PM- नरेंद्र मोदी ने शुरू किया HPV {ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीनेशन} कैंपेन शुरू
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी राजस्थान के अजमेर दौरे के दौरान 14 साल की लड़कियों के लिए पूरे देश में ह्यूमन
पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन कैंपेन शुरू किया, जिसका मकसद सर्वाइकल कैंसर को रोकना है। यह पहल
महिलाओं में कैंसर से जुड़ी बीमारी के मुख्य कारणों में से एक को रोकने के लिए एक
बड़ा प्रिवेंटिव हेल्थकेयर कैंपेन है। हेल्थ पहल के साथ-साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने शहरी विकास, पीने का पानी, सड़क, सिंचाई, एनर्जी और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई
सेक्टर में 16,680 करोड़ रुपये से ज़्यादा के कई
डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास
किया। मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पीएम मोदी ने कई नेशनल हाईवे के कामों
का उद्घाटन किया। इन प्रोजेक्ट्स में बांदीकुई और जयपुर के बीच चार-लेन का
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर के कुछ हिस्से और
दिल्ली-वडोदरा एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से शामिल हैं। उन्होंने
जोधपुर में एक एलिवेटेड रोड और राजस्थान में स्टेट हाईवे के अपग्रेड का भी
शिलान्यास किया।
पानी के सेक्टर में, नोनेरा मेजर ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट और परवन अकवाड़
मेजर ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट के तहत पैकेजों की नींव रखी गई ताकि पीने के साफ
पानी तक पहुंच बेहतर हो सके। रिन्यूएबल एनर्जी ज़ोन से जुड़े ट्रांसमिशन सिस्टम और
पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई ग्रिड सबस्टेशन का भी उद्घाटन या
घोषणा की गई।
दिल्ली सरकार देगी महिलाओं को त्योहारी सौगातें...
इंदिरा गांधी
स्टेडियम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों 4-4 योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। इसमें महिलाओं को
तकरीबन 100 करोड़
रुपये दिए जाएंगे। महिलाओं को पिंक कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही दिल्ली सरकार आज
से फ्री सिलेंडर दिए जाने का वादा पूरा कर रही है। होली और दीपावली में फ्री सिलेंडर देने का वादा
भी आज पूरा जाएगा। बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय वादा किया था कि अगर
दिल्ली में हमारी सरकार बनेगी तो होली और दीपावली ने फ्री सिलेंडर देंगे। आज इस
वादे को पूरा किया जा रहा है। इस योजना के तहत 129 करोड़ रुपये 17.5 लाख लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर किया
जाएगा। लखपति बिटिया योजना की भी आज
शुरुआत होगी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप
से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी में आने वाली दिल्ली की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक
अलग-अलग समय मे कुल मिलाकर सरकार एक लाख रुपये देगी। 31 मार्च 2026 को लाडली योजना बंद हो जाएगी। 1
अप्रैल 2026 से लखपति बिटिया योजना शुरू हो जाएगी। लाडली
योजना के तहत 40 हजार से
अधिक लाभार्थियों को तकरीबन 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ये योजना दिल्ली की पूर्व
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के द्वारा शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत रजिस्टर्ड
दिल्ली की बालिकाओं को दिल्ली सरकार 50 हजार रुपए देती थी,लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार
के दौरान लाडली योजना का लाभ नहीं मिला था। इस योजना के 40 हजार से अधिक लाभार्थियों के खाते में आज 100
करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। केंद्र
सरकार की योजना 'मेरी पूंजी मेरा अधिकार के तहत' लाडली स्कीम के पैसे दिए जाएंगे। महिलाओं को DTC की बसों में फ्री सफर करने के लिए दिल्ली सरकार
आज से PINK CARD जारी करेगी।
सैकड़ों विधवा माताओं ने अबीर-गुलाल और फूलों के साथ होली खेलकर अपने…
यूपी के
मथुरा-वृंदावन की होली विश्व प्रसिद्ध है। यहां होली का त्यौहार कई दिनों तक मनाया
