- Back to Home »
- Discussion »
- किसान आंदोलन पर पीएम मोदी का राज्यसभा अभिभाषण जाने क्यू है खास...?
Posted by : achhiduniya
08 February 2021
पीएम मोदी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा, हमें एक बार देखना चाहिए कि
कृषि परिवर्तन से बदलाव होता है कि नहीं। कोई कमी हो तो उसे ठीक करेंगे, कोई ढिलाई हो तो उसे कसेंगे। मैं विश्वास दिलाता हूं कि मंडियां
और अधिक आधुनिक बनेंगी। एमएसपी है, एसएसपी
था और एमएसपी रहेगा। पीएम मोदी ने कहा, पहली
बार हमने किसान रेल की कल्पना की। छोटा किसान जिसका सामान बिकता नहीं था। आज गांव का छोटा किसान किसान
रेल के माध्यम से मुंबई के बाजार में अपना सामान बेचने लगा, इससे छोटे किसान को फायदा हो रहा है। किसान उड़ान के द्वारा हवाई जहाज से जैसे हमारे नार्थ ईस्ट की कितनी
बढ़िया-बढ़िया चीजें जो ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अभाव में वहां का किसान लाभ नहीं
उठा पाता था,
आज उसे किसान उड़ान योजना का लाभ मिल रहा है। पीएम
मोदी ने कहा,
पीएम किसान सम्मान निधि योजना से सीधे किसान के
खाते में मदद पहुंच रही है। 10 करोड़ ऐसे किसान परिवार हैं
जिनको इसका लाभ मिल गया। अब तक 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये उनके खाते में भेजे गये हैं। इसमें अधिकतर
छोटे किसान हैं। अगर बंगाल में राजनीति आड़े नहीं आती, तो ये आंकड़ा उससे भी ज्यादा होता। 2014 के बाद हमने कुछ परिवर्तन किया, हमने
फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ा दिया ताकि किसान, छोटा
किसान भी उसका फायदा ले सके। पिछले 4-5 साल
में फसल बीमा योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये के क्लेम
किसानों को दिए गए है। इस सदन की पवित्रता समझे हम। जिन 80 करोड़ लोगों को सस्ते में राशन दिया जाता है वो भी लगातार
रहेगा। पीएम मोदी ने कहा, सदन में किसान आंदोलन की भरपूर
चर्चा हुई है। ज्यादा से ज्यादा समय जो बात बताई गईं वो आंदोलन के संबंध में बताई
गई। किस बात को लेकर आंदोलन है उस पर सब मौन रहे। जो मूलभूत बात है, अच्छा होता कि उस पर भी चर्चा होती। खेती की मूलभूत समस्या क्या
है, उसकी जड़ कहां है। मैं आज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण जी की
बात बताना चाहता हूं। वो छोटे किसानों की दयनीय स्थिति पर हमेशा चिंता करते थे।
पहले की सरकारों की सोच में छोटा किसान था क्या? जब हम
चुनाव आते ही एक कार्यक्रम करते हैं कर्जमाफी, ये वोट
का कार्यक्रम है या कर्जमाफी का ये हिन्दुस्तान का नागरिक भली भांति जानता है।
लेकिन जब कर्जमाफी करते हैं तो छोटा किसान उससे वंचित रहता है, उसके नसीब में कुछ नहीं आता है। पहले की फसल बीमा योजना भी छोटे
किसानों को नसीब ही नहीं होती थी। यूरिया के लिए भी छोटे किसानों को रात-रात भर
लाइन में खड़े रहना पड़ता था, उस पर डंडे चलते थे। पीएम मोदी ने कहा, दुर्भाग्य है कि जाने-अनजाने में हमने नेताजी की भावना को, उनके आदर्शों को भुला दिया है। उसका परिणाम है कि आज हम ही, खुद को कोसने लगे हैं। हमने अपनी युवा पीढ़ी को सिखाया नहीं कि
ये देश लोकतंत्र की जननी है। हमें ये बात नई पीढ़ी को सिखानी है। चुनौतियां तो
हैं। लेकिन हमें तय करना है कि हम समस्या का हिस्सा बनना चाहते हैं या समाधान का
माध्यम बनना चाहते हैं। जल, थज, नभ, अंतरिक्ष भारत हर क्षेत्र में
अपनी रक्षा के लिए अपने सामर्थ्य के साथ खड़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक हो या एयर स्ट्राइक भारत की कैपेबिलिटी को दुनिया ने देखा है। पीएम मोदी ने कहा, कोरोना की लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, किसी व्यक्ति को नहीं जाता है।
लेकिन हिंदुस्तान को तो जाता है। गर्व करने में क्या जाता है? विश्व के सामने आत्मविश्वास से बोलने में क्या जाता है? भारत के लिए दुनिया ने बहुत आशंकाएं जतायी थीं। विश्व बहुत
चिंतित था कि अगर कोरोना की इस महामारी में अगर भारत अपने आप को संभाल नहीं पाया
तो न सिर्फ भारत पूरी मानव जाति के लिए इतना बड़ा संकट आ जाएगा, ये आशंकाएं सभी ने जताई।






