दूसरे व्यक्ति से महिला का निकाह हलाला- तलाक के बाद दोबारा निकाह करने से पहले पति का इनकार

मामला गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र से जुड़ा है जानकारी के मुताबिक, मुस्लिम दंपति के बीच वर्ष 2020 में विवाद के बाद तलाक हो गया था विवाद के बाद मामला थाने तक पहुंचा और महिला की ओर से पति के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया थाझारखंड में रांची हाईकोर्ट जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि अगर तलाक के बाद महिला दूसरे व्यक्ति से निकाह करती है और बाद में हलाला की प्रक्रिया के बाद पूर्व पति से दोबारा निकाह करना चाहती है, तो पूर्व पति का दोबारा शादी से इनकार करना अपने आप में कोई संज्ञेय अपराध नहीं है अदालत ने इसी मामले में आरोपी 
पूर्व पति को अग्रिम जमानत भी प्रदान की हैइसके बाद तलाकशुदा महिला ने दूसरे व्यक्ति से निकाह कियाबाद में हलाला की प्रक्रिया के बाद उसने अपने पहले पति से दोबारा निकाह करने की इच्छा जताई आरोप है कि पूर्व पति ने उससे दोबारा निकाह करने से इनकार कर दिया इसके बाद महिला की ओर से पूर्व पति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया मामले में आरोपी पूर्व पति ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया और अग्रिम जमानत की मांग की,सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले के तथ्यों पर विचार किया। 

अदालत ने कहा कि तलाक के बाद महिला का किसी दूसरे पुरुष से निकाह होने के बाद पूर्व पति पर दोबारा उससे निकाह करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं हैकेवल इस आधार पर कि पूर्व पति ने अपनी तलाकशुदा पत्नी से दोबारा निकाह करने से इनकार कर दिया, इसे अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकताअदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य आपराधिक कानून या मुस्लिम पर्सनल लॉ किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य व्यक्ति से दोबारा निकाह करने के लिए बाध्य नहीं करता यानी किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उससे विवाह करने के लिए कानूनी तौर पर मजबूर नहीं किया जा सकताइस मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी पूर्व पति को राहत देते हुए 25-25 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की अदालत के इस आदेश को तलाक के बाद दोबारा निकाह से इनकार के मामले में महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है
11 September 2026
Posted by achhiduniya

कहां ली अंतिम श्वास कैंची धाम के नीम करोली बाबा उर्फ लक्ष्मी नारायण शर्मा ने....?

