कार्यशैली को आगे बढ़ाना होगा, जिनके साथ उन्होंने जनता की सेवा की। मुझे
पूरा विश्वास है कि उनके परिवार की नई पीढ़ी निश्चित रूप से उनकी विरासत और
कार्यपद्धति को आगे बढ़ाएगी। शरद पवार ने बताया, अस्थि विसर्जन तक सुनेत्रा हमारे साथ में
थीं लेकिन उप मुख्यमंत्री पद को लेकर कुछ बात नहीं कही।
शरद पवार ने कहा कि
सुनेत्रा पवार के आज शपथ ग्रहण के बारे में मुझे नहीं पता। पार्टी ने शायद तय किया
होगा। कुछ लोगों के नाम आ रहे हैं जैसे प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे ने इनिशिएटिव लिया है। उनकी
पार्टी ने कुछ ना कुछ तय किया होगा। शरद पवार ने कहा कि दोनों एनसीपी के साथ में
आने की चर्चा अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच चल रही थी। अजित पवार के निधन के बाद
अब इस चर्चा में रुकावट पैदा हो सकती है, ऐसा मुझे दिखाई देता है।
45 बच्चे फूड प्वाइजनिंग से बीमार सरकारी प्राइमरी स्कूल में
फूड
प्वाइजनिंग के चलते तेलंगाना के कोनिजेरला मंडल के
बोडियाथांडा सरकारी प्राइमरी स्कूल के 38 छात्रों को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती
कराया गया, जिनमें से 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना
संगारेड्डी जिले के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 45
छात्रों के बीमार
पड़ने के एक दिन बाद हुई है। छात्रों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखे। गांव
वालों, माता-पिता और स्कूल स्टाफ ने तुरंत प्रभावित छात्रों को खम्मम सरकारी
अस्पताल पहुंचाया। उन सभी का अभी इलाज चल रहा है। इस
तरह के मामले पहले भी आए हैं,
जब मिड डे मील खाने
से बच्चे बीमार पड़े हैं। इसकी मुख्य वजह साफ सफाई का ध्यान नहीं रखना और खाने की
उच्च गुणवत्ता का खयाल नहीं रखना है। इसके पीछे जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई
होनी चाहिए क्योंकि ये बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ का मामला है। गरीब बच्चे आवाज
नहीं उठाते, इसलिए इस तरह खाने की गुणवत्ता से समझौता किया जाता है। दरअसल,सरकारी प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील वह
योजना है, जिसके तहत बच्चों को दोपहर का खाना स्कूल की तरफ से खिलाया जाता है।
यह स्कूल की तरफ से बिल्कुल फ्री होता है और ताजा ही बनाया जाता है। ये भोजन
नियमानुसार पौष्टिक होता है और इसमें न्यूनतम कैलोरी, प्रोटीन और विटामिन होता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में भूख कम
करना और पोषण स्तर सुधारना है। इसका एक और प्रमुख उद्देश्य स्कूल में नामांकन
बढ़ाना, उपस्थिति बेहतर करना और ड्रॉपआउट रोकना है। इससे खासकर गरीब परिवारों
के बच्चों के लिए प्रोत्साहन मिलता है, क्योंकि कई बच्चे खाली पेट स्कूल आते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पिटारे से क्या निकल सकता है..?
सरकार का उद्देश्य
आसान और कम जटिल टैक्स सिस्टम बनाना है, जिससे टैक्स भरना आसान हो और विभाग का काम भी
आसान हो। इस बार टैक्स स्लैब या रेट में बड़े बदलाव की संभावना कम है। सरकार पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961
से नए एक्ट 2025 में आसान बदलाव पर ध्यान देगी। टैक्स रिफंड जल्दी
मिलना और नियमों का पालन सरल बनाना मुख्य टारगेट होगा। AIS और TIS
जैसे सिस्टम से टैक्स भरना आसान हुआ है,
लेकिन इसमें कई बार गलतियां और डुप्लीकेट
एंट्री होती हैं। बजट में डिजिटल सिस्टम को और
भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने पर काम हो सकता है। अगर AI
का सही इस्तेमाल किया जाए तो टैक्स रिटर्न
ऑटो-फिल हो सकता
है,गलतियां कम होंगी और फाइलिंग आसान होगी। टैक्स रिफंड के लिए
रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम भी मददगार साबित हो सकता है। इसके साथ ही इसमें
और भी सुधार हो सकते हैं। इनकम टैक्स के केस जल्दी निपटाने पर जोर। क्रिप्टो और डिजिटल
एसेट्स पर साफ और व्यावहारिक नियम। ESOP टैक्स को सभी कर्मचारियों के लिए आसान बनाने की
संभावना। कुल मिलाकर, बजट 2026 का मकसद है कि टैक्स सिस्टम सरल,
पारदर्शी और डिजिटल टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली
बने। नया
इनकम टैक्स कानून टैक्सपेयर्स के अनुभव को बेहतर बनाएगा और सरकार को आम लोगों और
रेवेन्यू के बीच संतुलन बनाना होगा।



































