1 अप्रैल टैक्स से लेकर बैंकिंग, रेलवे नियम में होंगे बड़े बदलाव...
अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट
कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा। इसके बाद कैंसिलेशन पर पैसे वापस नहीं मिलेंगे। यानी
अब प्लान बदलने पर ज्यादा नुकसान हो सकता है। F&O
ट्रेडिंग
करने वालों के लिए खर्च बढ़ने वाला है। ऑप्शंस पर लगने वाला STT
बढ़ा
दिया गया है। इसके अलावा गोल्ड बॉन्ड (SGB) से जुड़े टैक्स नियमों
में भी बदलाव हुआ है। पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961
की
जगह नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। इसमें
असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर जैसे कॉम्प्लिकेटेड शब्द हटाकर सिर्फ टैक्स
ईयर रखा
गया है। इसके अलावा HRA छूट के लिए मकान मालिक
का PAN और किराए का प्रूफ देना जरूरी होगा। क्रेडिट कार्ड से
सालाना ₹10 लाख से ज्यादा खर्च करने वालों की जानकारी अब
टैक्स विभाग को दी जाएगी। कई बैंकों ने रिवॉर्ड प्वाइंट्स और चार्जेस में भी बदलाव
किए हैं। कुछ सेवाओं पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है, जिससे आपके खर्च बढ़
सकते हैं। नए लेबर लॉ के तहत
बेसिक सैलरी का हिस्सा बढ़ेगा। इससे PF और ग्रेच्युटी तो
ज्यादा मिलेगी, लेकिन टेक-होम सैलरी थोड़ी कम हो सकती है। हर महीने की तरह 1
अप्रैल
को LPG, CNG और PNG की कीमतों में बदलाव हो
सकता है। इसका असर आपके किचन बजट और यात्रा खर्च पर पड़ेगा। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को
सुरक्षित बनाने के लिए अब 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA)
को और
मजबूत किया गया है। OTP के साथ-साथ बायोमेट्रिक
या डिवाइस आधारित सुरक्षा भी जरूरी हो सकती है।
मिडिल ईस्ट तनाव भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे करेगा प्रभावित...?
भारत एक बड़ा ऊर्जा
आयातक देश है और पश्चिम एशिया के देशों के साथ उसका व्यापार और निवेश गहराई से
जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस का भी भारतीय
अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। ऐसे में वहां के हालात बिगड़ने का सीधा असर भारत
पर पड़ सकता है। वित्त मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया है कि आने वाले समय
में आर्थिक स्थिति अनिश्चित बनी रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार,
पश्चिम एशिया में जारी संकट,
कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में
बाधाएं भारत की ग्रोथ के लिए
जोखिम पैदा कर रही हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल
की कीमतों में उछाल भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। अगर तेल और गैस
महंगे होते हैं, तो इसका
असर परिवहन, उद्योग
और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब
भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। देश के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर वी. अनंत
नागेश्वरन ने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात भारत के आर्थिक
संकेतकों पर व्यापक असर डाल सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि ग्रोथ,
महंगाई और फाइनेंशियल बैलेंस पर इसका दबाव
बढ़ सकता है। सीईए के मुताबिक, मौजूदा हालात में देश की आर्थिक वृद्धि दर
प्रभावित हो सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा है,
जिसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा।
खासकर ईंधन से जुड़े सेक्टर में लागत बढ़ने से कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। हालांकि
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और घरेलू मांग इस
असर को कुछ हद तक कम कर सकती है। सरकार ऊर्जा सोर्स में विविधता लाने,
महंगाई को कंट्रोल करने और आर्थिक स्थिरता
बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
राहुल गांधी के दिमाग को 'एक्टिविस्ट' सलाहकारों ने हाइजैक कर लिया है...मंत्री किरेन रिजिजू
एक निजी शिखर
सम्मेलन टाइम्स नाउ समिट के दौरान रिजिजू ने राहुल गांधी के संसद में
टी-शर्ट पहनकर आने और उनकी राजनीतिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा
कि कांग्रेस नेता के दिमाग पर उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों ने कब्जा कर लिया है और वह संसद में
वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बोलने को कहते हैं। रिजिजू ने कहा,निजी तौर पर, मुझे राहुल गांधी से कोई दिक्कत नहीं है। हम
