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- 5जी कैसे है पहले की तकनीक से बेहतर और क्यू है जरूरी....?
Posted by : achhiduniya
10 June 2019
5जी को लेकर हो रही बातों के बीच सभी के मन
में एक बात उठती है कि आखिर इसके फायदे क्या हैं। दरअसल, 1G तकनीक 1980 में लॉन्च हुई
थी। यह फर्स्ट जेनरेशन वायरलेस तकनीक थी जो कि केवल वाइस कॉल को सपोर्ट करती थी।
इसके बाद साल 1991 में 2जी तकनीक आई।
इसमें खास बात यह थी कि अब वॉइस कॉल के साथ-साथ टेक्स्ट मैसेज भी भेजा जा सकता था।
2जी की अधिकतम स्पीड 50 kbps थी। साल 1998 में 3जी नेटवर्क आया. इसमें डेटा ट्रांसमिशन की स्पीड
काफी हाई थी. इससे वीडियो कॉलिंग के साथ-साथ इंटरनेट एक्सेस करना भी संभव हो गया. 3जी की अधिकतम स्पीड 2 mbps के लगभग थी। इसके बाद साल 2008 में आई 4जी टेक्नॉलजी.
इसकी स्पीड 1Gbps थी। आने वाली 5जी टेक्नॉलजी में डेटा का रेट काफी फास्ट होगा।
बताया जा रहा है कि इसमें डेटा रेट 4जी की तुलना
में 100 गुना ज्यादा होगा।
इसका मतलब है कि 5जी कनेक्शन पर डाउनलोड स्पीड 2.5 गीगाबाइट प्रति सेकेंड होगी जबकि अपलोड स्पीड 1.25 गीगाबाइट प्रति सेकेंड होगी। इसको इस तरह से समझा
जा सकता है कि मान लीजिए अगर आप 3 जीबी की कोई
मूवी डाउनलोड करना चाहते हैं तो अगर इसे 3 जी नेटवर्क पर
डाउनलोड करेंगे तो यह 1 घंटे 8 मिनट में
डाउनलोड होगी। अगर 4जी पर डाउनलोड करेंगे तो 40 मिनट में डाउनलोड हो जाएगी और अगर 5जी पर डाउनलोड करेंगे तो सिर्फ 35 सेकेंड लगेंगे। क्या हैं 5जी के फायदे:- बैटरी की खपत काफी घट जाएगी,जिसकी वजह से बैटरी की लाइफ बहुत बढ़ जाएगी।
नेटवर्क की एनर्जी 90 फीसदी तक घट जाएगी। कई डिवाइस को एक साथ
जोड़ा जा सकेगा। लंबी दूरी तक के लिए भी हायर स्पीड पर डेटा को भेजा जा सकेगा। 3 घंटे की एचडी मूवी 1 सेकेंड से कम समय में डाउनलोड हो जाएगी। इसकी मदद
से घर के सिक्योरिटी सिस्टम को चलाया जा सकेगा। 5जी आने के बाद
भारत के डिजिटल मार्केट पर काफी प्रभाव पड़ेगा। मौजूदा समय में भारत आईटी सेक्टर
में काफी तेजी से विकास कर रहा है। तेज़ कनेक्टिविटी और संचार माध्यमों में तेजी
से विकास होने के कारण भारत की जीडीपी तेज़ी से बढ़ेगी।
5 जी की वजह से भारत को तमाम आर्थिक फायदे होने
वाले हैं। अनुमान है कि इसकी वजह से वैश्विक स्तर पर 2035 तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर
का रेवेन्यू जेनेरेट होगा कम से कम 2.2 करोड़
नौकरियां जेनरेट होंगी। ज़ाहिर है भारत को भी इससे लाभ होगा। साथ ही भारत अपने मेक
इन इंडिया को डिजिटल इंडिया के साथ कनेक्ट करके भी देश के विकास को गति दे सकता
है। इससे पहले भारत सरकार ने 5 जी नेटवर्क
शुरू करने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। भारत इसके
माध्यम से आने वाले पांच से सात सालों में अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी
वस्तुओं के मैन्युफेक्चरिंग को लेकर भारतीय बाज़ार का 50 फीसदी और अतंर-राष्ट्रीय बाज़ार का 10 फीसदी कैप्चर करना चाहता है। 5जी तकनीक इसमें काफी मददगार साबित होगी। 5जी की वजह से हाई क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग हो
पाएगी। इसके अलावा मोबाइल वर्चुअल रियलिटी गेमिंग की भी क्वालिटी ज्यादा अच्छी हो
पाएगी। डिजिटल इकोनॉमकि पॉलिसी पर बनी ओईसीडी की एक कमिटी के मुताबिक 5जी टेक्नॉलजी की वजह से जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ने
के साथ-साथ रोज़गार और डिजिटलाइज़ेशन में भी बढ़ोत्तरी होगी। हो सकता है इस
टेक्नॉलजी के आने के बाद इसके फायदों को देखते हुए हम ये सोचने पर मजबूर हो जाएं
कि अब तक हम कैसे इसके बिना रह रहे थे,लेकिन इस बात
को लेकर भी हमें सावधान रहना होगा कि ये चीन या अमेरिका द्वारा मैनेज न हो बल्कि
हमारे खुद के द्वारा मैनेज किया जाए क्योंकि काफी मात्रा में डेटा का प्रयोग किया
जाएगा जिसके लीक होने पर समस्या हो सकती है।


