तिरुपति में 54 करोड़ रुपये का रेशमी शॉल घोटाला....

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम [टीटीडी] बोर्ड के अध्यक्ष बीआर नायडू द्वारा चिंता जताए जाने के बाद शुरू की गई आंतरिक जांच में कथित धोखाधड़ी की खुलासा हुआ। ठेकेदार ने शॉल के लिए अनिवार्य शुद्ध शहतूत रेशम के बजाय सस्ता पॉलिएस्टर कपड़ा इस्तेमाल किया। ये शॉल प्रमुख दानदाताओं को भेंट किए जाते हैं और और मंदिर के अनुष्ठानों जैसे कि वेद आशीर्वादम में भी इस्तेमाल होते थे। दरअसल,आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में 2015 से 2025 तक एक दशक की अवधि में 54 करोड़ रुपये के रेशमी शॉल घोटाले का खुलासा हुआ है, जिससे भारी हंगामा मच गया है। इसे लेकर वाईएसआरसीपी सरकार में पूर्व वित्त मंत्री रहे बुग्गना राजेंद्रनाथ ने TTD बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा,TTD झूठ 
कह रही है और ऐसा कुछ हुआ नहीं है। भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर ऐसा कुछ है तो 2015-2019 तक सरकार किसकी थी? आप ही की थी ना? यह प्रक्रिया और ये विक्रेता सालों से चले आ रहे हैं और उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। हर छोटी बात को तूल देना और उसे बड़ा करके दिखाना केवल राजनीति करना है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट का आरोप लगाया गया था, यहां तक कि जानवर की चर्बी होने का गंभीर आरोप भी लगा था।
लेकिन जांच में जानवर की चर्बी नहीं पाया गया। यह घोटाला आंतरिक सतर्कता जांच के बाद सामने आया, जिसमें पाया गया कि एक ठेकेदार निविदा दस्तावेजों में निर्दिष्ट शुद्ध शहतूत रेशम उत्पादों के रूप में लगातार 100% पॉलिएस्टर शॉल की आपूर्ति कर रहा था। अनुमान है कि ये अनियमितताएं 10 वर्षों की अवधि में हुईं, जिसके परिणामस्वरूप मंदिर ट्रस्ट को लगभग 54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। टीटीडी बोर्ड के अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा ने कहा,लगभग 350 रुपये की शॉल की कीमत 1,300 रुपये बताई जा रही थी। कुल आपूर्ति 50 करोड़ रुपये से अधिक की होगी। हमने भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) से जांच का अनुरोध किया है। ये भी ऐसा ही है। 


वही, शॉलों के नमूने वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए दो प्रयोगशालाओं में भेजे गए, जिनमें से एक केंद्रीय रेशम बोर्ड (CSB) के अंतर्गत आती है। 
दोनों परीक्षणों से पुष्टि हुई कि सामग्री पॉलिएस्टर थी, जो निविदा विनिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। सतर्कता अधिकारियों ने यह भी पाया कि असली रेशम उत्पादों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य रेशम होलोग्राम आपूर्ति किए गए नमूनों में मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि इस अवधि के दौरान टीटीडी को कपड़े की आपूर्ति का अधिकांश हिस्सा एक ही फर्म और उसकी सहयोगी कंपनियों द्वारा किया गया था। सतर्कता रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, TTD ट्रस्ट बोर्ड ने फर्म के साथ सभी मौजूदा टेंडरों को रद्द कर दिया है और व्यापक आपराधिक जांच के लिए पूरे मामले को राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंप दिया है। शॉल घोटाला हाल के दिनों में TTD को प्रभावित करने वाले खरीद और चोरी के विवादों की एक श्रृंखला में नवीनतम है। इससे पहले, पवित्र लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में कथित मिलावट और परकामुनी (हुंडी की गिनती) चोरी मामले जैसे मामले सार्वजनिक हो चुके हैं। बार-बार सामने आ रहे ये घोटाले दुनिया के सबसे धनी धार्मिक संस्थानों में से एक के प्रबंधन और आंतरिक निगरानी तंत्र पर भारी दबाव डाल रहे हैं, जिससे मंदिर की खरीद श्रृंखला के भीतर दीर्घकालिक विक्रेता जांच और ईमानदारी पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं।
10 December 2025
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क्या आगामी महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में साथ होंगे फडणवीस-शिंदे-पवार....?

