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- भारत मे बड़ता बेरोजगारी का स्तर....
Posted by : achhiduniya
24 January 2018
भारत में रोजगार की चर्चा जोरों पर है। जबकि भारत की
लेबर मार्केट में हर साल 1.2 करोड़ लोग
जुड़ते हैं। खराब क्वालिटीक की नौकरियों के कारण लोगों को रु.198 प्रति दिन तक भी कमाने पड़ रहे हैं। साल 2017 तक
भारत में काम मिलने के बावजूद गरीबी 23.4% है, जबकि एक दशक पहले ये 44% थी। इकोनमिक ग्रोथ बढ़ने के
बावजूद भी भारत में काम करने वालों में गरीबी की दर काफी ज्यादा है। भारत में
वर्ल्ड और साउथ एशिया रीजन से कहीं ज्यादा कमजोर बेरोजगारी का स्तर है। रिपोर्ट के
मुताबिक 53.5 करोड़ लोगों के पास 2019 में
39.86 करोड़ खराब क्वालिटी की नौकरी होगी।
भारत में सबसे
बड़ी चिंता पूरे रोजगार की है जो 2017-19 में 3.4% से 3.5% रहेगा। सबसे ज्यादा बेरोजगारी का आलम तो 15
से 24 साल के युवाओं के लिए हैं। इनमें 2014
में बेरोजगारी की दर 10% थी जो 2019 में 10.7% होगी। जबकि साल 2017 में ये दर 10.5% है। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक
संगठन (ILO) के मुताबिक एशिया पेसीफिक रीजन
में 2.3 करोड़ नौकरी आएंगी, जिनमें
भारत भी शामिल हैं। देखने में ये आंकड़ा भले ही बड़ा लग रहा हो लेकिन भारत में भी
नौकरियों की भारी कमी है। 
