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- मोदी और मंदिरो के भवर मे फंसकर मुद्दो से भटकती कांग्रेस.....
Posted by : achhiduniya
06 September 2018
भारत के लिए जातिगत राजनीति कोई नई बात नहीं है,लेकिन जिस तरह से कांग्रेस बीजेपी के एजेंडे पर चल रही है उससे इस बात का डर बढ़ गया है कि कांग्रेस एजेंडालेस ना हो जाए। हर चुनाव प्रचार के दौरान वह मतदाताओं के सामने कुछ नया पेश करने के बजाय बीजेपी के एजेंडे को दुरुस्त करके या उनमें बदलाव करके पेश करती है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ चुनाव नजदीक आ रहे हैं और दूसरी तरफ मंदिर सियासत शुरू हो गई है। राजस्थान में चुनावों का खासतौर पर ध्यान रखते हुए राहुल गांधी की यात्रा का ब्लूप्रिंट बनाया गया है। राजस्थान में वह दस मंदिरों की यात्रा करेंगे।
इन मंदिरों में जाने का मकसद भक्ति नहीं बल्कि वोट की शक्ति है। राहुल गांधी कैलादेवी मंदिर, तनोट माता मंदिर, करणी माता मंदिर, सालासर बालाजी, ब्रह्माजी मंदिर पुष्कर, गोविंद देवजी, सांवलिया सेठ, त्रिपुरी सुंदरी को शामिल किया गया है। अभी कुछ दिनों पहले राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे। वहां जाने के बाद वेज-नॉनवेज खाने पर बवाल हुआ। फिर कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी के मीडिया इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला ने राहुल गांधी को शिव बता दिया। बीजेपी के नॉनवेज के बयानों पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, आपका एक बेटा जो कांग्रेस का नेतृत्व कर रहा है। वो मानसरोवर की यात्रा पर अकेले चले जा रहे हैं।
दानवों और ब्राह्मणों की लड़ाई बरसों से चली आ रही है। जब भी कोई भोले शंकर की पूजा करता था, तो दानव उसमें खलल डालते थे। आज भी शिव भक्त कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भोले शंकर की यात्रा पर कैलाश मानसरोवर चले हैं तो बीजेपी उनकी यात्रा पर खलल डालने का प्रयास कर रही है। सुरजेवाला इतने पर भी नहीं थमे। उन्होंने आगे कहा, मेरे एक सहयोगी ने पूछा था कि ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन राहुल गांधी की तस्वीर के साथ और कांग्रेस पार्टी के झंडे और तिरंगे को लेकर क्यों किया जा रहा है?
इस पर मैंने कहा था कि मैं इसका जवाब एक दिन मंच से दूंगा। कांग्रेस वो पार्टी है, जिसके खून में ब्राह्मण समाज का डीएनए है। उन्होंने कहा, आजादी की पहली लड़ाई की शुरुआत मंगल पांडे ने की थी। राम प्रसाद बिस्मिल, मदन मोहन मालविया, बाल गंगाधर तिलक, चंद्रशेखर आजाद,पंडित मोतिलाल नेहरू और पंडित जवाहर लाल नेहरू कौन थे। ये सब ब्राह्मण थे।



