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गैस सिलेंडर में शराब की तस्करी,पुलिस गिरफ्त में आरोपी
गोपालगंज के
कुचायकोट थाना क्षेत्र के कर्म टोला फुलवरिया के पास का है। उत्पाद टीम यहां शराब
तस्करी के खिलाफ जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान यूपी की तरफ से एक बाइक आती
दिखाई दी। बाइक पर एक सिलेंडर लदा था और उसे चादर से ढककर रखा गया था। पुलिस ने
बाइक को रोका और जब सिलेंडर की जांच शुरू की तो पूरा मामला खुल गया। सिलेंडर को जब
खोला गया तो उसमें एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। इस तहखाने में गैस की जगह शराब
की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। दरअसल,बिहार के गोपालगंज में शराब तस्करी का एक
ऐसा तरीका सामने आया है,जिसे देखकर उत्पाद विभाग की टीम भी हैरान
रह गई। यूपी की तरफ
से एक बाइक पर सिलेंडर लादकर एक शख्स गोपालगंज आ रहा था। सिलेंडर
ऊपर से चादर से ढका हुआ था। पुलिस को शक हुआ तो बाइक को रोककर जांच की गई,लेकिन
जैसे ही सिलेंडर की चादर हटाई गई और उसकी जांच हुई, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस के भी होश
उड़ गए। उत्पाद पुलिस के मुताबिक, सिलेंडर से 200 एमएल की 127 पीस बंटी-बबली शराब बरामद की गई है। पुलिस
ने बाइक को भी जब्त कर लिया है और आरोपी तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उत्पाद
अधीक्षक अमृतेश कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां
पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही आरोपी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को भी खंगाला
जा रहा है, ताकि शराब तस्करी से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचा जा सके। गोपालगंज के
अलग-अलग इलाकों में वाहन जांच से लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल सिलेंडर के अंदर बनाए गए इस गुप्त तहखाने ने शराब तस्करी के नए तरीके का
खुलासा हुआ है। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है
कि आखिर इस शराब के पीछे कौन है और यूपी से गोपालगंज तक चल रहे इस नेटवर्क में और
कितने लोग शामिल हैं।
बच्चो का अपहरण कर भीख मंगवाने के गिरोह का भांडाफोड़...
बच्चे के अपहरण के
मामले में रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से पांच आरोपियों को गिरफ्तार
किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी
सार्वजनिक स्थानों से छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करने के बाद उन्हें
साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में रखते थे। यहां बच्चों से भीख मंगवाने और अन्य
आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। मामला 24
सितंबर की सुबह का है। बच्चे की मां अपने
चार वर्षीय बेटे के साथ छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट रही थी। ट्रेन बदलने के लिए वह
रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के इंतजार के दौरान स्टेशन परिसर के बाहर से
उसका चार वर्षीय बेटा अचानक
गायब हो गया। काफी तलाश के बाद बच्चे का पता नहीं चला
तो मां ने रांची के चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला संवेदनशील होने के कारण रांची पुलिस ने
बच्चे की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया। विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और
ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए बच्चे से जुड़े सुराग जुटाने शुरू किए। जांच के दौरान
पुलिस को अपहरण में शामिल एक आरोपी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद रांची
पुलिस ने धनबाद पुलिस के सहयोग से एक आरोपी को धनबाद रेलवे स्टेशन के पास से
गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे
बढ़ाया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ इलाके से
अपहृत चार वर्षीय बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे की बरामदगी के बाद
चुटिया थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को
सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरोह के काम करने
के तरीके को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक,
आरोपी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे
सार्वजनिक स्थानों के आसपास छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करते थे। इसके बाद
बच्चों को साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। आरोप है
कि बच्चों को भीख मांगने के लिए तैयार किया जाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि बच्चों का
इस्तेमाल अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जाता था। हालांकि,
गिरोह के पूरे नेटवर्क और बच्चों से कराए
जाने वाले अपराधों की जानकारी पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कहां होनी थी सप्लाई 10 हजार से अधिक गर्भपात किट बरामद....
जानकारी के अनुसार औषधि नियंत्रक विभाग को सूचना मिली थी कि
धार कोठी क्षेत्र स्थित एक मकान के गोदाम में बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयों और किट
का भंडारण किया गया है, जिनका
इस्तेमाल गर्भपात के लिए किया जाता है। सूचना के सत्यापन के बाद विभागीय टीम ने मौके
पर पहुंचकर गोदाम की जांच की। बताया जा रहा है कि कार्रवाई जिला कलेक्टर शिवम
वर्मा के निर्देशन में की गई। छापेमारी के
दौरान बड़ी संख्या में किट मिलने के बाद अधिकारियों ने सामग्री को अपने कब्जे में
ले लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। दरअसल,मध्य प्रदेश के इंदौर में औषधि नियंत्रक विभाग ने धार कोठी
क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान में बने गोदाम
पर छापा मारा। विभाग की
टीम ने यहां से 10 हजार से
अधिक गर्भपात किट बरामद किए जाने का दावा किया है। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत
करीब 52 लाख रुपये
बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद विभाग ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच
शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी यह
पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बरामद किट कहां से खरीदी या मंगाई गई थीं और
इन्हें किन लोगों या संस्थानों तक पहुंचाया जाना था। इसके लिए सप्लाई से जुड़े
दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच
पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री की कानूनी स्थिति क्या है और
इसके भंडारण या सप्लाई में किन लोगों की भूमिका रही है। संबंधित व्यक्तियों के
खिलाफ नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री की संख्या, दवाइयों की वैधता, बैच नंबर
और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है
कि इतनी बड़ी मात्रा में गर्भपात किट गोदाम तक कैसे पहुंचीं और इन्हें कहां सप्लाई
किया जाना था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस मकान में गोदाम संचालित हो
रहा था, वह किसके
नाम पर है। विभाग की टीम गोदाम के मालिक और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा
रही है। फिलहाल औषधि नियंत्रक विभाग की कार्रवाई जारी है और विस्तृत जांच रिपोर्ट
का इंतजार है। कलेक्टर शिवम वर्मा की ओर से भी मामले में विभागीय जांच और आगे की
कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।