मिलते हैं, बैठक
कक्ष में और उसके बाहर एक-दूसरे से बात करते हैं, क्योंकि वह प्रतिपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है।
कोई दिक्कत नहीं,लेकिन जब आप औपचारिक रूप से सदन के पटल पर बोल रहे होते हैं,
तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार
का पालन करना चाहिए। ये
संसदीय लोकतंत्र के बहुत जरूरी हिस्से हैं। उन्होंने आगे कहा,लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट
सलाहकारों ने हाईजैक
कर लिया है। वह वही बोलते हैं जो उनके
सलाहकार बोलने को कहते हैं। रिजिजू ने कहा कि जब बीजेपी विपक्ष में थी,
तो उसने कुछ मानकों का पालन किया और
जोरदार विरोध प्रदर्शन किए, लेकिन उसने कभी अपनी सीमाएं पार नहीं कीं। राहुल
गांधी के संसद में अक्सर कैजुअल कपड़ों में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री
ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर, किसी को भी उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए
और पहनावा भी इसी का एक हिस्सा है।
मंत्री
ने कहा,उन्हें
नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत होती है। जब आप नेता प्रतिपक्ष होते हैं,
तो आपको एक खास तरीके से व्यवहार करना
होता है। शालीन पहनावा भी इसी का एक हिस्सा है। रिजिजू ने कहा कि वरिष्ठ
कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी लोकसभा अध्यक्ष बनने से पहले ढीली शर्ट और सैंडल
पहनते थे। उन्होंने कहा,लेकिन जब वह लोकसभा अध्यक्ष चुने गए,
तो वह काफी शालीनता से कपड़े पहनकर आने
लगे ताकि वह कुर्सी पर बैठे हुए अच्छे दिखें। इसी तरह, नेता प्रतपिक्ष पूरे विपक्ष के नेता होते हैं और
इसलिए उन्हें इस तरह से कपड़े पहनने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों। रिजिजू
ने कहा, "हो सकता है कि मैं उस व्यक्ति का सम्मान न करूं,
लेकिन मुझे उस पद का सम्मान करना ही होगा।
इसलिए बहुत से लोगों को लगता है कि वह (गांधी) और बेहतर तरीके से व्यवहार कर सकते
हैं, जिसमें बेहतर पहनावे
की समझ भी शामिल है। मैं टी-शर्ट पहनने पर कोई आपत्ति नहीं जता रहा हूं,
लेकिन यह अच्छा नहीं लगता। केंद्रीय
मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति विरोधाभासों से भरी लगती है;
वह सरकार की हर उपलब्धि का विरोध करते हैं
और उसकी हर सफलता पर सवाल उठाते हैं।
डेटा के नाम पर लूट रिचार्ज प्लान पर राघव चड्ढा ने संसद में सरकार को घेरा
टेलीकॉम कंपनियां हर
24 घंटे में रीसेट होने
वाले 1.5GB, 2GB या 3GB हर दिन की डेली डेटा लिमिट
वाले रिचार्ज प्लान देती हैं। पूरा पेमेंट
करने के बाद भी, कोई भी
इस्तेमाल न किया गया डेटा आधी रात को एक्सपायर हो जाता है।आपको 2GB
का बिल आता है। आप 1.5GB
इस्तेमाल करते हैं। बचा हुआ 0.5GB
दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई
रिफंड नहीं। कोई रोलओवर नहीं। बस चला गया। यह कोई एक्सीडेंट नहीं है। यह पॉलिसी
है। इसे बेवजह इस्तेमाल करें, नहीं तो आधी रात तक खत्म हो जाएगा। आजकल मोबाइल
डेटा ऐसे ही काम करता है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में डेली डेटा लिमिट
का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि हम पूरे डेटा के लिए पैसे देते हैं,
लेकिन दिन खत्म होते ही पूरा डेटा भी चला
जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हर ग्राहक को रोलओवर की सुविधा
मिलनी चाहिए। राघव
चड्ढा ने पार्लियामेंट में यह मुद्दा उठाया था कि जिस डेटा के लिए हमने पेमेंट
किया है, उसे
जब्त क्यों किया जाना चाहिए? इस्तेमाल न किया गया डेटा अगले साइकिल में कैरी
फॉरवर्ड होना चाहिए, ताकि कंज्यूमर वही इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही
पेमेंट कर दिया है। राघव चड्ढा की मांगें सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इस्तेमाल न किए गए डेटा
का रोलओवर देना चाहिए। दिन के आखिर में जो डेटा इस्तेमाल नहीं होता,
उसे अगले दिन की डेली डेटा लिमिट में जोड़
देना चाहिए, वैलिडिटी
खत्म होते ही मिटाना नहीं चाहिए।
अगले महीने
के
रिचार्ज
अमाउंट
के
बदले
इस्तेमाल
न
किए
गए
डेटा
को
एडजस्ट
करने
का
ऑप्शन
दें। अगर कोई कंज्यूमर कई साइकिल में लगातार अपने
डेटा का कम इस्तेमाल करता है, तो अगले महीने के रिचार्ज अमाउंट से उस वैल्यू को
एडजस्ट या डिस्काउंट करने का एक तरीका होना चाहिए। कंज्यूमर को बार-बार उस
