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- लो ऑक्युपेंसी (कम सीटें भरी हों) वाली ट्रेनों में टिकटो पर मिलेगी 25% डिस्काउंट की सुविधा....
Posted by : achhiduniya
28 August 2019
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन्स से ऐसी ट्रेनों की पहचान करने के लिए 30 सितंबर तक का वक्त दिया है। साथ ही, यह भी कहा है कि ट्रेनों में सीटें भरने की कोशिशें तेज की जाएं। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, डिस्काउंट तय करने दौरान प्रतिस्पर्धी किरायों का ध्यान रखा जाना चाहिए। मंत्रालय डिस्काउंट देने के लिए पहले ही कह चुका है। जिससे जल्द ही आपको शताब्दी, तेजस, इंटरसिटी और डबल डेकर ट्रेनों के टिकटों पर 25% तक डिस्काउंट मिल सकता है। इन ट्रेनों में खाली सीटों की वजह से हो रहे नुकसान को कम करने के लिए चेयर कार और एग्जिक्यूटिव क्लास सीटों पर डिस्काउंट मिल सकता है।
बहरहाल यह डिस्काउंट सिर्फ उन ट्रेनों में मिलेगा जिनमें लो ऑक्युपेंसी (कम सीटें
भरी हों) होगी और डिस्काउंट को लेकर फैसला लेने का अधिकार हर रेलवे जोन के चीफ
कमर्शल मैनेजरों पर छोड़ा गया है। हर जोन को सर्क्युलर जारी कर रेलवे बोर्ड ने लो
ऑक्युपेंसी ट्रेनों की पहचान करने के लिए कहा है। बोर्ड ने कहा है कि डिस्काउंट
बेस किराये पर दिया जाएगा और जीएसटी, रिजर्वेशन फीस, सुपरफास्ट टैरिफ और अन्य चार्जेस अलग से वसूले
जाएंगे। सर्कुलर के मुताबिक, पिछले साल 50
पर्सेंट से कम ऑक्युपेंसी वाली ट्रेनें इस डिस्काउंट के लिए एलिजिबल होंगी।
डिस्काउंट तय करने को लेकर रेलवे ने सभी जोन्स को पूरी आजादी दी है। रेलवे ने कहा
है कि ये डिस्काउंट सालाना, अर्द्ध वार्षिक, सीजनल या वीकेंड्स पर किसी भी तरह के हो सकते
हैं। एक बार इस स्कीम के लागू हो जाने के बाद किसी और तरह का डिस्काउंट नहीं दिया
जाएगा। उदाहरण के तौर पर, इस डिस्काउंट के बाद शताब्दी में ग्रेडेड
डिस्काउंट और फ्लेक्सी फेयर ऐप्लिकेबल नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन्स से कहा
है कि स्कीम के लागू होने के 4 महीने बाद सभी रिपोर्ट सौंपें।