महाराष्ट्र में नगर परिषद का चुनावी दौर समाप्त हुआ,लेकिन परिणाम 21 दिसंबर कॉ घोषित होंगे। महाराष्ट्र में जल्द ही नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज होने लगी है। बीते दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुलाकात की। बंद कमरे में दोनों की बैठक डेढ़ घंटे तक चली, जिसके बाद दोनों इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आगामी चुनाव में महायुति गठबंधन एक-साथ में चुनाव लड़ेगा। महाराष्ट्र के बीजेपी महसूल राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और शिवसेना के वरिष्ठ नेता रवींद्र छावन भी इस बैठक में मौजूद थे। शिवसेना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा, मुंबई और ठाणे समेत 
आगामी चुनाव को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों साथ में चुनाव लड़ेंगे। बैठक में इस पर भी सहमति बनी है कि शिवसेना और बीजेपी के कार्यकर्ता या नेताओं को एक-दूसरे की पार्टी में जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। अगले दो से तीन दिन में स्थानीय स्तर पर भी बातचीत का दौर शुरू हो जाएगा। इस दौरान सीट शेयरिंग से लेकर टिकट बंटवारे पर बात की जाएगी। महायुति के इस एलान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में एक बार फिर महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।
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Mrs सिद्धू ने टिकट के बदले मांगे 10 से 15 लाख कांग्रेस मिट्‌ठू मदान का आरोप नवजोत कौर सिद्धू करेंगी मानहानि का केस

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक डॉ.नवजोत कौर सिद्धू को निष्कासित किए जाने के बाद जिला प्रधान मिट्‌ठू मदान ने दावा किया था कि 2017 में कई काउंसलरों से टिकट दिलाने के बदले 10 से 15 लाख रुपये तक की रकम ली गई और यह राशि कथित तौर पर नवजोत कौर सिद्धू द्वारा ली गई थी। मिठ्ठू मदान ने कहा कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और जल्द ही वह पूरी सूची सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू द्वारा हाल में लगाए गए 500 करोड़ रुपये लेकर मुख्यमंत्री बनाने जैसे 
आरोप पूरी तरह झूठे, मनगढ़ंत और बिना किसी आधार के हैं। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर को ही इन आरोपों के लिए माफी मांगनी पड़ेगी क्योंकि उनके पास कोई भी प्रमाण पेश करने की क्षमता नहीं है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक डॉ.नवजोत कौर सिद्धू ने अमृतसर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान मिट्‌ठू मदान को एक कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस मदान द्वारा बीते दिन डॉ. सिद्धू के खिलाफ की गई कथित विवादित बयानबाजी के जवाब में जारी किया गया है।
डॉ.नवजोत कौर ने नोटिस में कहा गया है कि मिट्‌ठू मदान द्वारा दिया गया बयान झूठा, भ्रामक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है। डॉ.नवजोत कौर सिद्धू ने इसे सार्वजनिक छवि को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया और कहा कि इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है। जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मिट्‌ठू मदान अगले 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगें और अपने बयान को वापस लें। नोटिस के अनुसार, यदि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगी गई, तो यह माना जाएगा कि मिट्‌ठू मदान ने जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार किया है। डॉ. सिद्धू ने अपने वकीलों के माध्यम से साफ कर दिया है कि माफी न मिलने की स्थिति में वे मानहानि का दावा और कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगी, जिसमें आर्थिक हर्जाना भी शामिल होगा।
 
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हेट स्पीच और हेट क्राइम पर बिल पास,क्या होंगे सजा के प्रावधान....?

