ममता बनर्जी के गढ़ से 47,000 से अधिक नाम हटे,14,000 से अधिक नाम विचाराधीन श्रेणी में
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में नए सिरे से राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है। यहां 47,000 से अधिक नाम हटाए गए हैं और 14,000 से अधिक नामों को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया। बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर के
मुद्दे पर राजनीतिक गहमागहमी जारी है। दक्षिण कोलकाता का भवानीपुर विधानसभा
क्षेत्र, जिसे व्यापक रूप से ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है, जहां पिछले साल चार नवंबर को एसआईआर
प्रक्रिया शुरू होने पर 2,06,295 मतदाता थे। मुख्य निर्वाचन
अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को
बताया कि एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट में संशोधन प्रक्रिया के दौरान हटाए गए और
जोड़े गए नामों को शामिल करने के बाद, पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से अधिक हो गई है। मनोज कुमार
अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के परिणामस्वरूप
फॉर्म-7 के माध्यम से 5.46 लाख से अधिक मतदाताओं को हटाया गया और फॉर्म-6 और फॉर्म-6ए जमा
करने के माध्यम से 1.82 लाख से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया।
मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 58 लाख से अधिक जनगणना प्रपत्र प्राप्त
नहीं हुए, जिनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के मामले शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 60 लाख से अधिक मतदाता अभी भी विचाराधीन श्रेणी में हैं, लेकिन उन्हें एसआईआर के बाद की मतदाता
सूची में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन प्रक्रिया निर्वाचन
आयोग के निर्देशों के अनुसार की गई है। एसआईआर के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने
शनिवार को पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। 28 फरवरी, 2026 तक राज्य में कुल 70,459,284 मतदाता हैं और
सूची (फॉर्म 7) से 546,053 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
माताजी मेरे लिए लड़की देख लो धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री करेंगे शादी..
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अभी तक अविवाहित हैं। इससे पहले बाबा बागेश्वर की शादी को
लेकर अटकलें लगती रही हैं। लेकिन इस बार बाबा बागेश्वर ने खुद ऐलान किया है कि वह
जल्द ही शादी करने जा रहे हैं। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जल्द दूल्हा
बनेंगे। बाबा बागेश्वर ने खुद ऐलान किया है कि वह शादी करने जा रहे हैं। पंडित
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वह जल्द शादी
करेंगे। गुरु जी की आज्ञा हुई।
हमने माता जी को आज ही बोला है कि लड़की देख लो। माता जी की पसंद से विवाह होगा।
हमारे जीवन मे एक सिद्धान्त रहा है जो बातें कही हमने देर से भली हुई है, उसी बातों पर अडिग रहे। शादी करेंगे।
यह पक्का है और बहुत जल्द ही खुश खबरी मिलेगी। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह तो तय है कि वह शादी
करेंगे। उन्होंने कहा कि माता जी मेरी शादी के लिए लड़की ढूढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह 21 दिन तक साधना बद्रीनाथ में करेंगे।
ओ शिट..ओ शिट अजित पवार प्लेन हादसा पहली रिपोर्ट जारी....
