- Back to Home »
- National News »
- अब CAA {संशोधित नागरिकता कानून} की आवश्यक का पता चलेगा... केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कही बात...
अब CAA {संशोधित नागरिकता कानून} की आवश्यक का पता चलेगा... केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कही बात...
Posted by : achhiduniya
22 August 2021
भारतीय वायु सेना का विशेष विमान काबुल से 168 लोगों को लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस पहुंचने के बाद
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा अफगानिस्तान संकट की ओर इशारा करते हुए
कहा कि यह वजह है कि संशोधित नागरिकता कानून (CAA) आवश्यक
है। एक न्यूज आर्टिकल को शेयर करते हुए सिंह ने ट्वीट किया, अस्थिर पड़ोस में ताजा घटनाक्रम और जिस तरह से सिख और हिंदू
खौफनाक समय से गुजर रहे हैं, यही कारण है कि नागरिकता
संशोधन अधिनियम को लागू करना आवश्यक था। दिसंबर
2019 में बने इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश
और अफगानिस्तान में प्रताड़ित हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का
प्रावधान है। मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभाव का आरोप लगाकर इस कानून के खिलाफ देश
में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। आलोचकों का मानना था कि एनआरसी के
साथ कानून का इस्तेमाल मुसलमानों को लक्षित करने के लिए किया जाएगा। इसको लेकर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समते देश के कई हिस्सों में देखने को मिला था। दिल्ली के
शाहीन बाग में महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया गया, जहां
सभी उम्र
की महिलाओं ने 24 घंटों तक तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कोरोना महामारी
आने के बाद लॉकडाउन की घोषणा होते ही शाहीनबाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं को
हटाया गया। 4 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि नागरिकता अधिनियम में किसी और संशोधन के
लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सीएए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के
उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय
नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति देता है। अधिनियम
के प्रावधानों के अनुसार, इन तीन देशों में धार्मिक
उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत पहुंचे इन समुदायों के लोगों को अवैध
प्रवासी नहीं माना जाएगा बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। राष्ट्रपति
राम नाथ कोविंद ने 12 दिसंबर 2019 को कानून को अपनी सहमति दी थी। गौरतलब है कि 15 अगस्त को तालिबान ने
अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। काबुल में तालिबानी लड़ाकों के घुसने से पहले ही
राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए। कट्टरपंथी विद्रोही गुट के हाथ में कमान
आते ही भारत सहित अधिकतर मुल्कों ने अपने नागरिकों को काबुल से निकालना शुरू कर दिया
है। काबुल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए हैं और किसी भी तरह यहां से
निकल जाना चाहते हैं। आलम यह है कि कुछ लोगों ने अमेरिकी विमान से लटक गए और इसके
उड़ान भरते ही गिरकर मारे गए। मौजूदा उथल-पुथल शुरू होने के बाद से कई हिंदुओं और
सिखों सहित 250 से अधिक भारतीयों को अफगानिस्तान से निकाला गया है। पिछले हफ्ते
कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था,भारत को न केवल अपने नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए, बल्कि सिख और हिंदू अल्पसंख्यकों को भी शरण देनी चाहिए जो भारत
आना चाहते हैं।