कैपेसिटी के लिए पेमेंट नहीं करना चाहिए जिसका वे इस्तेमाल नहीं करते। इस्तेमाल न
किए गए डेटा को कंज्यूमर की डिजिटल प्रॉपर्टी माना जाना चाहिए। यूज़र्स को अपनी
डेली डेटा लिमिट से अपना इस्तेमाल न किया गया डेटा दूसरों को ट्रांसफर करने की
इजाज़त होनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे दूसरों को पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। राघव चड्ढा
ने कहा कि जैसे-जैसे हम डिजिटल इंडिया बना रहे हैं, एक्सेस उस डेटा पर निर्भर नहीं रह सकता जो गायब
हो जाता है। अगर आपने इसके लिए पेमेंट किया है, तो इसे आगे बढ़ाना चाहिए और इस्तेमाल के लिए आपका
ही रहना चाहिए।
दुनिया में 57 इस्लामी देश हैं, तो भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों घोषित नहीं किया जा सकता… टी. राजा सिंह
तेलंगाना के विधायक टी
राजा सिंह ने पूछा, क्या भारत माता की जय का नारा या वंदे मातरम गीत गाने से किसी का धर्म
खतरे में पड़ जाता है? हिंदुओं से जातिगत मतभेदों को दरकिनार करते हुए हिंदू राष्ट्र
की प्राप्ति की दिशा में काम करने का
आह्वान करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया में 57 इस्लामी देश हैं, तो भारत को हिंदू राष्ट्र क्यों घोषित नहीं किया
जा सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश की पुलिस द्वारा
विभिन्न मामलों में आतंकवाद से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की भी
प्रशंसा की।
उन्होंने कहा,अगर कोई भारत या मेरे धर्म को बुरी नीयत से देखने
की हिम्मत करता है, तो हम उसे नहीं बख्शेंगे। विधायक टी.राजा सिंह ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम
और भारत माता की जय
के नारे लगाने का विरोध करने वालों पर
निशाना साधा है। विधायक ने सवाल किया कि भारत हिंदू राष्ट्र
क्यों नहीं बन सकता। हैदराबाद में राम
नवमी की शोभायात्रा में गोशामहल के विधायक ने शुक्रवार को कहा कि जो लोग भारत को
अपना देश मानते हैं, उन्हें राष्ट्रगीत वंदे मातरम और भारत माता की जय का नारे लगाने का विरोध नहीं करना चाहिए। लव
जिहाद जैसी
गतिविधियों में भी शामिल नहीं होना चाहिए। लव जिहाद शब्द का उपयोग दक्षिणपंथी समूहों द्वारा मुस्लिम
पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं को प्रेम संबंधों और विवाह के जाल में फंसाकर उन्हें
इस्लाम में परिवर्तित करने की साजिश का आरोप लगाने के लिए किया जाता है।
बर्ड फ्लू,22,808 मुर्गियों, 25,896 अंडों को किया गया नष्ट
छत्तीसगढ़ के
बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की पुष्टि होने के बाद संक्रमण
रोकने के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने क्षेत्र में 22 हजार से अधिक मुर्गियों को मार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में
बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए
संक्रमण फैलने से रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त
संचालक, पशु
चिकित्सा विभाग बिलासपुर के निर्देशन में त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन कर
प्रभावित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण को फैलने से
रोकने के लिए प्रतिक्रिया दल ने संक्रमित और संदिग्ध क्षेत्र में मौजूद शेष बचे
कुल 22,808 मुर्गियों, 25,896 अंडों
और लगभग 79 क्विंटल दाने को वैज्ञानिक विधि से नष्ट कर दिया
है। यह कार्रवाई शासन के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सावधानीपूर्वक की गई।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की सतत निगरानी के लिए जिलाधिकारी
परिसर में बर्ड फ्लू नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है,
जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि
बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, संदेह या मृत पक्षियों की जानकारी तत्काल
नियंत्रण कक्ष के लैंडलाइन नंबर पर दें।
पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक डॉक्टर
जीएस तंवर ने बताया कि जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और पशुपालकों को विशेष
सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तंवर ने बताया कि पोल्ट्री फार्म की निगरानी
बढ़ा दी गई है और संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा जा रहा
है। उन्होंने बताया कि समय रहते उठाए गए इन कदमों से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित
करने में मदद मिलेगी और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है,
