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अंबानी-अडाणी के चक्कर में घनचक्कर न बन जाए किसान आंदोलन-कृषि कानूनों का विरोध....संगठन ने जताई आशंका
Posted by : achhiduniya
11 December 2020
प्रदर्शनकारी किसानों में देश के दो दिग्गज
उद्योगपतियों- मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी के प्रति काफी रोष देखा जा रहा है। इनका
मानना है कि इन दोनों उद्योगपतियों की नजर किसानों की जमीनों पर है क्योंकि वो
कृषि उद्योग में अपना धंधा तलाश रहे हैं। 9 दिसंबर को किसान नेताओं ने नए कृषि
कानूनों में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया तो इस मौके पर
किसान नेता
जंगवीर सिंह ने कहा,हम अडानी और अंबानी के
स्वामित्व वाले प्रतिष्ठानों और सेवाओं का बहिष्कार करेंगे। आंदोलनकारी किसानों की
पंचायत में जो तीन बड़े फैसले हुए उनमें रिलायंस जियो का मोबाइल सिम पोर्ट करवाना
पहले नंबर पर शामिल है। ऐसे में किसान नेताओं को डर सता रहा है कि कहीं
प्रदर्शनकारी आक्रोशित होकर रिलायंस के मॉलों, पेट्रोल
पंपों या अन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान ना पहुंचाने लगें। हरियाणा के किसान नेता और
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के
प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने प्रदर्शनकारियों
को तोड़फोड़ नहीं करने की हिदायतें देते हुए उनसे अपील की है कि वे अफवाहों से बचें
और किसानों के प्रतिनिधियों की कमिटी में लिए गए सिर्फ तीन फैसलों पर ही अमल करें।
उन्होंने आशंका जाहिर की है कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर
रहे हैं। उन्होंने आंदोलन पर उतरे किसानों को सचेत करते हुए कहा कि कहीं जाट
आंदोलन की तहर ही किसान आंदोलन का हश्र न हो जाए इसलिए
प्रदर्शनकारी कहीं तोड़फोड़ न
करें। उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से देशभर के किसानों से शांतिपूर्ण ढंग
से प्रदर्शन करने की अपील की है। उन्होंने कहा, हमारी
पंचायत में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तीन फैसले लिए गए हैं। ये फैसले हैं:-1.
रिलायंस की सीम पोर्ट करवाना है। 2. देशभर में 12 दिसंबर को नौ बजे से लेकर शाम तक
सारे टोल फ्री करवाना है और रोडजाम नहीं करना है। 3. देशभर में 14 दिसंबर को सभी
जिला मुख्यालयों पर धरना देना है।
हमें शिकायतें मिली हैं कि कुछ लोग अपनी मर्जी
से रिलायंस के टावर काटने, रिलायंस के मॉल बंद करने या
वहां कुछ और करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। प्रदर्शनकारियों से इन अफवाहों पर
ध्यान न देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा,मेरी
विनती है कि यह आंदोलन टूट न जाय और इसका हश्र जाट आंदोलन की तरह न हो, इसलिए ऐसा कोई कदम न उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करवाना
चाहती है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे उतना ही काम करें जितना कमिटी
द्वारा कहा जाए। प्रदर्शनकारियों से सिर्फ कमेटी द्वारा दिए गए
आदेशों और
निदेर्शों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा,आंदोलन
के दौरान जो भी तोड़फोड़ करेगा या आगजनी करेगा वह हमारा आदमी नहीं होगा, उसको पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।