बारामती प्लेन हादसे के एयरक्राफ्ट
एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो की प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद
दोनों रिकॉर्डर का जिक्र किया गया है दोनों को एयरक्राफ्ट के पिछले हिस्से से
रिकवर किया गया और उनकी जांच की जा रही है। प्राथमिक रिपोर्ट में प्लेन में मौजूद
दोनों पायलेट्स के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट का जिक्र है। दोनों की रिपोर्ट संतोषजनक
पाई गई है। बरामती एयरपोर्ट के और फील्ड को लेकर कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र है।
इस रिपोर्ट में घटना के दिन के मौसम से जुड़ी हुई बातों को भी जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार कंट्रोलर ने जानकारी
दी कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर है। इसके बावजूद विमान ने एप्रोच जारी रखी और बाद
में गो-अराउंड किया। दूसरी एप्रोच के दौरान विमान ने रनवे दिखाई
देने की सूचना दी, जिसके बाद बारामती टॉवर ने रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति दे दी। टॉवर ने
यह
भी बताया कि हवा शांत है। इसके कुछ ही समय बाद विमान से “ओह शिट… ओह शिट…” जैसी आवाज प्रसारित होती सुनी गई और
फिर विमान रनवे 11 के थ्रेशोल्ड के बराबर, रनवे के बाईं ओर क्रैश लैंड कर गया। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के बारामती में प्लेन क्रैश मामले पर एयरक्राफ्ट
एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने पहली रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें बताया गया है
कि एयरपोर्ट में कई तरह की कमियां हैं। वहीं, पायलट से जुड़ी कोई समस्या नहीं सामने
आई है। हादसे से पहले तक पायलट और एयर कंट्रोल रूम के बीच सामान्य रूप से बातचीत
हो रही थी। इसके अचानक ओ शिट.. ओ शिट की आवाज
सुनाई और प्लेन हादसे का शिकार हो गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि
प्लेन के दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक आग के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में उनकी
रिकवरी के लिए स्पेशल तकनीक की जरूरत है। दिल्ली की लैब में एक रिकॉर्डर का रॉ डेटा
डाउनलोड किया गया है। इससे हादसे की वजह से बारे में ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकती
है।
40 लाख परिवारों को फूड किट देगी पंजाव मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार
मीडिया को संबोधित करते हुए
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह पहल पंजाब के हर परिवार के लिए खाद्य और पोषण
सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देश को
अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के शानदार योगदान को याद करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के मेहनती और जुझारू किसानों ने अथक
मेहनत से यह सुनिश्चित किया कि देश में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि हमारे
राज्य ने देश का पेट भरने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि
हालांकि पंजाब में अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज
संघर्ष करते हैं, जिनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए
राज्य सरकार ने यह महत्वाकांक्षी मेरी रसोई योजना शुरू की है। योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा
कि इस योजना के तहत राज्य सरकार 40 लाख परिवारों को फूड किट प्रदान करेगी। प्रत्येक किट में
मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। ये फूड
किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम के तहत योग्य लाभार्थियों को पहले वितरित की
जा रही गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।इस योजना की शुरुआत करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार जन कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन
जुटाना अच्छी तरह जानती है, जो पूरी ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ चलती है। उन्होंने
इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सिर्फ एक वादा
नहीं बल्कि हमारा नैतिक फर्ज है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले लोक-हितैषी बजट में भी समाज के हर वर्ग के हित का ख्याल रखते हुए लोक भलाई उपायों का दायरा और विस्तृत
किया जाएगा। सीएम ने आगे बताया कि मार्कफेड इस पहल के लिए नोडल एजेंसी
के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मार्कफेड इन किटों के
वितरण के लिए नोडल एजेंसी होगी और ये किट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा
मुफ्त में सप्लाई की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने सुचारू वितरण सुनिश्चित
करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई है। पंजाब की विरासत के बारे में बात करते हुए
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने पिछले समयों में देश को अनाज
संकट से बाहर निकाला था और यह पहल हमारी सरकार द्वारा लोक भलाई के लिए की जा रही
लोक-हितैषी नीतियों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि
यह गारंटी न तो लिखी गई थी और न ही हमारी पार्टी के मेनिफेस्टो का हिस्सा थी, लेकिन यह पंजाब के लोगों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी
है और हम इसे पूरा कर रहे हैं।
घुसपैठी बांग्लादेशी महिला के पास क्या-क्या मिला?
