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विपक्ष दवारा ईवीएम में गड़बड़ी व हैक किए जाने की बात को सिरे से नकारा....पूर्व RAW प्रमुख विक्रम सूद ने
Posted by : achhiduniya
22 May 2019
पूरे विपक्ष के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी
ईवीएम की साख को लेकर चुनाव आयोग को नसीहत दे डाली थी,लेकिन अब रिसर्च एंड एनासिसिस विंग ( रॉ) के
पूर्व प्रमुख और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के सलाहकार विक्रम सूद ने इस संबंध में
बड़ा बयान दिया है। विक्रम ने ट्वीट कर कहा कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।
यह एक इंडीविजुअल मशीन है और किसी भी तरह से इंटरनेट या किसी अन्य सर्किट से जोड़ी
नहीं जा सकती है। इसमें कुछ खराबी आ सकती है,लेकिन यह पूरा
सिस्टम खराब नहीं हो सकता। अकेली एक मशीन में खराबी हो सकती है।
विक्रम ने इस
दौरान कहा कि जब 2009, 2014 और 2018 में ईवीएम ने सही काम किया तो अभी यह सवाल फिर
क्यों उठाया जा रहा है। विक्रम ने इस दौरान कहा कि विपक्ष की ओर से ईवीएम की
हैकिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और गलत हैं। यदि इसी तरह के आरोप लगते
रहे तो यह एक बड़ी भूल होगी और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था से लोगों का विश्वास
उठ जाएगा। इस दौरान विक्रम ने कहा कि विपक्ष के इस तरह के व्यवहार से वोटर्स पर
बुरा प्रभाव पड़ेगा और लोगों का साथ उनसे छूटता जाएगा। जो लोग वोटिंग के दिन हिंसा
फैलाते हैं वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अपमान करते हैं। ऐसे नेताओं और
लोगों को संसद में पहुंचने का कोई हक नहीं है। ईवीएम को लेकर आयुष्मान भारत के
डिप्टी सीईओ डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि तीन बार रिटर्निंग ऑफिसर रहा हूं और इसी
के चलते मैं यह कह सकता हूं कि ईवीएम काफी प्रभावी है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि
वोट रिकॉर्डिंग से लेकर उनका स्टोरेज और गिनती तक की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव करवाना आसान नहीं है। ईवीएम के संबंध में
वरिष्ठ आईएएस संजय दीक्षित ने ट्वीट कर काह कि मैं पिछले 15 सालों से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा रहा हूं। साथ
ही चार लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से भी जुड़ा रहा। चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे
आरोप गलत हैं। कोई कैसे एक स्टैंड अलोन हार्डवायर्ड कैल्कुलेटर को हैक कर सकता है।
हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है।


