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- मुट्ठी भर उद्योगपति का मुनाफ़ा सुनिश्चित करना ही मोदी सरकार का मुख्य एजेंडा बनकर रह गया है...सोनिया गांधी ने किया केंद्र सरकार पर वार...
मुट्ठी भर उद्योगपति का मुनाफ़ा सुनिश्चित करना ही मोदी सरकार का मुख्य एजेंडा बनकर रह गया है...सोनिया गांधी ने किया केंद्र सरकार पर वार...
Posted by : achhiduniya
03 January 2021
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार ऐसी ‘अहंकारी’ सरकार सत्ता में आई है। जिसे
अन्नदाताओं की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने नए कृषि कानूनों को बिना शर्त
फौरन वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों नए कृषि कानून खेती और किसानों को
बर्बाद कर देंगे। कांग्रेस इन कानूनों के खिलाफ किसानों के
आंदोलन का भी समर्थन कर रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद दिल्ली से लगी सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान एक महीने से अधिक समय से इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर किसान पंजाब और हरियाणा से हैं। सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर कहा, लोकतंत्र में जनभावनाओं की उपेक्षा करने वाली सरकारें और उनके नेता लंबे समय तक शासन नहीं कर सकते। अब यह बिल्कुल साफ़ है कि मौजूदा केंद्र सरकार की थकाओ और भगाओ की नीति के
सामने आंदोलनकारी धरती पुत्र किसान मजदूर घुटने टेकने वाले नहीं हैं। सोनिया ने कहा,अब भी समय है कि मोदी सरकार सत्ता के अहंकार को छोड़कर तत्काल बिना शर्त तीनों काले क़ानून वापस ले और ठंड-बारिश में दम तोड़ रहे किसानों का आंदोलन समाप्त कराए। यही राजधर्म है और दिवंगत किसानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को यह याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र का अर्थ ही जनता और किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा,हाड़ कंपा देने वाली ठंड और बारिश के बावजूद दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मांगों के समर्थन में 39 दिनों से संघर्ष कर रहे अन्नदाताओं की हालत देखकर देशवासियों सहित मेरा मन भी बहुत व्यथित है। आंदोलन को लेकर सरकार की बेरुख़ी के चलते अब तक 50 से अधिक किसान जान गँवा चुके हैं। कुछ ने तो सरकार की उपेक्षा के चलते आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लिया पर बेरहम मोदी सरकार का न तो दिल पसीजा और न ही आज तक प्रधानमंत्री या किसी भी
मंत्री के मुंह से सांत्वना का एक शब्द निकला। सोनिया ने कहा,मैं सभी दिवंगत किसान भाईयों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु से उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं। आज़ादी के बाद देश में यह पहली ऐसी अहंकारी सरकार सत्ता में आई है जिसे देश का पेट भरने वाले अन्नदाताओं की पीड़ा और संघर्ष भी दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगता है कि मुट्ठी भर उद्योगपति का मुनाफ़ा सुनिश्चित करना ही इस सरकार का मुख्य एजेंडा बनकर रह गया है।



