होर्मुज से किसी का तेल नहीं जाने देंगे डोनाल्ड ट्रंप ने दी धमकी...
अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में कहा-ईरान की
नौसेना समुद्र के नीचे में पड़ी है, वह पूरी तरह नष्ट हो चुकी है-158
जहाज। हमने उनके
उन कुछ जहाजों को निशाना नहीं बनाया है जिन्हें वे तेज हमलावर जहाज कहते हैं, क्योंकि हमने उन्हें कोई बड़ा खतरा
नहीं समझा। चेतावनी: यदि इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है,
तो उसे तुरंत
नष्ट कर दिया जाएगा, उसी तरीके से जो हम समुद्र में नावों पर सवार
ड्रग डीलरों के खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। यह त्वरित और क्रूर कार्रवाई के तरीका
है। नोट: समुद्र या महासागर के रास्ते अमेरिका में आने वाली 98.2%
ड्रग्स की
तस्करी रोक दी गई है! इस मामले पर ध्यान देने
के लिए धन्यवाद। अमेरिका और ईरान के
बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ने लगा है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी
शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अब होर्मुज से
किसी का तेल नहीं जाने देंगे। इसके जवाब में ईरान ने बड़े हमलों की धमकी दी है।
ईरान ने कहा है वो फारस की खाड़ी में मौजूद सऊदी, ओमान, यूएई के बंदरगाहों को उड़ा देगा। इस
बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है।
ट्रंप ने कहा
है कि अगर अमेरिका की नाकाबंदी के पास कोई भी ईरानी जहाज आता है तो उसे तुरंत ही
तबाह कर दिया जाएगा। दूसरी ओर रूस ने भी होर्मुज की नाकेबंदी का विरोध किया है।
यूरोपियन यूनियन ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही तुरंत बहाल करने की डिमांड की
है। भारत के लिए अच्छी बात ये है कि ईरान ने होर्मुज से जाने वाले भारतीय जहाजों
को पूरी सुरक्षा देने का वादा किया है। होर्मुज को लेकर तनातनी बढ़ती ही जा रही
है। ईरान ने धमकी दी है अगर ट्रंप ने
होर्मुज के आसपास दो नाके लगाकर समंदर में ट्रैफिक जाम किया तो ईरान फारस की खाड़ी
और ओमान की खाड़ी में जितने भी पोर्ट हैं उन्हें उड़ा देगा। वो पोर्ट चाहे सऊदी
अरब के हों या संयुक्त अरब अमीरात के या फिर ओमान के ईरान सबको एक एक कर उड़ाएगा।
ईरान किसी भी कीमत पर होर्मुज का कंट्रोल ट्रंप को देने के लिए तैयार नहीं है।
इसके लिए चाहे जितना बड़ा युद्ध क्यों ना छिड़ जाए।
श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी,उम्रकैद की सजा और 25 लाख तक जुर्माना.. पंजाब में सत्कार संशोधन विधेयक पास
बीते साल 2015 का बरगाड़ी कांड पंजाब के इतिहास
में बेअदबी की
सबसे बड़ी और संवेदनशील घटना रही है। उस समय मौजूदा कानूनी प्रावधान दोषियों को
पर्याप्त सजा दिलाने या घटनाओं को रोकने में कमजोर साबित हुए थे। इसी ऐतिहासिक
संदर्भ और जनता के आक्रोश को देखते हुए भगवंत मान सरकार ने सजा को उम्रकैद में
बदलने का निर्णय लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज विधानसभा के
स्पेशल सेशन में जागत जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन विधेयक 2026
पेश किया और इस
संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस विधेयक के संबंध में
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस विधेयक में बेअदबी की सजा उम्रकैद टिल डेथ तक
है। उन्होंने आगे कहा कि अभी ये विधेयक सिर्फ श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर
ही लागू होगा। वहीं गैर सिखों यानी हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, आदि के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक
स्थलों से छेड़छाड़ पर इस विधेयक के तहत फिलहाल कोई सजा का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने आगे यह बताया कि दूसरे धर्म के लोगों से भी राय लेकर जल्द ही कानून बनाया
जाएगा।
इस नए कानून के पास हो जाने के बाद यदि कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ
साहिब की बेअदबी का दोषी पाया जाता है, तो उसे उम्रकैद -आजीवन कारावास की सजा
