- Back to Home »
- Knowledge / Science »
- VIP की सिक्योरिटी को लेकर कौन और कैसे लिया जाता है फैसला,कैसी होती है X, Y, Z और Z+ की सिक्योरिटी....?
VIP की सिक्योरिटी को लेकर कौन और कैसे लिया जाता है फैसला,कैसी होती है X, Y, Z और Z+ की सिक्योरिटी....?
Posted by : achhiduniya
03 January 2020
देशभर के VIP को अलग-अलग कैटेगरी की सिक्योरिटी उपलब्ध करवाई
जाती है। VIP
हाई प्रोफाइल सेलीब्रिटीज, खिलाड़ी और मशहूर शख्सियतों को एसपीजी, एनएसजी और सीआरपीएफ सुरक्षा उपलब्ध करवाती है। इनकी सिक्योरिटी
कई लेवल की होती है। VIP के ऊपर खतरे के स्तर को देखते हुए उन्हें X, Y, Z और Z+ की सिक्योरिटी दी जाती है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, राज्यों
के राज्यपाल,
मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री अपने आप इस तरह की
सिक्योरिटी कवरेज में आते है। इन सबके अलावा बाकी VIP के सिक्योरिटी लेवल को लेकर एक कमिटी फैसला लेती है।
VIP के सिक्योरिटी लेवल को लेकर कौन फैसला लेता है...? देश भर के VIP के सिक्योरिटी लेवल को
लेकर एक कमिटी फैसला करती है। इस कमिटी में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी, गृह सचिव और गृहमंत्री होते
हैं। हालांकि कई मौकों पर इसमें राज्य सरकार की सिफारिश भी काम करती हैं। राज्य
सरकार किसी वीआईपी की सुरक्षा घटाने या बढ़ाने की सिफारिश कर सकती है।
X, Y, Z और Z+ में कैसी होती हैं सुरक्षा की
सुविधाएं...? VIP के ऊपर मंडरा रहे खतरे के स्तर को देखते हुए
सिक्योरिटी लेवल को मुख्यतौर पर 4 भागों में बांटा गया है। ये चार लेवल हैं:- X, Y, Z और Z+. इसमें Z+ सबसे बड़ा और सख्त सिक्योरिटी लेवल होता है। प्रधानमंत्री जैसे देश के सबसे बड़े पदों पर
बैठे वीआईपी को Z+ के साथ स्पेशल एसपीजी कवर भी दिया जाता है। X कैटेगरी सबसे बेसिक सिक्योरिटी लेवल है। X कैटेगरी
के सिक्योरिटी लेवल में दो पुलिस कर्मियों के साथ एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर का सुरक्षा
घेरा उपलब्ध करवाया जाता है। इसी तरह से Y कैटेगरी
X से ऊपर की कैटेगरी है।
इसमें सुरक्षा घेरा ज्यादा सख्त हो जाता
है। Y कैटेगरी
में 11 पुलिसकर्मियों के साथ 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर का सुरक्षा घेरा होता है। इसके
बाद Z कैटेगरी का सिक्योरिटी लेवल आता है। इसमें वीआईपी के सुरक्षा
घेरे में 22 पुलिसकर्मी मौजूद होते हैं। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस या सीआरपीएफ के
जरिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी दी जाती है। Z कैटेगरी
की सुरक्षा पाए वीआईपी के साथ एक एस्कॉर्ट कार भी चलती है। ऐसी होता है Z+ सिक्योरिटी कवर:- Z+ कैटेगरी
सबसे सख्त सुरक्षा व्यवस्था वाली कैटेगरी है। इसके ऊपर सिर्फ एसपीजी सिक्योरिटी लेवल होता है।
Z+ सिक्योरिटी लेवल में 36 पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा होता है।
Z+ कैटेगरी वाले सुरक्षा गार्ड्स अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते
हैं। उनके पास सुरक्षा से लेकर संचार के सबसे मॉर्डन तकनीक होती है। इस कैटेगरी की
सुरक्षा पाए वीआईपी का सुरक्षा घेरा 24 घंटे तैनात रहता है। इनके सुरक्षा घेरे में
नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के 28 कमांडो होते हैं। इसके साथ ही एक एस्कॉर्ट, एक पायलट और उसके पीछे चलने वाली एक कार, कोबरा कमांडो और 12 होम गार्ड्स का दस्ता होता है। एसपीजी में फिलहाल 4 हजार सुरक्षागार्ड्स हैं।
इनके
ऊपर सालाना 330 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये देश का सबसे खर्चीला सुरक्षा
व्यवस्था है। एसपीजी की सिक्योरिटी प्रधानमंत्री, पूर्व
प्रधानमंत्रियों और उनके नजदीकी परिवारवालों को दी जाती है। पूर्व प्रधानमंत्री को
पद छोड़ने के एक साल बाद तक एसपीजी की सुरक्षा मिलती रहती है। इसके बाद उनसे एसपीजी
सुरक्षा वापस ले ली जाती है।





