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- टीकाकरण के बाद 94% लोगो को अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम...
Posted by : achhiduniya
29 April 2021
यूके में बुधवार को जारी एक अध्ययन में पाया गया कि Pfizer-BioNTech या Oxford-AstraZeneca वैक्सीन की एक खुराक से कोरोनो वायरस का ट्रांसमिशन लगभग 50% तक
कम हो सकता है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के शोधकर्ताओं ने कहा कि टीकाकरण के लगभग दो
सप्ताह बाद सुरक्षा देखी गई है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के अध्ययन में पाया गया है
कि वैक्सीन की एक खुराक लेने के तीन
सप्ताह बाद कोरोनो वायरस से संक्रमित होने
वाले लोग, वैक्सीन न लेने वाले लोगों की तुलना में अपने कॉन्टैक्ट में आए
लोगों में 38 से 49% कोरोना के इंफेक्शन को कम ट्रांसफर कर रहे थे। यह अध्ययन
24,000 परिवारों के 57,000 लोगों पर किया गया। जिन्हें टीकाकरण वाले व्यक्ति के संपर्क में माना
गया था। वैक्सीन लगवाने के बाद कोविड-19 से संक्रमित लोगों में हॉस्पिटल में भर्ती
होने और मौत का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। बुधवार को जारी फेडरल स्टडी में इस
बात का दावा किया गया है कि
कोरोनो वायरस महामारी से लड़ने के लिए Pfizer-BioNTech और Moderna टीके, जो कोरोना संक्रमितों को दिए
जा रहे हैं वे काफी प्रभावशाली यानी असरदार हैं। स्टडी में ये भी सामने आया है कि
वृद्ध वयस्क,
जिनमें बीमारी होने और मौत का खतरा अधिक होता है, उनमें ये टीका लगवाने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना
भी काफी कम हो गई। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा कि ये आश्चर्य की
बात नहीं है,
कोरोना वैक्सीन के परिणाम इस बात का यकीन दिला
रहे हैं, क्योंकि इनसे अमेरिका में वास्तविक सबूत मिले हैं कि दोनों टीके
कोविड-19 की गंभीर बीमारी को रोकने में काफी मददगार
साबित हुए हैं, जैसे वे अपने क्लिनिकल ट्रायल में हुए थे। CDC के अनुसार, स्टडी में पाया गया कि पूरी
तरह से टीकाकरण किए गए 65 और उससे अधिक उम्र के लोगों में कोविड-19 से संक्रमित
होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना उन लोगों के तुलना में 94 फीसदी कम
थी, जिनको टीका नहीं लगा है। वहीं जिन लोगों को आंशिक रूप से टीका लगाया गया था। उनमें टीका न लगवाने वालों की
तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 64% कम देखी गई। गंभीर बीमारी का
जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है और ज्यादा उम्र वाले लोगों में बीमारी का अधिक खतरा
होता है, इसलिए सीडीसी ने उन्हें टीकाकरण के लिए प्राथमिकता दी।



