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सीएए भेदभावपूर्ण, विभाजनकारी कानून है,इसका मकसद भारत के लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना है...कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
Posted by : achhiduniya
11 January 2020
कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में हो रही कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि सीएए भेदभावपूर्ण, विभाजनकारी कानून है। उन्होंने दावा किया कि इसका उद्देश्य भारतीय लोगों को धार्मिक आधार पर विभाजित करना है। सोनिया ने कहा कि कड़े विरोध के बाद भी CAA को पास करना सरकार की मानसिकता को दिखाता है। CWC में पुलिस बल के इस्तेमाल पर भी सोनिया ने टिप्पणी की,सोनिया ने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई के जरिए हजारों युवाओं के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की गई,लेकिन वे नहीं रुके। मैं उनके जज्बे को सलाम करती हूं कि वह भारत के संविधान के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
बैठक में
सोनिया ने कहा, नए साल की शुरुआत संघर्षों, अधिनायकवाद, आर्थिक समस्याओं, अपराध से हुई है। उन्होंने
को सीएए भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी कानून करार देते हुए दावा किया कि इसका मकसद
भारत के लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना है। सोनिया ने कहा कि जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं और
छात्रों पर हमले की घटनाओं की जांच के लिए विशेषाधिकार आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने
खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम को लेकर भी चिंता प्रकट की। कांग्रेस सूत्रों का कहना है
कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शनों, जेएनयू में हमले के बाद पैदा हुए हालात और आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और किसानों की स्थिति पर चर्चा होगी।
कांग्रेस के एक
वरिष्ठ नेता ने कहा, आर्थिक स्थिति गंभीर और खतरनाक
है। सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति में लगी है, उसे कोई
चिंता नहीं है। कांग्रेस राजनीतिक हालात और आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित है। इनके
अलावा कई और बिंदुओं पर गहन चर्चा होगी। इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ
नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेता शामिल रहे। इस
बैठक में राहुल
गांधी शामिल नहीं हुए।


