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10 ट्रेड यूनियन की तरफ से 8 जनवरी को भारत बंद का ऐलान,25 करोड़ लोगों के साथ छात्रों के 60 संगठनों होंगे शामिल,...जाने मुख्य वजह....?
Posted by : achhiduniya
07 January 2020
देश की बड़ी ट्रेड यूनियन, INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC के अलावा कई और अन्य सेक्टोरल इंडिपेंडेंट फेडरेशन और असोसिएशन्स ने हड़ताल में शामिल होने का ऐलान किया है। इसके अलावा छात्रों के 60 संगठनों और कुछ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। क्यों हो रही है हड़ताल- ट्रेड यूनियनों ने कहा, श्रम मंत्रालय अब तक श्रमिकों को उनकी किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रहा है। श्रम मंत्रालय ने 2 जनवरी, 2020 को बैठक बुलाई थी। सरकार का रवैया श्रमिकों के प्रति अवमानना का है। छात्रों ने की ओर से हड़ताल का एजेंडा बढ़ी फीस और शिक्षा के व्यावसायीकरण का विरोध करने का है।
यूनियनों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि
जुलाई, 2015 से एक भी भारतीय श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ
है। इसके अलावा यूनियनों ने श्रम कानूनों की संहिता बनाने और सार्वजनिक उपक्रमों
के निजीकरण का भी विरोध किया है। छह बैंक
यूनियन- ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी असोसिएशन (AIBEA),ऑल
इंडिया बैंक ऑफिसर्स असोसिएशन (AIBOA), BEFI, INBEF, INBOC और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ (BKSM) कह चुका है कि वे हड़ताल का समर्थन करेंगे। जो बैंक यूनियन
समर्थन कर रहे हैं, उनके समर्थित बैंक कल बंद रहेंगे। ट्रेड यूनियन्स
की तरफ से संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि इस हड़ताल में करीब 25 करोड़ लोग शामिल
हो सकते हैं।
2 जनवरी को ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि लेबर मिनिस्टर से मिले लेकिन
बात नहीं बन पाई जिसकी वजह से ट्रेड यूनियन ने आठ तारीख को घोषित हड़ताल को वापस
नहीं लेने का फैसला किया। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ी ट्रेड यूनियनों ने 8
जनवरी को देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। इन ट्रेड यूनियन्स ने दावा किया है कि इस
हड़ताल में 25 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें छात्रों के 60
संगठनों और कुछ यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का फैसला
किया है।


