- Back to Home »
- Politics »
- मोदी सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने व विपक्षी दल मजबूती पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेगी बैठक
मोदी सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने व विपक्षी दल मजबूती पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेगी बैठक
Posted by : achhiduniya
19 August 2021
केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने को लेकर
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार शाम को सहयोगी दलों के नेताओं की बैठक
बुलाई है। इस बैठक में शरद पवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन जैसे बड़े नेता
शामिल होंगे। बैठक शाम 4 बजे शुरू होगी जिसमें सभी
नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। सोनिया के अलावा राहुल गांधी भी इस
बैठक
में मौजूद रह सकते हैं। बीते हफ्ते खत्म हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान भी सरकार को
घेरेबंदी में विपक्षी दल एकजुट नजर आए थे। शुक्रवार को होने वाली बैठक में आगे की
रणनीति को लेकर विपक्षी दलों के बड़े नेता चर्चा करेंगे। संसद के मानसून सत्र, पैगासस जासूसी कांड, कोरोना
महामारी, किसान आंदोलन से लेकर अफगानिस्तान के हालात तक पर चर्चा हो सकती
है,लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि 2024 लोकसभा
चुनाव और उससे पहले आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी विरोधी मोर्चा को लेकर
विपक्षी नेताओं में क्या बात होती है? पिछले
महीने के अंत में अपने दिल्ली दौरे के दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी के
खिलाफ
विपक्षी एकता को जरूरी बताया था। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होने वाली विपक्षी
नेताओं बैठक के लिए किन-किन पार्टियों और नेताओं को न्यौता भेजा गया है इसको लेकर
कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। सूत्रों के मुताबिक करीब 15 छोटी-बड़ी पार्टियों के नेता इस बैठक में शामिल होंगे। कांग्रेस
के अलावा टीएमसी, एनसीपी, शिवसेना, डीएमके, समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय
जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीएम,
सीपीआई, जनता दल सेक्युलर इस बैठक में
मौजूद रहेंगे। हमेशा की तरह बीएसपी, आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियां इस बैठक से दूर रहेंगी। सोनिया
गांधी की बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने कहा,मुख्य रूप से विपक्ष की एकता की बात होगी कैसे संयुक्त रणनीति
बनाई जाए। विपक्ष इस देश में आने वाले समय में एक मजबूत विकल्प तैयार करना चाहता
है। लोग वर्तमान सरकार और उसकी नीतियों से त्रस्त हैं और उन्हें विकल्प की तलाश है।
2004 में सोनिया जी ने पहले भी यूपीए बनाकर एक विकल्प देश को दिया
था, ठीक उसी तरह से फिर एक विकल्प बनाने की जरूरत है हर उस दिशा में
सोनिया जी कदम आगे बढ़ा रही हैं।