दी जा सकेगी। इसके अलावा, दोषी पर 25 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया
जा सकता है।
इसके साथ ही ये अपराध गैर-जमानती होगा। आपको बता दें कि अब तक बेअदबी
के मामलों में सजा कम होने के कारण अपराधियों में कानून का भय कम था लेकिन अब
उम्रकैद और 25 लाख का जुर्माना एक मजबूत डर पैदा करेगा। यह नया संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित होने के बाद अब राज्यपाल की
मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और अगर कानूनी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आती एवं
केंद्र के किसी कानून से टकराव नहीं होता, तो यह कानून अप्रैल के अंत या मई 2026
के पहले हफ्ते
तक लागू हो सकता है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14
'कानून के समक्ष
समानता' की बात करता है मगर यह नया विधेयक विशेष रूप से केवल श्री गुरु ग्रंथ
साहिब की बेअदबी पर केंद्रित है और अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों को इसमें शामिल
नहीं किया गया है (जैसा कि 2025 के पिछले बिल में था) तो इसे अदालत में
चुनौती दी जा सकती है और उसके साथ तर्क यह दिया जा सकता है कि एक ही तरह के अपराध
(धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी) के लिए अलग-अलग धर्मों के मामले में सजा के अलग-अलग
प्रावधान क्यों हैं? इस
मामले में पंजाब सरकार का कहना है कि ये राज्य का विषय है इसलिए सरकार का मानना है
कि इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि,
राज्यपाल की
कानूनी टीम ये सुनिश्चित करेगी कि यह भारतीय न्याय संहिता (BNS)
के प्रावधानों
के साथ विरोधाभास ना पैदा करे। इससे पहले 2025 का जो विधेयक अभी भी राष्ट्रपति के पास
पेंडिंग हैं उस विधेयक में सभी धर्मों के ग्रंथों को शामिल किया गया था लेकिन 2026
के इस विशेष
संशोधन में मुख्य फोकस श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार और उनकी मर्यादा पर
केंद्रित है।
26 वर्षों के दौरान ट्रेजरी से हुई एक-एक निकासी की सूक्ष्म जांच की जाएगी..झारखंड वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का ऐलान
झारखंड
के राज्य वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक ऐसा ऐलान किया है,जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप
मचा दिया है। राज्य गठन वर्ष 2000 से लेकर अब तक यानी पिछले 26
वर्षों के दौरान
ट्रेजरी से हुई एक-एक निकासी की सूक्ष्म जांच की जाएगी। वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि यह
केवल फाइलें पलटने तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से
चर्चा के बाद स्पष्ट किया कि सरकारी खजाने से निकले एक-एक रुपये की वसूली
दोषियों की
चल-अचल संपत्ति (मकान-जमीन) बेचकर की जाएगी। बोकारो और हजारीबाग जैसे बड़े घोटालों
की जांच के लिए एक IAS अधिकारी की अध्यक्षता में टीम बनेगी। तकनीकी पेचीदगियों को समझने के
लिए महालेखाकार कार्यालय (AG Office) के विशेषज्ञों को भी टीम में शामिल
किया जाएगा। जिलों में दर्ज सभी FIR अब CID को ट्रांसफर की जा सकती हैं,
ताकि 'आपराधिक साजिश' के बड़े जाल को काटा जा सके। 33
ट्रेजरी रडार
पर: राज्य के सभी 24 जिलों की 33 ट्रेजरी की फाइलें अब जांच के दायरे
में हैं। बोकारो और हजारीबाग में पुलिसकर्मियों के वेतन के नाम पर करोड़ों की
अवैध निकासी ने सरकार के कान खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में रांची कोषागार में भी
पिछले 3 साल के पुलिस वेतन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हालांकि शुरुआती जांच
में रांची में सब ठीक मिला है, लेकिन वित्त मंत्री के सख्त तेवरों ने
साफ कर दिया है कि अब सिस्टम की सफाई होकर रहेगी। जबकि रांची के डीसी के आदेश के बाद रांची ट्रेजरी से रकम थ्री स्तरीय सुरक्षा लेयर के
बाद निकल सकेंगे।
शराब बिक्री पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड्स का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराएगी दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार...
