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12 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यबल {टास्क फोर्स गठन} की नियुक्ती मोदी सरकार की नाकामयाबी को उजागर करती..शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला
Posted by : achhiduniya
10 May 2021
शिवसेना के मुखपत्र सामना ने संपादकीय में कहा कि शीर्ष न्यायालय द्वारा
गठित पैनल के जरिए अब देश में ढह चुके स्वास्थ्य प्रणाली में नई जान आएगी। संपादकीय
में शिवसेना ने कहा,अब सुप्रीम कोर्ट ने कदम उठाया है,
लेकिन देश पर शासन करने वाले अभी भी राजनीति में उलझे हुए हैं। वे
लोग असम के लिए मुख्यमंत्री चुनने में व्यस्त हैं। भले ही ममता बनर्जी ने बंगाल
चुनाव जीत लिया हो,लेकिन वे लोग इस बात के लिए समय निकालने
में व्यस्त हैं कि उन्हें अपनी सरकार चलाने से कैसे रोका जाए। ऐसे में उन लोगों
का क्या होगा जो इस वक्त मौत के मुंह में समा रहे हैं? उन लोगों की हिफाजत कौन करेगा? अब सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में विशेषज्ञों के 12 सदस्यीय कार्यबल को नियुक्त किया है। अब यह देश के बर्बाद हो चुके स्वास्थ्य ढांचों में सांस फूंकने का काम करेगी। मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रबंधन की योजना में कमी को लेकर केंद्र की आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा, दिल्ली में जो हालात हैं, उसी तरह से देश के दूसरे हिस्सों में भी संकट काफी बुरा है। देश ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के प्रबंधन को लेकर कोई भी योजना की रूपरेखा तैयार नहीं की
अब 12 सदस्यीय कार्यबल द्वारा दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे। दूसरे देशों से ऑक्सीजन मिलने के बावजूद देश में हालात जस के तस हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसा राज्यों में मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 के मरीजों की जान बचाने और जनस्वास्थ्य व्यवस्था की मदद के लिए ऑक्सीजन के आवंटन पर कार्यप्रणाली तैयार करने के संबंध में शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञों के 12 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यबल का गठन किया है। कार्यबल
के सदस्यों में पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. भाबतोश बिस्वास, सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली के प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र सिंह राणा, नारायण हेल्थकेयर के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक डॉ देवी प्रसाद शेट्टी, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लौर की प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कांग और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लौर के निदेशक डॉ जे वी पीटर समेत अन्य विशेषज्ञ हैं। न्यायालय के निर्देश के मुताबिक टीम में कुछ और विशेषज्ञ शामिल किए जा सकते हैं।