आए दिन राजनेता तुच्छ राजनीति करते हुए भाषण के दौरान किसी भी जनसमुदाय को लेकर गलत टिप्पणी करते है या उनके प्रति असंवेदनशील तर्क हिन बातें करते है,इसे रोकथाम के लिए कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बेलगावी में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कर्नाटका हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम और नियंत्रण) बिल, 2025 को पास कर दिया। यह बिल हेट स्पीच और हेट क्राइम, और व्यक्तियों, समूहों और समाजों पर उनके बुरे असर को प्रभावी ढंग से रोकने और कंट्रोल करने का प्रस्ताव करता है। इस बिल के पास होने के बाद अब कानून बन जाएगा,जिसके तहत सजा के प्रावधान किए गए हैं। इस बिल के अनुसार, कोई भी 
व्यक्ति जो किसी व्यक्ति के धर्म, जाति, समुदाय, लिंग, यौन रुझान, जन्म स्थान, निवास, भाषा, विकलांगता या जनजाति के प्रति अपने पूर्वाग्रह या असहिष्णुता के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है या नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाता है या नफ़रत फैलाता है, वह हेट क्राइम का दोषी माना जाएगा। इसमें कहा गया है,जो कोई भी हेट क्राइम करेगा, उसे तीन साल तक की कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है।
हेट क्राइम का अपराध गैर-संज्ञेय और गैर-जमानती होगा और इसकी सुनवाई फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। बिल में ये भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर कुछ भी प्रकाशित करता है, प्रसारित करता है या समर्थन करता है या एक या ज़्यादा लोगों से इस तरह से बात करता है जिससे यह साफ़ तौर पर लगे कि उसका इरादा धर्म, जाति, भाषा, समुदाय और अन्य सहित इन आधारों में से किसी एक के आधार पर नुकसान पहुंचाना या नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाना या नफ़रत फैलाना है, वो सजा का हकदार होगा। इसमें वैसे व्यक्ति भी शामिल होंगे जो इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन पर ऐसी चीज़ें प्रोड्यूस करते हैं या उपलब्ध कराते हैं, जो कोई भी एक्सेस कर सकता है और साथ ही किसी खास व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है या उसे निर्देशित की जाती है जिसे हेट स्पीच का शिकार माना जा सकता है।
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बैंकों में पड़े 78 हजार करोड़ लावारिस रुपए किसके...? unclaimed financial assets

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में पेश अपने लिखित जवाब में कहा,4 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया अभियान 3ए फ्रेमवर्क - जागरूकता, पहुंच और कार्यवाही पर आधारित है। यह तीन महीने का अभियान (अक्टूबर-दिसंबर 2025) सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लागू किया जाएगा। अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 तक, 477 जिलों में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की भागीदारी से शिविर आयोजित किए गए हैं। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस विशेष अभियान में वित्तीय क्षेत्र के सभी प्रमुख fund regulators जैसे RBI, SEBI, IRDAI, PFRDA और IEPFA  की भागीदारी शामिल है। RBI के UDGAM (for unclaimed bank deposits), IRDAI के Bima Bharosa (for unclaimed insurance proceeds)और SEBI के MITRA (for 
unclaimed mutual funds) जैसे मौजूदा प्लेटफॉर्म ने नागरिकों को अपनी unclaimed assets का पता लगाने में कारगर भूमिका निभाई है। आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान के पहले दो महीनों के दौरान, लगभग ₹2,000 करोड़ की unclaimed funds पर उनके वास्तविक स्वामियों (rightful owners) ने दावा किया हैमंगलवार को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि बैंक एकाउंट्स में जमा unclaimed पैसा, बीमा, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन समेत unclaimed financial assets को उनके वैध दावेदारों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार का आपकी पूंजी, आपका अधिकार राष्ट्रव्यापी अभियान अब तक 477 ज़िलों तक पहुंच चुका है।
दरअसल,देश के बैंकों में हमारे ही देश के नागरिकों का 78 हजार करोड़ लावारिस पड़ा है। बैंको में, पता नहीं कौन है,किसका है, कहां है। इसी तरह इन्श्योरेंश कंपनियों के पास करीब 14 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं।  म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास करीब 3 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। 9 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड का पड़ा है और ये सब Unclaimed पड़ा हुआ है, कोई मालिक नहीं उसका,ये पैसा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का है।  हमारी सरकार अब उनको ढूंढ रही है देशभर में, दिल्ली में हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ये महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की थी।
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महाराष्ट्र में झाड़ियों में छिपी MD Drugs फैक्ट्री का भंडाफोड़,128 किलो कीमत करीब 192 करोड़ रुपये

ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने पूरी तरह से चालू सिंथेटिक ड्रग प्रोसेसिंग सेटअप का पता लगाया,जिसमें अवैध रूप से मेफेड्रोन बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कामचलाऊ रिएक्टर, बर्तन और अन्य उपकरण शामिल थेज़ब्ती में तैयार उत्पाद और उसके सिंथेसिस के लिए ज़रूरी प्रीकर्सर केमिकल भी शामिल थेइस अवैध फैक्ट्री को स्थानीय लोग एक साज़िश के तहत ग्रामीण इलाके में चला रहे थे,ताकि इस पर किसी की नज़र न जा पाए और और ये पकड़ी न जा सके ये अवैध काम एक अस्थायी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया जा रहा था जो झाड़ियों में छिपी हुई थीDRI [Directorate of Revenue Intelligence] ने अब तक ऑपरेशन के 

तहत इस अवैध इकाई को चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है,जिसमें मास्टरमाइंड भी शामिल है DRI [Directorate of Revenue Intelligence] के अधिकारियों के मुताबिक वह फाइनेंसर और केमिस्ट के तौर पर काम करता था और इस साज़िश में उसके दो साथी भी शामिल थेये तीनों मेफेड्रोन के विनिर्माण और वितरण नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए और उन्हें एनडीपीएस एक्ट, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है की वित्त मंत्रालय के मुताबिक,विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए DRI [Directorate of Revenue Intelligence] के अधिकारियों ने वर्धा से लगभग 60 किमी दूर करंजा (घड़गे) के


दूरदराज, झाड़ियों से ढके इलाके में चुपके से निगरानी की और फिर खोजबीन अभियान चलाया राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) ने ऑपरेशन हिंटरलैंड ब्रू के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महाराष्ट्र के वर्धा में गुप्त मेफेड्रोन बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया ऑपरेशन के दौरान DRI ने करीब 192 करोड़ रुपये की 128 किलो मेफेड्रोन, 245 किलो प्रीकर्सर केमिकल, कच्चा माल और पूरा प्रोसेसिंग सेटअप ज़ब्त किया है

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रोहिंग्या शरणार्थी टिप्पणी पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत को 40 से अधिक पूर्व जजों ने आड़े हाथ लिया

पूर्व जजों, सीनियर वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चीफ जस्टिस को खुला पत्र लिखकर रोहिंग्या शरणार्थियों के मामले में टिप्पणियों को संविधान विरोधी, अमानवीय और बेहद गैर जिम्मेदाराना करार दिया था. उनका कहना था कि ये टिप्पणी नरसंहार से भाग रहे लोगों को अपमानित करती हैं। भारत के संविधान का अनुच्छेद-21 हर व्यक्ति को जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार देता है, चाहे वो भारतीय हों या नहीं। ऐसे में कोर्ट की भाषा न्यायपालिका की साख को नुकसान पहुंचाती है। हाल ही में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों, सीनियर वकीलों और लीगल स्कॉलर्स ने सीजेआई के नाम ओपन लेटर लिखर उनकी टिप्पणी को अविवेकपूर्ण बताया था। इसके जवाब में अब 44 पूर्व जजों ने साझा बयान जारी किया है। दरअसल,रोहिंग्या शरणार्थियों के ऊपर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत पर सवाल उठाने वालों को 40 से अधिक पूर्व जजों ने आड़े हाथ लिया है। हाल ही में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों
सीनियर वकीलों और लीगल स्कॉलर्स ने सीजेआई के नाम ओपन लेटर लिखकर उनकी टिप्पणी को अविवेकपूर्ण बताया था। इसके जवाब में अब 44 पूर्व जजों ने साझा बयान जारी किया है। गौरतलब है की चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि रोहिंग्याओं को शरणार्थी का दर्जा किसने दिया। सुप्रीम कोर्ट मशहूर लेखिका व मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ.रीता मनचंदा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था,जिसमें आरोप लगाया गया था कि भारत में कई रोहिंग्या शरणार्थियों को हिरासत में लेकर गायब कर दिया गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में रोहिंग्या पर कहा था कि पहले आप सुरंग खोदकर या बाड़ पार करके अवैध रूप से घुसते हैं, फिर खाना, पानी और पढ़ाई का हक मांगते हैं। बेंच की टिप्पणी पर कई पूर्व जजों और बुद्धिजीवियों ने इस पर आपत्ति की थी। अब 44 रिटायर्ड जजों ने आपत्ति करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए बयान जारी साझा बयान में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की आलोचना अस्वीकार्य है। उनका कहना है कि न्यायिक कार्यवाही पर तर्कसंगत आलोचना की जा सकती है, लेकिन सीजेआई के खिलाफ प्रेरित अभियान चलाया जा रहा है। यह न्यायपालिका को बदनाम करने का प्रयास है।साझा बयान में लिखा है कि रोहिंग्या भारत में कानूनी रूप से शरणार्थी नहीं हैं। वे किसी वैधानिक शरणार्थी संरक्षण कानून के तहत नहीं आए हैं। 

