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पाकिस्तान के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत सरकार से मांगी शरण कहा इमरान सरकार में अल्पसंख्यक ही नहीं,बल्कि मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं...
Posted by : achhiduniya
10 September 2019
पिछले महीने ईसाई, अहमदी, उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ
अत्याचारों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका और ब्रिटेन
जैसी पश्चिमी ताकतों समेत कई देशों ने चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा था। अगस्त
के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड ने सशस्त्र संघर्ष में धार्मिक अल्पसंख्यक
समुदाय के लोगों की सुरक्षा बढ़ाने' पर सुरक्षा
परिषद की बैठक आयोजित की थी। यह बैठक धर्म या आस्था के आधार पर हुई हिंसा के
पीड़ितों की याद में मनाए गए पहले अंतरराष्ट्रीय दिवस पर आयोजित की गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत
सरकार से शरण देने की अपील की है।
कुमार
ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि मुस्लिम
भी सुरक्षित नहीं है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में कुमार के हवाले से
लिखा है,केवल अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि वहां (पाकिस्तान) मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं
है। हम पाकिस्तान में कई समस्याएं झेल रहे हैं। मैं भारत सरकार से शरण देने की
अपील करता हूं। मैं वापस नहीं जाऊंगा। साथ ही उन्होंने कहा, भारतीय सरकार को एक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए
ताकि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख परिवार यहां आ सकें। मैं चाहता हूं कि
मोदी साहब उनके लिए कुछ करें। वहां उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय
धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिका के विशेष दूत सैम्युल ब्राउनबैक ने कहा कि
देशों में स्थिरता और शांति के लिए धार्मिक स्वतंत्रता आवश्यक है।
ब्राउनबैक ने
कहा, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक समूह
राज्येतर कारकों के हाथों या भेदभावपूर्ण कानूनों एवं प्रचलनों के कारण उत्पीड़न
का शिकार हो रहे हैं। इस बैठक में ह्यूमन
राइट्स फोकस पाकिस्तान के अध्यक्ष
नवीद वाल्टर ने कहा कि पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय से साथ भेदभावपूर्ण रवैया
अपनाया जाता है। उन्होंने कहा कि चीन की
तरह ऐसे देशों की संख्या बढ़ रही है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर धार्मिक
स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने भी चीन और पाकिस्तान में
धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई।