पुलिस की तरफ से की गई जांच और तलाशी
के दौरान आरोपियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे। पुलिस ने बरामद बैग में महमूदा
बेगम के नाम से जारी दो बांग्लादेशी पासपोर्ट (नंबर AO 1260722 और A05956012), बांग्लादेश का
नेशनल आईडी कार्ड और एक एक्सपायर हो चुका भारतीय वीजा पाया, जिसकी वैधता जुलाई 2023 में समाप्त हो चुकी थी। हापुड़ पुलिस की जांच में पाया गया कि
महिला ने वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रुकने के लिए 'रानी बेगम' के नाम से फर्जी वोटर आईडी कार्ड (EPIC) और अन्य कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार
करवा लिए थे। अब तक इस मामले में बरामद दस्तावेजों में ग्राम प्रधान की
तरफ से जारी एक निवास
प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी भी मिली थी, जिसने महिला को स्थानीय निवासी के रूप
में प्रमाणित किया था। उत्तराखंड के कुलसी से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे जिनको आज
पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में पुलिस टीम आरोपियों के खिलाफ आगे की
कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन ले रहे हैं।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में
अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला महमूदा बेगम उर्फ रानी बेगम और उसके भारतीय
पति मोहम्मद मशरूफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 28 फरवरी 2026 को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने
दोनों को ग्राम दौताई से हिरासत में लिया। आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं 318(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) और आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की धारा 21 के तहत मुकदमा संख्या 0094 दर्ज किया गया था।
माउंट आबू का नाम बदलकर आबू राज करने की घोषणा....
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम
बदलकर केरलम करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी थी।
बता दें कि मलयालम में केरा का अर्थ नारियल का पेड़ होता है और अलम का अर्थ भूमि
होता है। इस तरह से केरलम का अर्थ नारियल के पेड़ों की भूमि हुआ। इस नाम से राज्य
की पहचान बिल्कुल ठीक तरह से पता लगती है। हैरानी की बात ये भी है कि मलयालम भाषा
बोलने वाले लोग पहले से ही केरलम बोलते थे लेकिन आधिकारिक तौर पर ये केरल था।
केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद अब ये माना जा रहा है कि आधिकारिक रूप से भी
केरलम नाम होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। केरल के लोग लंबे समय से उनके राज्य का
नाम केरलम करने की मांग कर रहे थे। बीजेपी शासित राज्यों में लगातार नाम बदलने की प्रक्रिया
जारी है। इससे पहले यूपी और दिल्ली में भी कई जगहों के नाम बदले
जा चुके हैं। यूपी
में फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या, इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया। इसके अलावा
अन्य कई और जगहों का नाम बदला गया। दिल्ली सरकार ने भी बीते दिनों कई जगहों और
मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। दिल्ली में जिन जगहों के नाम बदले गए हैं
उनमें उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पूर्व नाम: प्रशांत विहार), जगतपुर-वजीराबाद (पूर्व नाम: जगतपुर), नानक
प्याऊ-डेरावल नगर (पूर्व नाम: डेरावल नगर), खानपुर-वायुसैनाबाद (पूर्व नाम: खानपुर), नानकसर-सोनिया विहार (पूर्व नाम: सोनिया विहार), श्री राम मंदिर मयूर विहार (पूर्व नाम: मयूर विहार पॉकेट-1) और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पूर्व नाम: वेस्ट एन्क्लेव) शामिल हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बड़ा ऐलान किया है। राजस्थान में
तीन शहरों के नाम बदलने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक राजस्थान के सीएम
भजनलाल शर्मा ने सदन में यह घोषणा की है। सीएम ने अब विश्व प्रसिद्ध माउंट आबू का
नाम बदलकर आबू राज करने की घोषणा की है। इसके अलावा राजस्थान के जहाजपुर का नाम भी
बदलकर यज्ञपुर कर दिया जाएगा वहीं एक अन्य शहर कामां का नाम बदलकर कामवन करने की
घोषणा कर दी गई है। सीएम भजन लाल शर्मा ने सदन में यह घोषणा की है।
लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बगैर धृतराष्ट्र कहा मैथिली ठाकुर ने…
मैथिली ठाकुर ने आगे
कहा, 2005 से पहले अंधे
धृतराष्ट्र देखना भी नहीं चाहते थे, क्योंकि उन्हें हस्तिनापुर की जगह दुर्योधन की
चिंता लगी रहती थी, लेकिन 2005 में सुशासन आया। मैथिली ने नीतीश कुमार की तुलना युधिष्ठिर से करते
हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ने बागडोर संभाली, तब यहां सुशासन आया। बिहार विधानसभा में शिक्षा
बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने महाभारत के उदाहरणों के जरिए
