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सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत नही, मामूली खांसी- जुखाम है कोरोना WHO ने मानी गलती...जाने PIB की फैक्ट चेक हकीकत
Posted by : achhiduniya
02 June 2021
विश्व स्वास्थ्य संगठन {WHO} ने अपनी
गलती मानते हुए यू-टर्न लिया और कोरोना वायरस संक्रमण को सीजनल वायरस बताया है।
मैसेज में दावा किया जा रहा है कि 'WHO ने कहा
है कि यह मौसम बदलाव के दौरान होने वाला खांसी, जुखाम, गला दर्द है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
न ही मरीज को अलग रहने की जरूरत हैं और न ही जनता को सोशल डिस्टेंसिंग करने की
जरूरत है। इस वायरल मैसेज में इसे दूसरे लोगों को भेजने की अपील भी की जा रही है,लेकिन क्या यह दावा सही है। इसी सवाल
की खोज के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग ने इस दावे की पड़ताल की। इस वायरल मैसेज की
पड़ताल करनी इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा भ्रामक दावे किए जा रहे
हैं, जो कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ देश की जंग को नुकसान पहुंचा
सकते हैं। PIB
की फैक्ट चेक विंग सरकार या उसकी योजनाओं से
जुड़ी संदेहपूर्ण खबरों का फैक्ट चेक करती है। PIB की यह विंग सरकार, सरकारी
योजनाओं, राष्ट्र और लोगों के हितों से जुड़े तथ्यों, जानकारियों, दावों और अफवाहों की पड़ताल
करती है। ऐसे में PIB की फैक्ट चेक विंग ने इस वायरल दावे को भी जांच
की और पाया कि WHO ने ऐसी कोई बात नहीं कही है, जो इस वायरल मैसेज में लिखी है। PIB की फैक्ट चेक विंग ने अपने ट्विटर हैंडल @PIBFactCheck से ट्वीट किया, @WHO द्वारा
कथित रूप सेकोरोना के सीजनल वायरस होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें शारीरिक दूरी और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। #PIBFactCheck: यह दावा फर्जी है। COVID-19 एक
संक्रामक रोग है और इसमें कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना आवश्यक है। मास्क पहनें, हाथ धोएं, शारीरिक दूरी बनाएं।


