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- ब्लैक फंगस या म्यूकोर माइकोसिस क्या है..? जाने डाक्टर्स की जुबानी..
Posted by : achhiduniya
12 May 2021
ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस में मरीज की आंख की रोशनी जा
सकती है। उनके जबड़े और नाक की हड्डी गल सकती है। यही नहीं अगर समय से इलाज नहीं
मिला तो उसकी मौत भी हो सकती है। पारस हॉस्पिटल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. अमिताभ
मलिक ने बताया कि यह कोरोना का नया रूप नहीं है, बल्कि
यह बीमारी पहले भी लोगों को थी,लेकिन अब कई राज्यों में वायरस से ठीक हो चुके मरीजों में यह परेशानी
देखने को मिल रही है। ऐसे में डायबिटीज वाले मरीजों को इसका सबसे अधिक खतरा है।
कैंसर के मरीजों को इस दौरान संभल कर रहना होगा। साथ ही जिन लोगों की रोग
प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा
रहता है। नारायणा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डॉ. सतीश कौल ने बताया कि बहुत
मामलों में संक्रमण के बाद एंटी बायोटिक और स्टेरॉयड के अत्यधिक सेवन के कारण
ब्लैक फंगस पनप रहा है। साथ ही डायबिटीज के मरीजों में इसका अतिरिक्त खतरा देखा
गया है। ऐसे में कोविड का इलाज कर रहे अनुभवी डॉक्टरों से लिखवाकर उचित मात्रा में दवा लें। बिना परामर्श के कोई दवा न लें। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल इंटरनल मेडिसिन
डॉ. मंजीता नाथ दास का कहना है कि गुड़गांव में अभी तक कोई केस नहीं मिला है। यह एक
अवसरवादी फंगल इन्फेक्शन होता है। यह कान और नाक को प्रभावित करता है। यह आस-पास
की हड्डियों पर हमला करता है और गंभीर स्थिति पैदा करता है। कोविड से पीड़ित मरीज
को हम लंबे समय तक स्टेरॉयड देते हैं। ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर को दिखाएं:- नाक में जलन, त्वचा में लालपन, आंखों में सूजन, आंख और
नाक के नीचे लाल-काले धब्बे, दर्द, बुखार, खांसी, सिर दर्द, सांस लेने में दिक्कत, देखने में दिक्कत, छाती
में दर्द की समस्या हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने से यह दिमाग तक जाता है। इस
तरह के लक्षण होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।



