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- आश्चर्य किन्तु सत्य..लड़के की चाहत मे अधिक बच्चे पैदा करते है भारतीय....
Posted by : achhiduniya
05 February 2018
एक सर्वे में सामने आया है कि कई मां-बाप ऐसे हैं,जो तब
तक संतान पैदा करते हैं जब तक बेटा नहीं होता। इसके अलावा लड़कों की गिनती के आधार
पर भी संतान पैदा करते हैं। इस मामले में सर्वे में जिन राज्यों का जिक्र किया गया
है, उनमें कोई राज्य पिछड़ा नहीं हैं। सर्वे
में बताया गया है कि देश में करीब 2.1 करोड़ अवांछित
लड़कियां हैं, यानी कि पुत्र मोह में इन्हें पैदा किया गया।
सर्वेक्षण में लैंगिक असमानता को खत्म करने और महिलाओं के विकास की बात कही गई।
इसमें कहा गया है कि जिस तरह की प्रगति भारत ने कारोबार सुगमता की रैंकिंग में की
है, वैसी ही प्रतिबद्धता उसे स्त्री-पुरुष समानता के स्तर पर
दिखानी चाहिए। वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण की जो
रिपोर्ट सौंपी है उसमें आर्थिक स्थिरता को लेकर दिए गए सुझावों के अलावा एक
चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है। यह आंकड़ा भारतीय समाज में बेटा पैदा करने
की इच्छा को दर्शाता है।
लिंग अनुपात के मामले में सबसे बेहतर रिकॉर्ड मेघालय का है। जहां जन्म के समय लिंग अनुपात और आखिरी संतान के वक्त लिंग अनुपात दोनों बिल्कुल एक समान स्थिति में हैं। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी स्थिति ठीक है। हालांकि इन राज्यों में भी लड़के पैदा करने को लेकर चाहत रहती है। इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, लड़के पैदा करने के लिए ट्राई करने के मामले या लिंग अनुपात के मामले में पंजाब और हरियाणा की स्थिति सबसे खस्ता है। यहां लिंग अनुपात 1000 लड़कियों पर 1200 लड़के के आसपास है। गर्भपात और लड़का होने पर संतान बंद कर देने की वजह इन राज्यों में लिंग अनुपात में इतना बड़ा फर्क है। यहां लगभग हर मां-बाप लड़के के लिए ट्राई करता है।
लिंग अनुपात के मामले में सबसे बेहतर रिकॉर्ड मेघालय का है। जहां जन्म के समय लिंग अनुपात और आखिरी संतान के वक्त लिंग अनुपात दोनों बिल्कुल एक समान स्थिति में हैं। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी स्थिति ठीक है। हालांकि इन राज्यों में भी लड़के पैदा करने को लेकर चाहत रहती है। इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, लड़के पैदा करने के लिए ट्राई करने के मामले या लिंग अनुपात के मामले में पंजाब और हरियाणा की स्थिति सबसे खस्ता है। यहां लिंग अनुपात 1000 लड़कियों पर 1200 लड़के के आसपास है। गर्भपात और लड़का होने पर संतान बंद कर देने की वजह इन राज्यों में लिंग अनुपात में इतना बड़ा फर्क है। यहां लगभग हर मां-बाप लड़के के लिए ट्राई करता है।