विपक्षी दल और पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बिहार के पिछले 30
सालों के सफर को हस्तिनापुर की कहानी के
रूप में सुनाई। अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने लालू प्रसाद यादव का नाम लिए
बगैर धृतराष्ट्र कहा। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की अनुदान
मांगों पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का
रिपोर्ट कार्ड
पेश किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने
कक्षा 1 से 12
तक के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति
राशि को दोगुना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में सीधे (DBT
के माध्यम से) राशि भेजी जा चुकी है। इसके
अलावा, बिहार
की साइकिल और पोशाक योजना की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है और कई देशों ने इस
मॉडल को अपने यहां लागू करने में रुचि दिखाई है। मंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश
करते हुए बताया कि बिहार का विकास शिक्षा के बिना संभव नहीं है। बिहार अपनी कुल
जीडीपी का लगभग 20 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रहा है, जो 14 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। साल 2005
में जहां शिक्षा बजट महज 2400
करोड़ रुपये था, आज वह कई गुना बढ़कर राज्य की प्राथमिकता बन चुका
है।
दिल्लीवासियों के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप लांच
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा
गुप्ता ने सीएम जनसुनवाई पोर्टल व ऐप की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह
पोर्टल एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। इसी एक मंच पर दिल्ली नगर निगम
(एमसीडी), दिल्ली
विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से
जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। इसकी कार्यप्रणाली को बेहद सरल रखा गया है ताकि
आम नागरिक बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपनी बात कह सके। सिस्टम के भीतर शिकायतों,
क्षेत्रों और विभागीय अधिकारियों की
मैपिंग पहले से ही कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद
उन्होंने पाया कि नागरिकों के पास अपनी समस्याएं दर्ज करने के लिए तो मंच थे,
लेकिन उनके समाधान की प्रभावी निगरानी की
कोई व्यवस्था नहीं थी। शिकायतें एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर होती रहती
थीं और आवेदक को यह पता ही नहीं चलता था कि समाधान कब और किस स्तर पर होगा। इसी
समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया गया
है। इसकी विशेषता बताते हुए कहा कि शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को चार
माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) और मुख्यमंत्री कार्यालय के
माध्यम से ऑफलाइन
व्यवस्था। शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय प्रणाली लागू की गई है,
जिसमें जन शिकायत समाधान अधिकारी
(जेएसएसए), अपीलीय
प्राधिकार (एए) और अंतिम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिजिकल जनसुनवाई को भी
जारी रखा है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारियों को जनसुनवाई करने
के निर्देश दिए गए थे। लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब नागरिक कहीं से भी
अपनी समस्या दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ‘सिर्फ सुनने वाली नहीं, बल्कि समय पर समाधान देने वाली सरकार’
की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने
बताया कि प्रत्येक शिकायत के लिए एक यूनिक रेफरेंस आईडी जारी की जाएगी और
प्रक्रिया के हर चरण पर एसएमएस के माध्यम से अपडेट दिया जाएगा। नागरिकों को
रिमाइंडर भेजने और पूर्व में की गई शिकायतों को नई शिकायत से लिंक करने की सुविधा
भी उपलब्ध होगी। अगर समाधान से संबंधित फीडबैक नकारात्मक मिलता है तो मामला खुद ही
उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगा। पूरी व्यवस्था 100 प्रतिशत फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग पर आधारित होगी,
जिससे फील्ड स्तर पर अधिकारियों की
जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा में पारदर्शिता
और समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस),
वंचित समूह (डीजी),
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे
(सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के दाखिलों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया
है। पहले इस्तेमाल हो रहे पुराने और असुरक्षित सॉफ्टवेयर को हटाकर यह नया,
सुरक्षित और क्लाउड आधारित सिस्टम लागू
किया गया है। इसे शुरू करने से पहले इसकी पूरी तरह सुरक्षा जांच (ऑडिट) भी कराई गई,
ताकि डेटा सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी
