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- सीबीआई चीफ बने ऋषि कुमार शुक्ला के व्यक्तित्व पर एक नजर...
Posted by : achhiduniya
02 February 2019
आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला को पिछले दिनों ही पुलिस महानिदेशक के
पद से पुलिस हाउसिंग बोर्ड में स्थानांतरित किया गया था। पुलिस मुख्यालय में बतौर
जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) तैनात रहे प्रदीप भाटिया बताते हैं, ऋषि कुमार शुक्ला का हमेशा पुलिसिंग पर जोर रहा
है और यही कारण है कि उन्हें सख्त पुलिस अधिकारी के तौर पर पहचाना जाता है। वहीं
दूसरी ओर वह एक नर्म दिल इंसान भी हैं। जब भी कोई पुलिस कर्मचारी या अधिकारी उनके
पास अपनी समस्या लेकर जाता है तो वह पूरी तरह उसे न केवल सुनते हैं बल्कि उसका समाधान
भी करते हैं।
ऋषि कुमार शुक्ला ने अपनी पुलिस सेवा की शुरुआत रायपुर से की थी।
बीते 33 सालों की पुलिस सेवा के दौरान शुक्ला ने विभिन्न जिम्मेदारियां भी
संभालीं। ग्वालियर में 23 अगस्त 1960 को जन्मे ऋषि कुमार ने बी. कॉम तक की शिक्षा
अर्जित की। वर्ष 1983 में उनका आईपीएस में चयन हो गया। इसके बाद शुक्ला रायपुर में
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक रहे। पुलिस अधीक्षक के
तौर पर सबसे पहले वह दमोह में 1986 में पहुंचे। इसके बाद वर्ष 1992 से 1996 तक
भारत सरकार की सेवा में तैनात रहे।
ऋषि कुमार शुक्ला वर्ष 1996 में मध्य प्रदेश
लौटे तो उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(प्रशासन) के तौर पर पदस्थ किया गया। इसके
अलावा शुक्ला अपने सेवाकाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेल, नार्कोटिक्स, होमगार्ड), पुलिस हाउसिंग के चेयरमैन भी रहे। शुक्ला 30 जून
2016 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए गए और इस पद पर वह 30 जनवरी 2019 तक
रहे। उसके बाद शुक्ला को पुलिस हाउसिंग का चेयरमैन बनाया गया। शुक्ला ने अपने
सेवाकाल के दौरान 1995 में यूएसए में क्राइसिस मैनेजमेंट का प्रशिक्षण हासिल किया।
इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2005 में अमेरिका में हॉस्टेज निगोशिएशन और
हैदराबाद-इंग्लैंड में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड कमिटी ने आईपीएस अधिकारी ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का
नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। 1983 बैच के आईपीएस ऑफिसर शुक्ला मध्य प्रदेश के
डीजीपी भी रह चुके हैं। अभी वह मध्य प्रदेश पुलिस हाउजिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन
थे। 10 जनवरी को आलोक वर्मा को डायरेक्टर पद से हटाने के बाद केंद्र सरकार ने एम.
नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया था। तभी से सीबीआई डायरेक्टर का पद
खाली था। एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति में देरी
पर नाखुशी जाहिर की थी।



