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- रामदेव मामले में हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को लगाई फटकार जाने पूरा मामला...?
Posted by : achhiduniya
03 June 2021
दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की संस्था {दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन -DMA} के इस आग्रह को ठुकरा दिया कि बाबा रामदेव को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष
रूप से इस तरह की आपत्तिजनक बात कहने से रोका जाए। डॉक्टरों की इस संस्था ने
रामदेव के बिना शर्त माफी पर एक रुपये के सांकेतिक मुआवजे की मांग की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसोसिएशन को मुकदमे की
बजाय याचिका दायर करने को कहा है। बहस के बीच कोर्ट ने DMA से कहा, आप लोगों को कोर्ट का समय
बर्बाद करने के बजाय महामारी का इलाज करने में समय लगाना चाहिए, लेकिन DMA ने बयानों को लेकर सख्त ऐतराज जताया। उनकी ओर से कहा गया, बाबा रामदेव की टिप्पणियां DMA के सदस्यों को प्रभावित कर रही हैं। वे डॉक्टरों का नाम ले
रहे हैं, वे कह रहे हैं कि यह एलोपैथी साइंस फर्जी है। रामदेव जीरो परसेंट
डेथ रेट की बात कहते हुए गलत तरीके से कोरोनिल को कोविड के इलाज के तौर पर
प्रचारित कर रहे हैं। यहां तक कि सरकार ने भी उनसे इसका विज्ञापन नहीं करने को कहा
था,लेकिन इस बीच में उन्होंने 250 करोड़ रुपये कीमत की कोरोनिल की बिक्री की है। इस पर कोर्ट ने
कहा, कल को हमें लग सकता है कि होम्योपैथी फर्जी/नकली है। यह केवल
राय है इसके खिलाफ केस कैसे किया जा सकता है? यदि हम यह मान भी लें कि वह जो कह
रहे हैं वह गलत और भ्रामक है तो भी लोकहित में इस तरह से मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता। ऐसे में
जनहित याचिका होनी चाहिए। कोर्ट
ने कहा कि यदि पतंजलि नियमों का उल्लंघन कर रही है तो इस पर सरकार को कार्रवाई
करनी है, आप मशाल लेकर क्यों
चल रहे हैं। यह मुकदमा नहीं जनहित याचिका है। बेहतर होगा कि आप जनहित याचिका फाइल
करें। कोर्ट ने रामदेव के बयान की वीडियो क्लिप के बजाय वेब लिंक देने को लेकर भी DMA पर सवाल उठाया।


