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- NEET फेल भी BDS यानी दांतों के डॉक्टर बन सकते हैं....जाने सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय
Posted by : achhiduniya
10 February 2021
वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय लिया गया था कि जो
अभ्यर्थी नीट {NEET} की परीक्षा में 50 फीसदी से ऊपर नंबर लाएंगे, सिर्फ उनको ही एमबीबीएस {MBBS} और
बीडीएस {BDS}
में प्रवेश मिल सकेगा। 50 परसेंटाइल से कम स्कोर
करने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी कोटे के तहत मेडिकल में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस फैसले
की वजह से देश में बीडीएस {BDS} की 7000
सीट खाली पड़ी हैं, जिनको भरने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपना नया
निर्णय दिया है। अब नीट फेल छात्र भी बीडीएस में एडमिशन ले सकते हैं। सुप्रीम
कोर्ट के फैसले के बाद अब NEET के एग्जाम में नाकाम अभ्यर्थी
बीडीएस (BDS)
यानी दांतों का डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल फील्ड में दाखिला ले सकते
हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के मुताबिक, मेडिकल
बीडीएस के पाठ्यक्रम में अब नीट फेल भी एडमिशन ले सकते हैं। इस फैसले के पीछे वजह
यह है कि देशभर के कई मेडिकल कॉलेज में बीडीएस की सीटें खाली पड़ी हैं। अब सुप्रीम
कोर्ट के निर्णय से वे सीटें भरी जाएंगी और छात्रों का भी साल बर्बाद होने से बच
जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब NEET में फेल
होने वाले छात्रों को भी मेडिकल की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।