भारत ने UN Refugee Convention 1951 और 1967 प्रोटोकॉल पर दस्तखत नहीं किए हैं। भारत की जिम्मेदारियां संविधान और घरेलू कानूनों से आती हैं। अवैध रूप से आए लोगों को आधार, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज कैसे मिले, यह गंभीर चिंता का विषय है। यह पहचान प्रणाली की अखंडता को नुकसान पहुंचाता है। इस पर कोर्ट की निगरानी वाली SIT की आवश्यकता है। SIT को जांच करनी चाहिए कि ये दस्तावेज इन लोगों को कैसे मिले और इसमें कौन शामिल हैं। रोहिंग्या का म्यांमार में भी कानूनी दर्जा विवादित है, इसलिए भारतीय अदालतों को स्पष्ट कानूनी श्रेणियों पर काम करना चाहिए। न्यायपालिका ने संविधान के दायरे में रहकर मानव गरिमा और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों का संतुलन बनाए रखा है। ऐसे में अमानवीयता का आरोप लगाना अनुचित है और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
Posted by achhiduniya

सोनिया गांधी को कोर्ट का समन बिना भारतीय नागरिकता के मतदाता सूची में नाम कैसे....?

दिल्ली के वकील विकास त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश देने से साफ तौर पर मना कर दिया गया था। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकता लेने से तीन साल पहले ही सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी नोटिस जारी किया और TCR मंगवाया है। दरअसल,आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में था लेकिन उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। याचिका में सवाल उठाया गया कि नागरिक न होते हुए 1980 में वोटर लिस्ट में नाम कैसे शामिल 
हुआ? याचिका में दावा किया गया है कि 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से डिलीट भी किया गया। याचिका में पूछा गया है कि जब नागरिकता 1983 में मिली, तो 1980 में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करने के लिए कौन से दस्तावेज़ दिए गए? क्या इसमें जालसाजी या गलत दस्तावेज़ का इस्तेमाल हुआ? मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सितंबर 2025 में यह याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ अब रिवीजन पिटीशन दायर की गई है। 
सोनिया गांधी को दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस भेजा है। भारतीय नागरिकता के बिना मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आरोपों पर दाखिल रिवीजन पिटीशन पर कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है। यह रिवीजन पिटीशन वकील विकास त्रिपाठी ने दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी।
08 December 2025
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17 लाख से अधिक मृत मतदाता सक्रिय SIR निरीक्षण में खुलासा...

