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- कांग्रेस की हारी उम्मीदवार उर्मिला मातोंडकर की शिवसेना में इंटरी के क्या है राजनैतिक मायने....?
Posted by : achhiduniya
30 November 2020
बीते दिनो शिवसेना ने विधान परिषद में
मनोनयन के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास महाविकास अघाड़ी सरकार की तरफ से
12 नामों की सूची भेजी जिसमें फिल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर का नाम भी शामिल
है। इसके बाद से ही उर्मिला के शिवसेना में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे।
आखिर शिवसेना क्यों उर्मिला मातोंडकर को लेकर आशावान है। अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने 2019 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई उत्तर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बाद में मुंबई
कांग्रेस के कामकाज के तरीके को लेकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। पहले चर्चा थी
कि उर्मिला सोमवार को शिवसेना जॉइन करेंगी,लेकिन
संजय राउत ने ट्वीट करके साफ किया कि वह मंगलवार को पार्टी में शामिल होंगी। चर्चा थी कि खुद कांग्रेस भी उर्मिला को
विधान परिषद के लिए नामित कर सकती है लेकिन मुंबई के कांग्रेस नेताओं से मतभेद के
चलते खुद उर्मिला इसके लिए इच्छुक नहीं थीं। जब सीएम उद्धव ठाकरे ने उनसे इस बाबत
बात की तो वह तैयार हो
गईं। शिवसेना के इस प्रस्ताव पर कांग्रेस ने भी कोई ऐतराज नहीं किया। इस कदम के बचाव में शिवसेना ने कहा कि उर्मिला कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हैं। स्वयं कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने भी कहा, उर्मिला पिछले साल पार्टी छोड़ चुकी हैं। शिवसेना उर्मिला मातोंडकर के रूप में हिंदी और अंग्रेजी वोटरों के बीच ऐसी सशक्त महिला की छवि देखती है जो एक अच्छी वक्ता होने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की बात रखने में सहज हो। सोने पर सुहागा यह कि उर्मिला मराठी वोटरों के भी उतने
ही करीब हैं।
भविष्य में उर्मिला को पार्टी प्रवक्ता भी बनाया जा सकता है। उर्मिला के पति
मोहसिन अख्तर मीर कश्मीरी मुसलमान हैं। इस तरह उर्मिला के रूप में शिवसेना को
मुसलमान वोटरों तक पहुंचने की भी राह दिखाई दे रही है। इसी वजह से पिछले कुछ समय
से शिवसेना ने कई बार बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व से खुद को अलग करने की कोशिश की
है।



