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- निजीकरण की नौका पर सवार होकर ही पार लग सकती है कर्ज में डूबी एयर इंडिया....
Posted by : achhiduniya
31 December 2019
नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी सिंह ने प्रेस
कांफ्रेस करके बताया कि एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया जारी है और अब इसके
प्राइवेटाइजेशन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हरदीप पुरी ने कहा कि आयकर
दाताओं का पैसा सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ऐसे में सरकार के लिए यह देखने का समय आ गया है कि इसे कब तक
जारी रखा जा सकता है। केंद्रीय विमानन मंत्री के अनुसार एयर इंडिया एक राष्ट्रीय
संपत्ति है,
यह एक बड़ा ब्रांड है और इसका सेफ्टी रिकॉर्ड
काफी अच्छा रहा है।
अत्यधिक कर्ज़ के तले दबी एअर इंडिया को चलाने के लिए सरकार को
रोजाना 26 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है इसलिए अब इसे ढोना बहुत मुश्किल है। हरदीप
पुरी के अनुसार अब हमारे पास इसके निजीकरण के अलावा कोई विकल्प नहीं है, हमने इसकी शुरुआत 2 साल
पहले की थी,लेकिन हम सफल नहीं हो पाए थे, लेकिन
अब पिछले अनुभव के आधार पर इसमें काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए EOI जारी करेंगे और खरीददारों की तलाश की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम
चाहते हैं कि कोई स्वदेशी कंपनी ही इसे खरीदे। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह नहीं कहा
जा सकता है कि कब तक इसका निजीकरण होगा।
एयर लाइन के किराये पर उन्होंने कहा कि
अगर किराये की सीमा पर कोई कर लगाते हैं तो इसका बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा हरदीप पुरी ने जेवर एयरपोर्ट और दरंभगा
एयरपोर्ट की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का 80 फीसदी का काम हो चुका है। प्रदेश की योगी सरकार पर हमारी बात चल
रही है बाकि बची भूमि के अधिग्रहण का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। वहीं दरभंगा
एयरपोर्ट की शुरुआत जून 2020 में होगी।