दिल्ली
की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब की बिक्री से जुड़े सभी सरकारी उपक्रमों के
पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड्स का गहन क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के निर्देश
दिए हैं। यह निर्णय उन रिपोर्टों के बाद लिया गया है, जिनमें यह सामने आया है कि कई स्थानों
पर लंबे समय से खातों का मिलान नहीं किया गया है, जिससे भारी वित्तीय अनियमितताओं की
आशंका जताई जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इसे
सुधारने के लिए अब खातों की सख्त निगरानी होगी, हर रिकॉर्ड का ठीक से मिलान किया जाएगा
और पूरी प्रक्रिया में
वेरिफिकेशन और वैलिडेशन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा
कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या राजस्व को नुकसान पहुंचाने की बात
सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थाओं
और आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत
रिपोर्ट तैयार कर आदेश जारी होने की तारीख से 2 महीने के भीतर वित्त विभाग को अनिवार्य
रूप से सौंपें।
आर्थिक दुर्बलता अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई और गहरी...
संयुक्त राष्ट्र (UN)
की ताजा रिपोर्ट ने चिंता को और बढ़ा दिया
है। रिपोर्ट के मुताबिक, विकसित देशों ने गरीब देशों को मिलने वाली आर्थिक
मदद में बड़ी कटौती की है, जिससे वैश्विक संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है। दुनिया
भर में आर्थिक असमानता कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। अमीर और गरीब
देशों के बीच की खाई अब और गहरी होती दिख रही है। रिपोर्ट के अनुसार,
दुनिया के 25 विकसित देशों ने पिछले साल गरीब देशों को दी जाने
वाली मदद में 23% की
कटौती की है। खास बात यह है कि सिर्फ पांच बड़े देशों की कटौती इस गिरावट के 96%
के लिए जिम्मेदार है। इनमें सबसे बड़ी
कटौती अमेरिका की ओर से की गई, जो करीब 59% तक रही। इस सहायता में कमी का सबसे ज्यादा असर
गरीब और विकासशील देशों पर पड़ा है। अफ्रीकी देशों को मिलने वाली मदद में
26.3%
की गिरावट आई है, जबकि सबसे कम विकसित देशों में यह गिरावट 25.8%
रही। इससे स्वास्थ्य सेवाओं,
शिक्षा और आपदा राहत जैसे जरूरी क्षेत्रों
पर संकट गहराने का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गरीब देशों
से होने वाले निर्यात पर लगने वाला औसत टैरिफ 9% से बढ़कर 28% तक पहुंच गया है। इससे इन देशों की अर्थव्यवस्था
पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है और उनके विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है। इस बढ़ती
असमानता के पीछे कई कारण हैं।
पहला, वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों ने निवेश
के माहौल को कमजोर किया है। इससे आर्थिक सुधार की उम्मीदों को झटका लगा है। दूसरा,
जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं ने
गरीब देशों की अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचाया है, जिससे उनकी स्थिति और खराब हुई है। स्पेन के
सेविले में कई देशों ने विकास के लिए हर साल 4000 अरब डॉलर की कमी को पूरा करने का लक्ष्य रखा था,
लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं
हो पाई है। यह भी इस समस्या को बढ़ाने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि इस
मुश्किल समय में कुछ देशों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। नॉर्वे,
लक्जमबर्ग, स्वीडन और डेनमार्क जैसे देशों ने संयुक्त
राष्ट्र के 0.7% GNI लक्ष्य को पूरा किया है।
संविधान बचाओ देश बचाओ 'रन फॉर आंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टीट्यूशन' राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला किया। गांधी ने आरोप लगाया कि इन संगठनों का मुख्य उद्देश्य भारत के संविधान को समाप्त करना है। उन्होंने कहा,संविधान के बिना जिसे हम भारत कहते हैं, वह नहीं होता। आज जो लोग RSS-BJP की सोच के हैं, वे संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वे कुछ भी कहें, उनका असली उद्देश्य संविधान को मिटाना है,क्योंकि वे नहीं चाहते कि भारत में सभी को समान माना जाए। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने
कहा, वे (आरएसएस-भाजपा) चाहे जो करें,
वे आंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने सिर भी
झुकाते हैं, लेकिन
उनका उद्देश्य संविधान को खत्म करना है। हमारा उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और
उसे मजबूत करना है। नीले रंग की टी-शर्ट
पहने राहुल ने कहा, हम चाहते हैं कि संविधान की भावना और उसकी रक्षा का संदेश देश के हर
कोने तक पहुंचे और इसी वजह से हमने रन फॉर आंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टीट्यूशन का आयोजन किया है। फेसबुक पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि
उन्होंने मंडी हाउस से कांग्रेस की अनुसूचित जाति (एसटी) इकाई द्वारा आयोजित
मैराथन को हरी झंडी दिखाई।
गांधी ने कहा, यह दौड़ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के आदर्शों और
भारत के संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा,आज जब संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है,
हमें एकजुट होकर हर अन्याय और भेदभाव के
खिलाफ उसी संकल्प के साथ लड़ना होगा, जैसा बाबा साहेब ने दिखाया था। जय भीम,
जय संविधान, जय हिंद।
मंदिर हटाने को लेकर जमकर बवाल, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवासियों ने भगाया
घटना की जानकारी
लगने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल लगा दिया। इसके बाद
अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने पथराव करने वाले कुछ लोगों की
पहचान की है। सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि मार्ग चौड़ीकरण के दौरान मंदिर को
हटाया जा रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया,
जिसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
घटना की जांच की जा रही है जो भी आरोपी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल,उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर हटाने
को लेकर जमकर बवाल हुआ। यहां सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे एक मकान में रहने वाले
लोगों का विवाद क्षेत्र के अन्य लोगों से हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट
हुई। इस दौरान एक पक्ष ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव में एक पुलिसकर्मी के
सर में चोट आई
है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तीतर-बितर किया। इस दौरान
विरोध कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवासियों ने
भगाया। उज्जैन शहर में सिहस्थ 2028 के लिए कई मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
इसी के तहत उज्जैन के आजाद नगर से दो तालाब तक रोड का चौड़ीकरण किया जाना है,
जिसके तहत पंचमपुरा चौराहे पर कालिकमाता
मंदिर को नगर निगम की टीम जेसीबी और पोकलेन की मदद से तोड़ रही थी। इस दौरान बजरंग
दल के कार्यकर्ता पहुंचे और मंदिर तोड़ने का विरोध करने लगे।
रहवासियों की सहमति
से ही मंदिर को अन्य स्थान पर बनाए जाने के बाद तोड़ा जा रहा था। इसी दौरान
चौड़ीकरण की जद में आ रहे एक मकान में रहने वाले लोग पहुंचे और उन्होंने मंदिर
तोड़ने का विरोध किया, जिस पर अन्य रहवासियों से उनका विवाद हो गया। विवाद में दोनों पक्षों
के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान एक पक्ष ने भीड़ पर पत्थर बरसाना शुरू
कर दिया, जिसके
कारण एसआई अंकित बरोध के सर में चोट आई है। घटना के बाद तीन थानों का पुलिस बल
मौके पर लगाया गया है, जिसके बाद मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान रहवासियों ने
मंदिर तोड़ने का विरोध कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया।
जीरो बैलेंस वाले बैंक खाता बेचने और बैंक खाता खरीदकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़...