तरह पारदर्शी हो। मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप,
कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवा पोर्टल के
माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन
प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरणा लेते हुए दिल्लीवासियों की
सुविधा के लिए इन पहलों की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य सरकारी
सेवाओं को पारदर्शी, सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर दिल्ली के नागरिकों को सशक्त बनाना
है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज…. गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न का आरोप
जगद्गुरु
रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद को मुश्किलों में
ला दिया है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में नाबालिग बच्चों के
यौन शोषण का आरोप लगाकार मामले को बढ़ा दिया है। उन्होंने 8
फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो
कोर्ट में शिकायत दायर की थी। इसमें उन्होंने कोर्ट में कहा था कि गुरुकुल की आड़
में वह बाल उत्पीड़न करते हैं। तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया
था। दो कथित नाबालिग पीड़ितों की ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए झूंसी थाने में
तहरीर दी गई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण का मामला
सामने आने से पोक्सो कोर्ट के
आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज
के झूंसी थाने
में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। FIR
में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद
ब्रह्मचारी का भी नाम शामिल है। एफआईआर दर्ज न होने पर 28 जनवरी को 173 (4)के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी।
एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने 21 फरवरी को अर्जी मंजूर करते हुए एफआईआर दर्ज करने
का आदेश दिया था। एडीजे पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर झूंसी थाना
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने अब इस मामले में की जांच शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से इस मामले में
पूछताछ कर सकती है।
टेक्नोलॉजी से लैस प्रोफेशनल टीम करेगी ट्रेनों में साफ-सफाई
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,सफाई की आवृत्ति को व्यस्त
और गैर-व्यस्त घंटों के आधार पर
विनियमित किया जाएगा और टेक्नोलॉजी की मदद से सफाई प्रक्रिया की निगरानी के लिए
निगरानी कक्ष स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सुधार के
क्रियान्वयन के लिए 80 ट्रेनों की पहचान की गई है और अनुभव के आधार पर इसे अन्य सभी ट्रेन में भी
लागू किया जाएगा। मंत्री ने एक अन्य सुधार की भी घोषणा की, जिसके तहत रेलवे भूमि पर
माल-संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रेलवे
की माल ढुलाई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध अतिरिक्त रेलवे भूमि पर
गोदाम, ग्राइंडिंग यूनिट्स और प्रसंस्करण और समेकन
इकाइयों
के विकास की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कम उपयोग में आने वाले
गोदामों को गति शक्ति कार्गो टर्मिनल और सामान सुविधाओं के रूप में विकसित किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी
की ट्रेनों में साफ-सफाई बढ़ाने के लिए एक सुधार की शुरुआत की। इस सुधार के तहत टेक्नोलॉजी से
लैस प्रोफेशनल टीम की तैनाती की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि
जनरल क्लास समेत सभी डिब्बों की जरूरत के हिसाब से सफाई की जाएगी। ये काम तैनात
सर्विस प्रोवाइडर के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करके तथा
यात्रियों की उम्मीदों से ज्यादा प्रदर्शन करने वाली पेशेवर, अनुशासित और सक्रिय टीम को
जोड़कर किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा क्लीन ट्रेन स्टेशन योजना के तहत ट्रेन की सफाई
उनके रूट में निर्धारित स्टेशन पर की जाती है। उन्होंने कहा कि नए सुधार के तहत अब
ट्रेनों में सवार ट्रेन्ड कर्मियों द्वारा यात्रा के दौरान हर घंटे या जरूरत पड़ने
पर सफाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगरानी, फीडबैक और प्रदर्शन प्रबंधन
प्रौद्योगिकी की मदद से वास्तविक समय के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन
सेवाओं में सभी कोच, शौचालयों और बेसिन की सफाई, कचरा संग्रहण, मामूली मरम्मत का काम, जरूरत के हिसाब से पानी भरवाने का समन्वय और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की
जांच और जानकारी देना शामिल होगा। ये काम प्रशिक्षित पर्यवेक्षकों और सेवा
कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
“एंड ऑफ लाइफ व्हीकल्स” बिना नोटिस जब्त और स्क्रैप कर दिए जाएंगे...
