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- भारत के 6 पर्यटन क्षेत्र यूनेस्को की वल्र्ड हैरिटेज में शामिल...
Posted by : achhiduniya
20 May 2021
केन्द्रीय पुरातत्व विभाग ने यूनेस्को से जारी की गई सूची को
अधिकृत तौर पर जारी किया। मप्र के दो महत्वपूर्ण स्थानों को वल्र्ड हैरिटेज की
सूची में जगह मिलने पर केन्द्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बयान जारी
करते हुए कहा कि एएसआई ने यूनेस्को में देश के 9 स्थानों की दावेदारी पेश की थी, जिनमें से 6 को वल्र्ड हैरिटेज की सूची में जगह मिलना बड़ी
उपलब्धि है। श्री पटेल के अनुसार वे मप्र से हैं और माँ नर्मदा के प्रति उनकी गहरी
आस्था है, इसलिए मप्र के भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को सूची में जगह मिलना प्रदेशवासियों के साथ उनके लिए भी गौरव की बात है। यूनेस्को
की वल्र्ड हैरिटेज साइट की संभावित सूची में भारत के 6 पर्यटन केन्द्रों को
चुना गया है। इनमें महाराष्ट्र का मराठा मिलिट्री आर्टिकल्चर, वाराणसी का गंगाघाट रिवर फ्रंट, दक्षिण
भारत के कांचीपुरम के मंदिर, कर्नाटक का हायर बेंकल
महापाषाण स्थल, मैथालिथिक साइट, नर्मदाघाटी
पर बसे मप्र के भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को ने अपनी
संभावित सूची में शामिल किया है। इनमें मप्र के भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट और सतपुड़ा
टाइगर रिजर्व में नैसर्गिक सुंदरता के सारे मापदंड पूरे होने के कारण यूनेस्को ने
वल्र्ड हैरिटेज की संभावित सूची में विशेष स्थान दिया है। भेड़ाघाट व लम्हेटा में
मौजूद करोड़ों वर्ष पुरानी चट्टानों, संगमरमर
की अलग तरह की चट्टानों व पहाड़ और इनके बीच से प्रवाहित हो रही नर्मदा के अप्रतिम
सौंदर्य को अद्वितीय माना गया है। यह जबलपुर के लिए बड़ी सौगात है। जून के दूसरे
सप्ताह में चीन में आयोजित बैठक में यूनेस्को द्वारा वल्र्ड हैरिटेज में शामिल
होने वाले पर्यटन स्थलों की अधिकृत घोषणा की जाएगी। जानकारों के अनुसार वल्र्ड
हैरिटेज के लिए यूनेस्को की सूची में शामिल होने वाले पर्यटन स्थलों में से
प्राकृतिक सौंदर्यता के भी अलग-अलग मापदंड होते हैं, जिनमें
मानव निर्मित जगहों से ज्यादा एक ही स्थान पर पुरातात्विक, नदी, पहाड़, जंगल जैसी सभी चीजों के शामिल होने पर वरीयता दी जाती है। इसलिए
जबलपुर के भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।



