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- अफेजिया यानी वाचाघात क्या है इस बीमारी के लक्षण व कारण और इलाज....?
Posted by : achhiduniya
01 December 2020
अफेजिया यानी वाचाघात एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति के संचार करने यानी कम्यूनिकेशन की शक्ति को छीन लेती है। इतना ही नहीं अफेजिया होने पर व्यक्ति की लिखने, बोलने और समझने की शक्ति भी प्रभावित हो जाती है। अफेजिया या वाचाघात की स्थिति अचानक ब्रेन स्ट्रोक होने या सिर में चोट लगने के बाद देखने को मिलती है। हालांकि यह धीरे-धीरे फैलने वाले ब्रेन ट्यूमर या किसी
ऐसी बीमारी की वजह से भी हो सकता है,जो मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंचाता है। वाचाघात की गंभीरता कई बातों पर निर्भर करती है,जिसमें इसके होने का कारण और इसकी वजह से किस हद तक मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा है, जैसी बातें शामिल हैं। साधारण शब्दों में समझें तो अफेजिया, कम्यूनिकेशन से जुड़ी समस्या है जो मस्तिष्क के उस हिस्से को जो भाषा को कंट्रोल करता है, उसे नुकसान पहुंचने के कारण होता है। यह व्यक्ति की निम्नलिखित क्षमताओं को प्रभावित कर सकता है: पढ़ना-लिखना-बोलना,दूसरों की बातें और भाषा समझना,सुनना। अमेरिका के नैशनल अफेजिया एसोसिएशन की मानें तो अमेरिका के करीब 10 लाख लोगों में अफेजिया का कोई न कोई प्रकार जरूर देखने को मिलता है। एक बार जब अफेजिया होने का कारण पता चल जाता है उसके बाद इस स्थिति का प्रमुख इलाज स्पीच और लैंग्वेज थेरेपी होती है। अफेजिया से पीड़ित व्यक्ति को भाषा से जुड़े स्किल्स को दोबारा सीखने में मदद की जाती है और उन्हें संचार के अलग-अलग माध्यम के जरिए लोगों से कम्यूनिकेट करना भी सिखाया जाता है। अफेजिया के लक्षण हल्के भी हो सकते हैं और गंभीर भी। मस्तिष्क में होने वाला नुकसान किस स्तर का है और कितना गंभीर है इस पर निर्भर करता है कि अफेजिया के लक्षण किस तरह के होंगे। अफेजिया व्यक्ति की निम्नलिखित क्षमताओं को प्रभावित करता है:- बोलने की क्षमता,समझ-बूझ की क्षमता,पढ़ना-लिखना,अर्थपूर्ण या भावपूर्ण संवाद जिसमें शब्दों और वाक्यों का उपयोग करना शामिल है। अफेजिया का कारण:- हमारे ब्रेन का वह हिस्सा जो भाषा यानी लैंग्वेज को कंट्रोल करता है उस हिस्से के एक या अधिक क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाने के कारण वाचाघात या अफेजिया की समस्या होती है। जब ब्रेन को किसी भी तरह की क्षति पहुंचती है, तो इन क्षेत्रों में खून की आपूर्ति बाधित हो सकती है। खून की आपूर्ति बाधित होने के कारण ऑक्सीजन और पोषक तत्व ब्रेन के इस हिस्से को नहीं मिल पाते हैं जिस कारण यहां मौजूद कोशिकाएं मरने लगती हैं। वाचाघात इन कारणों से हो सकता है:- ब्रेन ट्यूमर,ब्रेन इंफेक्शन,डिमेंशिया या कोई और तंत्रिका संबंधी विकार,अपकर्षक या डीजेनेरेटिव बीमारी,सिर में लगी कोई चोट। अफेजिया का इलाज:- अगर ब्रेन को होने वाली क्षति माइल्ड है तो बिना किसी इलाज के भी व्यक्ति की लैंग्वेज स्किल्स को रिकवर किया जा सकता है। हालांकि अफेजिया से पीड़ित ज्यादातर लोगों को डॉक्टर स्पीच और लैंग्वेज थेरेपी की सलाह देते हैं ताकि उनकी बोलने की क्षमता और संचार अनुभवों को दोबारा स्थापित किया जा सके। किसी भी तरह की ब्रेन इंजूरी के बाद इस थेरेपी को जितनी जल्दी हो शुरू कर देना चाहिए। मौजूदा समय में अनुसंधानकर्ता अफेजिया से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए दवाओं के उपयोग करने की जांच कर रहे हैं, फिर चाहे दवा का अकेले इस्तेमाल हो या फिर स्पीच थेरेपी के साथ मिलाकर इसके अलावा ट्रीटमेंट प्लान में ये चीजें भी शामिल होती हैं:- अपने संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए व्यायाम करना। अपने संचार कौशल का अभ्यास करने के लिए समूह में काम करना। वास्तविक जीवन की स्थिति में संचार कौशल का परीक्षण करना। संचार के अन्य माध्यम जैसे- इशारे, चित्र और कंप्यूटर की मदद से होने वाले संचार जैसी चीजों को इस्तेमाल करना सीखना। शब्दों और ध्वनियों को दोबारा सीखने के लिए कंप्यूटर का उपयोग करना। यह जानकारी जन हिट के लिए प्रकाशित की गई है। इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत योग्य डाक्टर से चिकित्सा परामर्श ले। {आभार}






