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- आंबेडकर-ओवैसी का गठबंधन बीजेपी-शिवसेना / कांग्रेस-NCP के वोट बैंक में लगाएगा सेंध....
Posted by : achhiduniya
14 April 2019
महाराष्ट्र में पहली बार दलितों और मुस्लिमों के प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले दलों के बीच गठबंधन हुआ है जिसने राज्य में लोकसभा की सभी 48 सीट पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र में दलित नेता प्रकाश अंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी और असदुद्दीन ओवैसी की आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का गठबंधन लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गंठबंधन को किस हद तक चुनौती पेश कर रहा है? हालांकि ये गठबंधन लड़ तो बीजेपी और शिवसेना के खिलाफ रहा है, लेकिन इसका जो वोट बैंक है, उसके कारण ये बड़ा खतरा कांग्रेस एनसीपी गठबंधन को है।
भारतीय संविधान के रचयिता बी.आर.अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर की पार्टी
राज्य की 47 और एमआईएम एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। इस
गठबंधन के कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के गठबंधन पर पड़ने वाले
प्रभाव पर भी नजर रहेगी। कांग्रेस-एनसीपी के नेता निजी बातचीत में वीबीए को भाजपा
की बी टीम बता रहे हैं।
उनका कहना है कि वीबीए को भगवा सहयोगियों ने उनके
(कांग्रेस-एनसीपी के) दलित-मुस्लिम जनाधार को हड़पने के लिए खड़ा किया है। अंबेडकर
इस बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य में कांग्रेस-एनसीपी
कमजोर हो चुकी हैं। उनके निशाने पर भाजपा-शिवसेना हैं। वीबीए की तरफ से पेश इस
चुनौती के कारण मुख्यधारा की प्रमुख पार्टियां दलितों और मुस्लिमों के प्रति अपने
रुख में बदलाव ला सकती हैं।


