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- प्राइवेट हाथों में होगी इन बैंको की कमान...
Posted by : achhiduniya
08 June 2021
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का बजट पेश करते समय सार्वजनिक
क्षेत्र के दो बैंकों तथा एक साधारण बीमा कंपनी के निजीकरण का प्रस्ताव किया था। प्राइवेटलाइजेशन
{निजीकरण} से पहले ये बैंक
अपने कर्मचारियों के लिए आकर्षक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना {VRS} ला सकते हैं। आकर्षक VRS योजना से निजी क्षेत्र द्वारा
इन बैंकों का अधिग्रहण काफी सुगम हो जाएगा।
VRS के
जरिये कर्मचारियों को जबरन बाहर करने का मकसद नहीं है, बल्कि इसके जरिये उन कर्मचारियों को इसका फायदा होगा जो पहले
सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं। उन्हें इसके लिए आकर्षक वित्तीय पैकेज मिल सकेगा। नीति आयोग को निजीकरण के लिए
बैंको की पहचान का काम सौंपा गया था। आयोग ने कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की अगुवाई
वाली उच्चस्तरीय समिति को ये नाम सौंप दिए हैं। विनिवेश पर गठित सचिवों के मुख्य
समूह द्वारा संभवत: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन
ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया कुछ नाम
हैं जिनके निजीकरण पर विचार किया जा सकता है। इस उच्चस्तरीय समिति के अन्य सदस्यों
में आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, कॉरपोरेट मामलों के सचिव, विधि मामलों के सचिव, लोक
उपक्रम विभाग के सचिव, निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन
विभाग के सचिव और प्रशासनिक विभाग के सचिव शामिल हैं।