नीम करोली बाबा का संदेश बहुत सरल था। वह प्रेम को सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। वह लोगों से कहते थे कि भगवान का नाम लो और दूसरों की सेवा करो। वे कहते थे सभी लोगों से प्रेम करें।  जरूरतमंद की सहायता करें। भोजन का सम्मान करें। अहंकार से दूर रहें। हनुमान जी की भक्ति करें।  कठिन समय में धैर्य रखें। सेवा को जीवन का हिस्सा बनाएं। लक्ष्मी नारायण शर्मा से नीम करोली बाबा बनने की यात्रा केवल एक व्यक्ति के संत बनने की कहानी नहीं हैयह गृहस्थ जीवन, वैराग्य, सेवा और भक्ति के बीच संतुलन की कहानी भी है। उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाएं आस्था पर आधारित हैं। लक्ष्मी नारायण शर्मा का मन बचपन से ही धार्मिक कार्यों में लगता था। वे पूजा-पाठ करते,हनुमान जी के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। किशोरावस्था में ही उन्हें संसार की मोह माया से दूरी महसूस होने लगी थी। करीब 11 वर्ष की उम्र में उनका विवाह राम बेटी देवी से कर दिया गया। विवाह के बाद भी उनका मन पूरी तरह गृहस्थ जीवन में नहीं लगा। वह साधु जीवन और आध्यात्मिक साधना की ओर आकर्षित होते रहे। प्रचलित कथाओं के अनुसार, करीब 17 वर्ष की आयु में 
उन्हें आध्यात्मिक अनुभव हुआ। इसके बाद उनका झुकाव साधना की ओर और बढ़ गया। वह घर छोड़कर अलग-अलग स्थानों पर घूमने लगे। इस दौरान उन्होंने कई जगहों पर तपस्या की। गुजरात के बवानिया मोरबी क्षेत्र में भी उन्होंने साधना की,वहां लोग उन्हें तलइया बाबा के नाम से जानने लगे। आगे चलकर उन्हें लक्ष्मण दास, हांडी वाले बाबा और तिकोनिया वाले बाबा जैसे नामों से भी पुकारा गया। उनका जीवन किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रहा। वह गांवों, कस्बों और धार्मिक स्थानों पर जाते थे। लोगों की समस्याएं सुनते थे। जरूरतमंदों की सहायता करते। उनके लिए सेवा ही साधना का एक महत्वपूर्ण रूप थी। कई वर्षों तक घर से दूर रहने के बाद पिता को पता चला कि फर्रुखाबाद जिले के नीब करौरी गांव में उनके जैसे दिखने वाला एक साधु रह रहा है। उनके पिता वहां पहुंचे। उन्होंने लक्ष्मी नारायण शर्मा को पहचान लिया। पिता के आग्रह पर उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कुछ समय गृहस्थ जीवन बिताया। उनके दो पुत्र और एक पुत्री हुए।
हालांकि, उनका मन हमेशा आध्यात्मिक कार्यों में लगा रहा। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ वह लोगों की सहायता भी करते थे। स्थानीय लोगों के बीच उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती गई। कई कथाओं में उन्हें लंबे समय तक गांव का निर्विरोध प्रधान भी बताया गया है। नीम करोली बाबा के नाम से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा ट्रेन की है,कहा जाता है कि एक बार वह ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। उनके पास टिकट नहीं था। टिकट जांचने वाले कर्मचारी ने उन्हें उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद क्षेत्र में स्थित नीब करौरी स्टेशन के पास ट्रेन से उतार दिया। बाबा ट्रेन से उतरकर एक स्थान पर बैठ गए। इसके बाद ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन को चलाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने इसे बाबा की आध्यात्मिक शक्ति से जोड़कर देखा।  कहा जाता है कि अधिकारियों और यात्रियों ने बाबा से दोबारा ट्रेन में बैठने का अनुरोध किया। बाबा के ट्रेन में बैठने के बाद ट्रेन चल पड़ी। इसी घटना के बाद लोग उन्हें नी करौरी बाबा कहने लगे। समय के साथ यही नाम बदलकर नीम करोली बाबा के रूप में प्रसिद्ध हो गया। कैंची धाम धीरे-धीरे बाबा के प्रमुख आश्रम के रूप में प्रसिद्ध हो गया। बाबा यहां आने वाले लोगों से मिलते थे। वह उनकी बातें सुनते थे। लोगों को प्रेम, ईमानदारी और सेवा का संदेश देते थे। बाबा का मानना था कि भगवान की भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। भूखे को भोजन देना, दुखी की सहायता करना और जरूरतमंद की मदद करना भी भक्ति का हिस्सा है। कैंची धाम में हर वर्ष 15 जून को स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं। प्रसाद बांटा जाता है। पूरे परिसर में भक्ति और सेवा का वातावरण दिखाई देता है। नीम करोली बाबा ने अपने जीवन का अंतिम समय वृंदावन में बिताया। बताया जाता है कि 11 सितंबर 1973 को उन्होंने शरीर त्याग दिया। उनके निधन के बाद भी उनकी शिक्षाएं और स्मृतियां लोगों के बीच जीवित रहीं। कैंची धाम आज भी उनके भक्तों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल है। भारत और विदेशों में उनके नाम से कई आश्रम और सेवा केंद्र चलाए जाते हैं।
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1,158 LPG रेगुलेटर 730 हेलमेट,नकली ISI मार्क वाले गिरोह का भंडाफोड़....

गाजियाबाद शाखा कार्यालय [GZBO] ने गाजियाबाद में ISI मार्क के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद के दो अलग अलग संस्थानों पर प्रवर्तन कार्रवाई कीइन कार्रवाइयों में हेलमेट और LPG रेगुलेटर से संबंधित इकाइयों की जांच की गईदोनों कार्रवाइयों के दौरान BIS अधिकारियों ने लगभग 730 हेलमेट, 4,646 हेलमेट पैकेजिंग सामग्री पर रद्द BIS लाइसेंस नंबर अंकित था1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किएयह तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गईगाजियाबाद स्थित एक हेलमेट निर्माण इकाई पर तलाशी लीकार्रवाई के दौरान 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई, जिन पर रद्द किए गए BIS लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल किया गया थाप्रारंभिक जांच में रद्द BIS लाइसेंस के बावजूद ISI मार्क वाले हेलमेट के भंडारण/निर्माण से संबंधित मामला सामने आयाBIS टीम ने आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट, मोहन नगर, गाजियाबाद स्थित एक इकाई की 

