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- अति आत्मविश्वास भाजपा को ले डूबा...मुखपत्र 'सामना' से शिवसेना ने चलाया तीर...
Posted by : achhiduniya
06 December 2020
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है कि विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव परिणाम दिखाते हैं कि अति आत्मविश्वास से भरी भाजपा का आधार राज्य में खो रहा है। शिवसेना ने कहा कि भाजपा के लिए सबसे अधिक चौंकाने वाला परिणाम नागपुर स्नातक सीट से आया है, जहां उसका पांच दशक से अधिक समय तक कब्जा रहा। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा, सबसे
झकझोरने वाला परिणाम नागपुर का आया है। विगत पांच दशक से नागपुर स्नातक निर्वाचन संघ पर भारतीय जनता पार्टी ही विजयी होती रही है। नितिन गडकरी ने नागपुर के स्नातकों का लगभग 25 वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया। आगे लिखा कि गडकरी से पहले विधान परिषद में नागपुर के स्नातकों का प्रतिनिधित्व एक अत्यंत ईमानदार, मेहनती संघ नेता गंगाधर पंत फडणवीस करते थे। जिनके सुपुत्र देवेंद्र फडणवीस हैं। शिवसेना ने कहा,संघ का मुख्यालय नागपुर में ही है। परंतु संघ की विचारधारा वाले लोगों का संगठन मजबूत होने के बावजूद नागपुर के महापौर संदीप जोशी को पराजय स्वीकार करनी पड़ी। कहा गया है कि विधानसभा चुनाव में ही भाजपा की नींव हिलनी शुरू हो गई थी। अमरावती शिक्षक निर्वाचन सीट पर भी भाजपा परास्त हुई है। उन्होंने लिखा, धुले-नंदुरबार विधान परिषद की सीट कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अमरीश पटेल ने जीत ली,लेकिन यह पटेल की व्यक्तिगत जीत है, ना कि भाजपा की। सामना के अनुसार पुणे की स्नातक सीट भी भाजपा का गढ़ रही है, जहां से पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर विधान परिषद सदस्य होते थे। उसने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील पुणे स्नातक निर्वाचन संघ का नेतृत्व करते थे। इस दौरान ही वह महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री, प्रदेशाध्यक्ष बने, लेकिन अब उनके ही नेतृत्व में पुणे का स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भाजपा ने गंवा दिया। शिवसेना ने कहा, भाजपा को अत्याधिक आत्मविश्वास था। उसे लगता था कि उसे किसी की जरूरत नहीं है और अपने दम पर जीत सकती है। अच्छा है कि वह हार गयी। पार्टी ने कहा, महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने मिलकर सभी सीटों पर अच्छी तरह से चुनाव लड़ा और एक दूसरे के लिए काम किया। शिवसेना ने कहा कि नागपुर में कांग्रेस के सभी घटक और प्रतिद्वंद्वी साथ में आए और मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़े। उसने कहा,अगर ऐसा हो सकता है तो नागपुर की जीत जैसा चमत्कार भी हो सकता है।