जाता है। यहां होली मनाने के लिए देश-विदेश से लोग जमा होते हैं। यहां कई तरह की
होली खेली जाती है, जिसमें लठमार होली, रंग होली और फूल वाली होली का क्रेज ज्यादा है। मथुरा-वृंदावन
भगवान कृष्ण और राधा रानी की नगरी है। रस और रंग यहां का मुख्य आकर्षण है। यहां
आने के बाद इंसान दुनियादारी भूलकर ऐसी होली खेलता है जो उसे ताउम्र याद रहती है।
यहां की होली वाकई बेहद खास होती है जो दुखी मन को भी आनंद से भर देती है। सुलभ
इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर विडोस के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध गोपीनाथ मंदिर में भव्य
होली महोत्सव का
आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों विधवा माताओं ने अबीर-गुलाल और
फूलों के साथ होली खेलकर अपने एकाकी जीवन में खुशियों के रंग भरे। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्व. बिंदेश्वर पाठक
द्वारा शुरू की गई इस अनूठी पहल के अंतर्गत प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। इसका
मुख्य उद्देश्य समाज की मुख्यधारा से कटी हुई और उपेक्षित विधवा महिलाओं को सम्मान
और उल्लास के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है। सोमवार
को आयोजित इस उत्सव में विधवा और वृद्ध माताएं पूरी तरह भक्ति और उमंग के सराबोर
नजर आईं।
मंदिर परिसर भजन, होली के गीतों और रसिया की धुनों से गूंज उठा।
माताओं ने न केवल एक-दूसरे को गुलाल लगाया, बल्कि कान्हा की भक्ति में जमकर नृत्य भी किया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने भी उपस्थित रहकर माताओं का उत्साहवर्धन किया
और उनके साथ मिलकर इस पावन पर्व की खुशियां बांटीं। ऐसे में विधवा माताओं का होली खेलना उनके एकांकी
जीवन में आनंद के रंग भरने जैसा है। यहां के आराध्य देव भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम
में रंगकर जब ये माताएं होली खेलती हैं तो अपने सारे दुख दर्द भूल जाती हैं। होली
खेलने वाली माताओं का यही कहना है कि ये उत्सव उनके जीवन में उत्साह भर देता है
पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर PM मोदी का बड़ा बयान आया सामने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमने हमेशा शांति बनाए रखने की ही बात कही है। पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। बातचीत से ही समस्या का समाधान निकालना चाहिए। इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा के लिए हम सभी देशों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा,विश्व में चल रहे अनेक तनावों के लिए भारत की सोच स्पष्ट है। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी के नेतृत्व में कनाडा के साथ संबंधों में आई वृद्धि की सराहना की और कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक 50 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार को छूते हुए अपने आर्थिक सहयोग को और गहरा करना है। इस संदर्भ में उन्होंने आगे बताया कि
ओटावा और नई
दिल्ली ने निकट भविष्य में एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अंतिम रूप देने का
निर्णय लिया है। उन्होंने ये बातें सोमवार को राजधानी में कनाडा के प्रधानमंत्री
मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के दौरान कहीं। पीएम मोदी ने कहा,आज हमने इस विजन को अगले स्तर की साझेदारी में
बदलने पर चर्चा की। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 अरब डॉलर का व्यापार हासिल करना है। आर्थिक सहयोग
की पूरी क्षमता का दोहन करना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए, हमने जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते
को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी ने कहा,यह निर्णय दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के
अवसर खोलेगा। कनाडा के पेंशन फंडों ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह भारत की विकास
गाथा में उनके गहरे विश्वास का प्रतीक है।
नशा जागरूकता टीम सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर...