तलाशी लीइस कार्रवाई में 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए गए यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में की गईजब्त किए गए सभी उत्पादों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए BIS के कब्जे में ले लिया गया हैBIS ने कहा कि संबंधित फर्मों के खिलाफ BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों क तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगीउन्होंने बताया कि BIS अधिनियम, 2016 की धारा 29 के तहत पहली बार किए गए उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा या कम से कम ₹2 लाख का जुर्माना, जो संबंधित माल की कीमत के दस गुना तक बढ़ सकता है, या दोनों का प्रावधान हैBIS ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कोई भी ISI मार्क वाला उत्पाद खरीदने से पहले उसकी BIS प्रमाणिकता और लाइसेंस की जानकारी BIS CARE App के माध्यम से जरूर जांचेंयदि किसी उत्पाद पर ISI मार्क के गलत इस्तेमाल का संदेह हो, तो इसकी शिकायत BIS CARE App या [gzbo@bis.gov.in] पर की जा सकती हैशिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा

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12वीं कक्षा तक पढ़ाई मेडिकल लाइसेंस नहीं,5 फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट 6 और 8 ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों के साथ मिलकर शहर में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे पांच डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की है। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और फिर जिनके पास BHMS डिग्री थी, उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया, उनके क्लीनिक से एलोपैथिक दवाइयां भी सीज कर ली। इनमें चार क्लीनिक देवनार के जाकिर हुसैन नगर और गोवंडी इलाके में, जबकि एक क्लीनिक नौपाड़ा-बांद्रा पूर्व इलाके में स्थित थी। पुलिस के मुताबिक, ये कथित डॉक्टर बिना आवश्यक मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के मरीजों की जांच और उनका इलाज कर रहे थे। इनमें से कोई भी महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं था। पुलिस के अनुसार, सभी क्लीनिक सामान्य मेडिकल सेंटर की तरह संचालित किए जा रहे थे। गोवंडी स्थित आयशा क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. मेहमूद आलम को BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) बताया गया था। बोर्ड पर अन्य योग्यताएं और रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज था। गोवंडी के ही गायत्री क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. ए.के. दुबे को 
BHMS फैमिली फिजिशियन बताया गया था। बोर्ड पर सुबह और शाम मरीजों को देखने का समय भी लिखा हुआ था। इन्हीं दो डॉक्टरों को नोटिस देकर पुलिस ने छोड़ा और आगे से केवल होम्योपैथिक दवाएं ही रखने की हिदायत दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1,19,324 रुपये कीमत की विभिन्न दवाएं और मेडिकल सामग्री जब्त की। इसमें अलग-अलग प्रकार के इंजेक्शन की बोतलें, सिरिंज, एंटीबायोटिक टैबलेट, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, ब्लड शुगर जांच मशीन, नेब्युलाइजर और अन्य मेडिकल सामान शामिल हैं। सगीर अहमद अब्दुल माजिद हाशमी (39) - डॉ. सगीर क्लीनिक (गिरफ्तार) अखिलेश कुमार देवेंद्र कुमार दुबे (47) - गायत्री क्लीनिक (नोटिस) मेहमूद आलम मोहम्मद शरीफ शेख (36) - आयशा क्लीनिक (नोटिस) केशव प्रसाद कुद्दूर पटेल (56) - पटेल क्लीनिक (गिरफ्तार ) मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) - आफताब खान क्लीनिक इस पर सबसे गंभीर आरोप सबसे गंभीर आरोप बांद्रा पूर्व में मोहम्मद आफताब शौकत खान (56) द्वारा संचालित क्लीनिक को लेकर सामने आए हैं। पुलिस ने जिस वक्त क्लीनिक पर छापा मारा। उस समय चार मरीज इलाज के लिए इंतजार कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान खान ने बताया कि उसने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके पास कोई मेडिकल योग्यता नहीं है। पुलिस ने बताया कि उसने महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन और ऑल इंडिया आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा जारी होने का दावा करने वाले कुछ मेडिकल प्रमाणपत्र पेश किए। पुलिस को इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का संदेह है। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ देवनार और निर्मल नगर पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए हैं
16 August 2026
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लगातार 150 थप्पड़ मारकर बचाई छोटे भाई की जान जाने क्या है पूरा मामला...?

