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- AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी व RSS चीफ मोहन भागवत में छिड़ा वाक युद्ध...
Posted by : achhiduniya
13 October 2019
राष्ट्रीय सेवक संघ चीफ मोहन भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य भारत में परिवर्तन तथा उसे बेहतर भविष्य की
ओर ले जाने के वास्ते देश में पूरे समाज को संगठित करना है, न कि केवल हिंदू समुदाय को। भारत की विविधता की प्रशंसा करते
हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश एक सूत्र से बंधा है। उन्होंने कहा,भारत के लोग विविध संस्कृति, भाषाओं, भौगोलिक स्थानों के बावजूद खुद को एक मानते हैं। भागवत ने कहा कि एकता के इस अनूठे अहसास के कारण मुस्लिम, पारसी और अन्य जैसे धर्मों से संबंधित लोग देश में सुरक्षित
महसूस करते हैं। उन्होंने कहा,पारसी भारत में काफी सुरक्षित
हैं और मुस्लिम भी खुश हैं।
उन्होंने कहा, यहूदी
मारे-मारे फिरते थे, अकेले भारत है, जहां उन्हें आश्रय मिला। पारसियों की पूजा और मूल धर्म केवल
भारत में सुरक्षित है। विश्व में सर्वाधिक सुखी मुसलमान भारत में मिलेगा। ये क्यूं
है? क्योंकि हम हिंदू हैं। मोहन भागवत ने कहा कि विश्व में सबसे सुखी मुसलमान भारत में मिलेंगे, क्योंकि हम हिन्दू हैं, हिन्दू
राष्ट्र हैं। आरएसएस प्रमुख की ये बात न तो विपक्ष
के गले उतर रही है और ना ही मुस्लिम समाज के कई नेताओं को पसंद आ रही है। मोहन
भागवत के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया है। सरसंघचालक
मोहन भागवत के हिन्दू राष्ट्र वाले बयान पर AIMIM प्रमुख
असदुद्दीन ओवैसी ने जमकर हमला बोला।
ओवैसी ने
कहा,भागवत भारत को हिंदू राष्ट्र बताकर यहां मेरा इतिहास मिटा नहीं
सकते। यह काम नहीं करेगा। वह यह नहीं कह सकते कि हमारी संस्कृति, आस्था और पहचान हिंदुओं से जुड़ी हुई है। भारत न कभी हिंदू
राष्ट्र था,
न है और न ही कभी बनेगा इंशाल्लाह। इसके अलावा
ओवैसी ने एक और ट्वीट किया, कोई फर्क नहीं पड़ता कि भागवत हमें विदेशी मुसलमानों से जोड़ने
की कितनी कोशिश करते हैं, लेकिन इससे मेरी भारतीयता कम
नहीं होगी। हिंदू राष्ट्र = हिंदू सर्वोच्चता। यह हमारे लिए अस्वीकार्य है।


