- Back to Home »
- Discussion »
- कृषि कानून बनाने की पैरवी करने वाले पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार आज खुद ही इसके विरोध में खड़े...जाने पड़दे के पीछे की सच्चाई..?
कृषि कानून बनाने की पैरवी करने वाले पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार आज खुद ही इसके विरोध में खड़े...जाने पड़दे के पीछे की सच्चाई..?
थी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को लिखा गया उनका एक पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वहीं एनसीपी ने इस चिट्ठी को लेकर सफाई दी है। पार्टी की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि मॉडल एपीएमसी कानून (APMC ACT 2003) पूर्व की वाजपेयी सरकार द्वारा लाया गया था, लेकिन कई राज्य उस वक्त इसे लेकर अनिच्छुक थे। ऐसे में बतौर कृषि मंत्री पवार ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड से सुझाव मंगाकर उनके बीच इस कानून पर एक आम सहमति बनाने की कोशिश थी। पार्टी ने इसके साथ ही कहा कि विभिन्न राज्य सरकारों को APMC एक्ट से किसानों को होने वाले फायदे बताए गए थे, जिसके बाद कई राज्यों ने आगे बढ़कर इसे लागू किया था। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा टीवी के पूर्व सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल ने अपने ट्विटर पेज पर शरद पवार का पत्र शेयर करते हुए तब और अब के उनके रुख को समझाया है। उन्होंने लिखा है, आज पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार का 2010 में मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र सोशल मीडिया में जारी हुआ है, जिसमें वे APMC में सुधार की वकालत कर रहे