कैथल जिले में डीएसपी–हेड कांस्टेबल विवाद पर
जिले के एसपी ने बड़ा एक्शन लिया है। एसपी ने एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। सोशल मीडिया पर आरोपों की चिंगारी ने ऐसा रूप लिया कि एसपी ने सख्त रुख अपनाते
हुए नशा जागरूकता टीम सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को लाइन
हाजिर कर दिया। हेड कांस्टेबल सुनील संधू,
जो राज्य सरकार के नशा मुक्ति अभियान से
एक्टिव रूप से जुड़े रहे हैं, ने फेसबुक पर पोस्ट करके दावा किया कि कलायत के DSP
ललित यादव ने कथित तौर पर
उन्हें झूठे स्मैक (हेरोइन) केस में फंसाने की धमकी दी थी। संधू ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन के कहने पर एंटी-ड्रग कैंपेन चलाने के बावजूद उन्हें मेंटली परेशान किया गया और उन पर दबाव डाला गया। जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है, उनमें इंस्पेक्टर साहिल, एसआई कर्मबीर, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल सुनील संधू, सिपाही रेखा व सोनिया और एसपीओ जसविंदर, राजपाल व प्रदीप आए हैं। गौरतलब है कि हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने कलायत के डीएसपी पर झूठे नशा केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए पोस्ट वायरल की थी। जांच जारी है, लेकिन इस बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है।
पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ नोटिस जारी जाने क्या है पूरा मामला....?
झारखंड राज्य आवास
बोर्ड ने रांची में एक आवासीय भूखंड के कथित दुरुपयोग के मामले में भारतीय क्रिकेट
टीम के पूर्व कप्तान और खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को नोटिस जारी किया है। एक
अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। नोटिस के अनुसार, धोनी को आवंटित भूखंड आवासीय उपयोग के लिए था,लेकिन इसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए
किया जा रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान ने बताया,झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा क्रिकेटर महेंद्र
सिंह धोनी को एक आवासीय भूखंड आवंटित किया गया था, लेकिन पाया गया कि इसका उपयोग व्यावसायिक
उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। हमने नियमों और मानदंडों के उल्लंघन के
लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष पासवान ने
कहा कि नियमों और विनियमों का उल्लंघन जांच के दौरान पाया गया और धोनी को अंतिम
नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी ने बताया कि आदेश का पालन नहीं करने पर भूखंड का
आवंटन रद्द करने के लिये कदम उठाए जाएंगे। धोनी फिलहाल रिंग रोड स्थित अपने नए
आवास में रहते हैं। वह पहले हरमू रोड स्थित आवास में रहते थे। आरोप सामने आए थे कि हरमू रोड स्थित संपत्ति में
एक डायग्नोस्टिक केंद्र संचालित किया जा रहा था, जिसके बाद बोर्ड ने इस मामले की जांच शुरू की। इस
बीच, हरमू रोड पर भाजपा
के राज्य कार्यालय के संबंध में भी आवासीय भूखंडों का गैर-आवासीय उद्देश्यों के
लिए उपयोग किए जाने के इसी प्रकार के आरोप सामने आए हैं। बोर्ड ने इस मामले में भी
पहले नोटिस जारी किए थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में जांच जारी है और
जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। धोनी से इस संबंध में
टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।
ममता बनर्जी के गढ़ से 47,000 से अधिक नाम हटे,14,000 से अधिक नाम विचाराधीन श्रेणी में
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में नए सिरे से राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है। यहां 47,000 से अधिक नाम हटाए गए हैं और 14,000 से अधिक नामों को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया। बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर के
मुद्दे पर राजनीतिक गहमागहमी जारी है। दक्षिण कोलकाता का भवानीपुर विधानसभा
क्षेत्र, जिसे व्यापक रूप से ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है, जहां पिछले साल चार नवंबर को एसआईआर
प्रक्रिया शुरू होने पर 2,06,295 मतदाता थे। मुख्य निर्वाचन
अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को
बताया कि एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में संशोधन प्रक्रिया के दौरान हटाए गए और
जोड़े गए नामों को शामिल करने के बाद, पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से अधिक हो गई है। मनोज कुमार
अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के परिणामस्वरूप
फॉर्म-7 के माध्यम से 5.46 लाख से अधिक मतदाताओं को हटाया गया और फॉर्म-6 और फॉर्म-6ए जमा
करने के माध्यम से 1.82 लाख से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया।
मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 58 लाख से अधिक जनगणना प्रपत्र प्राप्त
नहीं हुए, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के मामले शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 60 लाख से अधिक मतदाता अभी भी विचाराधीन श्रेणी में हैं, लेकिन उन्हें एसआईआर के बाद की मतदाता
सूची में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन प्रक्रिया निर्वाचन
आयोग के निर्देशों के अनुसार की गई है। एसआईआर के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने
शनिवार को पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। 28 फरवरी, 2026 तक राज्य में कुल 70,459,284 मतदाता हैं और
सूची (फॉर्म 7) से 546,053 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
माताजी मेरे लिए लड़की देख लो धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री करेंगे शादी..
