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- 6 बैंकों की चेक बुक अमान्य हो जाएंगी 31 दिसंबर से.....?
Posted by : achhiduniya
27 November 2017
देश के सबसे बड़े बैंक SBI में 6 बैंकों का विलय
हो गया है। इनके विलय के साथ ही 1 अप्रैल 2017 से इन बैंकों के ग्राहक SBI के ग्राहक हो गए हैं। विलय
के बाद से ही SBI ने अपनी सेवाएं महंगी कर दी। बैंक ने
सर्विस चार्ज में बदलाव किया, जिसका सीधा असर बैंक के
ग्राहको पर हुआ। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एसोसिएटेड बैंकों का विलय हो चुका है।
SBI के अलावा, अन्य 5 बैंकों में जिनका भी खाता है वो स्टेट बैंक
के पास चला जाएगा,लेकिन इन एसोसिएटेड बैंकों से मिलने वाली एक सुविधा खत्म हो
जाएगी।
31 दिसंबर 2017 के बाद स्टेट बैंक के एसोसिएटेड बैंकों सहित 6 बैंकों की चेक बुक अमान्य हो जाएंगी। इनके जरिए कोई भी खाताधारक अपने अकाउंट से पैसा नहीं निकाल सकेगा। पहले सितंबर अंत में ये व्यवस्था लागू होनी थी, लेकिन RBI ने हाल में ही ये डेडलाइन बढ़ाई दी थी। एसोसिएटेड बैंकों के SBI में विलय होने से ये नया नियम लागू होगा। SBI के मुताबिक इन सभी बैंकों के ग्राहकों को 1 जनवरी 2018 से मोबाइल बैंकिंग या ब्रांच में आकर नई चेकबुक के लिए अप्लाई करना होगा। इसके बाद ही चेक बुक के जरिए वो अपने खाते से ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।
इन बैंको मे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर,स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर,स्टेट बैंक ऑफ पटियाला,स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद,भारतीय महिला बैंक शामिल है। बैंक ने एटीएम सहित अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किए हैं। बैंक ने मासिक औसत बकाया (मिनिमम बैलेंस) के नियमों में भी बदलाव किए हैं। मेट्रो सिटी के खातों के लिए न्यूनतम 5000 रुपए, शहरी क्षेत्रों में 3000 रुपए, सेमी अर्बन में 2000 तथा ग्रामीण या रूरल इलाकों में 1000 रुपए न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होगा।
न्यूनतम राशि ना रखने वाले ग्राहकों से बैंक चार्ज वसूलेगा।1 अप्रैल से SBI अपने ग्राहकों को सिर्फ एक महीने में 3 बार ही बैंक खातों में पैसे जमा कराने की मुफ्त सेवा मुहैया कराएगा। 3 बार के बाद नकदी के प्रत्येक लेनदेन पर 50 रुपए का शुल्क और सेवाकर देना होगा। वहीं चालू खातों के मामले में यह शुल्क अधिकतम 20,000 रुपए भी हो सकता है।
31 दिसंबर 2017 के बाद स्टेट बैंक के एसोसिएटेड बैंकों सहित 6 बैंकों की चेक बुक अमान्य हो जाएंगी। इनके जरिए कोई भी खाताधारक अपने अकाउंट से पैसा नहीं निकाल सकेगा। पहले सितंबर अंत में ये व्यवस्था लागू होनी थी, लेकिन RBI ने हाल में ही ये डेडलाइन बढ़ाई दी थी। एसोसिएटेड बैंकों के SBI में विलय होने से ये नया नियम लागू होगा। SBI के मुताबिक इन सभी बैंकों के ग्राहकों को 1 जनवरी 2018 से मोबाइल बैंकिंग या ब्रांच में आकर नई चेकबुक के लिए अप्लाई करना होगा। इसके बाद ही चेक बुक के जरिए वो अपने खाते से ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।
इन बैंको मे स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर,स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर,स्टेट बैंक ऑफ पटियाला,स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद,भारतीय महिला बैंक शामिल है। बैंक ने एटीएम सहित अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किए हैं। बैंक ने मासिक औसत बकाया (मिनिमम बैलेंस) के नियमों में भी बदलाव किए हैं। मेट्रो सिटी के खातों के लिए न्यूनतम 5000 रुपए, शहरी क्षेत्रों में 3000 रुपए, सेमी अर्बन में 2000 तथा ग्रामीण या रूरल इलाकों में 1000 रुपए न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होगा।
न्यूनतम राशि ना रखने वाले ग्राहकों से बैंक चार्ज वसूलेगा।1 अप्रैल से SBI अपने ग्राहकों को सिर्फ एक महीने में 3 बार ही बैंक खातों में पैसे जमा कराने की मुफ्त सेवा मुहैया कराएगा। 3 बार के बाद नकदी के प्रत्येक लेनदेन पर 50 रुपए का शुल्क और सेवाकर देना होगा। वहीं चालू खातों के मामले में यह शुल्क अधिकतम 20,000 रुपए भी हो सकता है।