मामला राजस्थान के
झालावाड़ में पुलिस ने साइबर ठगी का अनोखा तरीका उजागर किया भवानीगंडी इलाके यहां
पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने म्यूल
बैंक खातों के जरिए देशव्यापी ठगी को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह के तीन
मुख्य गुर्गों की गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने इनके पास से
भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, चेक बुक और नकदी बरामद की है,
जो इस बात का सबूत है कि यह गिरोह कितने
बड़े स्तर पर सक्रिय था। बैंक खाता बेचने और
बैंक खाता खरीदकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3
शातिर ठग गिरफ्तार किए गए हैं। यहां जीरो
बैलेंस वाले बैंक अकाउंट भी लाखों रुपये देकर खरीदे जा रहे थे। इन बैंक खातों को
खरीदने का काम साइबर ठग करते थे। बैंक खाता बेचने वाले
व्यक्ति को सिर्फ अपना
एटीएम और उसका पिन ठगों को देना होता था। कई लोगों ने तो नए अकाउंट खुलवाए और
उन्हें सीधे ठगों को बेच दिया। अब पुलिस ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिला
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने खुलासा करते हुए बताया कि ये आरोपी आम लोगों को लालच
देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या पुराने बैंक खाते लाखों रुपये देकर खरीद
लेते थे। इन खातों का उपयोग 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया जाता था। साइबर ठगी की मोटी रकम
को कानूनी एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए इन खातों में ट्रांसफर किया जाता था
और फिर अलग-अलग शहरों से एटीएम के माध्यम से निकाल लिया जाता था। पकड़े गए
आरोपियों के खातों का संबंध देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से पाया गया
है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ललित राणा, दूसरा अजय विश्वकर्मा और तीसरा राजेश कुमार तीनो
भवानीमंडी क्षेत्र के है। इनके पास से 53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के),
35 चेक बुक, 6 बैंक पासबुक, 9 मोबाइल सिम और 1 लैपटॉप बरामद हुआ है। इन सभी चीजों का इस्तेमाल
साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही 1,54,800 रुपये नगद जब्त किए हैं।
गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार की कला में पीएचडी है ममता की तृणमूल कांग्रेस, CAA होगा लागू …प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने गुंडागर्दी
और भ्रष्टाचार की कला में महारत हासिल कर ली है और इसमें पीएचडी कर ली है। हम
टीएमसी शासन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए हर अत्याचार की फाइलें फिर से खोलेंगे।
हम बलात्कार के हर मामले की फाइलें फिर से खोलेंगे और हर मामले में जवाबदेही
सुनिश्चित करेंगे। यह मोदी की गारंटी है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा
कि पूरे बंगाल के लोग एकजुट हुए थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि टीएमसी का अन्य
राज्यों में विस्तार असफल रहा है क्योंकि न तो इसका कोई इरादा है और न ही कोई
नीति। मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में आयोजित चुनावी
रैलियों में तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और राज्य में बीजेपी की सरकार
बनने पर कई बड़े वादों को पूरा करने की बात कही। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UGC) लागू करने, नागरिकता
संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत
नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज करने और कथित ‘सिंडिकेट राज’ को खत्म
करने का संकल्प दोहराया। मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर में एक
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी तुष्टीकरण की राजनीति को समाप्त करने के लिए UCC लागू करेगी और बंगालियों को राज्य में अल्पसंख्यक नहीं बनने
देगी। उन्होंने
चुनाव को राज्य की पहचान और भविष्य की रक्षा की लड़ाई बताया। पीएम मोदी ने कहा, देश की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। बीजेपी का संकल्प है
कि पश्चिम बंगाल में तुष्टीकरण की राजनीति को हमेशा के लिए समाप्त करने के वास्ते UCC लागू किया जाये।