बल्कि सावधानी और जागरूकता बनाए रखने की
जरूरत है। अधिकारियों ने बताया कि कोनी जिला स्थित पोल्ट्री फार्म में 4400
मुर्गियों को मारे जाने के बाद भोपाल और
पुणे की प्रयोगशालाओं में संक्रमित मुर्गियां के नमूने भेजे गए थे जिनमें बर्ड
फ्लू की पुष्टि हुई थी। जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने
तत्काल प्रभाव से व्यापक नियंत्रण एवं रोकथाम के निर्देश जारी किए हैं।
KBC में पहुंची घोटालेबाज महिला तहसीलदार गिरफ्तार
महिला तहसीलदार पर 2.5
करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले
का आरोप लगा है। फिलहाल आरोपी महिला
तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस घोटाले में कथित संलिप्तता
के आरोप में महिला तहसीलदार को गुरुवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार
किया गया। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि अमृता सिंह तोमर को साल 2021
में बड़ौदा तहसील में हुए घोटाले
के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक अदालत में
पेश किए जाने के बाद अमृता सिंह तोमर को शिवपुरी
की जेल में रखा गया है। अधिकारियों ने ही बताया कि अमृता सिंह तोमर ने कौन बनेगा
करोड़पति में
प्रतियोगी के रूप में 50 लाख रुपये जीते थे। इसी प्रकार के एक अन्य मामले में मिर्जापुर जिले
से एक जूनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है। यहां देहात कोतवाली क्षेत्र में
भ्रष्टाचार रोधी दल ने बुधवार को एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में जूनियर
इंजीनियर को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भ्रष्टाचार रोधी दल ने
सिंचाई विभाग की बाणसागर परियोजना में तैनात कनिष्ठ अभियंता मुसाफिर सिंह यादव को
ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य का बिल स्वीकृत करने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत
लेते गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार
निवारण अधिनियम की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मस्जिद में इमाम नियुक्त पर आपस में भिड़े दो पक्ष चले जमकर लाठी-डंडे…
विवाद के दौरान,
मस्जिद के बाहर जमकर लाठी-डंडे चले और
एक-दूसरे पर पथराव किया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है,
जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा
है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग खुलेआम मारपीट और पत्थरबाजी करते नजर आ
रहे हैं, जिससे
इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लाठी-डंडों की चोट और पत्थर लगने से झगड़े के
दौरान कई लोग घायल हो गए। दरअसल,यूपी के बुलंदशहर
में एक ही समुदाय के दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई है। यहां के कोतवाली शिकारपुर
क्षेत्र के ड्ढोरी वाले मोहल्ले में मस्जिद में इमाम रखने को लेकर दो पक्षों के
बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और पथराव तक पहुंच
गया। बताया जा रहा है
कि एक पक्ष मस्जिद में नया इमाम नियुक्त करना चाहता था, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। इसी बात
को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस घटना की खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में
किया। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोतवाली में
तहरीर दी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई
की बात कही जा रही है। उनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि हालात को
नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। वीडियो के आधार पर
आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमा दर्ज कर दोषियों के
खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना में शामिल चाहे जो भी लोग हों,
उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की
जाएगी।
कोविड-19 महामारी जैसा देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, राज्य सप्लाई चेन ठीक करें…मुख्यमंत्रियों से बोले पीएम मोदी
पश्चिम एशिया में
मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इसी तरह की
ग्लोबल दिक्कतों से निपटने का पहले का अनुभव है। उन्होंने कोविड-19
महामारी के दौरान मिलकर उठाए गए कदम को
याद किया, जब
केंद्र और राज्यों ने सप्लाई चेन, व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले असर
