- Back to Home »
- Property / Investment »
- धन लक्ष्मी विलास बैंक पर लगाया आरबीआई ने धन लिमिट निकासी का ताला जाने क्यू...?
Posted by : achhiduniya
17 November 2020
केंद्र सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक पर एक महीने
के लिए मोरेटोरियम लगा दिया है। इसके बाद बैंक के खाताधारक 16 दिसंबर तक अपने
खातों से 25,000 रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर पाएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह जानकारी दी है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि मोरेटोरियम
अवधि के दौरान आरबीआई से लिखित अनुमति के बगैर बैंक खाताधारक को 25 हजार से ज्यादा
रकम का भुगतान नहीं कर पाएगा। सरकार ने रिजर्व बैंक की सलाह पर यह कदम उठाया है।
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि लक्ष्मी विलास बैंक पर एक
महीने का मोरेटोरियम लगाया गया है। यह 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक लागू रहेगा। ये
आदेश आरबीआई अधिनियम की धारा 45 के तहत लाया गया है। इससे पहले यस बैंक और पीएमसी
बैंक पर भी इस तरह की पाबंदियां लग चुकी है। येस बैंक और पीएमसी बैंक के
खाताधारकों को इस वजह से काफी दिक्कतों का सामना करने पड़ा था और अब धन लक्ष्मी बैंक
के खाताधारकों को भी इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के
मुताबिक BR
एक्ट की धारा 45 के तहत आरबीआई की ओर से आवेदन के
आधार पर मोराटोरियम लगाया गया है। रिजर्व बैंक के अगले आदेश तक धनलक्ष्मी बैंक के
जमाकर्ता को 25 हजार रुपए से अधिक का पेमेंट नहीं कर सकते. हालांकि आरबीआई के आदेश
में कहा गया है कि खाताधारकों को इलाज, उच्च
शिक्षा की फीस, शादी जैसे कामों के लिए ज्यादा पैसे अकाउंट से
निकाल सकते हैं लेकिन इसके लिए रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होगी। बैंक की समस्या
उस समय शुरू हुई जब उसने एसएमई लघु एवं मझोले उद्यम के बजाए बड़ी कंपनियों पर
ध्यान देना शुरू किया। बैंक ने फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तक मलविन्दर
सिंह और शिविन्दर सिंह की निवेश इकाई को 720 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। यह कर्ज
2016 के अंत और 2017 की शुरुआत में 794 करोड़ रुपये की मियादी जमा पर दिया गया। यहीं
से बैंक की समस्या शुरू हुई। इसके बाद बैंक का घाटा बढ़ने लगा। वहीं, आरबीआई ने सितंबर 2019 में एनपीए बढ़ने के साथ बैंक को तत्काल
सुधारात्मक कार्रवाई के अंतर्गत रखा। वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक को 836.04 करोड़
रुपये का घाटा हुआ जो 2018-19 में 894.09 करोड़ रुपये था। बता दें, करीब 94 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) के मैनेजमेंट
में उथल-पुथल का दौर काफी समय से चल रहा था। बैंक पिछले कुछ साल से पूंजी जुटाने का प्रयास
कर रहा है,
लेकिन सफल नहीं हुआ। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी
इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में विलय के प्रस्ताव को आरबीआई ने 2019 में
खारिज कर दिया था।