पीएम मोदी ने TMC पर आरोप लगाया कि उसने मां-माटी-मानुष के नारे को छोड़कर घुसपैठियों और वोट बैंक की राजनीति को अपना लिया है। उन्होंने कहा, तृणमूल कांग्रेस मां-माटी-मानुष का नारा लगाकर सत्ता में आई थी। लेकिन अब वह घुसपैठियों के
मतों से सरकार बनाना चाहती है। पश्चिम बंगाल अब तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति
बर्दाश्त नहीं करेगा। हम बंगालियों को राज्य में अल्पसंख्यक नहीं बनने देंगे। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राज्य में तेजी से
जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहे हैं और यह चुनाव पश्चिम बंगाल की पहचान को बचाने के लिए है। कटवा में रैली के दौरान पीएम मोदी ने सीएए को लेकर बड़ा
वादा किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर मतुआ, नामशूद्र और अन्य शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया
तेज की जाएगी।
उन्होंने कहा, 'सीएए
कानून इसलिए लाया गया ताकि मतुआ, नामशूद्र
और सभी शरणार्थी परिवारों को नागरिकता की संवैधानिक गारंटी मिल सके। जैसे ही यहां
बीजेपी की सरकार बनेगी, सीएए के
तहत नागरिकता देने का काम तेज किया जाएगा। मैं हर घुसपैठिए से कहूंगा कि वह अपना
सामान समेट ले, अब जाने
का समय आ गया है।' प्रधानमंत्री
ने यह भी कहा कि घुसपैठियों के “मददगारों” पर भी कार्रवाई होगी। पीएम मोदी ने आर्थिक मुद्दों पर भी
राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज के कारण पश्चिम बंगाल विकास में पीछे रह गया है और राज्य पर आठ
लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज' हो चुका
है। उन्होंने दावा किया कि हजारों कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं और युवाओं को
पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर भ्रष्टाचार पर श्वेत
पत्र लाया
जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'जनता के अधिकारों का हनन करने वालों के लिए कोई लाल कालीन
नहीं बिछाया जाएगा,उनके लिए
जेल के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।
LPG की कालाबाजारी पर कार्रवाई,451 एलपीजी सिलेंडर जब्त
पश्चिम एशिया संकट के बीच LPG की कालाबाजारी पर कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं नागरिक
आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को वाडीबंदर ब्रिज और डोंगरी इलाके से 451 गैस सिलेंडर और 8 वाहन
जब्त किए हैं। मुंबई
में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी
कार्रवाई की है। यहां अवैध तरीके से स्टोर किए 451 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर बिना लाइसेंस के अवैध रूप से स्टोर
और ट्रांसपोर्ट किए जा रहे थे। जब्त सामग्री की कुल
कीमत करीब 40.61 लाख रुपये बताई गई है। यह छापेमारी नियंत्रक खाद्य वितरण एवं
नागरिक आपूर्ति निदेशक चंद्रकांत डांगे को मिली विशेष सूचना के आधार पर की गई।
कार्रवाई विशेष टीम ने गणेश बेल्लाळे, माधुरी
शिंदे और प्रदीप यादव के नेतृत्व में की। जांच के दौरान ‘जय हिंद गैस एजेंसी’ पर सरकारी नियमों के उल्लंघन और अवैध भंडारण के आरोप लगे
हैं। एजेंसी की मालिक नजमा सनारुल मंडल और संचालक सनारुल रहमतुल्ला मंडल के खिलाफ
डोंगरी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जम्मू-कश्मीर की सुंदरता पर लग रहा ग्रहण 500 से ज़्यादा झीलें पूरी तरह से गायब ,315 झीलें तो पूरी तरह से लुप्त….
भारत के नियंत्रक और
महालेखा परीक्षक (CAG) के हालिया ऑडिट से पता चला है कि जम्मू और कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश
में पिछले कुछ दशकों में 500 से ज़्यादा झीलें या तो पूरी तरह से गायब हो गई
हैं या फिर काफी हद तक सिकुड़ गई हैं, जिससे पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई
हैं। 1967 में
जम्मू-कश्मीर में 697 झीलें थीं। मौजूदा हालात के मुताबिक, 315 झीलें पहले ही गायब हो चुकी हैं,
जो कुल झीलों का 45% है; जबकि 203-205 झीलें गायब होने की कगार पर हैं। कुल मिलाकर,
74% झीलें प्रभावित हैं।
या तो वे सिकुड़ रही हैं या पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं। सरकार से लेकर आम लोगों
तक, सभी इसके लिए
ज़िम्मेदार हैं। अगर हम सरकारी विभागों की बात करें जैसे वन विभाग,
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या झील संरक्षण
बोर्ड जो इनका प्रबंधन करते हैं; या पर्यटन विभाग, या शहरी नियंत्रण विभाग, तो ये सभी ज़िम्मेदार हैं। साथ ही,