दिल्ली परिवहन विभाग ने पुरानी गाड़ियों को लेकर एक सार्वजनिक सूचना जारी की
है। इस सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि समयसीमा समाप्त हो चुके किसी भी पुरानी
गाड़ी को बिना किसी पूर्व सूचना के जब्त कर लिया जाएगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने
सूचना में कहा है कि अगर आपकी गाड़ी अपनी समयसीमा को पार कर गई है तो उसे जब्त कर
लिया जाएगा, चाहे वह सड़क पर चल रही हो, या बेशक पार्किंग या किसी
अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ही क्यों न खड़ी हों। दिल्ली परिवहन विभाग के नोटिस में
कहा गया है, दिल्ली के सार्वजनिक
स्थानों पर चल रहे या खड़े BS-3 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले पुराने वाहनों को कानून के अनुसार बिना
किसी
पूर्व सूचना के जब्त कर कबाड़ कर दिया जाएगा। ऐसे वाहन मालिकों को अपनी
गाड़ियां शहर से बाहर स्थानांतरण के लिए एनओसी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों
ने कहा कि समयसीमा समाप्त कर चुके वाहनों को दिल्ली से हटाने के लिए जल्द ही एक
नया अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली परिवहन विभाग के इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय
राजधानी में वायु प्रदूषण के मानदंडों को सख्ती से लागू करना है। 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल
गाड़ी और 15 साल से ज्यादा पुरानी
पेट्रोल गाड़ी 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल्स' (EOV) की श्रेणी में आते हैं।
दिल्ली परिवहन विभाग ने अपने नोटिस में ईओवी के मालिकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने और अपनी
गाड़ियों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ट्रांसफर करने के लिए कहा है।
महिला के साथ गैंगरेप,विपक्षी पार्टी को वोट देने पर
बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के चेयरमैन शफीकुर रहमान ने घटना की
कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, मैं वाकई शब्दों की कमी
महसूस कर रहा हूं। हातिया, नोआखाली में, तीन बच्चों की 32 वर्षीय मां ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नेशनल सिटीजन पार्टी को वोट दिया था, इसके बदले उनके साथ
बलात्कार किया गया। शफीकुर रहमान ने लिखा है कि शिकायत के अनुसार शुक्रवार, 13 फरवरी को रात करीब 11:00 बजे चानंदी यूनियन के वार्ड
नंबर 9 में धनशिदी आश्रयन
प्रोजेक्ट में कई व्यक्ति उनके घर में घुसे, उनके पति को बांध दिया और
उन पर हमला किया। कथित तौर पर इस पार्टी (एनसीपी) को वोट देने का आरोप लगाते
हुए महिला का पति के सामने ही गैंगरेप किया। घटना के बाद महिला को शनिवार दोपहर
नोआखाली जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ.
