- Back to Home »
- Politics »
- BSP-SAD का गठबंधन BJP के लिए बन सकती है आगामी विधानसभा चुनाव में चुनौती...
Posted by : achhiduniya
12 June 2021
शिरोमणि अकाली दल{SAD} ने पिछले
साल सितंबर में तीन कृषि विधेयकों को लेकर एनडीए से नाता तोड़ लिया था। जैसे ही
बिल लोकसभा में पेश किए गए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
मंत्रिमंडल में एकमात्र अकाली मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया। इस
घटनाक्रम के एक हफ्ते बाद सुखबीर बादल ने कृषि विधेयकों को घातक और विनाशकारी
बताते हुए और एनडीए का साथ छोड़ने की घोषणा की थी। NDA से अलग होकर सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाली पार्टी का लक्ष्य
पिछले साल सितंबर में भाजपा से अलग होने के बाद कई सीटों के अंतर को भरना है।
शिरोमणि अकाली दल{SAD} ने केंद्र के विवादास्पद कृषि विधेयकों को लेकर
पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ लिया था। पंजाब में अगले साल 2022 में होने वाले
विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल{SAD} व बहुजन
समाज पार्टी{BSP}
ने गठबंधन कर लिया है। शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह
बादल ने आज इस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा की है। इस गठबंधन के साथ राज्य में आगामी
विधानसभा चुनाव में बसपा 20 सीटों पर और अकाली दल 97 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
गठबंधन की घोषणा करते हुए शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इसे पंजाब की राजनीति
में नया सवेरा बताया। बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा की उपस्थिति में उन्होंने
कहा,आज ऐतिहासिक दिन है। पंजाब की राजनीति की बड़ी घटना है।
उन्होंने कहा कि शिअद और बसपा साथ मिलकर 2022 विधानसभा चुनाव और अन्य चुनाव
लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मायावती नीत बसपा पंजाब के 117 विधानसभा सीटों में से 20
पर चुनाव लड़ेगी, बाकी सीटें शिअद के हिस्से में आएंगी। बसपा के
हिस्से में जालंधर का करतारपुर साहिब, जालंधर
पश्चिम, जालंधर उत्तर, फगवाड़ा, होशियारपुर सदर, दासुया, रुपनगर जिले में चमकौर साहिब, पठानकोट
जिले में बस्सी पठाना, सुजानपुर, अमृतसर उत्तर और अमृतसर मध्य आदि सीटें आयी हैं। इससे पहले दोनों दलों ने 1996 के विधानसभा
चुनाव में एक साथ चुनाव लड़ा था,लेकिन
यह गठबंधन एक साल ही चला और अकाली दल 1997 में बीजेपी के साथ आ गया था। अकाली दल
और बसपा 1996 के लोकसभा चुनाव के 27 साल बाद हाथ मिला रहे हैं। बता दें कि 1996 के
लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के गठबंधन ने पंजाब की 13 में से 11 सीटों पर
जीत हासिल की थी। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा ने




