- Back to Home »
- Tours / Travels »
- गोल्डन टेम्पल {स्वर्ण मंदिर} के साथ करे इन अध्यात्मिक और इतिहासिक-सांस्कृतिक जगहो का दर्शन व भ्रमण....
गोल्डन टेम्पल {स्वर्ण मंदिर} के साथ करे इन अध्यात्मिक और इतिहासिक-सांस्कृतिक जगहो का दर्शन व भ्रमण....
Posted by : achhiduniya
25 February 2020
अमृतसर एक ऐतिहासिक स्थल है जो शहर के बीचों बीच
स्थित है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था। महाराज रणजीत सिंह ने इस किले
का नाम गुरु गोबिंद सिंह के नाम पर गोबिंदगढ़ रखा था। इस किले का निर्माण ईंट और
चूने से किया गया है। जनरल डायर ने इसी किले से जलियांवाला बाग जाकर 13 अप्रैल
1919 को खूनी खेल खेला था। कहा जाता है कि इस किले के खूनी दरवाजे के पास एक
भूमिगत सुरंग है, जो लाहौर तक जाती है।
# गोल्डन टेम्पल {स्वर्ण
मंदिर} को हरमिंदर साहिब मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। पूरा
अमृतसर शहर स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ बसा हुआ है।
अमृतसर का नाम उस सरोवर के नाम
पर रखा गया,
जिसका निर्माण स्वयं गुरु राम दास जी ने किया था।
इसी सरोवर के बीच में स्थित है स्वर्ण मंदिर या गोल्डन टेंपल। एक अनुमान के
मुताबिक, स्वर्ण मंदिर में रोजाना करीब 1 लाख
लोग लंगर खाते हैं। त्योहारों पर और वीकेंड पर यह संख्या डबल हो जाती है। सिर पर
पगड़ी या कोई कपड़ा या टोपी के बिन परिसर में प्रवेश नहीं किया
जाता। # जलियांवाला बाग भारत के इतिहास में अंग्रजों के एक क्रूर कांड
के लिए जाना जाता है। क्रांतिकारी और बलिदानी वीरों का यह तीर्थ स्थल स्वर्ण मंदिर
से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये बाग लाखों बेकसूर भारतीयों की मौत का गवाह
है। 13 अप्रैल 1919 में यहां निहत्थे भारतीयों पर
अंग्रेजों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। गोलियों से
बचने के लिए कई लोग वहां मौजूद एक कुएं में कूद गए थे। आज भी अमृतसर आने वाला हर
शख्स इस जगह पर जाकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देना नहीं भूलता।
भारत के
अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर के बीच ग्रैंड ट्रंक रोड पर स्थित एक गांव है वाघा, जहां से दोनों देशों की सीमा गुजरती है। भारत और पाकिस्तान के
बीच थल-मार्ग से सीमा पार करने का यह निर्धारित स्थान है। अमृतसर से वाघा बॉर्डर
की दूरी करीब 27 किलोमीटर है। इस बॉर्डर को नियमित रूप से
पर्यटकों के लिए खोला जाता है। यहां होने वाली बीटिंग रिट्रीट को देखने के लिए
बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के जवान यहां
पूरे उत्साह के साथ अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करते हैं।
# हिंदूओं का प्रसिद्ध मंदिर दुर्गियाना मंदिर स्वर्ण मंदिर से
करीब 1.5 किलोमीटर दूर है। ये मंदिर बाहर से देखने में स्वर्ण मंदिर की ही तरह दिखता है। देवी दुर्गा
को समर्पित इस मंदिर का निर्माण साल 1908 में
हरसई मल कपूर ने करवाया था। इस मंदिर में मां दुर्गा के अलावा लक्ष्मी-नारायण, शीतला माता और हनुमान जी की भी मूर्तियां हैं।# कैसे जाएं और कहा रुकें:- अमृतसर
देश के ज्यादातर हिस्सों से वायु, रेल और
सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। अमृतसर शहर से 13
किलोमीटर की दूरी पर एयरपोर्ट है जो गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से
जाना जाता है। अमृतसर में लो-बजट से लेकर हाई-बजट के होटल उपलब्ध हैं जिन्हें आप
अपनी सुविधानुसार ले सकते हैं।