21 वर्षीय युवक को होश में रखने के लिए उसके बड़े भाई ने लगातार थप्पड़ मारे, जबकि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाकर उसे नया जीवन दिया। दरअसल,हरदोई में एक युवक को एक जहरीले सांप ने डस लिया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। लेकिन भाई ने  उसे सोने से बचाने के लिए लगातार थप्पड़ मारकर जगाए रखा तो वहीं डॉक्टर उसे एक के बाद एक एंटी वेनम डोज देते। समय पर मिली मदद, डॉक्टरों की सूझबूझ और बड़े भाई के प्रयासों से उसकी जान बचाई जा सकी। घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर की है। आकाश नामक व्यक्ति डेयरी चलाते हैं। शनिवार दोपहर उनके छोटे भाई अरुण (21) खेत में उनके लिए पानी लेकर गए थे। दोपहर करीब 2 बजे जब अरुण ने घास की बोरी उठाई, तो वहां छिपे एक सांप ने उन्हें डस लिया। अरुण के चीखने पर आकाश तुरंत उन्हें सड़क की ओर लेकर भागे और एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। अरुण की हालत तेजी से बिगड़ रही थी। 
इसी दौरान प्रगति नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिवम ने दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और बिना देर किए उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने तत्काल इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टर ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि मरीज को किसी भी कीमत पर सोने न दिया जाए। डॉक्टर के निर्देश का पालन करते हुए बड़े भाई आकाश ने अरुण को होश में रखने के लिए लगभग 150 थप्पड़ मारे, ताकि वह जागते रहे और उनकी हालत पर नजर रखी जा सके। डॉ. शेर सिंह के मुताबिक आमतौर पर सांप के काटने पर पांच इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन अरुण के शरीर में जहर के गंभीर प्रभाव को देखते हुए दो घंटे के भीतर कुल 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए गए। डॉक्टर ने बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज का सो जाना जानलेवा हो सकता है, क्योंकि इससे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) अवरुद्ध होने और सांस की नली में उल्टी फंसने का खतरा रहता है।
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RSS को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं….

बेंगलुरु की शिवाजीनगर और चामराजपेट विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कहा कि पिछले दो दशकों में वहां किसी भी राजनीतिक दल का कोई हिंदू उम्मीदवार नहीं जीता है। उन्होंने राजनीतिक दलों को चुनौती दी कि वो अगले चुनाव में ऐसे उम्मीदवार उतारें। उन्होंने कहा,हिंदू बहुमत में क्यों रहें? किसी को हराने के लिए नहीं, हिंदू बहुमत में इसलिए रहने चाहिए, क्योंकि भारत को भारत बने रहना चाहिएबीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने RSS का रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही थी। बी.एल.संतोष ने कहा कि RSS को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संगठन 
लाखों लोगों के भरोसे के दम पर काम करता रहा है। हिंदू जागरण वेदिके द्वारा आयोजित अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतोष ने दावा किया कि बंटवारे के समय RSS हिंदुओं के साथ खड़ा रहा और बिना किसी औपचारिक रजिस्ट्रेशन के काम करता रहा। उन्होंने कहा कि उस समय भी RSS रजिस्टर्ड नहीं था और आज भी नहीं है। रजिस्ट्रेशन से इसका अस्तित्व तय नहीं होता, यह लाखों लोगों के भरोसे से चलने वाला संगठन है।
बी.एल.संतोष ने कहा कि देश की आजादी हजारों क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली थी, न कि सिर्फ नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से न्होंने कहा,हमें आजादी इसलिए मिली, क्योंकि लाखों देशभक्त युवक-युवतियों और सैनिकों ने अपनी जान दांव पर लगाकर लड़ाई लड़ीमदन लाल ढींगरा, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 80वें साल का जश्न मनाते समय उनके बलिदानों को याद किया जाना चाहिए। बीजेपी महासचिव ने कहा कि आजादी हमें किसी ने तोहफे में नहीं दी थी, अंग्रेजों ने हमें बस ऐसे ही आजादी नहीं दे दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी इलाके में हिंदू आबादी घटने से भारत के साथ जुड़ाव की भावना कमजोर हो जाएगी।  उन्होंने आरोप लगाया कि जहां भी हिंदू आबादी घटती है, वहां देश-विरोधी भावना पनपने लगती है।
15 August 2026
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सोनिया गांधी द्वारा वंदे मातरम् के अपमान पर घिरी कांग्रेस दी सफाई

