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- 2019 लोकसभा चुनाव फतेह करने के लिए बीजेपी ने तैयार की रणनीति....
Posted by : achhiduniya
04 September 2018
कांग्रेस और एसपी समेत
दूसरे राजनीतिक दल अक्सर एनडीए की सरकार पर यह आरोप लगता हैं कि मोदी और योगी
सरकार यूपीए की सरकार में शुरू की गई योजनाओं का शुभारंभ करने के इंतजार में रहती
है। विपक्षी यह भूल गए कि एनडीए और यूपी सरकार ने तेजी से काम कराकर उन योजनाओं को
गुणवत्तापरक पूरा किया। सरकार और पार्टी में अब एक राय बनी है कि 2014 में
मोदी सरकार बनने के बाद जितनी योजनाओं को शुरू किया गया, उनको
पूरा करके जनता को समर्पित करके जनता को लाभ पहुंचाया गया और उनके बल पर आगे बढ़ा
जाए।
भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के उन आरोपों की हवा
निकालने की तैयारी में है, जिसमें कहा गया कि वह उधार के
कामों पर वाहवाही लूट रही है। पार्टी ने तय किया है कि जिन योजनाओं को मोदी सरकार
ने खुद प्लान किया, शिलान्यास किया और रेकॉर्ड वक्त में पूरा
होने पर शुभारंभ भी किया, उनका गुणगान बड़े पैमाने पर गांव,
गली और शहरों में किया जाएगा। बीजेपी
पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के जरिए यूपी
में संभावित गठबंधन को सियासी अंधेरा देने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि
इस योजना से लाभान्वित गांवों में बीजेपी हटाया अंधियारा-मोदी लाए उजियारा के नारे
संग जश्न मनाएगी। यूपी के करीब 1800 गांवों के 45 लाख घरों में पीएम मोदी की 2014 में बनी सरकार के
बाद हर घर बिजली पहुंचाई गई है। इसी के साथ योजनाओं की लंबी फेहरिस्त है, जो भगवा टीम हर गांव-हर घर तक लेकर जाएगी।
जिस प्रदेश में जो योजना लागू है, उसको वहां चुनाव में उठाकर मोदी सरकार के विकास मॉडल को पेश किया जाए। जैसे यूपी में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत 1800 गांवों के 45 लाख घरों में 2014 के बाद हर घर बिजली पहुंचाकर रोशनी की गई। उसका बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा। इन गांवों में दीपोत्सव सरीखा आयोजन पार्टी और सरकार की तरफ से कराने का फैसला हुआ है। पार्टी का प्लान है कि इन गांवों की रोशनी से विरोधी दलों (संभावित महागठबंधन) में सियासी अंधेरा भरा जाएगा।
जिस प्रदेश में जो योजना लागू है, उसको वहां चुनाव में उठाकर मोदी सरकार के विकास मॉडल को पेश किया जाए। जैसे यूपी में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत 1800 गांवों के 45 लाख घरों में 2014 के बाद हर घर बिजली पहुंचाकर रोशनी की गई। उसका बड़े पैमाने पर प्रचार किया जाएगा। इन गांवों में दीपोत्सव सरीखा आयोजन पार्टी और सरकार की तरफ से कराने का फैसला हुआ है। पार्टी का प्लान है कि इन गांवों की रोशनी से विरोधी दलों (संभावित महागठबंधन) में सियासी अंधेरा भरा जाएगा।


