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- क्या राजनैतिक मुद्दा बनाने के लिए के लिए शाहीन बाग को हवा दी जा रही....?
Posted by : achhiduniya
30 January 2020
दिल्ली के शाहीन बाग में एक महीने से अधिक समय से महिलाएं सीएए और एनआरसी के विरोध में धरने पर बैठी हुई हैं और बीजेपी नेताओं ने अब शाहीन बाग को ही निशाना बनाने की नीयत से बयान देने शुरू कर दिए हैं। 2013 और 2015 में बीजेपी का वोट प्रतिशत लगभग बरकरार था लेकिन उसे दिल्ली जीतने के लिए और वोटों की आवश्यकता है। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि उसे अपने पक्ष में अधिक वोट करने के लिए शाहीन बाग में चल रहे विरोध को निशाना बनाना मददगार साबित हो सकता है। जानकारों का कहना है कि बीजेपी फ्लोटिंग वोटर को अपने पक्ष में करने की उम्मीद जता रही है, जो कि शायद शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शनों को दिल्ली में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा मानने को तैयार हो जाएं। पिछले कुछ दिनों से केंद्रीय मंत्रियों समेत बीजेपी के कई नेता शाहीन बाग और प्रदर्शनकारियों की धारणा एक राष्ट्र विरोधी समूह के रूप में कायम करने की कोशिश में लगे दिख रहे हैं जिससे उसके खिलाफ वोटरों को एकजुट कर अपनी तरफ लाया जा सके।
बीजेपी का कहना है कि दिल्ली के शाहीन बाग
में नागरिकता संशोधन कानून के बहाने नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विरोध हो रहा है। आम
आदमी पार्टी कहती है कि दिल्ली का चुनाव खत्म होते ही बीजेपी शाहीन बाग का रास्ता
खुलवा देगी, हालांकि आप का कोई भी बड़ा नेता शाहीन बाग नहीं पहुंचा है। शाहीन बाग में
जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर बीजेपी आक्रामक रुख अपनाती जा रही है। नागरिकता कानून
को लेकर यहां प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बीजेपी के केंद्रीय मंत्री, सांसद और प्रवक्ता सब विवादित बयान दे रहे हैं। चुनावी समीकरण
को अपने पक्ष में करने के लिए इस बार सत्ताधारी दल मुफ्त बिजली-पानी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए
तीर्थयात्रा योजना लागू कर वोटरों को लुभाने की कोशिश में है।
तो वहीं बीजेपी
लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीट जीतकर गदगद है, लेकिन महाराष्ट्र, झारखंड
से सत्ता गंवा बैठने के बाद उसके सामने अधिक बड़ी चुनौती है। शायद यही वजह है कि
बीजेपी ने अब दिल्ली के चुनाव में बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। मुस्लिम
पर्सनल लॉ बोर्ड के कासिम रसूल इलियास कहते हैं कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं
है, वह चाहती है कि शाहीन बाग का भी ध्रुवीकरण किया जाए। शाहीन बाग
की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी हो रही है इसलिए यह इसको बदनाम करने की
साजिश है।


