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- वैक्सीन के दुष्परिणाम पर कंपनी देगी हर्जाना..भारत बायोटेक का ऐलान
Posted by : achhiduniya
19 January 2021
स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन को भारत के औषधि
नियामक ने आपात उपयोग की अनुमति दी थी। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 81
केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को वैक्सीन की
खुराक देने का अभियान शुरू हुआ। इनमें से 75 केंद्रों पर ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड
और बाकी छह केंद्रों पर कोवैक्सीन की खुराक दी जा रही है। कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम के पहले दिन 1.91 लोगों
को कोरोना का टीका लगाया गया। इस बीच भारत बायोटेक ने ऐलान किया है कि कोवैक्सीन
लगाए जाने के बाद दुष्परिणाम (साइड इफैक्ट) सामने आने पर कंपनी मुआवजा देगी। भारत
सरकार ने भारत बायोटेक से कोरोना वैक्सीन की 55 लाख
डोज खरीदने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि वैक्सीन दिए जाने वाले शख्स को एक सहमति
पत्र पर हस्ताक्षर भी करना होगा। कंपनी का कहना है कि किसी अनहोनी की स्थिति में
कंपनी की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा। भारत बायोटेक ने कहा कि कोवैक्सीन के लगाए
जाने पर किसी लाभार्थी को कोई स्वास्थ्य समस्या होती है तो सरकारी अस्पताल में
देखरेख की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में कोवैक्सीन ने
एंटीडोट्स उत्तपन करने की क्षमता देखी गई थी। वैक्सीन बना रही कंपनी की तरफ से कहा
गया कि वैक्सीन की क्लीनिकल क्षमता के बारे में अब भी बताया जाना शेष है। तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों का अध्य्यन
किया जा रहा है। फॉर्म
में कहा गया है कि वैक्सीन की खुराक लगने का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद कोविड-19 से बचाव के लिए निर्धारित अन्य मानकों का पालन करना बंद कर
दिया जाए। इसके साथ ही वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं को एक फैक्टशीट भी दी गई और एक
फॉर्म दिया गया जिसे पीड़ित को प्रतिकूल प्रभावों के सामने आने के सात दिन के अंदर
जमा करना होगा।



