- Back to Home »
- National News »
- हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की आत्मा हमारा संविधान है....प्रधामंत्री मोदी
Posted by : achhiduniya
26 November 2017
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के संविधान की प्रशंसा
करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र में बहुत अहम है। देश के संविधान
निर्माताओं को आज नमन करने का दिन है। भारतीय लोकतंत्र में आज का दिन जितना पावन
है। उतना ही महत्वपूर्ण भी हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की आत्मा अगर किसी को कहा
जा सकता है तो वो हमारा संविधान है। इस आत्मा को, इस लिखित ग्रंथ को 68 वर्ष
पहले स्वीकार किया जाना बहुत ऐतिसाहिक पल था। जिस देश में एक दर्जन से ज्यादा पंथ
हों, सौ से ज्यादा भाषाएं हों, सत्रह
सौ से ज्यादा बोलियां हों, शहर-गांव-कस्बों और जंगलों तक में
लोग रहते हों, उनकी अपनी आस्थाएं हों, सबकी
आस्थाओं का सम्मान करने के बाद ये ऐतिहासिक दस्तावेज तैयार करना आसान नहीं था।
भारत आज दुनिया का सबसे नौजवान देश है। इस नौजवान ऊर्जा को दिशा देने के लिए देश
की हर संवैधानिक संस्था को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
ये समय तो भारत के लिए गोल्डन पीरियड की तरह है। देश में आत्मविश्वास का ऐसा माहौल बरसों के बाद बना है। निश्चित तौर पर इसके पीछे सवा सौ करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति काम कर रही है। इसी सकारात्मक माहौल को आधार बनाकर हमें न्यू इंडिया के रास्ते पर आगे बढ़ते चलना है। स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी आंतरिक कमजोरियां दूर नहीं हुई हैं,इसलिए कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका, तीनों ही स्तर पर मंथन किए जाने की जरूरत है कि अब बदले हुए हालात में कैसे आगे बढ़ा जाए। अपनी-अपनी कमजोरियां हम जानते हैं, अपनी-अपनी शक्तियों को भी पहचानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की देश मे लोक सभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ होना चाहिए ये समय है देश मे एक साथ चुनाव कराने का है।
ये समय तो भारत के लिए गोल्डन पीरियड की तरह है। देश में आत्मविश्वास का ऐसा माहौल बरसों के बाद बना है। निश्चित तौर पर इसके पीछे सवा सौ करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति काम कर रही है। इसी सकारात्मक माहौल को आधार बनाकर हमें न्यू इंडिया के रास्ते पर आगे बढ़ते चलना है। स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी आंतरिक कमजोरियां दूर नहीं हुई हैं,इसलिए कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका, तीनों ही स्तर पर मंथन किए जाने की जरूरत है कि अब बदले हुए हालात में कैसे आगे बढ़ा जाए। अपनी-अपनी कमजोरियां हम जानते हैं, अपनी-अपनी शक्तियों को भी पहचानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की देश मे लोक सभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ होना चाहिए ये समय है देश मे एक साथ चुनाव कराने का है।

