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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता में जल्दी ही सकारात्मक सफलता मिलने की संभावना...वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
Posted by : achhiduniya
21 October 2019
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के मुख्यालय
में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्यूचिन के
साथ हुई मुलाकात में व्यापार सौदे को लेकर संक्षिप्त चर्चा हुई। म्यूचिन अगले
महीने की शुरुआत में भारत की यात्रा करने वाले हैं। सीतारमण ने कहा,वास्तव में मैंने वित्त मंत्री म्यूचिन के समक्ष इसका जिक्र
किया, लेकिन इस मुद्दे पर भारत के वाणिज्य मंत्री और अमेरिका के
व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर चर्चा कर रहे हैं। मुझे जो जानकारी मिली है, वह यह कि वार्ता पूरी गति से चल रही है और उम्मीद है कि जल्दी
ही समझौता हो जाएगा। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर
में कहा कि अमेरिका के साथ सर्वाधिकार अनुबंध हमेशा वरीयता में रहा है।
एक अन्य
रिपोर्ट के मुताबिक सीतारमण ने कहा है कि वह ऐसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए
खाका तैयार करेंगी जो चीन से आगे भारत को निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं। उन्होंने
कहा कि उद्योग जगत के ऐसे दिग्गज जो अपने कारोबार को चीन से बाहर ले जाना चाहते
हैं, वे निश्चित रूप से भारत की ओर देख रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा, भारत के लिए जरूरी हो जाता है कि वह इन कंपनियों से मिले और
उन्हें अपने यहां आमंत्रित करे। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की वार्षिक
बैठक में अपनी परिचर्चा के समापन पर भारतीय संवाददाताओं के समूह के साथ बातचीत में
सीतारमण ने कहा,निश्चित रूप में मैं ऐसा करूंगी।
मैं ऐसी अंतरराष्ट्रीय
कंपनियों की पहचान करूंगी, सभी अमेरिकी कंपनियों या किसी
अन्य यूरोपीय देश की कंपनी या ब्रिटिश कंपनी जो चीन से निकलना चाहती है, मैं उनसे संपर्क करूंगी और भारत को निवेश के तरजीही गंतव्य के
रूप में पेश करूंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय सिर्फ अमेरिका और चीन के
बीच जो चल रहा है सिर्फ उसी पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा, इससे या तो स्थिति और खराब या किसी स्तर पर यह प्रभावित करेगा,लेकिन तथ्य यह है कि कंपनियों इसके अलावा भी कई और वजहों से
अन्य स्थानों पर स्थानांतरित होना चाहती हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत
कंपनियों को देश के बाजार का लाभ लेने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहता है।