गुजरात में SIR का काम अधिकांश 33 जिलों में 100 प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका है। लौटाए गए फॉर्मों को डिजिटल करने का काम वर्तमान में चल रहा है। अब तक 182 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में डिजिटलीकरण का काम पूरा हो चुका है। 6.14 लाख से अधिक मतदाता अपने पते से अनुपस्थित पाए गए। यह देखा गया है कि 30 लाख से अधिक मतदाता स्थायी रूप से पलायन कर गए हैं। बीएलओ ने 3.25 लाख से अधिक मतदाताओं को दोहराए गए श्रेणी में पाया, जिसका अर्थ है कि उनके नाम एक से अधिक स्थानों पर थे। गौरतलब है की देश के कई राज्यों में मतदाता सूची में सुधार को लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण SIR चल रहा है। इसमें गुजरात राज्य भी 
शामिल हैं। जहां SIR के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। गुजरात में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण-SIR से पता चला है कि राज्य भर में मौजूदा वोटर लिस्ट में 17 लाख से अधिक मृतक मतदाता अभी भी शामिल हैं। गुजरात में SIR 4 नवंबर से शुरू हुआ है। जहां बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLO) घर-घर जाकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में लगे हुए हैं। यह अभियान 11 दिसंबर तक जारी रहेगा। 
पिछले एक महीने में 2025 की मतदाता सूची में पंजीकृत 5 करोड़ से अधिक मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए गए हैं। इनमें बनासकांठा जिले के धनेरा और थराद, दाहोद जिले के लिमखेड़ा और दाहोद (ST), अरावली जिले के बयाद,राजकोट जिले के धोराजी, जसदण और गोंडल, जूनागढ़ जिले के केशोद, खेड़ा जिले के मेहमदाबाद, आनंद जिले के खंभात और नवसारी जिले के जलालपुर शामिल हैं। डांग जिला 94.35 प्रतिशत मतगणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ इस काम में सबसे आगे है। इस अभ्यास के दौरान यह पता चला कि राज्य भर में 17 लाख से ज्यादा मृत मतदाता अभी भी मतदाता सूची में शामिल थे।
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वंदे मातरम् पर छिड़ी बहस पर संसद में क्या बोले पीएम मोदी...?

लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, वंदे मातरम् केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का मंत्र नहीं है, यह भारत माता को उपनिवेशवाद के अवशेषों से मुक्त करने के लिए एक पवित्र युद्धघोष था। संसद में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए। ये उसका तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का ये तरीका था। तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी। इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए भी झुकना पड़ा था। पीएम मोदी ने कहा,मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1936 को वंदे मातरम् के खिलाफ नारा बुलंद किया था। इसको लेकर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा था। बजाय इसके कि नेहरू मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों 
को करारा जबाब देते, उसकी निंदा करते, लेकिन उल्टा हुआ। उन्होंने वंदे मातरम् की ही जांच पड़ताल करना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं की ओर देखते हुए पीएम मोदी ने सदन में कहा, 'जब वंदे मातरम् के 100 साल हुए थे, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। मुस्लिम लीग के विरोध और एम.ए. जिन्ना के रुख का जिक्र करते हुए पीएम मोदी कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस के सामने इस संदर्भ में चिंता व्यक्त की थी। आनंदमठ ने इस गीत का दृढ़तापूर्वक समर्थन करने के बजाय यह तर्क दिया था कि इससे मुस्लिम भावनाएं आहत हो सकती हैं।



पीएम मोदी ने कहा
,वंदे मातरम्, सिर्फ राजनीतिक लड़ाई का मंत्र नहीं था। सिर्फ अंग्रेज जाएं और हम अपनी राह पर खड़े हो जाएं, वंदे मातरम् सिर्फ यहां तक सीमित नहीं था। यह आजादी की लड़ाई थी, इस मातृभूमि को मुक्त कराने की जंग थी। मां भारती को उन बेड़ियों से मुक्त कराने की एक पवित्र जंग थी। पीएम मोदी ने वंदे मातरम् की रचना के 150 साल पूरा होने पर लोकसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, वंदे मातरम् का स्मरण करना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है, हम ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा,आपातकाल हमारे इतिहास का एक काला अध्याय था। अब हमारे पास वंदे मातरम् की महानता को पुनर्स्थापित करने का अवसर है। मेरा मानना ​​है कि इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सदी में व्यापक भावनात्मक जुड़ाव के बावजूद वंदे मातरम् के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि इसका इतिहास युवा पीढ़ी के साथ साझा किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा,वंदे मातरम् के टुकड़े करने के फैसले में नकाब यह पहना गया कि यह तो सामाजिक सद्भाव का काम है। लेकिन, इतिहास इस बात का गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए और मुस्लिम लीग के दबाव में यह किया गया। यह कांग्रेस का तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का एक तरीका था।
Posted by achhiduniya

