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- सम्पूर्ण आरोग्य......उपाय
Posted by : achhiduniya
13 February 2018
✔जिस पैर की नस चढ़ी हो उसी तरफ़ के हाथ के बीच कि उँगली के नाखून के नीचे के भाग को दबायें और छोड़े जब तक नस नही ठीक होती। ✔सोते समय पेरौ के नीचे मोटा तकिया रखकर सोयें। ✔प्रभावित स्थान पर बर्फ की ठंडी सिंकाई करे ये 15 मिनट दिन में 3-4बार करे । ✔अगर गर्म ठंडी हो जाये 3-5 मिनट तक तो समस्या और दर्द दोनो से राहत । ✔भोजन में नीम्बू पानी,नारियल पानी ,मोसम्मी ,अनार ,सेब ,पपीता ,केला खाये । ✔सब्जियों में पालक ,टमाटर सलाद ,फलियाँ ,गाजर ,चकुन्दर लें । ✔खड़े होकर या बैठकर पिंडली की नसों को स्टेर्च करने की कोशिश करें। ✔बेठकर पैर के पंजों को घुटनों की तरफ़ मोडे ,कुछ देर इसी पोज़िशन में रहें । ✔ज्यादा दर्द रहने पर सोते समय पेरौ के नीचे मोटा तकिया रखकर सोये। ✔ताकत के लिये :-1-3 ग्राम जितना अनुकूल हो अश्वगंधा 10 ग्राम पानी में उबाल कर दूध में डालकर पियो। ✔ ध्यान से सोचें शरीर में जहां जहां पर भी रक्त जा रहा है, ठीक उसके बराबर वहां वहां पर बिजली भी जा रही है जिसे बायो इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं रक्त जो है वह धमनियों और शिराओं (arteries and veins) में चलता हैऔर करंट जो है वह तंत्रिकाओं (nerves) में चलता है। ✔शरीर के किसी भी हिस्से में अगर रक्त नहीं पहुंच रहा हो तो वह हिस्सा सुन्न हो जाता हैऔर उस स्थान पर हाथ लगाने पर ठंडा महसूस होता है और शरीर के जिस हिस्से में बायो इलेक्ट्रिसिटी (bio-electricity) नहीं पहुंच रही, वहां पर उस हिस्से में दर्द हो जाता है और वहां हाथ लगाने पर गर्म महसूस होता है। ✔इस दर्द का साइंटिफिक कारण होता है। कार्बोनिक एसिड (h2co3 carbonic acid) जो बायोइलेक्ट्रिसिटी की कमी के कारण उस मांसपेशी में प्रकृतिक तौर पर हो रही सव्चालित क्रिया से उत्पन्न होता है,उस प्रभावित मसल में जितनी ज्यादा बायोइलेक्ट्रिसिटी की कमी होती है, उतना अधिक कार्बोनिक एसिड उत्पन्न होता है और उतनी ही अधिक दर्द भी होती है। ✔जैसे ही उस मांसपेशी में बायोइलेक्ट्रिसिटी जाने लगती है वहां से कार्बन घुलकर रक्त मे मिल जाता है, और दर्द ठीक हो जाता है। ✔रक्त मे घुले कार्बोनिक एसिड को शरीर की रक्त शोधक प्रणाली पसीने और पेशाब के द्वारा बाहर निकाल देती है। ✔दर्द ठीक करने के लिए एक treatment session में मात्र 10 मिनट लगते हैं वह बात अलग है कि मरीज की बात सुनने और समझने में कई बार समय लग जाता है। ✔कई बार मरीज दर्द के बारे मे ठीक से बता नहीं पाता कि उसे दर्द कहाँ हो रही है। ✔जैसा अक्सर टांग की दर्द मे होता है, मरीज पूरी टांग में दर्द बताता है तब ये सुनिश्चित करना बहुत कठिन होता है कि दर्द कोनसी मांसपेशी में है। ✔ये सुनिश्चित होते ही पांच से दस मिनट के उपचार द्वारा दर्द ठीक हो जाता है। ✔यह दर्द की गंभीरता और दर्द कितने समय से है? दो हफ़्तों से है? महीनों से या फिर कई सालों से है? उस पर निर्भर करता है कि कितनी देर में पूरा ठीक कर पायेंगे । ✔जहाँ तक मेंने अपने मरीजों को देखा है जौ इस बीमारी से पीडित मेरे पास आते है घुटने के नीचे पीछे की तरफ़ गांठें पड़ी होती है जिनमें रक्त के बहाव के रुकावट आने से नस चढ़ती है।