को कम करने के लिए “टीम इंडिया” के तौर पर मिलकर काम किया था। उन्होंने इस बात पर
जोर दिया कि मौजूदा हालात से निपटने में सहयोग और तालमेल की यही भावना भारत की
सबसे बड़ी ताकत है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए
राज्यों के मुख्यमंत्रियों और लेफ्टिनेंट गवर्नरों के साथ एक मीटिंग की। इस मीटिंग
में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से पैदा हुए हालात और भारत पर इसके
संभावित असर को देखते हुए तैयारियों का रिव्यू किया गया। प्रधानमंत्री ने सभी
मुख्यमंत्रियों द्वारा शेयर किए गए कीमती सुझावों की तारीफ की और कहा कि ये इनपुट
बदलते हालात को असरदार तरीके से मैनेज करने में मददगार होंगे। उन्होंने आगे आने
वाली चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारी और मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि
हालात बदलते रहते हैं, जिसके लिए लगातार मॉनिटरिंग और उसके हिसाब से काम करने की स्ट्रेटेजी
की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप काम कर रहा
है, जो रोजाना हालात का
रिव्यू कर रहा है और समय पर फैसले ले रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की
प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापार में स्थिरता बनाए रखना, एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करना,
नागरिकों के हितों की रक्षा करना और
इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मजबूत करना हैं। राज्यों की अहम भूमिका पर जोर देते
हुए, प्रधानमंत्री ने कहा
कि फैसलों को असरदार तरीके से लागू करने का काम राज्य लेवल पर होता है। उन्होंने
केंद्र और राज्यों के बीच लगातार बातचीत और तालमेल के साथ-साथ समय पर जानकारी शेयर
करने और मिलकर फैसले लेने की अपील की, ताकि जवाब तेजी से और एक साथ मिल-जुलकर दिए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से सप्लाई चेन को
ठीक से चलाने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने राज्य और जिला लेवल पर कंट्रोल रूम चालू करने और रुकावटों को रोकने के
लिए एडमिनिस्ट्रेटिव अलर्टनेस बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कृषि
सेक्टर में, खासकर
फर्टिलाइजर स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन की मॉनिटरिंग में, पहले से प्लानिंग की जरूरत पर भी जोर दिया,
ताकि आने वाले खरीफ सीजन में किसानों को
मुश्किलों का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री ने गलत जानकारी और अफवाहों को फैलने
से रोकने के लिए आगाह किया और कहा कि पैनिक को रोकने के लिए सही और भरोसेमंद
जानकारी का समय पर फैलाना जरूरी है। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड और नकली एजेंटों से भी
सावधान रहने की सलाह दी। पीएम ने बॉर्डर और तटीय राज्यों में शिपिंग,
जरूरी सप्लाई और समुद्री ऑपरेशन से जुड़ी
किसी भी नई चुनौती से निपटने के लिए खास ध्यान देने को कहा।पीएम ने जनता का भरोसा
बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि जरूरी चीजों की उपलब्धता का भरोसा
नागरिकों में बेवजह की पैनिक को रोकने में मदद करेगा। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि
जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, उन्हें हेल्पलाइन चालू करनी चाहिए,
नोडल ऑफिसर नियुक्त करने चाहिए और
प्रभावित परिवारों की मदद करने और समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए जिला-लेवल
सपोर्ट सिस्टम बनाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के सालों में भारत के
आर्थिक और सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की कोशिशें मौजूदा हालात में फायदेमंद
साबित हो रही हैं। उन्होंने इंडस्ट्री और MSMEs की चिंताओं को दूर करने और प्रोडक्शन और रोजगार
में स्थिरता पक्का करने के लिए उनके साथ लगातार जुड़े रहने को कहा। उन्होंने सभी
लेवल पर मजबूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम की जरूरत पर भी जोर दिया,
जिसमें मुख्य सचिवों के लेवल पर रेगुलर
रिव्यू और जिला लेवल पर लगातार मॉनिटरिंग शामिल है, ताकि बदलते हालात पर तुरंत जवाब दिया जा सके।
प्रधानमंत्री ने तुरंत जवाब और लंबे समय
की तैयारी पर एक साथ ध्यान देने की बात कही। उन्होंने राज्यों से बायोफ्यूल,
सोलर एनर्जी, गोबरधन पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे दूसरे एनर्जी सोर्स को
बढ़ावा देने की कोशिशों में तेजी लाने और पाइप वाले नैचुरल गैस कनेक्शन बढ़ाने की