सरकार की ओर संसद में प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल हॉनर( अमेंडमेंट) बिल 2026 को इसी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में 29 जुलाई और लोकसभा में 30 जुलाई को पारित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत अतिरिक्त कानूनी संरक्षण मिला है। नए प्रावधानों के तहत वंदे मातरम् के गायन का जानबूझकर अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय बनाया गया है। इस तरह राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण के मामले में राष्ट्रीय गान के बराबर लाने की कोशिश की गई है। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में हुए आयोजन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पूरा वंदे मातरम् गाने पर सवाल उठाए और रोकने की कोशिश कीअब इस मामले पर कांग्रेस की सफाई देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के इन आरोपों को गलत बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया हैजयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् गाने से नहीं रोका था बल्कि वह मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने की बात कर रही थीं, जो कि बहुत देर से खड़े थे 
भाजपा का यह यह आरोप पूरी तरह गलत है कार्यक्रम में नए कानून के मुताबिक पूरा वंदे मातरम् गाया गया और किसी ने रोका नहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सफाई पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआजयराम रमेश पार्टी का कहना है कि वंदे मातरम् का गायन कार्यक्रम में किया गया और इसे रोकने का कोई सवाल ही नहीं था कांग्रेस के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर बनाए गए प्रोटोकॉल और नए कानून के तहत जिस तरह गायन होना था, उसी के अनुसार कार्यक्रम आगे बढ़ा सोशल मीडिया पर एजेंडे के तहत बीजेपी के तरफ से फैलाए गए वीडियो के एक हिस्से को आधार बनाकर सोनिया गांधी या राहुल गांधी पर वंदे मातरम् रोकने का आरोप लगाना सही नहीं हैसरकार ने वंदे मातरम् के गायन को लेकर नया प्रोटोकॉल भी जारी किया है गृह मंत्रयालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों की बजाय सभी छह छंदों वाला पूरा संस्करण (अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड) गाना अनिवार्य कर दिया गया है नए नियमों के तहत कुछ औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान से पहले या बाद में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार बजाने/गाने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया
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क्या है 60 दिन का अमेरिकी H-1B वीजा ग्रेस पीरियड ?

अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है या उसे कंपनी से निकाल दिया जाता है, तो उसे अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए 60 दिन का ग्रेस पीरियड यानी मोहलत मिलती है। इस 60 दिन के समय में वह कर्मचारी,किसी नई कंपनी में नौकरी खोज सकता है, जो उसके वीजा को स्पॉन्सर कर सके। अपने वीजा की कैटेगरी बदल सकता है (जैसे स्टूडेंट वीजा या टूरिस्ट वीजा में) या फिर अपने देश वापस लौटने की पूरी तैयारी कर सकता है। यह नियम साल 2017 में लागू किया गया था। यह सिर्फ H-1B तक सीमित नहीं है, बल्कि L-1, O-1, E-1, E-2, E-3, H-1B1 और TN वीजा धारकों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों पर भी लागू होता है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने 60 दिन के इस सुरक्षा कवच को खत्म करने का एक नया प्लान तैयार किया है। इस प्रस्ताव को समीक्षा के लिए व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) के पास भेज दिया गया 
है। यह कदम ट्रम्प प्रशासन की उस बड़ी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत H-1B प्रोग्राम को और अधिक सख्त बनाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिकी सरकार का तर्क है कि इस वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग किया जा रहा है और इसके जरिए अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छीनी जा रही हैं। इस संभावित बदलाव की सबसे बड़ी मार भारतीयों पर ही पड़ेगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सबसे ज्यादा H-1B वीजा भारतीयों को ही मिलते हैं। साल 2024 में मंजूर किए गए कुल H-1B आवेदनों में से 71% हिस्सा अकेले भारतीयों का था। 

