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शारदा चिटफंड घोटाले व बेटे पर रेप केस के आरोपो से दागदार मिथुन चक्रवर्ती क्या बीजेपी की चमका पाएंगे राजनीति....?
Posted by : achhiduniya
17 March 2021
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के साथ ही मिथुन एक बार फिर से लाइमलाइट में आ गए। बीजेपी के मंच पर उन्होंने खुद को कोबरा सांप करार दिया,लेकिन मिथुन से जुड़े कुछ पुराने विवाद उन्हें ही डंसते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है की उत्तर प्रदेश में एक समय बीजेपी के सहयोगी रहे ओमप्रकाश राजभर ने मिथुन के बीजेपी में
शामिल होने को लेकर बयान दिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और विधायक राजभर ने एक बयान में कहा कि मिथुन के बेटे पर रेप का आरोप है और इसी को लेकर बीजेपी की तरफ से दबाव के बाद वह पार्टी में शामिल हुए। विपक्षी नेता भी कहीं गुपचुप, तो कहीं खुलेआम मिथुन पर बेटे के रेप केस और खुद पर चिटफंड घोटाले के आरोपों के मद्देनजर बीजेपी में शामिल होने की बात कह रहे हैं। मिथुन के बेटे महाअक्षय उर्फ मिमोह चक्रवर्ती पर लगा यह आरोप पिछले साल अक्टूबर महीने का है। मुंबई में एक टीवी एक्ट्रेस ने मिमोह पर शादी का झांसा देकर तीन साल तक यौन उत्पीड़न करते रहने का आरोप लगाया था। ओशिवारा थाने में दर्ज हुई शिकायत में मिमोह की मां और मिथुन की पत्नी योगिता बाली का नाम भी शामिल था। इस आरोप की वजह से मिमोह की मदालसा शर्मा के साथ शादी टूटने का भी खतरा बन गया था। शिकायत के अनुसार पीड़िता और मिमोह साल 2015 से रिलेशनशिप में थे। मिमोह ने उनसे शादी करने का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए थे। मिमोह ने एक्ट्रेस को अपने घर मिलने के लिए बुलाया और उसे सॉफ्ट ड्रिंक में नशीली दवा दी थी। इसके बाद उन्होंने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि मिमोह शादी का झांसा देकर 3 साल तक संबंध बनाते रहे। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंट होने पर पिल्स देकर अबॉर्शन भी करवा दिया। मिथुन खुद से जुड़े एक मामले को लेकर भी विपक्षी दलों के निशाने पर हैं। मिथुन कभी सीपीएम के करीबी थे और फिर ममता के शासनकाल में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह 2014 में टीएमसी के राज्यसभा सांसद भी बने। हालांकि 2016 में शारदा चिटफंड घोटाले में नाम सामने आने के बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। मिथुन शारदा कंपनी में ब्रैंड एंबैसडर थे। प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे घोटाले को लेकर कई बार पूछताछ भी की है। बाद में मिथुन ने कंपनी को करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये की रकम भी लौटा दी थी। इसके बाद मिथुन ने अनिश्चितकाल के लिए राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी। अब एक बार फिर बीजेपी में शामिल होने वाले मिथुन चक्रवर्ती क्या बीजेपी की चमका पाएंगे राजनीति यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा।