अपील की। उन्होंने राज्यों के एक्टिव सहयोग से तेल और नैचुरल गैस की घरेलू खोज
को बढ़ाने की अहमियत पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि इस चुनौती से
निपटना सबकी जिम्मेदारी है और भरोसा जताया कि “टीम इंडिया” के तौर पर मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति से
कामयाबी से उबर जाएगा।सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि हालात
स्थिर हैं, पेट्रोल,
डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है
और जरूरी चीजों की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग
सिस्टम मौजूद हैं। उन्होंने फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले का बड़े
पैमाने पर स्वागत किया, यह देखते हुए कि इससे दुनिया भर में अनिश्चितताओं
के बीच नागरिकों को काफ़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने राज्यों और केंद्र शासित
प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी एलोकेशन को संकट से पहले के लेवल के 50%
से बढ़ाकर 70% करने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने बदलते
हालात को असरदार तरीके से मैनेज करने और नागरिकों के हितों की रक्षा करने के लिए
केंद्र के साथ मिलकर काम करने का अपना वादा दोहराया मीटिंग के दौरान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार इस
संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक्टिव रूप से काम कर रही है
और एलपीजी की समय पर उपलब्धता पक्का करने और पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम
करने जैसे पॉजिटिव कदम उठा रही है। उन्होंने मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सभी
राज्यों, केंद्र
शासित प्रदेशों और केंद्र की तरफ से मिलकर कार्रवाई करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कैबिनेट सेक्रेटरी टी वी सोमनाथन ने मौजूदा स्थिति पर एक प्रेजेंटेशन दिया और
राज्यों को स्थिति से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और सुझावों के बारे में
बताया।
पनीर असली खिला रहे है या नकली देना होगा जवाब महाराष्ट्र सरकार का आदेश लागू…
महाराष्ट्र सभी होटल और रेस्टेरेंट
को मेन्यू कार्ड में स्पष्ट लिखना होगा कि वे पनीर या चीज एनालॉग क्या बेच रहे
हैं। ग्राहकों को यह जानने का पूरा अधिकार होगा कि वे क्या खा रहे हैं। चीज एनालॉग
पर
कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन उसकी जानकारी
देना अनिवार्य कर दिया गया है। महाराष्ट्र में
खाने-पीने से जुड़ा एक बड़ा और आम जनता के हित का फैसला सामने आया है। अब राज्य
में होटल, रेस्टेरेंट और सड़क किनारे खाने-पीने के स्टॉल
लगाने वाले सभी विक्रेताओं (हॉकर्स) के लिए अपने मेन्यू में साफ-साफ बताना
अनिवार्य कर दिया गया है कि वे असली पनीर परोस रहे हैं या एनालॉग पनीर। यह मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी विधायक विक्रम पाचपुते ने उठाया था। उन्होंने कहा
कि कई जगह ग्राहकों को पनीर के नाम पर सस्ता चीज एनालॉग परोसा जा रहा है,
जिससे
लोगों के
साथ धोखा होता है। अगर कोई होटल या विक्रेता मेन्यू में सही जानकारी नहीं देता तो फूड
डिपार्टमेंट (एफडीए ) की जांच में पकड़े जाने पर लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब ग्राहक जागरूक होकर
ऑर्डर कर सकेंगे। सस्ते विकल्प को महंगे पनीर के नाम पर बेचने की धोखाधड़ी रुकेगी।
खाने की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी। इस तरह का आदेश लागू करने वाला महाराष्ट्र
देश का पहला राज्य बन गया है, जो फूड ट्रांसपेरेंसी
की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
असली पनीर दूध से तैयार
होता है जबकि एनालॉग पनीर को वनस्पति तेल, दूध पाउडर,
सोयाबीन,
नारियल
तेल जैसी प्लांट-बेस्ड सामग्री से तैयार किया जाता है। एनालॉग पनीर सस्ता मिलता है
लेकिन खाने वालों के लिए नुकसानदायक होता है। असली पनीर मुलायम होती है और मुंह
में रखते ही घुल जाता है लेकिन एनालॉग पनीर गलता नहीं है और खाने के दौरान इसे
चबाना पड़ता है। असली पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। लेकिन एनालॉग पनीर देखने
में असली पनीर पनीर जैसा दिखता है लेकिन यह नुकसानदायक होता है। बहुत से दुकानदार
असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर बेचते हैं, जोकि देखने में पनीर
जैसा ही दिखता है।
ममता बनर्जी ने महिलाओं से वोटिंग और काउंटिंग पर कही बड़ी बात...