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@ 5000 से ज्यादा उड़ानें रद्द,IndiGo पर मंडरा रहे संकट के नए बादल, एयरलाइन पर एंटीट्रस्ट जांच की आहट तेज!।@ चुनाव सुधारों पर आज लोकसभा में होगी चर्चा, राहुल गांधी के सवालों का अमित शाह देंगे जवाब।@ 2025 में गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च की गई ये ब्लॉकबस्टर फिल्म, 'वॉर 2' और 'कांताराः चैप्टर 1' को पछाड़कर बनी नंबर 1।@ पहले टी-20 मैच में टीम इंडिया को मिली एकतरफा जीत, अफ्रीकी टीम ने दर्ज किया T20I क्रिकेट का लोएस्ट स्कोर।@ ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र वालों का सोशल मीडिया बैन, ऐसा करने वाला पहला देश, X भी करेगा पालन।@ इंडिगो के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई, फ्लाइट ऑपरेशन्स में 10% की कटौती का दिया आदेश।@ मोबाइल से रातों-रात स्टार बनने लगे लोग! 10,000 करोड़ के पार पहुंचा भारत का इन्फ्लुएंसर मार्केट।@ भारत में 17.5 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, एशिया में अब तक का सबसे बड़ा।@ दो दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में तेजी, 200 अंक उछला सेंसेक्स; निफ्टी 25900 के पास कर रहा ट्रेड।@ दिल्ली में खुले में कचरा जलाने वाले हो जाएं सावधान! लगेगा 5 हजार रुपए तक का जुर्माना, CM रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश।@ बिहार में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात, महंगाई भत्ता में 5% की बढ़ोतरी को मंजूरी।@ गोवा अग्निकांड- विदेश भाग चुके लूथरा ब्रदर्स गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट पहुंचे, अग्रिम जमानत याचिका दाखिल।@ चीन की कंपनी के खिलाफ नेपाल ने किया केस, एयरपोर्ट के निर्माण में बड़ी हेराफेरी का है आरोप।@ नाइजीरिया में सैनिकों ने मचाया कत्लेआम, प्रदर्शनकारियों पर की फायरिंग; 9 महिलाओं की मौत।

होनहार काबिल युवाओ के लिए {JOB Corner} नौकरी विभाग

जल्द ही नए रोजगार की संधि उपलब्ध होगी।

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Govt's green signal to CSR fund spending for 'Har Ghar Tiranga' campaign“दुनिया मे भारत की पहचान-आन-बान-शान-जान.....“तिरंगा” “गर्व करे भारतीय होने पर”

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"MSME व महिला औधयोगिक सह संस्था मर्या नागपुर द्वारा स्वयं रोजगार मेला" "शिवप्रिया व प्रिया विद्या विहार संस्थान का संयुक्त ईश्वरीय अनुभूति दिवस रौप्य महोत्स 5 Dec को""हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350 वी शहीदी दिवस गुरपुरब 7 Dec को नागपुर के नई जरीपटक में""HIV ग्रसित बच्चे का बोनमैरो प्रत्यारोपण [ट्रांसप्लेशन] सफल या असफल जाने डॉ केतन व डॉ पंकज से"

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जीवन सवारें सुविचार

@ हम बहुत व्याकुल,गुस्सैल और आत्मकेंद्रित हो रहे हैं। दूसरों के प्रति सहयोग और जीवन के प्रति आस्था को मजबूत कीजिए। प्रेम,अनुराग और सहृदयता जीवन मूल्य हैं। इनको केवल शब्द समझने से बचना होगा। @जिस किसी चीज से जीवन में प्रेम छूटता जाता है, समय और स्नेह छूटता जाता है। वह बासी होती जाती है। हमारी जिंदगी में बासी होते रिश्ते इसकी गवाही दे रहे हैं। जिंदगी को प्रेम की धूप,थोड़ा इत्मिनान दीजिए।@ ऐसी आंखें जिनके सपने की सीमा सीमित होती है,वह अपने जीवन को विस्तार नहीं दे पातीं। अपने साथ थोड़ा दूसरों के लिए सोचना जिंदगी को सुकून,आनंद और सुख देता है।

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