फिलहाल 52 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग अमेरिका में रह रहे हैं। अगर 60 दिन की मोहलत खत्म हो जाती है, तो नौकरी जाने की स्थिति में भारतीय कर्मचारियों को लगभग तुरंत ही देश छोड़ना पड़ेगा। उनके पास नया स्पॉन्सर खोजने या वीजा ट्रांसफर कराने का कोई समय नहीं बचेगा, जब तक कि इमिग्रेशन अधिकारी कोई विशेष छूट न दें। अगर आप या आपका कोई जानने वाला अमेरिका में है, तो फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है। प्रस्ताव अभी OMB के पास रिव्यू होने के लिए भेजा गया है। जब वहां से इसे मंजूरी मिल जाएगी, तब इसे फेडरल रजिस्टर में पब्लिश किया जाएगा। इसके बाद आम जनता को इस पर अपनी राय देने के लिए 30 से 60 दिन का समय दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही DHS इस नियम को अंतिम रूप देकर लागू कर सकता है यानी अभी 60 दिन का ग्रेस पीरियड पूरी तरह से एक्टिव है और नौकरी जाने पर किसी को भी तुरंत अमेरिका छोड़ने की जरूरत नहीं है।
09 August 2026
Posted by achhiduniya

पुलिस-पशु तस्कर गठजोड़ का पर्दाफाश, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार...

पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने कथित पुलिस-तस्कर गठजोड़ का खुलासा बिहार के मुंगेर जिले में NH-333B पर पुलिस ने 35 भैंसों से लदे एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें चार भैंस मृत पाई गईं।  मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक की कथित पासिंग कराने वाले एक लाइनर को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल की जांच में कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से संपर्क के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने यातायात थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अयोध्या कुमार समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में ट्रक चालक, सहायक चालक और कथित लाइनर समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार 
आरोपियों में ट्रक चालक अमित कुमार उर्फ मैनू, सहायक चालक मो. जियाउल हक, कथित लाइनर राकेश कुमार उर्फ घनश्याम, यातायात थाना के ASI अयोध्या कुमार, चालक सिपाही विमलेश सिंह, मुफस्सिल थाना के गृह रक्षक सिपाही अरविन्द यादव और यातायात थाना के गृह रक्षक सिपाही अभिलेश कुमार शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक ट्रक, एक अपाचे बाइक, सात मोबाइल फोन, 47 हजार रुपये नकद और 35 भैंस बरामद की हैं. इनमें चार भैंस मृत मिलीं। पुलिस जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत पाए गए, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर कुछ अन्य पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। संलिप्तता की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में पशु तस्करी के कथित नेटवर्क और तस्करों की पासिंग में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।
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बार-बार यौन शोषण ब्लैकमेलिंग फोन में मिले 200 अश्लील वीडियो आरोपी गिरफ्तार

 
पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर ये शक है कि साल 2022 से ही बच्चों और युवाओं का यौन शोषण और उनको ब्लैकमेल किया जा रहा था ये सिलसिला 6 अगस्त 2026 तक चला आरोपी द्वारा बच्चों और युवाओं का योन शोषण और उनको ब्लैकमेल करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उस पर नजर रखी इसके बाद, शहर के भोने फाटा इलाके से संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया। दरअसल,महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से 40 बच्चों और युवाओं के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेल का एक गंभीर मामला सामने आया हैइस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी का नाम चेतन कोली है पुलिस ने आरोपी का मोबाइल और अन्य सामान जब्त किए हैं पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के फोन से 200 अश्लील वीडियो और बहुत सी तस्वीरें मिली हैं आरोपी पर अश्लील वीडियो बनाकर पीड़ितों का बार-बार यौन शोषण करने 
और उनके आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप हैजिला पुलिस अधीक्षक अश्विनी सनप ने बताया कि इस मामले में बच्चे और युवा पीड़ित हैं मामले की गहन जांच चल रही है नंदुरबार शहर के रायसिंहपुरा इलाके में आरोपी पैसों का लालच देकर बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता था बाद में उन्हें प्रताड़ित करता थाइस संबंध में मिली शिकायत के अनुसार, 6 अगस्त को आरोपी ने एक नाबालिग लड़के को पपीते के खेत में मिलने के लिए बुलाया थाहालांकि, इससे पहले सादे कपड़ों में पुलिस इलाके पर नजर रख रही थी आरोपी के मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो की जांच करके पीड़ितों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किए गए हैंबताया जा रहा है कि जब्त किए गए सामान की जांच के बाद वीडियो और तस्वीरों की संख्या बढ़ने की संभावना हैपुलिस फिलहाल डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है वहीं इस मामले के सामने आने के बाद हलचल मच गई है माता-पिता से अपने बच्चों का ख्याल रखने को कहा जा रहा हैसाथ ही उनसे अपने बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी जा रही है
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फौजियों (मिलट्री ड्रेस) की नकली कॉम्बैट कपड़े बेचने के कारोबार का पर्दाफाश....

