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कश्मीर मुद्दे पर महज भाषणों व प्रस्तावों से कुछ नहीं होगा, यह मसला जंग से ही सुलझेगा… पाकिस्तान संसद
Posted by : achhiduniya
05 February 2020
पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट से
खुलासा हुआ कि मतभेद केवल सत्ता पक्ष व विपक्ष के तेवरों में ही नहीं। सत्ता पक्ष
के बीच का विवाद भी तब सामने आया जब मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने सीधे सीधे
विदेश मंत्रालय और इसके मंत्री शाह महमूद कुरैशी को यह कहकर कठघरे में खड़ा किया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर पर जितनी पहल की उसमें उन्हें विदेश मंत्रालय की
अपेक्षित मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और कुछ अन्य सरकारी
संस्थान ने कई ऐसे मौकों पर कदम नहीं उठाया, जब
इन्हें उठाना चाहिए था।
पाकिस्तान की संसद के निचले सदन नेशनल एसेंबली में कश्मीरियों के साथ
एकजुटता' का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया,लेकिन इस पर चर्चा के दौरान कश्मीर मुद्दे को हल करने पर
सत्ता पक्ष व विपक्ष में तीखे मतभेद देखने को मिले। कुछ सांसदों ने कश्मीर मुद्दे
पर जेहाद की मांग करते हुए कहा कि यह मसला जंग से ही सुलझेगा। प्रस्ताव पर बहस के दौरान, पक्ष व विपक्ष के सांसदों के बीच इसी बात की होड़ दिखी कि कौन
कश्मीर पर कितनी सख्ती और मजबूती से अपनी
बात रख पा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सांसदों
का कहना था कि महज भाषणों व प्रस्तावों से कुछ नहीं होगा और यह कि 'कुछ व्यावहारिक कदम उठाने
होंगे। इन कदमों का स्पष्ट शब्दों में खुलासा जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल के सांसदों
ने भारत के खिलाफ जेहाद छेड़ने की मांग कर किया। सांसद अब्दुल अकबर चितराली ने तो
इसके लिए बकायदा एक तिथि भी सुझा दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान को
औपचारिक रूप से दस फरवरी को भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का ऐलान कर देना चाहिए। उनका
कहना था कि महज इस एक ऐलान से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में खलबली मच जाएगी और दुनिया
इस मसले को हल करने के लिए दखल दे देगी। मौलाना चितराली ने जंग का सुझाव तब दिया
जब कश्मीर मामलों के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि
जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल ने अक्टूबर महीने में इस्लामाबाद में लंबा धरना देकर
कश्मीर की मुहिम को नुकसान पहुंचाया। इस पर चितराली ने कहा,हम कब करेंगे जेहाद? जेहाद का
ऐलान करो। गंडापुर ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने कश्मीर मुद्दे को उपेक्षित किया,लेकिन मौजूदा सरकार इसे फिर से अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ले आई
है।