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अभी तक अविवाहित हैं। इससे पहले बाबा बागेश्वर की शादी को
लेकर अटकलें लगती रही हैं। लेकिन इस बार बाबा बागेश्वर ने खुद ऐलान किया है कि वह
जल्द ही शादी करने जा रहे हैं। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जल्द दूल्हा
बनेंगे। बाबा बागेश्वर ने खुद ऐलान किया है कि वह शादी करने जा रहे हैं। पंडित
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वह जल्द शादी
करेंगे। गुरु जी की आज्ञा हुई।
हमने माता जी को आज ही बोला है कि लड़की देख लो। माता जी की पसंद से विवाह होगा।
हमारे जीवन मे एक सिद्धान्त रहा है जो बातें कही हमने देर से भली हुई है, उसी बातों पर अडिग रहे। शादी करेंगे।
यह पक्का है और बहुत जल्द ही खुश खबरी मिलेगी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह तो तय है कि वह शादी
करेंगे। उन्होंने कहा कि माता जी मेरी शादी के लिए लड़की ढूढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह 21 दिन तक साधना बद्रीनाथ में करेंगे।
ओ शिट..ओ शिट अजित पवार प्लेन हादसा पहली रिपोर्ट जारी....
बारामती प्लेन हादसे के एयरक्राफ्ट
एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो की प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद
दोनों रिकॉर्डर का जिक्र किया गया है दोनों को एयरक्राफ्ट के पिछले हिस्से से
रिकवर किया गया और उनकी जांच की जा रही है। प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद
दोनों पायलेट्स के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट का जिक्र है। दोनों की रिपोर्ट संतोषजनक
पाई गई है। बरामती एयरपोर्ट के और फील्ड को लेकर कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र है।
इस रिपोर्ट में घटना के दिन के मौसम से जुड़ी हुई बातों को भी जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार कंट्रोलर ने जानकारी
दी कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर है। इसके बावजूद विमान ने एप्रोच जारी रखी और बाद
में गो-अराउंड किया। दूसरी एप्रोच के दौरान विमान ने रनवे दिखाई
देने की सूचना दी, जिसके बाद बारामती टॉवर ने रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति दे दी। टॉवर ने
यह
भी बताया कि हवा शांत है। इसके कुछ ही समय बाद विमान से “ओह शिट… ओह शिट…” जैसी आवाज प्रसारित होती सुनी गई और
फिर विमान रनवे 11 के थ्रेशोल्ड के बराबर, रनवे के बाईं ओर क्रैश लैंड कर गया। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के बारामती में प्लेन क्रैश मामले पर एयरक्राफ्ट
एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने पहली रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें बताया गया है
कि एयरपोर्ट में कई तरह की कमियां हैं। वहीं, पायलट से जुड़ी कोई समस्या नहीं सामने
आई है। हादसे से पहले तक पायलट और एयर कंट्रोल रूम के बीच सामान्य रूप से बातचीत
हो रही थी। इसके अचानक ओ शिट.. ओ शिट की आवाज
सुनाई और प्लेन हादसे का शिकार हो गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि
प्लेन के दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक आग के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में उनकी
रिकवरी के लिए स्पेशल तकनीक की जरूरत है। दिल्ली की लैब में एक रिकॉर्डर का रॉ डेटा
डाउनलोड किया गया है। इससे हादसे की वजह से बारे में ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकती
है।
40 लाख परिवारों को फूड किट देगी पंजाव मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार
मीडिया को संबोधित करते हुए
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह पहल पंजाब के हर परिवार के लिए खाद्य और पोषण
सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देश को
अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के शानदार योगदान को याद करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के मेहनती और जुझारू किसानों ने अथक
मेहनत से यह सुनिश्चित किया कि देश में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि हमारे
राज्य ने देश का पेट भरने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि
हालांकि पंजाब में अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज
संघर्ष करते हैं, जिनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए
राज्य सरकार ने यह महत्वाकांक्षी मेरी रसोई योजना शुरू की है। योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा
कि इस योजना के तहत राज्य सरकार 40 लाख परिवारों को फूड किट प्रदान करेगी। प्रत्येक किट में
मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। ये फूड
किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम के तहत योग्य लाभार्थियों को पहले वितरित की
जा रही गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।इस योजना की शुरुआत करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार जन कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन
जुटाना अच्छी तरह जानती है, जो पूरी ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ चलती है। उन्होंने
इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सिर्फ एक वादा
नहीं बल्कि हमारा नैतिक फर्ज है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले लोक-हितैषी बजट में भी समाज के हर वर्ग के हित का ख्याल रखते हुए लोक भलाई उपायों का दायरा और विस्तृत
किया जाएगा। सीएम ने आगे बताया कि मार्कफेड इस पहल के लिए नोडल एजेंसी
के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मार्कफेड इन किटों के
वितरण के लिए नोडल एजेंसी होगी और ये किट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा
मुफ्त में सप्लाई की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने सुचारू वितरण सुनिश्चित
करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई है। पंजाब की विरासत के बारे में बात करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने पिछले समयों में देश को अनाज
संकट से बाहर निकाला था और यह पहल हमारी सरकार द्वारा लोक भलाई के लिए की जा रही
लोक-हितैषी नीतियों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि
यह गारंटी न तो लिखी गई थी और न ही हमारी पार्टी के मेनिफेस्टो का हिस्सा थी, लेकिन यह पंजाब के लोगों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी
है और हम इसे पूरा कर रहे हैं।
घुसपैठी बांग्लादेशी महिला के पास क्या-क्या मिला?
पुलिस की तरफ से की गई जांच और तलाशी
के दौरान आरोपियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे। पुलिस ने बरामद बैग में महमूदा
बेगम के नाम से जारी दो बांग्लादेशी पासपोर्ट (नंबर AO 1260722 और A05956012), बांग्लादेश का
नेशनल आईडी कार्ड और एक एक्सपायर हो चुका भारतीय वीजा पाया, जिसकी वैधता जुलाई 2023 में समाप्त हो चुकी थी। हापुड़ पुलिस की जांच में पाया गया कि
महिला ने वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रुकने के लिए 'रानी बेगम' के नाम से फर्जी वोटर आईडी कार्ड (EPIC) और अन्य कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार
करवा लिए थे। अब तक इस मामले में बरामद दस्तावेजों में ग्राम प्रधान की
तरफ से जारी एक निवास
प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी भी मिली थी, जिसने महिला को स्थानीय निवासी के रूप
में प्रमाणित किया था। उत्तराखंड के कुलसी से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे जिनको आज
पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में पुलिस टीम आरोपियों के खिलाफ आगे की
कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन ले रहे हैं।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में
अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम उर्फ रानी बेगम और उसके भारतीय
पति मोहम्मद मशरूफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 28 फरवरी 2026 को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने
दोनों को ग्राम दौताई से हिरासत में लिया। आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं 318(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) और आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की धारा 21 के तहत मुकदमा संख्या 0094 दर्ज किया गया था।
माउंट आबू का नाम बदलकर आबू राज करने की घोषणा....
