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- मन की बात मे आपातकाल के जिक्र के साथ जल संरक्षण के लिए देशवासियों से किया अनुरोध पीएम मोदी ने...
Posted by : achhiduniya
30 June 2019
वैसे ही सामान्य जीवन में लोकतंत्र के
अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन ले। प्रधानमंत्री ने कहा,जब देश में आपातकाल लगाया गया तब उसका विरोध
सिर्फ राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं रहा था, राजनेताओं तक
सीमित नहीं रहा था, जेल के सलाखों तक, आन्दोलन सिमट नहीं गया था। जन-जन के दिल
में एक आक्रोश था। लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा,भारत गर्व के साथ कह सकता है कि हमारे लिए, कानून नियमों से परे, लोकतंत्र हमारे संस्कार हैं, लोकतंत्र हमारी संस्कृति है, लोकतंत्र हमारी विरासत है' और आपातकाल में हमने अनुभव किया था और इसीलिए देश, अपने लिए नहीं, लोकतंत्र की
रक्षा के लिए आहूत कर चुका था। उन्होंने कहा कि 2019 का लोकसभा का
चुनाव अब तक के इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था।
लोकसभा चुनाव के संदर्भ में मोदी ने कहा कि आप
कल्पना कर सकते हैं कि इस प्रकार के चुनाव संपन्न कराने में कितने बड़े स्तर पर
संसाधनों की और मानवशक्ति की आवश्यकता हुई होगी' लाखों
कर्मियों की दिन-रात की मेहनत से चुनाव संपन्न हो सका' सैन्य कर्मियों ने भी परिश्रम की पराकाष्ठा की। मोदी
ने जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, मेरा पहला
अनुरोध है– जैसे देशवासियों ने स्वच्छता को एक जन
आंदोलन का रूप दे दिया आइए, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की
शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि देशवासियों से मेरा दूसरा अनुरोध है। हमारे देश में पानी के संरक्षण के लिए कई
पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं' मैं आप सभी से, जल संरक्षण के
उन पारंपरिक तरीकों को साझा करने का आग्रह करता हूं।