उत्तर प्रदेश के बरेली में नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा जांच में पता चला कि इस कपड़े का स्रोत राजस्थान के श्रीगंगानगर से जुड़ा हुआ है। इसके बाद भारतीय सेना की खुफिया टीम ने श्रीगंगानगर में गोपनीय जांच शुरू की. जांच में एक स्थानीय फर्म की भूमिका सामने आई। आरोप है कि यह फर्म श्रीगंगानगर शहर, लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाजारों में दुकानों तक सेना के पैटर्न वाला नकली कॉम्बैट कपड़ा पहुंचा रही थी। सेना ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जुलाई के मध्य में राजस्थान पुलिस को सौंपी। इसके बाद 30 जुलाई को सेना और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान जिले की कई दुकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी में करीब 1,000 मीटर 
नए पैटर्न का बिना अनुमति वाला नकली सैन्य कॉम्बैट कपड़ा बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि सेना की वर्दी जैसे पैटर्न वाले कपड़े को बिना अनुमति रखन, बेचना या इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे कपड़ों का गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति खुद को सेना का जवान बताने की कोशिश कर सकता है। इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नकली सैन्य वर्दी का यह कारोबार कितने बड़े स्तर पर चलाया जा रहा था।  दरअसल, भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर श्रीगंगानगर जिले में सेना की वर्दी जैसे दिखने वाले नकली कॉम्बैट कपड़े के कारोबार का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 मीटर बिना अनुमति वाला सैन्य पैटर्न का कपड़ा जब्त किया गया।
 
02 August 2026
Posted by achhiduniya

पति वही होगा, धारा 80 और 85 के तहत जिसने महिला से….

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने फैसला सुनाया मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (दहेज हत्या) और धारा 85 (क्रूरता) से जुड़ा था। फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि धारा 80 और 85 के तहत पति वही होगा, जिसने महिला से कानूनी रूप से शादी की हो, न कि वह व्यक्ति जिसकी महिला के साथ शादी ही अमान्य है। आसान शब्दों में समझें तो इसका मतलब हुआ कि जिस व्यक्ति की दूसरी शादी पहली शादी के कायम रहने की वजह से अमान्य है, उसे आमतौर पर पति नहीं माना जा सकता यानी, पहली पत्नी जिंदा है और तलाक नहीं हुआ है तो दूसरी शादी अपने आप में अमान्य है और ऐसे मामले में व्यक्ति को दूसरी शादी में पति का दर्जा नहीं मिल सकता। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील कुमार नाम के शख्स की पहली पत्नी जिंदा थी। इसके बावजूद 
उसने तलाक दिए बगैर दूसरी शादी कर ली,लेकिन दूसरी पत्नी ने आत्महत्या कर ली और सुनील कुमार पर BNS की धारा 80, 85 और दहेज कानून के तहत आरोप लगे। आरोपी ने कोर्ट में दलील दी कि महिला उसकी दूसरी पत्नी थी, क्योंकि यह शादी तब हुई थी जब उसकी पहली शादी कायम थी, इसलिए दूसरी शादी अमान्य थी और उसे पति नहीं माना जा सकता। इससे सवाल खड़ा हुआ कि अगर किसी व्यक्ति ने पहली पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरी शादी की है तो क्या वह धारा 80 और 85 के तहत दूसरी पत्नी का पति माना जाएगा? 
जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने माना कि पहली पत्नी के रहते हुए दूसरे शादी करने वाले व्यक्ति को पति नहीं माना जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने उन दो अपवादों का भी जिक्र किया, जहां यह नियम लागू होगा। कोर्ट ने साफ किया कि दो परिस्थितियों में दूसरी शादी के मामले में भी व्यक्ति को पति माना जाएगा:- अगर पहली शादी को लेकर कोई संदेह हो तो दूसरी शादी में पति के तौर पर रह रहे व्यक्ति को धारा 80 और 85 के तहत पति की परिभाषा में शामिल किया जाएगा- अगर कोई व्यक्ति पहली पत्नी के होते हुए अपनी शादी को छिपाकर दूसरी महिला से शादी करता है और दूसरी पत्नी के साथ पति के तौर पर रहता है तो ऐसी स्थिति में भी उसे पति माना जाएगा नहीं। कोर्ट ने आगे साफ किया कि पहली शादी के रहते हुए की गई दूसरी शादी स्पेशल मैरिज एक्ट, फॉरेन मैरिज एक्ट, क्रिश्चियन मैरिज एक्ट, पारसी मैरिज एंड डिवोर्ट एक्ट और हिंदू मैरिज एक्ट के तहत अमान्य होती है। हालांकि, कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत होने वाली शादियों को इससे अलग माना। कोर्ट ने कहा कि अगर शादी शरिया कानून से हुई है तो दूसरी, तीसरी और चौथी शादी भी मान्य होगी और ऐसे मामलों में मुस्लिम व्यक्ति को धारा 80 और 85 के तहत पति माना जाएगा।
23 July 2026
Posted by achhiduniya

