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- महागठबंधन में सिंटो के बटवारे के चलते जिद छोड़ पीछे हटने को तैयार कांग्रेस....
Posted by : achhiduniya
18 March 2019
कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक के बाद बिहार कांग्रेस चुनाव
प्रचार अभियान समिति के चेयरमैन अखिलेश सिंह ने पार्टी के 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। जिसके बाद
बड़ा सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस की घोषणा के साथ ही जीतन राम मांझी ने भी अपनी
पार्टी के लिए पांच सीटों की डिमांड कर दी। मांझी की डिमांड के बाद मामल फंस सा
गया। मामला तब और बिगड़ गया जब तेजस्वी यादव ने महागठबंधन में सीटों को लेकर मची
खींचतान पर अपने सहयोगियों पर ट्वीट कर हमला बोल दिया। उसके बाद से महागठबंधन के
बिखड़ने की चर्चा तेज हो गयी। महागठबंधन को बचाने की कोशिश भी तेज हो गयी।
रविवार
को पटना पहुंचे आरएलएसपी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा को तुरंत वापस दिल्ली बुला लिया
गया। वहीं, कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता सदानंद
सिंह भी रविवार की शाम दिल्ली बुला लिये गये। जबकि कांग्रेस के प्रभारी सचिव
वीरेन्द्र सिंह राठौर भी अपना सारा कार्यक्रम छोड़ रविवार की शाम दिल्ली लौट गये। अध्यक्ष
मदन मोहन झा सोमवार को दिल्ली रवाना हुए। महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर मचे
घमासान के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जीतन राम मांझी की प्रेसर पॉलटिक्स
काम आती दिख रही है।
कांग्रेस ने 11 सीटों की सीमा से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रवक्ता हरखु झा ने कहा है कि 11 सीटों की घोषणा कोई अधिकारिक नहीं थी। गठबंधन में कोई एक संख्या सीमा नहीं होती है। जरूरत पड़ी तो हम भी पीछे हटेंगे और सहयोगी भी पीछे हट सकते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक ठाक है। कुछ सीटों पर सहयोगी बातचीत करना चाहते थे, जिसपर आज बातचीत हो जाएगी। महागठबंधन में कोई परेशानी नहीं है।
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| [जीतन राम मांझी] |
कांग्रेस ने 11 सीटों की सीमा से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रवक्ता हरखु झा ने कहा है कि 11 सीटों की घोषणा कोई अधिकारिक नहीं थी। गठबंधन में कोई एक संख्या सीमा नहीं होती है। जरूरत पड़ी तो हम भी पीछे हटेंगे और सहयोगी भी पीछे हट सकते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक ठाक है। कुछ सीटों पर सहयोगी बातचीत करना चाहते थे, जिसपर आज बातचीत हो जाएगी। महागठबंधन में कोई परेशानी नहीं है।