मुस्तफिजुर
रहमान ने घटना की पुष्टि की है।
महिला का इलाज चल रहा है। पुलिस को सूचित कर दिया गया है। शफीकुर रहमान ने आगे लिखा
कि पूरे अपने अभियान के दौरान, मैंने वादा किया था कि बदले की राजनीति नहीं होगी और कानून का शासन वैकल्पिक
नहीं, बल्कि आधारभूत है। जो
रिपोर्ट आई है,
वह राजनीति नहीं है, यह कानूनहीनता है और इसे
तुरंत रोकना होगा। इस देश के हर नागरिक को बिना किसी डर, धमकी या हिंसा के स्वतंत्र
रूप से वोट देने और अपनी पसंद चुनने का पूर्ण अधिकार है।
यह अधिकार पवित्र है और
किसी व्यक्ति,
समूह या पार्टी को इसे
प्रयोग करने के लिए किसी को सजा देने का कोई अधिकार नहीं है। शफीकुर रहमान ने लिखा,मैंने पीड़िता और उनके
परिवार से सीधे बात की है और जो उन्होंने सहा है, उससे मैं गहराई से दुखी
हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन को सबसे मजबूत
शब्दों में यह संदेश दूंगा कि उनकी पार्टी के
सदस्यों से ऐसी हरकतों को रोकने के लिए बहुत अधिक प्रयास करने होंगे। नेतृत्व में
अनुशासन और जवाबदेही की मांग होती है। हम ऐसी संस्कृति को पनपने नहीं देंगे जहां
नागरिकों को कानून के बाहर खुद की रक्षा करनी पड़े। हमारे संस्थानों के माध्यम से
दृढ़ता से, तेजी से और बिना किसी डर या
पक्षपात के न्याय दिया जाना चाहिए।गौरतलब है की बांग्लादेश में विपक्षी
पार्टी को वोट देने पर 32 वर्षीय एक महिला के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। 3 बच्चों की मां का उसके पति
को रस्सी से बांधकर सामने ही गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। इस दिल दहला देने
वाली घटना ने बांग्लादेश में एक बार फिर दहशत का माहौल कायम कर दिया है। पीड़ित
महिला ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। यह घटना हातिया, नोआखाली में घटित हुई है।
आरोप है कि नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार को वोट देने पर महिला के साथ
जघन्यतम तरीके से गैंगरेप किया गया।
50 रुपये में झाड़ा लगाकर शुगर,बीपी, माइग्रेन,कैंसर हर बीमारी को ठीक करने का दावा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साध्वी के यहां झाड़ा लगवाने से पहले बाकायदा 50 रूपये की पर्ची काटी जाती
है। पर्ची कटवाने के बाद यहां लोगों को लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
हैरानी की बात ये है कि इस आडंबर में पुलिस प्रशासन भी अपनी डयूटी देकर साध्वी का
सहयोगी कर रहे हैं। यहां 50 रूपये में हर बीमारी के इलाज का दावा किया जा रहा है। लोगों की बीमारी ठीक हो
न हो, लेकिन शाम तक साध्वी का बैग
जरूर पैसों से भर जाता है। साध्वी का नाम कमल दीप्ति बताया जा रहा है। दरअसल,
हरियाणा के जीन्द यहां मात्र 50 रुपये में बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं
यहां दूर-दूर से लोग पहुंच भी रहे हैं, जिसका सबूत यहां लगनी वाली
लंबी-लंबी कतारें हैं। यहां ऐतिहासिक पांडू पिंडारा तीर्थ पर एक
साध्वी झाड़ा लगाकर हर बीमारी को ठीक करने का दावा कर रही हैं। ऐसा कहा जा रहा है
कि विभिन्न राज्यों से लोग अपनी-अपनी बीमारी को ठीक करवाने के लिए यहां हर रोज आ रहे हैं। यहां पर शुगर से लेकर
बीपी, माइग्रेन और कैंसर तक के
मरीज अपना इलाज करवाने पहुंच रहे हैं। साध्वी का कहना है कि यहां
पर कई राज्यों के लोग झाड़ा लगवाने आते हैं। एड़ी से चोटी तक कोई भी बीमारी हो
सबका वे झाड़ा लगाती हैं। पहले वे एक दिन झाड़ा लगाती थीं, लेकिन अब लगातार बढ़ रही
भीड़ को देखते हुए सप्ताह में तीन दिन झाड़ा लगाया जा रहा है। उनके यहां अब 60 आदमियों का स्टाफ है। झाड़ा
लगवाने आए मरीजों का कहना है कि उन्हें झाड़ा लगवाने के बाद बीमारी से काफी राहत
मिली है।





