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Today's IMP News Headline’s {सुर्खियां }

@ 15 हजार पुलिसकर्मी और 200 CAPF कंपनियां तैनात, CCTV, ड्रोन से निगरानी,BRICS से पहले किले में तब्दील दिल्ली।@ तिरुक्कुरल ग्रंथ के हर दोहे में 1 सीख, 10 भी ले ली तो बदल जाएगा जीवन, यही ग्रंथ पीएम मोदी ने पुतिन को दिया।@ ब्रिक्स के जरिए दुनिया तक पहुंचेगा भारत, हमारा 21 देशों का परिवार आधे विश्व के बराबर-पीएम मोदी। @ यूपी के अस्पताल ही बीमार, इलाज की सख्त जरूरत- योगी सरकार पर अखिलेश का तंज।@ पति ने 3 महीने में 3 बार कहा तलाक, हाईकोर्ट बोला- इस तरीके पर नहीं है भारत में कानूनी रोक।@ 2 दिन में 30 लाख ट्रेन टिकट बुक, दिवाली-छठ पूजा पर रेलवे का रिकॉर्ड, IRCTC पोर्टल पर अब वेटिंग टिकट भी नहीं।@ 85 करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में ED का बड़ा एक्शन, बिहार से लेकर दिल्ली-गुरुग्राम तक 9 ठिकानों पर छापेमारी।@ BRICS समिट के कारण कई ट्रेनें रद्द, राजधानी, तेजस, संपूर्ण क्रांति सहित कई का रूट भी बदला।@ महाराष्ट्र में छत्तीसगढ़ के 3 बच्चों समेत 9 की मौत, 22 लोगों से भरी बोलेरो ट्रक से टकराई। @ धीरेंद्र शास्त्री के मांसाहार बयान पर गरमाई बंगाल की सियासत, बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग।@ नेपाल को मांगना चाहिए भारत-चीन से जलवायु मुआवजा, नेपाली सांसद का दावा- समय से पहले गिर जाएगी बालेंद्र सरकार।

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@ हम बहुत व्याकुल,गुस्सैल और आत्मकेंद्रित हो रहे हैं। दूसरों के प्रति सहयोग और जीवन के प्रति आस्था को मजबूत कीजिए। प्रेम,अनुराग और सहृदयता जीवन मूल्य हैं। इनको केवल शब्द समझने से बचना होगा। @जिस किसी चीज से जीवन में प्रेम छूटता जाता है, समय और स्नेह छूटता जाता है। वह बासी होती जाती है। हमारी जिंदगी में बासी होते रिश्ते इसकी गवाही दे रहे हैं। जिंदगी को प्रेम की धूप,थोड़ा इत्मिनान दीजिए।@ ऐसी आंखें जिनके सपने की सीमा सीमित होती है,वह अपने जीवन को विस्तार नहीं दे पातीं। अपने साथ थोड़ा दूसरों के लिए सोचना जिंदगी को सुकून,आनंद और सुख देता है।

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