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव में TMC
और
भाजपा के बीच मुकाबले को महाभारत जैसा युद्ध बताया। टीएमसी प्रमुख ने यह आरोप भी
लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने SIR के दौरान विपक्ष के
गढ़ों में मतदाताओं को निशाना बनाया। उन्होंने सभी पूरक मतदाता सूचियों को तुरंत
प्रकाशित करने की मांग की और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं,
उन्हें
मुफ्त कानूनी सहायता देने का वादा किया। ममता ने कहा,यह लड़ाई पांडवों और
कौरवों के बीच के युद्ध जैसी है। भाजपा कौरवों की तरफ है और टीएमसी पांडवों की तरफ
है। ममता बनर्जी ने महिलाओं से कहा कि अगर कोई वोटिंग के दिन या काउंटिंग के दिन
कुछ
भी फोर्स अप्लाई करने की कोशिश करता है, तो घर में जो कुछ भी है, उसे लेकर बाहर आए। पश्चिम बर्धमान के पांडबेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले जो थे, उनके समय पर गैस का कीमत था 400 रुपये। अभी सिंगल की कीमत है 1100 रुपये और डबल का कीमत है 2100 रुपये। पेट्रोल की कीमत को बढ़ाया गया है और अलर्ट भी किया है। उनका अलर्ट का मतलब मुझे अच्छे तरीके से समझ में आता है। लॉकडाउन के लिए सोच रहे हैं। अगर करना चाहते हैं तो करेंगे। लॉकडाउन करके जनता को घर पर बिठा के रखेंगे। जनता को घर में बंद कर देंगे, वोटबंदी करेंगे।
जनता का नाम काट देंगे। जान के रखिए कोरोना के टाइम पर भी लॉकडाउन था। ममता ने जनता से कहा, अगर 2021 में हम संघर्ष कर सकते हैं तो किसी भी परिस्थिति में हम संघर्ष करने के लिए तैयार है। यह याद रखिए यह पश्चिम बंगाल है यह आपका भी राज्य है। चुनाव में वोट जनता देंगे, अगर आपने कुछ भी गड़बड़ की तो इसकी जिम्मेदारी में मेरी मां और बहनों को देकर जाती हूं। चुनाव के दिन, मतगणना के दिन अगर कोई भी फोर्स अप्लाई करता है तो आप एकजुट हो जाए, जिनके घर पर जो कुछ है उसे लेकर बाहर आए।
कांग्रेस नेता के खिलाफ सूदखोरी, धोखाधड़ी और जबरन संपति हड़पने की शिकायत दर्ज कराई कांग्रेस कार्यकर्ता ने
कांग्रेस नेता ऋषिन रायका पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी रिजर्वेशन हटाने
के नाम पर 40 लाख रुपए ले लिए। कांग्रेस कार्यकर्ता की एक
जमीन सरकारी रिजर्वेशन में थी। दीप नाइक ने आरोप लगाया कि ऋषिन रायका ने बताया कि
मेरी पहुंच ऊपर तक है, मैं जमीन रिजर्वेशन से
मुक्त करा लूंगा। इसके लिए 40 लाख रुपए खर्च होंगे।
ऐसा करके 40 लाख ऐंठ लिए। बाद में पता चला कि रिजर्वेशन
सरकारी नियमों के तहत स्वयं हट गया था, जबकि आरोपी ने गलत
तरीके से रुपए हड़प लिए थे। आरोप है कि आर्थिक संकट के समय मदद करने के बजाय ऋषिन रायका ने मजबूरी का
फायदा उठाकर बिना लाइसेंस 6% ऊंचे ब्याज पर पैसा
देना शुरू किया। 2018-19 में रायका ने टुकड़े
में कुल 1.05 करोड़ रुपए 6
प्रतिशत
मासिक ब्याज पर दिए। दीप नायक ने बताया कि मैने ब्याज सहित 1.27
करोड़
रुपये चुका दिए है,
फिर
भी 1.95 करोड़ बकाया बताकर धमकी दे रहा है। पुलिस ने मामला
दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गुजरात मनी लेंडिंग एक्ट की धारा 33
समेत
अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में ओर साक्ष्य
एकत्रित कर रही है। पुलिस अब इसके अलावा ओर कोई शामिल है या नहीं उनकी भी पड़ताल
कर रही है। दरअसल,सूरत शहर कांग्रेस के
दिग्गज नेता और पूर्व प्रमुख बाबू रायका के पुत्र और मौजूदा सूरत शहर कांग्रेस के
उपाध्यक्ष ऋषिन रायका के खिलाफ कांग्रेस के ही कार्यकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए है।
कांग्रेस कार्यकर्ता दीप नायक ने सूरत के उमरा थाने में 1.95
करोड़
रुपए की सूदखोरी, धोखाधड़ी और जबरन संपति
हड़पने की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दीप नायक ने बताया कर्ज
देते समय सिक्यूरिटी के नाम पर उनसे कोरे चेक लिए थे। इन चेकों में मनमानी रकम
भरकर उन्हें बाउंस कराया गया और बाद में कोर्ट में 138 के तहत केस दर्ज कर
मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि जनवरी 2023
में
दबाव और धमकी देकर फ्लैट 8 लाख रुपए में लिखवा
लिया, जबकि उसकी बाजार कीमत करीब 90
लाख
रुपया है।
यूपी और बिहार की ट्रेनें बंद करने की दी धमकी मनसे चीफ राज ठाकरे ने...
मुंबई से कोंकण जाने वाली दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन से जुड़ा हुआ है।
मनसे ने पहले की तरह इस ट्रेन को दादर तक चलाने की मांग की है। मनसे की ओर से कहा
गया है कि अगर 15 से 20 दिनों के भीतर मांग
पूरी नहीं हुई तो उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक दिया
जाएगा। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रेलवे प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया
है। मनसे ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर
रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन सेवा बहाल नहीं की गई, तो पार्टी उत्तर प्रदेश
और बिहार जाने वाली ट्रेनों को चलने नहीं देगी। अक्सर उत्तर भारतीयों और हिंदी
भाषा के विरोध के लिए खबरों में रहने वाली राज ठाकरे की पार्टी MNS
ने अब
रेलवे को सीधे चेतावनी दी है। पैसेंजर ट्रेन दादर से
सीधे रत्नागिरी तक चलती थी, जिससे कोंकण जाने वाले
यात्रियों को काफी सुविधा मिलती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों
में रेलवे ने बिना पर्याप्त कारण बताए इस ट्रेन को दिवा स्टेशन तक सीमित कर दिया।
इस फैसले से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,
क्योंकि
अब उन्हें दादर से सीधे ट्रेन पकड़ने के बजाय पहले ठाणे जिले के दिवा स्टेशन जाना
पड़ता है। मनसे का कहना है कि यह फैसला कोंकण के लोगों के साथ अन्याय है। इसे किसी
भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी नेताओं के अनुसार,
कोरोना
काल में बंद हुई इस ट्रेन को बाद में फिर शुरू किया गया, लेकिन तब से इसे दादर
तक बहाल नहीं किया गया। बार-बार मांग करने के बावजूद रेलवे प्रशासन ने इस मुद्दे
पर ध्यान नहीं दिया, जिससे अब आंदोलन की
स्थिति बन गई है।
