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम
बदलकर केरलम करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी थी।
बता दें कि मलयालम में केरा का अर्थ नारियल का पेड़ होता है और अलम का अर्थ भूमि
होता है। इस तरह से केरलम का अर्थ नारियल के पेड़ों की भूमि हुआ। इस नाम से राज्य
की पहचान बिल्कुल ठीक तरह से पता लगती है। हैरानी की बात ये भी है कि मलयालम भाषा
बोलने वाले लोग पहले से ही केरलम बोलते थे लेकिन आधिकारिक तौर पर ये केरल था।
केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद अब ये माना जा रहा है कि आधिकारिक रूप से भी
केरलम नाम होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। केरल के लोग लंबे समय से उनके राज्य का
नाम केरलम करने की मांग कर रहे थे। बीजेपी शासित राज्यों में लगातार नाम बदलने की प्रक्रिया
जारी है। इससे पहले यूपी और दिल्ली में भी कई जगहों के नाम बदले
जा चुके हैं। यूपी
में फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या, इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया। इसके अलावा
अन्य कई और जगहों का नाम बदला गया। दिल्ली सरकार ने भी बीते दिनों कई जगहों और
मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। दिल्ली में जिन जगहों के नाम बदले गए हैं
उनमें उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पूर्व नाम: प्रशांत विहार), जगतपुर-वजीराबाद (पूर्व नाम: जगतपुर), नानक
प्याऊ-डेरावल नगर (पूर्व नाम: डेरावल नगर), खानपुर-वायुसैनाबाद (पूर्व नाम: खानपुर), नानकसर-सोनिया विहार (पूर्व नाम: सोनिया विहार), श्री राम मंदिर मयूर विहार (पूर्व नाम: मयूर विहार पॉकेट-1) और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पूर्व नाम: वेस्ट एन्क्लेव) शामिल हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बड़ा ऐलान किया है। राजस्थान में
तीन शहरों के नाम बदलने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक राजस्थान के सीएम
भजनलाल शर्मा ने सदन में यह घोषणा की है। सीएम ने अब विश्व प्रसिद्ध माउंट आबू का
नाम बदलकर आबू राज करने की घोषणा की है। इसके अलावा राजस्थान के जहाजपुर का नाम भी
बदलकर यज्ञपुर कर दिया जाएगा वहीं एक अन्य शहर कामां का नाम बदलकर कामवन करने की
घोषणा कर दी गई है। सीएम भजन लाल शर्मा ने सदन में यह घोषणा की है।
लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बगैर धृतराष्ट्र कहा मैथिली ठाकुर ने…
मैथिली ठाकुर ने आगे
कहा, 2005 से पहले अंधे
धृतराष्ट्र देखना भी नहीं चाहते थे, क्योंकि उन्हें हस्तिनापुर की जगह दुर्योधन की
चिंता लगी रहती थी, लेकिन 2005 में सुशासन आया। मैथिली ने नीतीश कुमार की तुलना युधिष्ठिर से करते
हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ने बागडोर संभाली, तब यहां सुशासन आया। बिहार विधानसभा में शिक्षा
बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने महाभारत के उदाहरणों के जरिए
विपक्षी दल और पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार के पिछले 30
सालों के सफर को हस्तिनापुर की कहानी के
रूप में सुनाई। अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने लालू प्रसाद यादव का नाम लिए
बगैर धृतराष्ट्र कहा। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की अनुदान
मांगों पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का
रिपोर्ट कार्ड
पेश किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने
कक्षा 1 से 12
तक के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति
राशि को दोगुना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में सीधे (DBT
के माध्यम से) राशि भेजी जा चुकी है। इसके
अलावा, बिहार
की साइकिल और पोशाक योजना की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है और कई देशों ने इस
मॉडल को अपने यहां लागू करने में रुचि दिखाई है। मंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश
करते हुए बताया कि बिहार का विकास शिक्षा के बिना संभव नहीं है। बिहार अपनी कुल
जीडीपी का लगभग 20 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रहा है, जो 14 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। साल 2005