आम लोग भी उतने ही ज़िम्मेदार हैं,
जिन्होंने इन जमीनों को खेती या बागवानी
की
जमीन में बदल दिया, या इन पर निर्माण कार्य करके घर बना लिए। इसके अलावा,
बिना साफ किया हुआ सीवेज भी इन जलाशयों
में जाता है। इसलिए लोग और सरकार, दोनों ही समान रूप से जिम्मेदार हैं। क्षेत्रफल
के लिहाज से इस इलाके ने अपनी झीलों का लगभग 2,850 हेक्टेयर सतही क्षेत्र खो दिया है। यह न केवल
झीलों की संख्या में आई कमी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यहां जल-विस्तार में भी
भारी गिरावट आई है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि 63
झीलें अपने मूल क्षेत्रफल का आधे से अधिक
हिस्सा खो चुकी हैं, जिससे उनके अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा है। तेजी से हो रहा शहरीकरण,
अतिक्रमण, कुप्रबंधन और संरक्षण के लिए लगातार प्रयासों की
कमी को इस गिरावट के मुख्य कारणों के रूप में पहचाना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर की खूबसूरती का
एक अहम हिस्सा उसकी झीलों, नदियों और झरनों में छिपा है।
CAG
की हाल ही में जारी रिपोर्ट गहरी चिंता की
बात है, क्योंकि
यह बताती है कि पिछले कुछ दशकों में एशिया की सबसे बड़ी झील- वूलर-डल झील के
साथ-साथ अपनी पुरानी शान खोती दिख रही है। इस गिरावट के मुख्य कारण अतिक्रमण,
प्रदूषण और कुप्रबंधन हैं। इस स्थिति के
लिए सरकार और आम जनता दोनों जिम्मेदार हैं। अगर बची हुई झीलों को बचाने के लिए समय
पर कदम नहीं उठाए गए, तो कश्मीर न सिर्फ अपनी अंदरूनी खूबसूरती खो देगा,
बल्कि उसके टूरिज्म सेक्टर को भी बड़ा
झटका लगेगा। इसके अलावा, देखे गए क्लाइमेट चेंज जिससे ग्लेशियर पिघल रहे
हैं और झीलें गायब या सिकुड़ रही हैं, ने बाढ़ जैसे हालात की संभावना को काफी बढ़ा दिया
है। आम लोगों के साथ-साथ सरकार को भी इसे बहुत गंभीरता से लेना होगा। इन झीलों की
तस्वीर देख कर लोग भी बेहद चिंतित हैं।
लोगों का कहना है कि एक वक्त ऐसा था जब
कश्मीर की झीलों का पानी लोग पीने के लिए इस्तेमाल करते थे। यहां बड़ी रौनक हुआ
करती थी। ये झील,कश्मीर की दूसरी झीलें, खास कर डल झील और निगीन झील से कनेक्ट हो जाते
थे। पर्यटक एक बार शिकारा की सवारी का आनंद लेने और मछली पकड़ने के लिए खुशाल सार
झील में आते थे। हालांकि, अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण यह झील आज डंपिंग
साइट बनकर रह गई है। अब यह झील कम और नाला ज्यादा दिखता है। ख़ुशाल सार झील इस
दुर्दशा में अकेली नहीं है; श्रीनगर का सबसे बड़ा डल झील, भी इसी तरह के भाग्य का सामना कर रहा है। पिछले
कुछ दशकों में, डल झील
का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सूख गया है, और इसके आंतरिक क्षेत्रों में अतिक्रमण बढ़ गया
है। होटलों से निकलने वाला सारा कचरा सीधे डल में प्रवाहित होता है। स्थानीय लोगों
को दुख है कि झील की मौजूदा हालत देखकर उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं।
ममता -A हुमायूं-B टीम सुवेंदु ने ममता को बताया- झूठों की रानी
पश्चिम बंगाल
विधानसभा चुनाव में, सुवेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी को सीधी टक्कर दे रहे हैं। ममता
बनर्जी, भवानीपुर
सीट से चुनाव लड़ रही हैं और सुवेंदु भी इसी सीट से ममता बनर्जी को टक्कर देने के
लिए भारतीय जनता पार्टी के टिकट
पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। सुवेंदु अधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव में ममता
बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हरा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भाजप लीडर
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ममता
बनर्जी का नाम आते ही चोर मचाए शोर की
बात कही। साथ ही, वायरल हो रहे हुमायूं कबीर के वीडियो पर भी बयान दिया। ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, वह झूठी हैं। यह बात सभी लोगों को पता है। वह झूठों की रानी हैं। वह चोर हैं और चोर शोर मचा रहा है। वहीं, हुमायूं कबीर के वीडियो पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि साजिश की बात पर हुमायूं बोलेंगे। हम लोग बाबरी मस्जिद के खिलाफ हैं। जो बाबर के नाम पर काम करता है, मैं उसके खिलाफ हूं। ये A और B टीम की लड़ाई है। ममता बनर्जी A टीम हैं और हुमायूं B टीम हैं।

