में जहां शिक्षा बजट महज 2400
करोड़ रुपये था, आज वह कई गुना बढ़कर राज्य की प्राथमिकता बन चुका
है।
दिल्लीवासियों के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप लांच
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा
गुप्ता ने सीएम जनसुनवाई पोर्टल व ऐप की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह
पोर्टल एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। इसी एक मंच पर दिल्ली नगर निगम
(एमसीडी), दिल्ली
विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से
जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इसकी कार्यप्रणाली को बेहद सरल रखा गया है ताकि
आम नागरिक बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपनी बात कह सके। सिस्टम के भीतर शिकायतों,
क्षेत्रों और विभागीय अधिकारियों की
मैपिंग पहले से ही कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद
उन्होंने पाया कि नागरिकों के पास अपनी समस्याएं दर्ज करने के लिए तो मंच थे,
लेकिन उनके समाधान की प्रभावी निगरानी की
कोई व्यवस्था नहीं थी। शिकायतें एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर होती रहती
थीं और आवेदक को यह पता ही नहीं चलता था कि समाधान कब और किस स्तर पर होगा। इसी
समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया गया
है। इसकी विशेषता बताते हुए कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को चार
माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) और मुख्यमंत्री कार्यालय के
माध्यम से ऑफलाइन
व्यवस्था। शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय प्रणाली लागू की गई है,
जिसमें जन शिकायत समाधान अधिकारी
(जेएसएसए), अपीलीय
प्राधिकार (एए) और अंतिम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिजिकल जनसुनवाई को भी
जारी रखा है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारियों को जनसुनवाई करने
के निर्देश दिए गए थे। लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब नागरिक कहीं से भी
अपनी समस्या दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ‘सिर्फ सुनने वाली नहीं, बल्कि समय पर समाधान देने वाली सरकार’
की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने
बताया कि प्रत्येक शिकायत के लिए एक यूनिक रेफरेंस आईडी जारी की जाएगी और
प्रक्रिया के हर चरण पर एसएमएस के माध्यम से अपडेट दिया जाएगा। नागरिकों को
रिमाइंडर भेजने और पूर्व में की गई शिकायतों को नई शिकायत से लिंक करने की सुविधा
भी उपलब्ध होगी। अगर समाधान से संबंधित फीडबैक नकारात्मक मिलता है तो मामला खुद ही
उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगा। पूरी व्यवस्था 100 प्रतिशत फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग पर आधारित होगी,
जिससे फील्ड स्तर पर अधिकारियों की
जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा में पारदर्शिता
और समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस),
वंचित समूह (डीजी),
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे
(सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के दाखिलों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया
है। पहले इस्तेमाल हो रहे पुराने और असुरक्षित सॉफ्टवेयर को हटाकर यह नया,
सुरक्षित और क्लाउड आधारित सिस्टम लागू
किया गया है। इसे शुरू करने से पहले इसकी पूरी तरह सुरक्षा जांच (ऑडिट) भी कराई गई,
ताकि डेटा सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी
तरह पारदर्शी हो। मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप,
कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवा पोर्टल के
माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन
प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरणा लेते हुए दिल्लीवासियों की
सुविधा के लिए इन पहलों की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य सरकारी
सेवाओं को पारदर्शी, सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर दिल्ली के नागरिकों को सशक्त बनाना
है।

































